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जीएसटी मे रिवर्स चार्ज क्या होता है? रिवर्स चार्ज किन-किन खर्चो पर लागू होता है? | What is reverse charge in GST? On what expenses is reverse charge applicable (Hindi) ?

GST गुड्स एवंम् सर्विस टैक्स मे रिवर्स चार्ज (Reverse Charge in GST) एक तरह से वह अनरजिस्टर्ड सप्लायर से की गयी खरीद के रूप मे उस खर्चे को कहते है, जिसे किसी रजिस्टर्ड सप्लायर व्दारा अपने खर्चे/गुड्स के रूप मे किसी माल की खरीददारी की है। वैसे तो टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी विक्रेता (Seller) की होती है, लेकिन किन्ही परिस्थितियों मे जहां विक्रेता (Seller) जीएसटी मे रजिस्टर्ड नही होता है, और किसी रजिस्टर्ड सप्लायर (Registered Supplier) ने उससे खरीददारी की है, तो टैक्स वसूलने और टैक्स RCM के रूप मे जमा करने की जिम्मेदारी भी उस रजिस्ट्रर्ड सप्लायर क्रेता (Purchaser) की होती है।

Important Highlight

रिवर्स चार्ज क्या है? (What is reverse charge?)

रिवर्स चार्ज एक तरह से टैक्स चोरी जैसी समस्या को रोकने के लिये लाया गया था, क्योकि जो कोई रजिस्टर्ड सप्लायर किसी अनरजिस्टर्ड सप्लायर से खर्चे एवंम् माल की खरीददारी करता है तो रजिस्टर्ड सप्लायर, उस खरीद पर नियमानुसार रिवर्स चार्ज के रूप मे टैक्स जमा करता है। इस तरह से रिवर्स चार्ज, जो कि रजिस्टर्ड सप्लायर की जिम्मेदारी होती है, जिसे वह खरीददार उस खरीद पर टैक्स जमा करता है और उस जमा टैक्स को आईटीसी (ITC) के रूप मे भी क्लेम करता है। यह प्रक्रिया पूर्ण करने से यह प्रमाणित हो जाता है कि खरीददार व्दारा किसी भी खरीद/खर्चे एवंम् भाड़े को छिपाया नही गया है और सभी ऐसे खर्चो पर जिन पर रिवर्स चार्ज (Reverse Charge) अदा किया गया है, जिसे ही आरसीएम RCM भी कहते है।

Reverse Charge (रिवर्स चार्ज) जहां टैक्स वसूलकर जमा करने की जिम्मेदारी खरीददार (Purchaser) की होती है। क्योकि समान्यतः अनरजिस्टर्ड सप्लायर टैक्स नही वसूल सकता है, इसलिये भी खरीददार/क्रेता (Purchaser) की जिम्मेदारी होती है।

रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) प्रणाली के तहत यदि कोई रजिस्टर्ड सप्लायर किसी अनरजिस्टर्ड सप्लायर से प्रतिदिन 5000 से अधिक मूल्य की खर्चे के रूप मे खरीद करता है तो उसे उस खरीद पर RCM अदा करना पड़ेगा, रिवर्स चार्ज जीएसटी विभाग मे जमा करने की जिम्मेदारी भी उस रजिस्टर्ड सप्लायर की होगी, जिसने वह खरीददारी की है। इसके साथ ही यदि कोई प्रति बिल भाड़ा 750 रूपये कम का होता है, तो रिवर्स चार्ज की जिम्मेदारी नही बनेगी।

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म जीएसटी प्रणाली 9(4) के तहत एक प्रावधान है जहां माल या सेवाओं पर कर भुगतान करने की जिम्मेदारी खरीददार/क्रेता (Purchaser) से अधिक विक्रेता (Seller) की होती है। सामान्य मामलों में अनरजिस्टर्ड विक्रेता होने जैसे स्थिति मे टैक्स वसूल कर जमा करने की जिम्मेदारी खरीददार/क्रेता की होती है हालांकि, रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत, खरीददार/क्रेता को विक्रेता (Seller) से जीएसटी टैक्स वसूलने एवंम् विभाग मे भुगतान करने की जिम्मेदारी होती है।

रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (Reverse Charge Mechanism) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करता है कि ऐसे मामलों में कर भुगतान करने की जिम्मेदारी अगर विक्रेता (Seller) अपंजीकृत है, तो खरीददार/क्रेता (Purchaser) की है। यह कर चोरी करने जैसे मामलो को रोकने और कर आधार प्रणाली को बड़ा करने में मदद करता है।

Reverse Charge का एक उदाहरण (Example Reverse Charge Mechanism)

Reverse Charge Example उदाहरण के लिये रमेश ने अपनी दुकान के लिये 1 लाख रुपए का माल, महेश से खरीदा। जिस पर 18% की दर से GST कर देयता है, जोकि, 18 हजार रुपए आती है।

जीएसटी के सामान्य सिस्टम के अनुसार, इस सौदे पर रमेश, महेश से 1 लाख रुपए का माल खरीदते है जिस पर 18 हजार रुपए का जीएसटी टैक्स अलग से वसूल करेंगे। 18 हजार रूपये जीएसटी टैक्स के रूप मे रमेश अपनी जीएसटी रिर्टन मे जमा करगें।

लेकिन अगर, महेश जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारी नहीं हैं, तो वे जीएसटी वसूलने और जमा नहीं कर सकते। ऐसे में इस सौदे पर जीएसटी चुकाने की जिम्मेदारी खरीदार यानी की रमेश की हो जाएगी। यानी कि रमेश स्वंय ही सीधे सरकार के पास 18 हजार रुपए जीएसटी जमा कर देंगे।

सरकार ने यह सिस्टम टैक्स चोरी जैसी समस्या को रोकने के लिए बनाया है, और साथ में जीएसटी का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य भी शामिल है। दरअसल, अगर कोई व्यक्ति या दुकानदार अगर जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं है तो उससे, सामान्य सिस्टम के हिसाब से जीएसटी वसूल पाना संभव नहीं होता। ऐसे में रिवर्स चार्ज का सिस्टम वो रास्ता होता है, जिससे सरकार ऐसे सौदों पर भी जीएसटी प्राप्त कर सकती है।  

किन-किन मामलो मे जीएसटी रिवर्स चार्ज प्रणाली लागू होता है? (In which cases GST reverse charge mechanism is applicable?)

माल और सेवा कर (जीएसटी) के तहत, रिवर्स चार्ज प्रणाली (Reverse Charge Mechanism) आमतौर पर निम्नलिखित मामलों में लागू होता है-

  • जीएसटी मे रिवर्स चार्ज (Reverse Charge) रजिस्टर्ड सप्लायर व्दारा किसी अनरजिस्टर्ड सप्लायर से खरीद पर लागू होता है।
  • ई-कॉमर्स कंपनी (ऑनलाइन स्टोर) जैसी कम्पनी मे गुड्स एवंम् सेवा उपलब्ध कराए जाने पर
  • CBIC की ओर से निर्धारित कुछ खास गुड्स एवंम् सेवाओं से संबंधित लेन-देन पर
  • जीएसटी मे रिवर्स चार्ज (Reverse Charge) कम्पोजीशन डीलर के लिये भी उसी दर से देय होगा।

किन किन खर्चो एवंम् सेवाओ पर रिवर्स चार्ज लागू होता है? (On which expenses and Services Reverse Charge is applicable?)

जीएसटी GST मे रिवर्स चार्ज (Reverse Charge Under GST) CBIC व्दारा निर्धारित खर्चो एवंम् सेवाओ (Reverse charge Supply or Reverse Charge Services) को रजिस्टर्ड सप्लायर व्दारा किसी अनरजिस्टर्ड सप्लायर से खरीददारी करता है, तो रिवर्स चार्ज का दायित्व खरीददार/क्रेता की होती है। वह खर्चे एवंम् खरीद Gst Reverse Charge List निम्नप्रकार है, जिन पर रिवर्स चार्ज का दायित्व बनता है अथवा नही बनता है-

गुड्स/खर्चे का नामरिवर्स चार्ज टैक्स दायित्व हां/नाटिप्पडी
काजू, छिले हुए या बिना छिलकेनहीN.A
बीड़ी का रैपर पत्ते (तेंदू)नहीN.A
तंबाकू के पत्तेनहीN.A
रेशम का धागानहीN.A
कच्चा कपासनहीN.A
प्रयुक्त वाहन, जब्त एवं जब्त
सामान, पुराना और इस्तेमाल किया सामान, कचरा और कबाड़
नहीसेन्ट्रल गवर्मेंट एवंम् स्टेट गवर्मेंट या स्थानीय प्राधिकारी से खरीदता है, तो रिवर्स चार्ज की देनदारी नही होगी।
लॉटरी सप्लाई नहीसेन्ट्रल गवर्मेंट एवंम् स्टेट गवर्मेंट या स्थानीय प्राधिकारी से खरीदता है, तो रिवर्स चार्ज की
देनदारी नही होगी।
GTA सेवाएं (Frieght)हांकोई भी पंजीकृत डीलर, कम्पनी
सोसाइटी, कार्पोरेट फर्म अगर सामने वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
एकाउन्टिंग (Accounting)हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
लीगल सर्विसहांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
कन्वेंस (Conveyance)नहीN.A
डिप्रीसियेशन (Depreciation)नहीN.A
मजदूरी/कर्मचारी सैलरी
(Wages/Emp. Salary)
नहीN.A
शॉप रेंट (Rent)हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
ऑडिट (Audit)हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
विज्ञापन (Advertishment)हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
स्टेशनरी और प्रिंटिंग
(Stationary and Printing)
हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
कमिशन (Commission)हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
रखरखाव और मरम्मत
(Re-paring and Maintinence)
हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
कंप्यूटर और वाहन रखरखाव
(Computer Maintenance And Vehicle Re-paring)
हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
बिजनस प्रमोशन और गिफ्ट का खर्च
(Business Promotion & Gift Exp.)
हांकोई भी पंजीकृत डीलर अगर सामने
वाला डीलर रजिस्टर्ड नही
बिजली (Electricity) नहीN.A
पेट्रोल/डीजल खर्च
(Petrol/Diesel Exp.)
नहीN.A
चुकाया गया ब्याज
(Pay Interest)
नहीN.A
सरकारी शुल्क (Govtt. Fees)नहीN.A

इसे भी पढ़े-

जीएसटी में डेबिट नोट एवं क्रेडिट नोट में क्या जानकारी देनी होती है। (What information has to be given in the debit note and credit note in GST.)

  • RCM किन परिस्थितियों मे लगता है?

    RCM वैसे तो यदि कोई रजिस्टर्ड सप्लायर अन्य किसी व्यक्ति से जो कि जीएसटी मे पंजीकृत नही है, उससे खरीददारी करता है, तो रिवर्स चार्ज की जिम्मेदारी उस रजिस्टर्ड सप्लायर की होगी, जिसने खरीददारी की है।

  • रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म का उद्देश्य क्या है?

    रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (Reverse Charge Mechanism) का उद्देश्य जीएसटी टैक्स की चोरी रोकने एवंम् टैक्स की बढोत्तरी करने का है वैसे यदि Seller सप्लायर पंजीकृत नही है, जबकि प्राप्तकर्ता पंजीकृत सप्लायर है तो उस माल पर टैक्स का भुगतान करने की जिम्मेदारी खरीददार/क्रेता (Purchaser) की है।

  • जीएसटी में रिवर्स चार्ज की गणना कैसे करे?

    वैसे तो जिस भी खर्चे एवंम् सेवाओं का लेते है या कराते है, तो हमे यह जानना जरूरी होगा कि इस खर्चे एवंम् सेवा मे जीएसटी टैक्स कितना है, उसी कर दर से रिवर्स चार्ज अदा किया जायेगा। यही प्रक्रिया कम्पोजिशन मामले मे भी लागू होती है।

  • रिवर्स चार्ज जीएसटी रिर्टन मे कहां लगाया जाता है?

    रिवर्स चार्ज जब हम अपनी जीएसटी रिर्टन जीएसटीआर-3B भरते है तो हम 3.1 टेबल के D कॉलम Inward Supplies (liable to reverse charge) मे खर्चे एवंम् सर्विस की वैल्यू जिस पर टैक्स अदा करना है एवंम् टैक्स यदि स्टेट के बाहर से खरीद की है तो IGST और यदि स्टेट के अंदर से ही खरीद की है तो CGST एवंम् SGST टैक्स अदा करना होगा। इसके साथ ही अदा किये गये टैक्स को ITC के रूप मे 4 टेबल के 3 कॉलम मे अदा किये गये रिवर्स चार्ज के रूप मे टैक्स को क्लेम कर सकते है।

  • रिवर्स चार्ज कौन अदा करता है?

    रिवर्स चार्ज जब कोई रजिस्टर्ड डीलर किसी अन्य अनरजिस्टर्ड डीलर से खरीद करता है, तो प्राप्तकर्ता की जिम्मेदारी होती है, कि उस रिवर्स चार्ज पर टैक्स अदा करे।

  • क्या एकाउटिंग खर्चे पर भी रिवर्स चार्ज की देन-दारी होती है?

    हां एकाउटिंग खर्चे पर भी RCM की देन-दारी बनती है।

  • क्या कमीशन सेवा पर भी रिवर्स चार्ज की देन-दारी होती है?

    हां कमीशन सेवा पर भी RCM की देन-दारी बनती है।

  • किन किन खर्चो एवंम् सेवाओ पर रिवर्स चार्ज की देन-दारी होती है?

    वैसे तो लेख मे समस्त खर्चो एवंम् सेवाये जिन पर रिवर्स चार्ज अदा करने या न करने की सूची बनायी गयी है मुख्यतः एकाउटिंग खर्चे, किराया, भाड़ा, विज्ञापन, प्रिटिंग एवंम् स्टेशनरी खर्चे, कमीशन देना, लीगल खर्चे इन सभी खर्चो एवंम् सेवा पर रिवर्स चार्ज का दायित्व बनता है।

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