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सीआरपीसी की धारा 183 | यात्रा या जलयात्रा में किया गया अपराध | CrPC Section- 183 in hindi| Offence committed on journey or voyage.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 183 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 183 कब लागू होती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 183 का विवरण

दण्ड प्रक्रिया संहिता (CrPC) में धारा 183 के अन्तर्गत यदि कोई अपराध उस समय किया गया है जब वह व्यक्ति, जिसके द्वारा, या वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध, या वह चीज जिसके बारे में वह अपराध किया गया, किसी यात्रा या जलयात्रा पर है, तो उसकी जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता में होकर या उसके अन्दर वह व्यक्ति या चीज उस यात्रा या जल यात्रा के दौरान गई है।

सीआरपीसी की धारा 183 के अनुसार

यात्रा या जलयात्रा में किया गया अपराध-

यदि कोई अपराध उस समय किया गया है जब वह व्यक्ति, जिसके द्वारा, या वह व्यक्ति जिसके विरुद्ध, या वह चीज जिसके बारे में वह अपराध किया गया, किसी यात्रा या जलयात्रा पर है, तो उसकी जांच या विचारण ऐसे न्यायालय द्वारा किया जा सकता है, जिसकी स्थानीय अधिकारिता में होकर या उसके अन्दर वह व्यक्ति या चीज उस यात्रा या जल यात्रा के दौरान गई है।

Offence committed on journey or voyage-
When an offence is committed whilst the person by or against whom, or the thing in respect of which, the offence is committed is in the course of performing a journey or voyage, the offence may be inquired into or tried by a Court through or into whose local jurisdiction that person or thing passed in the course of that journey or voyage.

हमारा प्रयास सीआरपीसी की धारा 183 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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