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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 99 | Juvenile Justice Act Section 99

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-99) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 99 के अनुसार बालक से संबंधित सभी रिपोर्टें, जिन पर समिति या बोर्ड द्वारा विचार किया गया है, गोपनीय मानी जाएंगी। समिति या बोर्ड यदि वह ऐसा करना ठीक समझता है तो उसका सार किसी अन्य समिति या बोर्ड या बालक या बालक के माता या पिता या संरक्षक को संसूचित कर सकेगा और ऐसी समिति या बोर्ड या बालक या माता या पिता या संरक्षक को ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दे सकेगा जो रिपोर्ट में कथित विषय से सुसंगत हो, जिसे JJ Act Section-99 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 99 (Juvenile Justice Act Section-99) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 99 JJ Act Section-99 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) बालक से संबंधित सभी रिपोर्टें, जिन पर समिति या बोर्ड द्वारा विचार किया गया है, गोपनीय मानी जाएंगी। समिति या बोर्ड यदि वह ऐसा करना ठीक समझता है तो उसका सार किसी अन्य समिति या बोर्ड या बालक या बालक के माता या पिता या संरक्षक को संसूचित कर सकेगा और ऐसी समिति या बोर्ड या बालक या माता या पिता या संरक्षक को ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दे सकेगा जो रिपोर्ट में कथित विषय से सुसंगत हो।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 99 (JJ Act Section-99 in Hindi)

रिपोर्टों का गोपनीय माना जाना-

(1) बालक से संबंधित सभी रिपोर्टें, जिन पर समिति या बोर्ड द्वारा विचार किया गया है, गोपनीय मानी जाएंगी :
परंतु, यथास्थिति, समिति या बोर्ड यदि वह ऐसा करना ठीक समझता है तो उसका सार किसी अन्य समिति या बोर्ड या बालक या बालक के माता या पिता या संरक्षक को संसूचित कर सकेगा और ऐसी समिति या बोर्ड या बालक या माता या पिता या संरक्षक को ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दे सकेगा जो रिपोर्ट में कथित विषय से सुसंगत हो ।
(2) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, पीड़ित को उसके मामले के अभिलेख, आदेशों और सुसंगत कागज पत्रों तक पहुंच से इंकार नहीं किया जाएगा।

Juvenile Justice Act Section-99 (JJ Act Section-99 in English)

Reports to be treated as confidential-

(1) All reports related to the child and considered by the Committee or the Board shall be treated as confidential:
Provided that the Committee or the Board, as the case may be, may, if it so thinks fit, communicate the substance thereof to another Committee or Board or to the child or to the childs parent or guardian, and may give such Committee or the Board or the child or parent or guardian, an opportunity of producing evidence as may be relevant to the matter stated in the report.
(2) Notwithstanding anything contained in this Act, the victim shall not be denied access to their case record, orders and relevant papers.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 99 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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