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आईपीसी की धारा 453 | प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह-भेदन के लिये दण्ड | IPC Section- 453 in hindi| Punishment for lurking house-trespass or house-breaking.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 453 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय दंड संहिता की धारा 453 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 453 का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में धारा 453 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जो कोई प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह भेदन करेगा, तो वह धारा 453 के अंतर्गत दंड एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।

आईपीसी की धारा 453 के अनुसार

प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह-भेदन के लिये दण्ड-

जो कोई प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह भेदन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

Punishment for lurking house-trespass or house-breaking-
Whoever commits lurking house-trespass or house-breaking, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, and shall also be liable to fine.

लागू अपराध

प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह-भेदन।
सजा- दो वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना।
यह अपराध एक गैर-जमानतीय और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है।
किसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 453 के अंतर्गत जो कोई प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह भेदन करेगा, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा, और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

जमानत (Bail) का प्रावधान

भारतीय दंड संहिता की धारा 453 अंतर्गत जो अपराध कारित किए जाते है वह अपराध दंड प्रक्रिया संहिता में गैर-जमानतीय (Non-Baileble) अपराध की श्रेणी में आते है, इसलिए इस धारा के अंतर्गत किए गए अपराध में जमानत नही मिल सकेगी।

अपराधसजाअपराध श्रेणीजमानतविचारणीय
प्रच्छन्न गृह अतिचार या गृह-भेदन।दो वर्ष के लिए कारावास और जुर्माना।संज्ञेयगैर-जमानतीयकिसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा

हमारा प्रयास आईपीसी की धारा 453 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
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