fbpx

कंपनी अधिनियम की धारा 75| Companies Act Section 75

कंपनी अधिनियम Companies Act (Companies Act Section-75 in Hindi) के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। कंपनी अधिनियम की धारा 75 के अनुसार जहां कोई कंपनी धारा 74 में निर्दिष्ट निक्षेप या उसके भाग या उस पर किसी ब्याज का, उस धारा की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर या ऐसे अतिरिक्त समय के भीतर, जो उस धारा की उपधारा (2) के अधीन अधिकरण द्वारा अनुज्ञात किया जाए, प्रतिसंदाय करने में असफल रहती है और यह साबित हो जाता है कि निक्षेप, निक्षेपकर्ताओं को कपटवंचित करने के आशय से या किसी कपटपूर्ण प्रयोजन के लिए स्वीकार किए गए थे, जिसे Companies Act Section-75 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

कंपनी अधिनियम की धारा 75 (Companies Act Section-75) का विवरण

कंपनी अधिनियम की धारा 75 Companies Act Section-75 के अनुसार जहां कोई कंपनी धारा 74 में निर्दिष्ट निक्षेप या उसके भाग या उस पर किसी ब्याज का, उस धारा की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर या ऐसे अतिरिक्त समय के भीतर, जो उस धारा की उपधारा (2) के अधीन अधिकरण द्वारा अनुज्ञात किया जाए, प्रतिसंदाय करने में असफल रहती है और यह साबित हो जाता है कि निक्षेप, निक्षेपकर्ताओं को कपटवंचित करने के आशय से या किसी कपटपूर्ण प्रयोजन के लिए स्वीकार किए गए थे।

कंपनी अधिनियम की धारा 75 (Companies Act Section-75 in Hindi)

कपट के लिए नुकसानी

(1) जहां कोई कंपनी धारा 74 में निर्दिष्ट निक्षेप या उसके भाग या उस पर किसी ब्याज का, उस धारा की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर या ऐसे अतिरिक्त समय के भीतर, जो उस धारा की उपधारा (2) के अधीन अधिकरण द्वारा अनुज्ञात किया जाए, प्रतिसंदाय करने में असफल रहती है और यह साबित हो जाता है कि निक्षेप, निक्षेपकर्ताओं को कपटवंचित करने के आशय से या किसी कपटपूर्ण प्रयोजन के लिए स्वीकार किए गए थे, वहां कंपनी का प्रत्येक अधिकारी, जो ऐसे निक्षेप की स्वीकृति के लिए जिम्मेदार था, उस धारा की उपधारा (3) में अन्तर्विष्ट उपबंधों और धारा 447 के अधीन दायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, दायित्व की किसी परिसीमा के बिना, ऐसी सभी या किन्हीं हानियों या नुकसानियों के लिए, जो निक्षेपकर्ताओं द्वारा उपगत की गई हों, व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।

(2) कोई वाद, कार्यवाहियां या अन्य कार्रवाई ऐसे किसी व्यक्ति, व्यक्तियों के किसी ऐसे समूह या व्यक्तियों के किसी ऐसे संगम द्वारा की जा सकेंगी, जिन्होंने निक्षेपों या उनके भाग या उस पर किसी ब्याज का प्रतिसंदाय करने में कंपनी की असफलता के परिणामस्वरूप कोई हानि उपगत की थी।

Companies Act Section-75 (Company Act Section-75 in English)

Damages for fraud

(1) Where a company fails to repay the deposit or part thereof or any interest thereon referred to in section 74 within the time specified in sub-section (1) of that section or such further time as may be allowed by the Tribunal under sub-section (2) of that section, and it is proved that the deposits had been accepted with intent to defraud the depositors or for any fraudulent purpose, every officer of the company who was responsible for the acceptance of such deposit shall, without prejudice to the provisions contained in subsection (3) of that section and liability under section 447, be personally responsible, without any limitation of liability, for all or any of the losses or damages that may have been incurred by the depositors.
(2) Any suit, proceedings or other action may be taken by any person, group of persons or any association of persons who had incurred any loss as a result of the failure of the company to repay the deposits or part thereof or any interest thereon.

हमारा प्रयास कंपनी अधिनियम (Companies Act Section) की धारा 75 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स मे कमेंट करके पूछ सकते है।

Leave a Comment