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कंपनी अधिनियम की धारा 47| Companies Act Section 47

कंपनी अधिनियम Companies Act (Companies Act Section-47 in Hindi) के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। कंपनी अधिनियम की धारा 47 के अनुसार शेयरों द्वारा परिसीमित किसी कंपनी के प्रत्येक सदस्य को, जो उसमें कोई अधिमानी शेयर पूंजी धारित करता है, ऐसी पूंजी के संबंध में केवल कंपनी के समक्ष रखे गए ऐसे संकल्पों पर ही मतदान का अधिकार होगा, जिसे Companies Act Section-47 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

कंपनी अधिनियम की धारा 47 (Companies Act Section-47) का विवरण

कंपनी अधिनियम की धारा 47 Companies Act Section-47 के अनुसार शेयरों द्वारा परिसीमित किसी कंपनी के प्रत्येक सदस्य को, जो उसमें कोई अधिमानी शेयर पूंजी धारित करता है, ऐसी पूंजी के संबंध में केवल कंपनी के समक्ष रखे गए ऐसे संकल्पों पर ही मतदान का अधिकार होगा।

कंपनी अधिनियम की धारा 47 (Companies Act Section-47 in Hindi)

मतदान अधिकार

(1) धारा 43 और धारा 50 की उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन रहते हए,-

(क) शेयरों द्वारा परिसीमित किसी कंपनी के प्रत्येक सदस्य को, जो उसमें साधारण शेयर पूंजी धारित किए हुए हैं, कंपनी के समक्ष रखे गए प्रत्येक संकल्प पर मत देने का अधिकार होगा; और –

(ख) मतदान में उसका मताधिकार कंपनी की समादत्त साधारण शेयर पूंजी में उसके शेयर के अनुपात में होगा।

(2) शेयरों द्वारा परिसीमित किसी कंपनी के प्रत्येक सदस्य को, जो उसमें कोई अधिमानी शेयर पूंजी धारित करता है, ऐसी पूंजी के संबंध में केवल कंपनी के समक्ष रखे गए ऐसे संकल्पों पर ही मतदान का अधिकार होगा, जो उसके अधिमानी शेयरों से संलग्न अधिकारों और कंपनी के परिसमापन के लिए या उसकी साधारण अधिमानी शेयर पूंजी के प्रतिसंदाय या कमी के किसी संकल्प को सीधे प्रभावित करते हैं और मतदान में उसका मत देने का अधिकार कंपनी की समादत्त अधिमानी शेयर पूंजी में उसके शेयरों के अनुपात में होगा :

परंतु साधारण शेयर धारकों और अधिमानी शेयर धारकों, दोनों को प्रभावित करने वाले विषय से संबंधित संकल्प की बाबत साधारण शेयर धारकों के मताधिकार का अधिमानी शेयर धारकों के मतदान के अधिकार में वही अनुपात होगा, जो अधिमानी शेयरों की बाबत समादत्त पूंजी में साधारण शेयरों के संबंध में समादत्त पूंजी का अनुपात है :

परंतु यह और कि जहां अधिमानी शेयरों के किसी वर्ग के संबंध में लाभांश दो वर्ष या अधिक की अवधि के लिए संदत्त नहीं किया है, वहां ऐसे अधिमानी शेयर धारकों के ऐसे वर्ग को कंपनी के समक्ष रखे गए सभी संकल्पों पर मत देने का अधिकार होगा।

Companies Act Section-47 (Company Act Section-47 in English)

Voting rights

(1) Subject to the provisions of section 43 and sub-section (2) of section 50,— 

(a) every member of a company limited by shares and holding equity share capital therein shall  have a right to vote on every resolution placed before the company; and 

(b) his voting right on a poll shall be in proportion to his share in the paid-up equity share capital of the company. 

(2) Every member of a company limited by shares and holding any preference share capital therein  shall, in respect of such capital, have a right to vote only on resolutions placed before the company which  directly affect the rights attached to his preference shares and, any resolution for the winding up of the  company or for the repayment or reduction of its equity or preference share capital and his voting right on 

a poll shall be in proportion to his share in the paid-up preference share capital of the company: 

Provided that the proportion of the voting rights of equity shareholders to the voting rights of the  preference shareholders shall be in the same proportion as the paid-up capital in respect of the equity  shares bears to the paid-up capital in respect of the preference shares: 

Provided further that where the dividend in respect of a class of preference shares has not been paid for a period of two years or more, such class of preference shareholders shall have a right to vote on all the resolutions placed before the company.

हमारा प्रयास कंपनी अधिनियम (Companies Act Section) की धारा 47 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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