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किशोर न्याय अधिनियम की धारा 43 | Juvenile Justice Act Section 43

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-43) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 43 के अनुसार राज्य सरकार, स्वयं या स्वैच्छिक अथवा गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से उतने खुले आश्रय स्थापित कर सकेगी और उनका रखरखाव कर सकेगी, जितने अपेक्षित हो और ऐसे खुले आश्रय का ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, उस रूप में रजिस्टर किया जाएगा, जिसे JJ Act Section-43 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 43 (Juvenile Justice Act Section-43) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 43 JJ Act Section-43 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) राज्य सरकार, स्वयं या स्वैच्छिक अथवा गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से उतने खुले आश्रय स्थापित कर सकेगी और उनका रखरखाव कर सकेगी, जितने अपेक्षित हो और ऐसे खुले आश्रय का ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, उस रूप में रजिस्टर किया जाएगा|

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 43 (JJ Act Section-43 in Hindi)

खुला आश्रय

(1) राज्य सरकार, स्वयं या स्वैच्छिक अथवा गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से उतने खुले आश्रय स्थापित कर सकेगी और उनका रखरखाव कर सकेगी, जितने अपेक्षित हो और ऐसे खुले आश्रय का ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, उस रूप में रजिस्टर किया जाएगा |
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट खुले आश्रय, आवासिक सहायता के जरूरतमंद बालकों के लिए अल्पकालिक आधार पर, ऐसे बालकों के साथ दुर्व्यवहार करने या बालाहार बंचन से संरक्षण या उन्हें सड़कों पर निराश्रित छोड़े जाने से बचाने के उद्देश्य से समुदाय आधारित सुविधा के रूप में कार्य करेंगे ।
(3) खुले आश्रय प्रत्येक मास ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, आश्रय की सेवाओं का लाभ उठाने वाले बालकों की बाबत जिला बालक संरक्षण एकक और समिति को सूचना भेजेंगे।

Juvenile Justice Act Section-43 (JJ Act Section-43 in English)

Open shelter

(1) The State Government may establish and maintain, by itself or through voluntary or non-governmental organisations, as many open shelters as may be required, and such open shelters shall be registered as such, in the manner as may be prescribed.
(2) The open shelters referred to in sub-section (1) shall function as a community based facility for children in need of residential support, on short-term basis, with the objective of protecting them from abuse or weaning them, or keeping them, away from a life on the streets.
(3) The open shelters shall send every month information, in the manner as may be prescribed, regarding children availing the services of the shelter, to the District Child Protection Unit and the Committee.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 43 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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