आईपीसी की धारा-354 स्त्री की लज्जा भंग करने की आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना (IPC 354 in Hindi assault or use of criminal force to woman with intent to disrobe.)

धारा 354 का विवरण

भारतीय दण्ड संहिता में आज हम आपको बहुत ही महत्वपूर्ण धारा के बारे में बताने जा रहे हैं। हम आए दिन अखबार और टीवी पर देख रहे हैं कि महिलाओं के साथ हो रही अनहोनी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिसको रोकने के लिए कई तरह के कानून सरकार द्वारा समय – समय पर लाये जा रहे हैं | इस विषय में हम आपको पूर्ण जानकारी, सजा, और किस तरह का अपराध है और क्या जुर्माना भरना भी पड़ सकता है। आइये जानते है,कोई व्यक्ति, किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो वह आईपीसी की धारा 354 के तहत अपराधी होगा ।

आईपीसी की धारा 354 के अनुसार –

स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना-

जो कोई स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से यह सम्भाव्य जानते हुए कि तद्द्वारा वह उसकी लज्जा भंग करेगा, उस स्त्री पर हमला करेगा, या आपराधिक बल का प्रयोग करेगा, वह [दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष से न्यून नहीं होगी किंतु जो पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।]

आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 2013 द्वारा इसमें 354 A, 354 B, 354 C, 354 D जोड़ा गया है।

सजा का प्रावधान

कोई व्यक्ति किसी महिला की मर्यादा को भंग करने के लिए उस पर हमला या जोर जबरदस्ती करता है, तो सबसे पहले 354 तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के पश्चात् अगर वह वास्तव में दोषी पाया गया तो वह धारा 354 के तहत एक से पांच वर्ष तक का कारावास हो सकता है, साथ ही अर्थदंड भी या दोनो का भागीदार होगा।

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

जमानत (Bail) का प्रावधान

आपको यह जानना जरूरी है, जो अपराध, संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते है, उन अपराधों में न्यायालय से जमानत इतनी आसानी से नहीं मिलती । इसी तरह से वे अपराध, जो असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते है, उन अपराधों में न्यायालय से जमानत इतनी आसानी से मिल जाती है । अब बात करते धारा 354 का अपराध, संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए न्यायालय से जमानत इतनी आसानी से नहीं मिलेगी, और न ही समझौता योग्य अपराध है ।

हमारा प्रयास धारा 354 की पूर्ण जानकारी आप तक प्रदान करने का है, अगर आप कोई सवाल हो,तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है ।

धन्यवाद

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