नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 74 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 74? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74 के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की इज्ज़त (लज्जा) भंग करने के इरादे से, या यह जानते हुए कि उसके काम से महिला की इज्ज़त पर असर पड़ेगा, उस पर हमला करता है या जबरदस्ती बल प्रयोग करता है, तो वह धारा 74 के अन्तर्गत कम से कम 1 वर्ष का कारावास जो 5 वर्ष तक का कारावास हो सकता है, साथ ही जुर्माना (Fine) से भी से दंडित किया जायेगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-354) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 74 का विवरण (Section 74 BNS)
BNS की धारा 74 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की इज्ज़त (लज्जा) भंग करने के इरादे से, या यह जानते हुए कि उसके काम से महिला की इज्ज़त पर असर पड़ेगा, उस पर हमला करता है या जबरदस्ती बल प्रयोग करता है, तो यह अपराध है, तो वह धारा 74 के अन्तर्गत कम से कम 1 वर्ष का कारावास जो 5 वर्ष तक का कारावास हो सकता है, साथ ही जुर्माना (Fine) से भी दंडित किया जायेगा। इरादा हो या यह पता हो कि इज्ज़त भंग होगी— दोनों ही हालत में सजा मिलेगी।
बीएनएस की धारा 74 के अनुसार (BNS Section 74 in Hindi)
74. महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग- जो कोई, किसी महिला की लज्जा भंग करने के आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए कि उसके द्वारा यह उसकी लज्जा भंग करेगा, उस महिला पर हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है. वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम की नहीं होगी. किन्तु जी पांच वर्ष तक की हो सकेगी. और जर्माने का भी दायी होगा।
BNS की धारा 74 के अनुसार (BNS Section 74 in English)
74. Assault or use of criminal force to woman with intent to outrage her modesty. Whoever assaults or uses criminal force to any woman, intending to outrage or knowing it to be likely that he will there by outrage her modesty, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than one year but which may extend to five years, and shall also be liable to fine.
बीएनएस की धारा 74 एवंम् आईपीसी की धारा 354 मे अंतर
IPC धारा 354 में केवल इरादा प्रमुख था, जबकि BNS धारा 74 में इरादा या यह ज्ञान—दोनों को शामिल किया गया है। सजा लगभग समान है, लेकिन बीएनएस की भाषा ज़्यादा साफ और आधुनिक है और जो महिला की गरिमा और सुरक्षा को बेहतर कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 354 | BNS Section 74 | मुआवजा अनिवार्य (इरादा या यह ज्ञान कि लज्जा भंग होगी) |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- कम से कम 1 वर्ष का कारावास
- अधिकतम् 5 वर्ष का कारावास
- साथ ही जुर्माना
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| महिला की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग | 1 वर्ष का कारावास, जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माना | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | कोई भी मजिस्ट्रेट |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 74 (BNS 74) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. BNS की धारा 74 क्या है?
यह धारा उस स्थिति से संबंधित है जब कोई व्यक्ति किसी महिला की इज्ज़त (लज्जा) भंग करने के इरादे से या यह जानते हुए कि ऐसा होगा, उस पर हमला या जबरदस्ती बल प्रयोग करता है।
Q2. “हमला” और “आपराधिक बल” से क्या मतलब है?
हमला: डराने, मारने या चोट पहुँचाने की कोशिश। आपराधिक बल: बिना सहमति शारीरिक बल का प्रयोग।
Q3. क्या महिला को चोट लगना ज़रूरी है?
नहीं। केवल इरादा या जानकारी कि महिला की लज्जा भंग होगी, पर्याप्त है।
Q4. क्या यह अपराध जमानती है?
आमतौर पर इसे गंभीर अपराध माना जाता है। जमानत अदालत के विवेक पर निर्भर करती है।
Q5. इस धारा का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा, सम्मान और शारीरिक सुरक्षा को कानूनी संरक्षण देना है।