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कंपनी अधिनियम की धारा 27| Companies Act Section 27

कंपनी अधिनियम Companies Act (Companies Act Section-27 in Hindi) के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। कंपनी अधिनियम की धारा 27 के अनुसार कोई कंपनी, किसी भी समय, प्रास्पेक्टस में निर्दिष्ट किसी संविदा के निबंधनों या ऐसे उद्देश्यों में, जिनके लिए प्रास्पेक्टस निर्गमित किया गया था, सिवाय साधारण अधिवेशन में विशेष संकल्प के रूप में कंपनी के अनुमोदन के अधीन रहते हुए या सिवाय उसके द्वारा दिए गए प्राधिकार के अधीन रहते हुए फेरफार नहीं करेगी, जिसे Companies Act Section-27 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

कंपनी अधिनियम की धारा 27 (Companies Act Section-27) का विवरण

कंपनी अधिनियम की धारा 27 Companies Act Section-27 के अनुसार कोई कंपनी, किसी भी समय, प्रास्पेक्टस में निर्दिष्ट किसी संविदा के निबंधनों या ऐसे उद्देश्यों में, जिनके लिए प्रास्पेक्टस निर्गमित किया गया था, सिवाय साधारण अधिवेशन में विशेष संकल्प के रूप में कंपनी के अनुमोदन के अधीन रहते हुए या सिवाय उसके द्वारा दिए गए प्राधिकार के अधीन रहते हुए. फेरफार नहीं करेगी।

कंपनी अधिनियम की धारा 27 (Companies Act Section-27 in Hindi)

प्रास्पेक्टस में संविदा के निर्बंधनों या उद्देश्यों में फेरफार

(1) कोई कंपनी, किसी भी समय, प्रास्पेक्टस में निर्दिष्ट किसी संविदा के निबंधनों या ऐसे उद्देश्यों में, जिनके लिए प्रास्पेक्टस निर्गमित किया गया था, सिवाय साधारण अधिवेशन में विशेष संकल्प के रूप में कंपनी के अनुमोदन के अधीन रहते हुए या सिवाय उसके द्वारा दिए गए प्राधिकार के अधीन रहते हुए. फेरफार नहीं करेगी:

परंतु ऐसे संकल्प की बाबत शेयर धारकों को सूचना के ऐसे ब्यौरे, जो विहित किए जाएं, उस नगर में, जहां कंपनी का रजिस्ट्रीकृत कार्यालय स्थित है, ऐसे फेरफार के लिए न्यायोचित्य को स्पष्ट रूप से उपदर्शित करते हुए समाचारपत्रों में (एक अंग्रेजी में और एक स्थानीय भाषा में) भी प्रकाशित किए जाएंगे :

परंतु यह और कि ऐसी कोई कंपनी किसी अन्य सूचीबद्ध कंपनी के साधारण शेयर क्रय करने, व्यापार करने या अन्यथा व्यौहार करने के लिए प्रास्पेक्टस के माध्यम से उसके द्वारा ली गई किसी रकम का उपयोग नहीं करेगी।

(2) विसम्मति प्रकट करने वाले शेयर धारक, जो ऐसे शेयर धारक हैं, जो प्रास्पेक्टस में निर्दिष्ट संविदाओं के निबंधनों और उद्देश्यों में फेरफार करने के प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं, ऐसी निर्गम कीमत पर और ऐसी रीति और शर्तों पर, जो प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा इस निमित्त विनियम बनाकर विनिर्दिष्ट की जाएं, संप्रवर्तकों या नियंत्रक शेयर धारकों द्वारा निर्गम प्रस्थापना की जाएगी।

Companies Act Section-27 (Company Act Section-27 in English)

Variation in terms of contract or objects in prospectus

(1) A company shall not, at any time,  vary the terms of a contract referred to in the prospectus or objects for which the prospectus was issued,  except subject to the approval of, or except subject to an authority given by the company in general  meeting by way of special resolution: 

Provided that the details, as may be prescribed, of the notice in respect of such resolution to  shareholders, shall also be published in the newspapers (one in English and one in vernacular language) in  the city where the registered office of the company is situated indicating clearly the justification for such  variation: 

Provided further that such company shall not use any amount raised by it through prospectus for buying, trading or otherwise dealing in equity shares of any other listed company. 

(2) The dissenting shareholders being those shareholders who have not agreed to the proposal to vary  the terms of contracts or objects referred to in the prospectus, shall be given an exit offer by promoters or controlling shareholders at such exit price, and in such manner and conditions as may be specified by the  Securities and Exchange Board by making regulations in this behalf. 

हमारा प्रयास कंपनी अधिनियम (Companies Act Section) की धारा 27 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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