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कंपनी अधिनियम की धारा 18| Companies Act Section 18

कंपनी अधिनियम Companies Act (Companies Act Section-18 in Hindi) के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। कंपनी अधिनियम की धारा 18 के अनुसार  किसी वर्ग की कंपनी, इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार कंपनी के ज्ञापन और अनुच्छेदों में परिवर्तन करके इस अधिनियम के अधीन अन्य वर्ग की कंपनी के रूप में स्वयं को संपरिवर्तित कर सकेगी, जिसे Companies Act Section-18 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

कंपनी अधिनियम की धारा 18 (Companies Act Section-18) का विवरण

कंपनी अधिनियम की धारा 18 Companies Act Section-18 के अनुसार  किसी वर्ग की कंपनी, इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार कंपनी के ज्ञापन और अनुच्छेदों में परिवर्तन करके इस अधिनियम के अधीन अन्य वर्ग की कंपनी के रूप में स्वयं को संपरिवर्तित कर सकेगी।

कंपनी अधिनियम की धारा 18 (Companies Act Section-18 in Hindi)

पहले से रजिस्ट्रीकृत कंपनियों का संपरिवर्तन

(1) इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी वर्ग की कंपनी, इस अध्याय के उपबंधों के अनुसार कंपनी के ज्ञापन और अनुच्छेदों में परिवर्तन करके इस अधिनियम के अधीन अन्य वर्ग की कंपनी के रूप में स्वयं को संपरिवर्तित कर सकेगी।

(2) जहां संपरिवर्तन, इस धारा के अधीन किया जाना अपेक्षित है, वहां रजिस्ट्रार कंपनी द्वारा किए गए किसी आवेदन पर स्वयं का यह समाधान करने के पश्चात् कि कंपनियों के रजिस्ट्रीकरण के संबंध में लागू होने वाले इस अध्याय के उपबंधों का अनुपालन कर लिया गया है, कंपनी के पूर्व रजिस्ट्रीकरण को समाप्त कर देगा और उपधारा (1) में निर्दिष्ट दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण करने के पश्चात्, उसी रीति से, जैसे उसका प्रथम रजिस्ट्रीकरण हो, निगमन का प्रमाणपत्र जारी करेगा।

(3) इस धारा के अधीन किसी कंपनी के रजिस्ट्रीकरण का, संपरिवर्तन के पूर्व कंपनी द्वारा या उसकी ओर से उपगत किन्हीं ऋणों, दायित्वों, बाध्यताओं या की गई संविदाओं पर प्रभाव नहीं पड़ेगा और ऐसे ऋणों, दायित्वों, बाध्यताओं तथा संविदाओं को, उसी रीति से प्रवृत्त किया जा सकेगा मानो ऐसा रजिस्ट्रीकरण किया ही नहीं गया हो ।

Companies Act Section-18 (Company Act Section-18 in English)

Conversion of companies already registered

(1) A company of any class registered under this Act may convert itself as a company of another class under this Act by alteration of the memorandum and articles of the company in accordance with the provisions of this Chapter. 

(2) Where the conversion is required to be done under this section, the Registrar shall on an application made by the company, after satisfying himself that the provisions of this Chapter applicable for registration of companies have been complied with, close the former registration of the company and after registering the documents referred to in sub-section (1), issue a certificate of incorporation in the same manner as its first registration. 

(3) The registration of a company under this section shall not affect any debts, liabilities, obligations  or contracts incurred or entered into, by or on behalf of the company before conversion and such debts,  liabilities, obligations and contracts may be enforced in the manner as if such registration had not been  done. 

हमारा प्रयास कंपनी अधिनियम (Companies Act Section) की धारा 18 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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