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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 46 | Indian Contract Act Section 46

 भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-46) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 46 के अनुसार जहाँ कि संविदा के अनुसार वचनदाता को अपने वचन का पालन वचनग्रहीता द्वारा आवेदन किए जाने के बिना करना हो और पालन के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट न हो वहाँ वचनबन्ध का पालन युक्तियुक्त समय के भीतर करना होगा, जिसे IC Act Section-46 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 46 (Indian Contract Act Section-46) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 46 IC Act Section-46 के अनुसार जहाँ कि संविदा के अनुसार वचनदाता को अपने वचन का पालन वचनग्रहीता द्वारा आवेदन किए जाने के बिना करना हो और पालन के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट न हो वहाँ वचनबन्ध का पालन युक्तियुक्त समय के भीतर करना होगा।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 46 (IC Act Section-46 in Hindi)

वचन पालन के लिए समय, जहाँ कि पालन के लिए आवेदन न किया जाना हो और कोई समय विनिर्दिष्ट न हो-

जहाँ कि संविदा के अनुसार वचनदाता को अपने वचन का पालन वचनग्रहीता द्वारा आवेदन किए जाने के बिना करना हो और पालन के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट न हो वहाँ वचनबन्ध का पालन युक्तियुक्त समय के भीतर करना होगा।
स्पष्टीकरण — “युक्तियुक्त समय क्या है’ यह प्रश्न हर एक विशिष्ट मामले में तथ्य का प्रश्न है।

Indian Contract Act Section-46 (IC Act Section-46 in English)

Time for performance of promise, where no application is to be made and no time is specified-

Where, by the contract, a promisor is to perform his promise without application by the promisee, and no time for performance is specified, the engagement must be performed within a reasonable time.
Explanation – The question “what is a reasonable time” is, in each particular case, a question of fact.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 46 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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