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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 | Indian Contract Act Section 169

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-169) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 के अनुसार जबकि कोई चीज, जो सामान्यतया विक्रय का विषय हो, खो जाए तब यदि स्वामी का युक्तियुक्त तत्परता से पता नहीं लगाया जा सके या यदि वह पड़ा पाने वाले के विधिपूर्ण प्रभारों का मांगे जाने पर संदाय करने से इंकार करे तो पड़ा पाने वाला उसको बेच सकेगा, जिसे IC Act Section-169 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 (Indian Contract Act Section-169) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 IC Act Section-169 के अनुसार जबकि कोई चीज, जो सामान्यतया विक्रय का विषय हो, खो जाए तब यदि स्वामी का युक्तियुक्त तत्परता से पता नहीं लगाया जा सके या यदि वह पड़ा पाने वाले के विधिपूर्ण प्रभारों का मांगे जाने पर संदाय करने से इंकार करे तो पड़ा पाने वाला उसको बेच सकेगा।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 169 (IC Act Section-169 in Hindi)

सामान्यतया विक्रय होने वाली चीज को पड़ी पाने वाला उसे कब बेच सकेगा-

जबकि कोई चीज, जो सामान्यतया विक्रय का विषय हो, खो जाए तब यदि स्वामी का युक्तियुक्त तत्परता से पता नहीं लगाया जा सके या यदि वह पड़ा पाने वाले के विधिपूर्ण प्रभारों का मांगे जाने पर संदाय करने से इंकार करे तो पड़ा पाने वाला उसको बेच सकेगा :
(1) जबकि उस चीज के नष्ट हो जाने या उसके मूल्य का अधिकांश जाते रहने का खतरा हो, अथवा
(2) जबकि पाई गई चीज के बारे में पड़े पाने वाले के विधिपूर्ण प्रभार उसके मूल्य के दो तिहाई तक पहुंच जाए।

Indian Contract Act Section-169 (IC Act Section-169 in English)

When finder of thing commonly on sale may sell it-

When a thing which is commonly the subject of sale is lost, if the owner cannot with reasonable diligence be found, or if he refuses, upon demand, to pay the lawful charges of the finder, the finder may sell it—
(1) when the thing is in danger of perishing or of losing the greater part of its value, or,
(2) when the lawful charges of the finder, in respect of the thing found, amount to two-thirds of its value.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 169 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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