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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 15 | Indian Contract Act Section 15

 भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-15) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 15 के अनुसार एक व्यक्ति या संगठन दूसरे व्यक्ति या संगठन के प्रति द्विरूपण, धमकाना, अश्लील भाषा का प्रयोग, अवैध हमला, या किसी अन्य अनुचित व्यवहार का प्रयोग करता है। इसके तहत आने वाले व्यवहारों में शामिल हो सकते हैं भारी वाणिज्यिक या निजी हमले, चोट, छेड़छाड़, आपत्तिजनक संदेह, या उत्पीड़न करना, जिसे IC Act Section-15 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 15 (Indian Contract Act Section-15) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 15 IC Act Section-15 के अनुसारएक व्यक्ति या संगठन दूसरे व्यक्ति या संगठन के प्रति द्विरूपण, धमकाना, अश्लील भाषा का प्रयोग, अवैध हमला, या किसी अन्य अनुचित व्यवहार का प्रयोग करता है। इसके तहत आने वाले व्यवहारों में शामिल हो सकते हैं भारी वाणिज्यिक या निजी हमले, चोट, छेड़छाड़, आपत्तिजनक संदेह, या उत्पीड़न, चाहे वह कोई हो, प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए किसी सम्पत्ति का विधिविरुद्ध निरोध करना या निरोध करने की धमकी देना है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 15 (IC Act Section-15 in Hindi)

प्रपीड़न की परिभाषा-

“प्रपीड़न” इस आशय से कि किसी व्यक्ति से कोई करार कराया जाए, कोई ऐसा कार्य करने की धमकी देना है, जो भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) द्वारा निषिद्ध है, अथवा किसी व्यक्ति पर, चाहे वह कोई हो, प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए किसी सम्पत्ति का विधिविरुद्ध निरोध करना या निरोध करने की धमकी देना है।
स्पष्टीकरण — यह तत्वहीन है कि जिस स्थान पर प्रपीड़न का प्रयोग किया जाता है, वहाँ भारतीय दण्ड संहिता प्रवृत्त है या नहीं।
दृष्टान्त
‘क’ खुले समुद्र में एक अंग्रेजी पोत पर, ऐसे कार्य द्वारा, जो भारतीय दण्ड संहिता के अधीन आपराधिक अभित्रास की कोटि में आता है, ‘ख’ से ‘क’ एक करार कराता है। तत्पश्चात् ‘क’ संविदा-भंग के लिए कलकत्ते में ‘ख’ पर वाद लाता है।
‘क’ ने प्रपीड़न का प्रयोग किया है यद्यपि उसका कार्य इंग्लैण्ड की विधि के अनुसार अपराध नहीं है, और यद्यपि उस समय जब और उस स्थान पर जहाँ वह कार्य किया गया था, भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 506 प्रवृत्त नहीं थी।

Indian Contract Act Section-15 (IC Act Section-15 in English)

“Coercion” defined-

Coercion’ is the committing, or threatening to commit, any act forbidden by the Indian Penal Code (45 of 1860) or the unlawful detaining, or threatening to detain, any property, to the prejudice of any person whatever, with the intention of causing any person to enter into an agreement.
Explanation – It is immaterial whether the Indian Penal Code (45 of 1860) is or is not in force in the place where the coercion is employed.
Illustrations
A, on board an English ship on the high seas, causes B to enter into an agreement by an act amounting to criminal intimidation under the Indian Penal Code (45 of 1860). A afterwards sues B for breach of contract at Calcutta.
A has employed coercion, although his act is not an offence by the law of England, and although section 506 of the Indian Penal Code (45 of 1860) was not in force at the time when or place where the act was done.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 15 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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