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BNS की धारा 65 क्या है? | Bhartiya Nyay Sanhita Section 65 in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 65? साथ ही हम आपको BNS की धारा 65 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 65 में यदि कोई व्यक्ति 16 वर्ष से कम आयु अथवा 12 वर्ष के कम आयु की किसी महिला से दुष्कर्म (Rape) करता है तो वह दंड/जुर्माने दंडित किया जायेगा, तो वह BNS की धारा 65 के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जा सकता है। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-376(3) एवंम् IPC-376AB ) के स्थान पर लागू किया गया है।

Important Highlights

बीएनएस की धारा 65 का विवरण (Section 65 BNS)

BNS की धारा 65 के अनुसार, यदि कोई सोलह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ बलात्संग (Rape) जैसे घृणित अपराध का दोषी पाया जाता है, तो यह धारा 65(1) कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास, जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकता है, साथ ही जुर्माना (Fine) से भी दंडित किया जा सकेगा, इसके अलावा बारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला के साथ बलात्संग (Rape) जैसे घृणित अपराध का दोषी पाया जाता है, तो यह धारा 65(2) कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास, जो आजीवन कारावास, जुर्माने या मृत्युदंड तक हो सकती है।

बीएनएस की धारा 65 के अनुसार (BNS Section 65 in Hindi)

65. कतिपय मामलों में बलात्संग के लिए दण्ड- (1) जो कोई, सोलह वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करता है, तो वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेत होगा, तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा:
परन्तु ऐसा जुर्माना, पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों को पूरा करने के लिए और उसके पुनर्वास के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा :
परन्तु यह और कि इस उपधारा के अधीन अधिरोपित किसी भी जुर्माने का संदाय पीड़िता को किया जाएगा।
(2) जो कोई, बारह वर्ष से कम आयु की किसी महिला से बलात्संग करता है, तो वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल का कारावास अभिप्रेत है, तक की हो सकेगी और जुर्माने से, या मृत्युदण्ड से दंडित किया जाएगा :
परन्तु ऐसा जुर्माना पीड़िता के चिकित्सीय व्ययों को पूरा करने के लिए और उसके पुनर्वास के लिए न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा :
परन्तु यह और कि इस उपधारा के अधीन अधिरोपित किसी भी जुर्माने का संदाय पीड़िता को किया जाएगा।

(BNS) बीएनएस की धारा 65 के अनुसार (BNS Section 65 in English)

65. Punishment for rape in certain cases- (1) Whoever, commits rape on a woman under sixteen years of age shall be punished with rigorous imprisonment for a term which shall not be less than twenty years, but which may extend to imprisonment for life, which shall mean imprisonment for the remainder of that person's natural life, and shall also be liable to fine :
Provided that such fine shall be just and reasonable to meet the medical expenses and rehabilitation of the victim :
Provided further that any fine imposed under this sub-section shall be paid to the victim.
(2) Whoever, commits rape on a woman under twelve years of age shall be punished with rigorous imprisonment for a term which shall not be less than twenty years, but which may extend to imprisonment for life, which shall mean imprisonment for the remainder of that person's natural life, and with fine or with death:
Provided that such fine shall be just and reasonable to meet the medical expenses and rehabilitation of the victim:
Provided further that any fine imposed under this sub-section shall be paid to the victim

बीएनएस की धारा 65 एवंम् आईपीसी की धारा 376(3)/376AB मे अंतर

बीएनएस की धारा 65 16 वर्ष से कम आयु की महिला अथवा 12 वर्ष से कम आयु की महिला से बलात्संग जैसे गम्भीर अपराध पर सजा का प्रावधान करती है, IPC की धारा 376(3) एवंम् धारा 376AB के स्थान पर वर्तमान मे बीएनएस की धारा 65 लागू होती है। इसमे मुख्यतः मुआवजा अनिवार्य कर दिया गया है, और IPC की अलग-अलग धाराओं को एक ही में जोड़ दिया गया है।

IPC के तहत धाराBNS के तहत धाराप्रमुख बदलाव (Major Changement)
IPC 376(3): 16 वर्ष से कम आयु की स्त्री से बलात्संग के लिये दंडBNS Section 65(1)मुआवजा अनिवार्य
IPC 376AB: 12 वर्ष से कम आयु की स्त्री से बलात्संग के लिये दंडBNS Section 65(2)मुआवजा अनिवार्य

धारा 65(1) – 16 वर्ष से कम आयु की महिला से दुष्कर्म के लिये सजा

यदि कोई व्यक्ति दुष्कर्म का दोषी पाया जाता है, तो उसे:

  • कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास
  • जो आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है।
  • साथ में जुर्माना (Fine) भी लगाया जा सकता है।
  • (जुर्माना अनिवार्य) जुर्माने की राशि पीड़िता के पुनर्वास हेतु
  • जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवज़े के रूप में दी जा सकती है।
  • पीड़िता की सहमति (Consent) का कोई महत्व नहीं है
  • आरोपी की मंशा या परिस्थिति से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती

धारा 65(2) – 12 वर्ष से कम आयु की महिला से दुष्कर्म के लिये सजा

  • कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास
  • जो आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है या मृत्युदंड।
  • साथ में जुर्माना (Fine) भी लगाया जा सकता है।
  • (जुर्माना अनिवार्य) जुर्माने की राशि पीड़िता के पुनर्वास हेतु
  • जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवज़े के रूप में दी जा सकती है।
  • पीड़िता की सहमति (Consent) का कोई महत्व नहीं है
  • आरोपी की मंशा या परिस्थिति से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

  • कम से कम 20 वर्ष का कठोर कारावास
  • आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है।
  • आजीवन कारावास या मृत्यु दंड

जमानत (Bail) का प्रावधान

अपराधसजाअपराध श्रेणीजमानतविचारणीय
65(1) सोलह वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ बलात्संग करने वाला व्यक्तिकम से कम 20 वर्ष के लिये कठोर कारावास, किन्तु जो आजीवन कारावास और जुर्मानासंज्ञेयगैर-जमानतीयसेशन न्यायालय
65(2) बारह वर्ष से कम आयु की स्त्री के साथ बलात्संग करने वाला व्यक्तिकम से कम 20 वर्ष के लिये कठोर कारावास, किन्तु जो आजीवन कारावास और जुर्माना या मृत्युदंडसंज्ञेयगैर-जमानतीयसेशन न्यायालय

हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 65 (BNS 65) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1: क्या 16 वर्ष से कम आयु की लड़की की सहमति मान्य है?

नहीं। कानूनन यह अपराध ही माना जाएगा।

Q2: क्या 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची की सहमति मान्य है?

बिल्कुल नहीं। कानून के अनुसार यह स्वतः अपराध है।

Q3: क्या ऐसे मामलों में समझौता किया जा सकता है?

नहीं। यह अपराध समझौते योग्य नहीं है।

Q4: क्या आरोपी को जमानत मिल सकती है?

सामान्यतः नहीं, क्योंकि अपराध अत्यंत गंभीर है।

Q5: इस अपराध के लिए क्या सजा है?

आजीवन कारावास, या मृत्युदंड (Death Penalty) साथ में जुर्माना, जो पीड़िता के इलाज व पुनर्वास हेतु दिया जाता है।

Q6: क्या इस मामले में समझौता किया जा सकता है?

नहीं। यह अपराध असमझौता योग्य (Non-Compoundable) है।

Q7: क्या ऐसे मामलों की सुनवाई जल्दी होती है?

हाँ। ऐसे मामलों में सामान्यतः फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रावधान है।

Q8: इस धारा का मुख्य उद्देश्य क्या है?

नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा, दोषियों को कठोर दंड, और समाज में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) सुनिश्चित करना।

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
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