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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 204 | Indian Contract Act Section 204

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-204) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 204 के अनुसार मालिक अपने अभिकर्ता को दिए गए प्राधिकार का प्रतिसंहरण उस प्राधिकार के भागतः प्रयोग के पश्चात् नहीं कर सकता जहाँ तक कि उस अभिकरण में पहले ही किए गए कार्यों से उद्भूत कार्यों और बाध्याताओं का संबंध हो, जिसे IC Act Section-204 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 204 (Indian Contract Act Section-204) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 204 IC Act Section-204 के अनुसार मालिक अपने अभिकर्ता को दिए गए प्राधिकार का प्रतिसंहरण उस प्राधिकार के भागतः प्रयोग के पश्चात् नहीं कर सकता जहाँ तक कि उस अभिकरण में पहले ही किए गए कार्यों से उद्भूत कार्यों और बाध्याताओं का संबंध हो।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 204 (IC Act Section-204 in Hindi)

प्रतिसंहरण जहां कि प्राधिकार का भागतः प्रयोग कर लिया गया है-

मालिक अपने अभिकर्ता को दिए गए प्राधिकार का प्रतिसंहरण उस प्राधिकार के भागतः प्रयोग के पश्चात् नहीं कर सकता जहाँ तक कि उस अभिकरण में पहले ही किए गए कार्यों से उद्भूत कार्यों और बाध्याताओं का संबंध हो।
दृष्टांत
(क) ख को क प्राधिकृत करता है कि वह क के लेखे रुई की 1,000 गांठे खरीद ले और क का जो धन ख के पास बचा हुआ है उसमें से उनके लिए संदाय कर दे । ख रुई की 1,000 गांठे अपने नाम में इस प्रकार खरीद लेता है कि उनकी कीमत के लिए वह स्वयं वैयक्तिक तौर पर दायी हो जाता है। जहां तक कि उस रुई के लिए संदाय करने का सम्बन्ध है ख के प्राधिकार का प्रतिसंहरण क नहीं कर सकता।
(ख) ख को क प्राधिकृत करता है कि वह क के लेखे रुई की 1,000 गांठें खरीद ले और क का जो धन ख को पास बचा हुआ है उसमें से उनके लिए संदाय कर दे । ख रुई की 1,000 गांठे क के नाम में इस प्रकार खरीद लेता है कि उनकी कीमत के लिए वह स्वयं वैयक्तिक तौर पर दायी नहीं होता। क उस रुई के संदाय के लिए ख के प्राधिकार का प्रतिसंहरण कर सकता है।

Indian Contract Act Section-204 (IC Act Section-204 in English)

Revocation where authority has been partly exercised-

The principal cannot revoke the authority given to his agent after the authority has been partly exercised, so far as regards such acts and obligations as arise from acts already done in the agency.
Illustrations
(a) A authorizes B to buy 1,000 bales of cotton on account of A, and to pay for it out of A‟s moneys remaining in B‟s hands. B buys 1,000 bales of cotton in his own name, so as to make himself personally liable for the price. A cannot revoke B‟s authority so far as regards payment for the cotton.
(b) A authorizes B to buy 1,000 bales of cotton on account of A, and to pay for it out of A‟s moneys remaining in B‟s hands. B buys 1,000 bales of cotton in A‟s name, and so as not to render himself personally liable for the price. A can revoke B‟s authority to pay for the cotton.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 204 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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