भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 | Bharatiya Nyaya Sanhita Section 318

भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 हिन्दी मे (BNS Act Section-318 in Hindi) –

अध्याय XVII
धोखाधड़ी के कार्यों और संपत्ति
के निपटान के संबंध में।
318. लेनदारों के बीच वितरण को रोकने के लिए बेईमानी
या धोखाधड़ी से संपत्ति को हटाना या छिपाना।

318. जो कोई किसी संपत्ति को बेईमानी से या कपटपूर्वक हटाएगा, छिपाएगा या किसी व्यक्ति को देगा, या किसी व्यक्ति को पर्याप्त प्रतिफल के बिना हस्तांतरित करेगा या कराएगा, जिसका आशय यह है या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह उस संपत्ति का उसके लेनदारों या किसी अन्य व्यक्ति के लेनदारों के बीच विधि के अनुसार वितरण रोक देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास से कम नहीं होगी किन्तु जो दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita Section 318 in English (BNS Act Section-318 in English) –

Chapter XVII
Of fraudulent deeds and
dispositions of property.
318. Dishonest or fraudulent removal or concealment
of property to prevent distribution among creditors.

318. Whoever dishonestly or fraudulently removes, conceals or delivers to any person, or transfers or causes to be transferred to any person, without adequate consideration, any property, intending thereby to prevent, or knowing it to be likely that he will thereby prevent, the distribution of that property according to law among his creditors or the creditors of any other person, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than six months but which may extend to two years, or with fine, or with both.