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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 206 | Indian Contract Act Section 206

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-206) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 206 के अनुसार जहां कि यह अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा हो कि अभिकरण को किसी कालावधि के लिए चालू रहना है वहां पर्याप्त कारण के बिना अभिकरण के किसी पूर्वतन प्रतिसंहरण या त्यजन का प्रतिकर, यथास्थिति, अभिकर्ता को मालिक या मलिक को अभिकर्ता देगा, जिसे IC Act Section-206 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 206 (Indian Contract Act Section-206) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 206 IC Act Section-206 के अनुसार जहां कि यह अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा हो कि अभिकरण को किसी कालावधि के लिए चालू रहना है वहां पर्याप्त कारण के बिना अभिकरण के किसी पूर्वतन प्रतिसंहरण या त्यजन का प्रतिकर, यथास्थिति, अभिकर्ता को मालिक या मलिक को अभिकर्ता देगा।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 206 (IC Act Section-206 in Hindi)

प्रतिसंहरण या त्यजन की सूचना-

ऐसे प्रतिसंहरण या त्यजन की युक्तियुक्त सूचना देनी होगी, अन्यथा, यथास्थिति, मालिक को या अभिकर्ता को तद्द्वारा होने वाले नुकसान की प्रतिपूर्ति एक को दूसरा करेगा।

Indian Contract Act Section-206 (IC Act Section-206 in English)

Notice of revocation or renunciation-

Reasonable notice must be given of such revocation or renunciation, otherwise the damage thereby resulting to the principal or the agent, as the case may be, must be made good to the one by the other.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 206 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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