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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 216 | Indian Contract Act Section 216

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-216) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 216 के अनुसार यदि कोई अभिकर्ता अपने मालिक के ज्ञान के बिना अभिकरण के कारबार में अपने मालिक के लेखे व्यवहार करने के बजाय अपने ही लेखे व्यवहार करता है तो मालिक अभिकर्ता से उस फायदे का दावा करने का हकदार है जो अभिकर्ता को उस संव्यवहार से हुआ है, जिसे IC Act Section-216 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 216 (Indian Contract Act Section-216) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 216 IC Act Section-216 के अनुसार यदि कोई अभिकर्ता अपने मालिक के ज्ञान के बिना अभिकरण के कारबार में अपने मालिक के लेखे व्यवहार करने के बजाय अपने ही लेखे व्यवहार करता है तो मालिक अभिकर्ता से उस फायदे का दावा करने का हकदार है जो अभिकर्ता को उस संव्यवहार से हुआ है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 216 (IC Act Section-216 in Hindi)

अभिकरण के कारबार में अभिकर्ता को अपने लेखा व्यवहार को करने से प्राप्त फायदे पर मालिक का अधिकार-

यदि कोई अभिकर्ता अपने मालिक के ज्ञान के बिना अभिकरण के कारबार में अपने मालिक के लेखे व्यवहार करने के बजाय अपने ही लेखे व्यवहार करता है तो मालिक अभिकर्ता से उस फायदे का दावा करने का हकदार है जो अभिकर्ता को उस संव्यवहार से हुआ है।
दृष्टांत
क अपने लिए अमुक गृह खरीदने का निदेश अपने अभिकर्ता ख को देता है । क से ख कहता है कि वह खरीदा नहीं जा सकता और उसे अपने लिए खरीद लेता है । यह जांचने पर कि ख ने गृह खरीद लिया है क उसे वह घर अपने को उस कीमत पर, जो ख ने दी हो, बेचने के लिए विवश कर सकेगा।

Indian Contract Act Section-216 (IC Act Section-216 in English)

Principal’s right to benefit gained by agent dealing on his own account in business of agency-

If an agent, without the knowledge of his principal, deals in the business of the agency on his own account instead of on account of his principal, the principal is entitled to claim from the agent any benefit which may have resulted to him from the transaction.
Illustration
A directs B, his agent, to buy a certain house for him. B tells A it cannot be bought, and buys the house for himself. A may, on discovering that B has bought the house, compel him to sell it to A at the price he gave for it.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 216 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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