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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 97 | Juvenile Justice Act Section 97

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-97) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 97 के अनुसार जब किसी बालक को किसी बाल गृह या विशेष गृह में रखा जाता है, तो यथास्थिति, किसी परिवीक्षा अधिकारी या सामाजिक कार्यकर्ता या सरकार या स्वैच्छिक या गैर-सरकारी संगठन की रिपोर्ट पर समिति या बोर्ड ऐसे बालक को आत्यांतिक रूप से या ऐसी शर्तों पर, जैसी वह अधिरोपित करना ठीक समझे, बालक को माता-पिता या संरक्षक के साथ रहने या आदेश में नामित ऐसे किसी प्राधिकृत व्यक्ति के पर्यवेक्षणाधीन रहने की अनुज्ञा देते हुए, जो उसे प्राप्त करने और भारसाधन में लेने का, बालक को शिक्षित बनाने और किसी उपयोगी व्यापार या आजीविका के लिए प्रशिक्षित करने या पुनर्वास के लिए उसकी देखरेख करने के लिए उसे लेने और भारसाधन में लेने का इच्छुक हो, निर्मुक्त करने पर विचार कर सकेगी, जिसे JJ Act Section-97 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 97 (Juvenile Justice Act Section-97) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 97 JJ Act Section-97 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी)  जब किसी बालक को किसी बाल गृह या विशेष गृह में रखा जाता है, तो यथास्थिति, किसी परिवीक्षा अधिकारी या सामाजिक कार्यकर्ता या सरकार या स्वैच्छिक या गैर-सरकारी संगठन की रिपोर्ट पर समिति या बोर्ड ऐसे बालक को आत्यांतिक रूप से या ऐसी शर्तों पर, जैसी वह अधिरोपित करना ठीक समझे, बालक को माता-पिता या संरक्षक के साथ रहने या आदेश में नामित ऐसे किसी प्राधिकृत व्यक्ति के पर्यवेक्षणाधीन रहने की अनुज्ञा देते हुए, जो उसे प्राप्त करने और भारसाधन में लेने का, बालक को शिक्षित बनाने और किसी उपयोगी व्यापार या आजीविका के लिए प्रशिक्षित करने या पुनर्वास के लिए उसकी देखरेख करने के लिए उसे लेने और भारसाधन में लेने का इच्छुक हो, निर्मुक्त करने पर विचार कर सकेगी।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 97 (JJ Act Section-97 in Hindi)

किसी संस्था से बालक को निर्मुक्त करना-

(1) जब किसी बालक को किसी बाल गृह या विशेष गृह में रखा जाता है, तो यथास्थिति, किसी परिवीक्षा अधिकारी या सामाजिक कार्यकर्ता या सरकार या स्वैच्छिक या गैर-सरकारी संगठन की रिपोर्ट पर समिति या बोर्ड ऐसे बालक को आत्यांतिक रूप से या ऐसी शर्तों पर, जैसी वह अधिरोपित करना ठीक समझे, बालक को माता-पिता या संरक्षक के साथ रहने या आदेश में नामित ऐसे किसी प्राधिकृत व्यक्ति के पर्यवेक्षणाधीन रहने की अनुज्ञा देते हुए, जो उसे प्राप्त करने और भारसाधन में लेने का, बालक को शिक्षित बनाने और किसी उपयोगी व्यापार या आजीविका के लिए प्रशिक्षित करने या पुनर्वास के लिए उसकी देखरेख करने के लिए उसे लेने और भारसाधन में लेने का इच्छुक हो, निर्मुक्त करने पर विचार कर सकेगी :
परन्तु यदि कोई बालक जिसे इस धारा के अधीन सशर्त निर्मुक्त किया गया है या वह व्यक्ति, जिसके पर्यवेक्षण के अधीन बालक को रखा गया है, ऐसी शर्तों को पूरा करने में असफल रहता है। तो बोर्ड या समिति, यदि आवश्यक हो तो बालक को भारसाधन में ले सकेगी और बालक को संबंधित गृह में वापस रख सकेगी ।
(2) यदि बालक को अस्थायी आधार पर निर्मुक्त किया गया है तो वह समय, जिसके दौरान बालक उपधारा (1) के अधीन प्रदत्त अनुज्ञा के अनुसरण में संबंधित गृह में उपस्थित नहीं है, उस समय का भाग माना जाएगा, जिसके लिए बालक, बाल गृह में रखे जाने का दायी है :
परंतु विधि का उल्लंघन करने वाला बालक उपधारा (1) में यथावर्णित बोर्ड द्वारा अधिकथित शर्तों को पूरा करने में असफल रहता है तो उस समय का, जिसके लिए वह संस्थों में रखे जाने का अभी भी दायी है, बोर्ड द्वारा ऐसी असफलता के कारण समाप्त हुए समय के बराबर समय तक विस्तार किया जाएगा।

Juvenile Justice Act Section-97 (JJ Act Section-97 in English)

Release of a child from an institution-

(1) When a child is kept in a Childrens Home or special home, on a report of a probation officer or social worker or of Government or a voluntary or nongovernmental organisation, as the case may be, the Committee or the Board may consider, the release of such child, either absolutely or on such conditions as it may think fit to impose, permitting the child to live with parents or guardian or under the supervision of any authorised person named in the order, willing to receive and take charge, educate and train the child, for some useful trade or calling or to look after the child for rehabilitation:
Provided that if a child who has been released conditionally under this section, or the person under whose supervision the child has been placed, fails to fulfil such conditions, the Board or Committee may, if necessary, cause the child to be taken charge of and to be placed back in the concerned home.
(2) If the child has been released on a temporary basis, the time during which the child is not present in the concerned home in pursuance of the permission granted under sub-section (1) shall be deemed to be part of the time for which the child is liable to be kept in the children or special home:
Provided that in case of a child in conflict with law fails to fulfil the conditions set by the Board as mentioned in sub-section (1), the time for which he is still liable to be kept in the institution shall be extended by the Board for a period equivalent to the time which lapses due to such failure.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 97 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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