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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 | Juvenile Justice Act Section 95

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-95) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 के अनुसार यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि बालक अधिकारिता के बाहर के स्थान से है तो, यथास्थिति, बोर्ड या समिति सम्यक् जांच के पश्चात्, यदि यह समाधान हो जाता है कि यह बालक के सर्वोत्तम हित में है और बालक के गृह जिले के समिति या बोर्ड के साथ सम्यक् परामर्श करके उक्त समिति या बोर्ड को सुसंगत दस्तावेजों और ऐसी प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए, जैसी विहित की जाए, यथाशीघ्र बालक के स्थानांतरण का आदेश करेगा, जिसे JJ Act Section-95 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 (Juvenile Justice Act Section-95) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 JJ Act Section-95 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि बालक अधिकारिता के बाहर के स्थान से है तो, यथास्थिति, बोर्ड या समिति सम्यक् जांच के पश्चात्, यदि यह समाधान हो जाता है कि यह बालक के सर्वोत्तम हित में है और बालक के गृह जिले के समिति या बोर्ड के साथ सम्यक् परामर्श करके उक्त समिति या बोर्ड को सुसंगत दस्तावेजों और ऐसी प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए, जैसी विहित की जाए, यथाशीघ्र बालक के स्थानांतरण का आदेश करेगा।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 95 (JJ Act Section-95 in Hindi)

बालक का उसके निवास स्थान को स्थानांतरण-

( 1 ) यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि बालक अधिकारिता के बाहर के स्थान से है तो, यथास्थिति, बोर्ड या समिति सम्यक् जांच के पश्चात्, यदि यह समाधान हो जाता है कि यह बालक के सर्वोत्तम हित में है और बालक के गृह जिले के समिति या बोर्ड के साथ सम्यक् परामर्श करके उक्त समिति या बोर्ड को सुसंगत दस्तावेजों और ऐसी प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए, जैसी विहित की जाए, यथाशीघ्र बालक के स्थानांतरण का आदेश करेगा : 
परंतु ऐसा स्थानांतरण विधि का उल्लंघन करने वाले बालक की दशा में जांच पूरी होने के पश्चात् और बोर्ड द्वारा अंतिम आदेश पारित करने के बाद ही किया जाएगा :
परंतु यह और कि अंतरराज्यिक स्थानांतरण की दशा में बालक को यदि सुविधाजनक हो तो, यथास्थिति, बालक के गृह जिले की समिति या बोर्ड को या गृह राज्य की राजधानी शहर की समिति या बोर्ड को सौंपा जाएगा।
(2) स्थानांतरण के आदेश को अंतिम रूप से दिए जाने पर, यथास्थिति, समिति या बोर्ड ऐसा आदेश प्राप्त करने के पन्द्रह दिन के भीतर विशेष किशोर पुलिस एकक को बालक की अनुरक्षा के लिए अनुरक्षा आदेश देगा:
परंतु किसी बालिका के साथ महिला पुलिस अधिकारी होगी :
परंतु यह और कि जहां कोई विशेष किशोर पुलिस एकक उपलब्ध नहीं है तो, यथास्थिति, समिति या बोर्ड उस संस्था को, जहां बालक अस्थायी रूप से ठहरा हुआ है या जिला बालक संरक्षण एकक को यात्रा के दौरान बालक की अनुरक्षा के लिए निदेश देगा।
(3) राज्य सरकार बालक की अनुरक्षा के लिए कर्मचारिवृंद को यात्रा भत्ते का उपबंध करने के लिए नियम बनाएगी, जिसका संदाय अग्रिम में किया जाएगा।
(4) स्थानांतरित बालक को प्राप्त करने वाला, यथास्थिति, बोर्ड या समिति प्रत्यावर्तन या पुनर्वास या समाज में पुनः मिलाने की प्रक्रिया को पूरा करेगी, जैसे कि इस अधिनियम में अधिकथित है। 

Juvenile Justice Act Section-95 (JJ Act Section-95 in English)

Transfer of a child to place of residence-

1) If during the inquiry it is found that a child hails from a place outside the jurisdiction, the Board or Committee, as the case may be, shall, if satisfied after due inquiry that it is in the best interest of the child and after due consultation with the Committee or the Board of the childs home district, order the transfer of the child, as soon as possible, to the said Committee or the Board, along with relevant documents and following such procedure as may be prescribed:
Provided that such transfer can be made in case of a child in conflict with law, only after the inquiry has been completed and final order passed by the Board:
Provided further that in case of inter-State transfer, the child shall be, if convenient, handed over to the Committee or the Board, as the case may be, of the home district of the child, or to the Committee or the Board in the capital city of the home State.
(2) Once the decision to transfer is finalised, the Committee or Board, as the case may be, shall give an escort order to the Special Juvenile Police Unit to escort the child, within fifteen days of receiving such order:
Provided that a girl child shall be accompanied by a woman police officer:
Provided further that where a Special Juvenile Police Unit is not available, the Committee or Board, as the case may be, shall direct the institution where the child is temporarily staying or District Child Protection Unit, to provide an escort to accompany the child during travel.
(3) The State Government shall make rules to provide for travelling allowance to the escorting staff for the child, which shall be paid in advance.
(4) The Committee or the Board, as the case may be, receiving the transferred child will process for restoration or rehabilitation or social re-integration, as provided in this Act.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 95 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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