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आईपीसी की धारा 354E (धारा 354, 354A, 354B, 354C, 354D के अंतर्गत अपराध कारित होने से रोकने में विफल रहने वाले व्यक्ति का दायित्व) | IPC 354E in Hindi (Liability of person present who fails to prevent the commission of offence under Section 354, 354A, 354B, 354C, 354D)

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 354E के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय दंड संहिता की धारा 354E के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 354E का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में धारा 354E के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जो कोई, धारा 354, धारा 354A, धारा 354B, धारा 354C या धारा 354D इसमे से किसी भी अपराध का दोषी होते हुये भी उपस्थित रहता है और ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में होते हुए भी ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने में विफल रहता है, तो कारावास से दंडित किया जाएगा, साथ ही जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 354E के अनुसार

धारा 354, 354A, 354B, 354C, 354D के अंतर्गत अपराध कारित होने से रोकने में विफल रहने वाले व्यक्ति का दायित्व-

जो कोई, धारा 354, धारा 354A, धारा 354B, धारा 354C या धारा 354D का अपराध कारित होते समय उपस्थित रहता है और ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में होते हुए भी ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने में विफल रहता है या यदि वह अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में नहीं है अपराधी को वैध दण्ड से बचाने के आशय से ऐसे किसी अपराध के कारित होने की सूचना किसी भी तरीके से निकटस्थ मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी को देने में विफल रहता है तो वह ऐसे अपराध के दुष्प्रेरण के लिए दांयी होते हुए दोनों में से किसी भांति के कारावास जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

Liability of person present who fails to prevent the commission of offence under Section 354, 354A, 354B, 354C, 354D-
Whoever, being present at the time of commission of an offence under Section 354, Section 354A, Section 354B, Section 354C or Section 354-D and being able to prevent such offence, fails to prevent the commission of such offence or not being in position to prevent the commission of such offence, fails to give information of the commission of such offence to the nearest magistrate or police officer, by any mode, with the intention of screening the offender from legal punishment, shall be liable for abetment of such offence and shall be punished with imprisonment of either description which may extend to three years or with fine or with both.

लागू अपराध

धारा 354, 354A, 354B, 354C, 354D के अंतर्गत अपराध कारित होने से रोकने में विफल रहने वाले व्यक्ति का दायित्व
सजा-
कारावास, जो 3 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना।
यह अपराध अनुसार ही जमानतीय/गैर-जमानतीय और संज्ञेय/गैर-संज्ञेय अपराध ।
किसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 354E के अंतर्गत जो कोई, धारा 354, धारा 354A, धारा 354B, धारा 354C या धारा 354D इसमे से किसी भी अपराध का दोषी होते हुये भी उपस्थित रहता है और ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने की स्थिति में होते हुए भी ऐसे अपराध को कारित होने से रोकने में विफल रहता है , तो वह तीन वर्ष के कारावास से दण्डित होगा और जुर्माने के साथ भी दायी होगा।

जमानत (Bail) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 354E अंतर्गत जो अपराध कारित किए जाते है यह अपराधनुसार ही दंड प्रक्रिया संहिता में जमानतीय/गैर-जमानतीय (Baileble/Non-Baileble) अपराध की गणना होगी, इसलिए इस धारा के अंतर्गत किए गए अपराध में अपराधनुसार ही जमानत मिल सकेगी या नही।

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हमारा प्रयास आईपीसी की धारा 354E की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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