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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 8 | शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति का दिया जाना | MV Act, Section- 8 in hindi | Grant of learner’s licence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 8 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 8, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 8 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -8 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति का दिये जाने की प्रक्रिया को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 8 के अनुसार

शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति का दिया जाना-

(1) कोई व्यक्ति, जो धारा 4 के अधीन मोटर यान चलाने के लिए निरर्हित नहीं है और जो उस समय चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने के लिए निरर्हित नहीं है, धारा 7 के उपबंधों के अधीन रहते हुए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति दिए जाने के लिए राज्य में किसी अनुज्ञापन प्राधिकारी को आवेदन कर सकेगा –
(i) जिसमें वह व्यक्ति मामूली तौर पर निवास करता है या कारबार चलाता है; या
(ii) जिसमें धारा 12 में निर्दिष्ट वह विद्यालय या स्थापन स्थित है जहां वह मोटर यान चलाना सीखना चाहता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक आवेदन ऐसे प्रारूप में होगा और उसके साथ ऐसे दस्तावेज होंगे ऐसी फीस सहित और ऐसी रीति में, जिसके अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक साधन हैं, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किए जाएं।
(3) उपधारा (1) के अधीन परिवहन यान चलाने के लिए प्रत्येक आवेदन के साथ चिकित्सा-प्रमाण-पत्र ऐसे प्ररूप में संलग्न होगा, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए और उस पर ऐसे रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसे राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई व्यक्ति, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस प्रयोजन के लिए नियुक्त करे :
[***]
(4) यदि आवेदन से या उप-धारा (3) में निर्दिष्ट चिकित्सा-प्रमाण-पत्र से यह प्रतीत होता है कि आवेदक किसी ऐसे रोग या ऐसी निःशक्तता से ग्रस्त है जिससे उसके द्वारा उस वर्ग के मोटर यान का चलाया जाना, जिसे चलाने के लिए वह उस शिक्षार्थी चालन-अनुज्ञप्ति द्वारा, जिसके लिए आवेदन किया गया है, प्राधिकृत हो जाएगा, जनता या यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकता है तो अनुज्ञापन प्राधिकारी शिक्षार्थी चालन-अनुज्ञप्ति देने से इंकार कर देगा :
परन्तु यदि अनुज्ञापन प्राधिकारी का समाधान हो जाता है कि आवेदक रूपांतरित यान चलाने के लिए ठीक हालत में है तो आवेदक को अशक्त यात्री गाड़ी चलाने तक सीमित शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी।
(5) किसी भी आवेदक को कोई शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति तब तक नहीं दे जाएगी जब तक वह ऐसी शर्तों को पूरा नहीं करता, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए ।
(6) जब समुचित अनुज्ञापन प्राधिकारी को उचित रूप से आवेदन कर दिया गया है और आवेदक ने ऐसे प्राधिकारी का उपधारा (3) के अधीन अपनी शारीरिक समर्थता के बारे में समाधान कर दिया है और उपधारा (5) में निर्दिष्ट परीक्षण, अनुज्ञापन प्राधिकारी के समाधानप्रद रूप में उत्तीर्ण कर लिया है तो अनुज्ञापन प्राधिकारी धारा 7 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, आवेदक को शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति देगा, जब तक कि आवेदक मोटर यान चलाने के लिए धारा 4 के अधीन निरहित न हो या मोटर यान चलाने के लिए कोई चालन-अनुज्ञप्ति धारण या अभिप्राप्त करने के लिए तत्समय निरर्हित न हो :
परन्तु कोई अनुज्ञापन प्राधिकारी मोटर साइकिल या मोटर यान चलाने के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति इस बात के होते हुए भी कि वह समुचित अनुज्ञापन प्राधिकारी नहीं है उस दशा में दे सकेगा जिसमें उस अनुज्ञापन प्राधिकारी का समाधान हो जाता है कि इस बात का पर्याप्त कारण है कि आवेदक समुचित अनुज्ञापन प्राधिकारी को आवेदन करने में असमर्थ है :
परंतु यह और कि अनुज्ञापन प्राधिकारी शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति इलैक्ट्रानिक रूप में और ऐसी रीति में जारी कर सकेगा जैसा केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए :
परंतु यह भी कि अनुज्ञापन प्राधिकारी, अनुज्ञप्ति जारी करने से पूर्व ऐसी रीति में, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, आवेदक की पहचान को सत्यापित कर सकेगा ।
(7) जहां केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है वहां वह इस निमित्त बनाए गए नियमों द्वारा, साधारणतया या तो आत्यंतिक रूप से या ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो नियमों में विनिर्दिष्ट की जाएं, किसी भी वर्ग के व्यक्तियों को उपधारा (3) या उपधारा (5) अथवा दोनों के उपबंधों से छूट दे सकेगी।
(8) मोटर साइकिल चलाने के लिए इस अधिनियम के प्रारंभ के ठीक पूर्व प्रवृत्त कोई शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति, ऐसे प्रारंभ के पश्चात्, गियर वाली या बिना गियर वाली किसी मोटर साइकिल के चलाने के लिए प्रभावी समझी जाएगी।

Grant of learner’s licence-
(1) Any person who is not disqualified under section 4 for driving a motor vehicle and who is not for the time being disqualified for holding or obtaining a driving licence may, subject to the provisions of section 7, apply to any of the licensing authority in the State-
(i) in which he ordinarily resides or carries on business, or
(ii) in which the school or establishment referred to in section 12 from where he intends to receive instruction in driving a motor vehicle is situated, for the issue to him of a learner’s licence.
(2) Every application under sub-section (1) shall be in such form and shall be accompanied by such documents with such fee and submit in such manner, including electronic means as may be prescribed by the Central Government.
(3) Every application to drive a transport vehicle made under sub-section (1) shall be accompanied by a medical certificate in such form as may be prescribed by the Central Government and signed by such registered medical practitioner, as the State Government or any person authorised in this behalf by the State Government may, by notification in the Official Gazette, appoint for this purpose :
(4) If, from the application or from the medical certificate referred to in subsection (3), it appears that the applicant is suffering from any disease or disability which is likely to cause the driving by him of a motor vehicle of the class which he would be authorised by the learner’s licence applied for to drive to be a source of danger to the public or to the passengers, the licensing authority shall refuse to issue the learner’s licence:
Provided that a learner’s licence limited to driving an [adapted vehicle] may be issued to the applicant, if the licensing authority is satisfied that he is fit to drive such a carriage.
(5) No learner’s licence shall be issued to any applicant unless he [satisfies such conditions] as may be prescribed by the Central Government
(6) When an application has been duly made to the appropriate licensing authority and the applicant has satisfied such authority of his physical fitness under sub-section (3) and has passed to the satisfaction of the licensing authority the test referred to in sub-section (5), the licensing authority shall, subject to the provisions of section 7, issue the applicant a learner’s licence unless the applicant is disqualified under section 4 for driving a motor vehicle or is for the time being disqualified for holding or obtaining a licence to drive a motor vehicle :
Provided that a licensing authority may issue a learner’s licence to drive a motorcycle or a light motor vehicle notwithstanding that it is not the appropriate licensing authority, if such authority is satisfied that there is good reason for the applicant’s inability to apply to the appropriate licensing authority :
Provided further that a licencing authority may issue a learner’s licence in electronic form and such manner as may be prescribed by the Central Government :
Provided also that the licensing authority may, before issuing the license, verify the identity of the applicant in such manner as may be prescribed by the Central Government.
(7) Where the Central Government is satisfied that it is necessary or expedient so to do, it may, by rules made in this behalf, exempt generally, either absolutely or subject to such conditions as may be specified in the rules, any class of persons from the provisions of sub-section (3), or sub-section (5), or both.
(8) Any learner’s licence for driving a motor cycle in force immediately before the commencement of this Act shall, after such commencement, be deemed to be effective for driving a motorcycle with or without gear.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 8 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 7 | कुछ यानों के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के दिए जाने पर निबंधन | MV Act, Section- 7 in hindi | Restrictions on the granting of learner’s licences for certain vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 7 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 7, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 7 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -7 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन कुछ यानों के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के दिए जाने पर निबंधन को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 7 के अनुसार

कुछ यानों के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के दिए जाने पर निबंधन-

(1) किसी भी व्यक्ति को परिवहन यान चलाने के लिए शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि उसने हल्का मोटर यान चलाने के लिए कम से कम एक वर्ष तक चालन अनुज्ञप्ति धारण नहीं की है:
परंतु इस उपधारा में अंतर्विष्ट कोई बात, ई-गाड़ी या ई-रिक्शा को लागू नहीं होगी।
(2) अठारह वर्ष से कम आयु के किसी व्यक्ति को बिना गियर वाली मोटर साइकिल को चलाने की शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति, अनुज्ञप्ति की वांछा करने वाले व्यक्ति की देख-रेख करने वाले व्यक्ति की लिखित सहमति के बिना नहीं दी जाएगी।

Restrictions on the granting of learner’s licences for certain vehicles-
(1) No person shall be granted a learner’s licence to drive a transport vehicle unless he has held a driving licence to drive a light motor vehicle for at least one year:
Provided that nothing contained in this sub-section shall apply to an e-cart or e-rickshaw.
(2) No person under the age of eighteen years shall be granted a learner’s licence to drive a motorcycle without gear except with the consent in writing of the person having the care of the person desiring the learner’s licence.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 7 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 6 | चालन-अनुज्ञप्तियाँ धारण करने पर निबंधन | MV Act, Section- 6 in hindi | Restrictions on the holding of driving licences.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 6 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 6, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 6 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -6 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन चालन-अनुज्ञप्तियाँ धारण करने पर निबंधन को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 6 के अनुसार

चालन-अनुज्ञप्तियाँ धारण करने पर निबंधन-

(1) कोई भी व्यक्ति उस समय के दौरान, जब वह तत्समय प्रवृत्त कोई चालन-अनुज्ञप्ति धारण करता है, शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या धारा 18 के उपबंधों के अनुसार दी गई चालन-अनुज्ञप्ति के सिवाय या ऐसी दस्तावेज के सिवाय जिसमें उसमें विनिर्दिष्ट व्यक्ति को धारा 139 के अधीन बनाए गए नियमों के अनुसार, मोटर यान चलाने के लिए प्राधिकृत किया गया है, कोई अन्य चालन-अनुज्ञप्ति धारण नहीं करेगा।
(2) चालन-अनुज्ञप्ति या शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति का धारक अन्य किसी व्यक्ति को उसका उपयोग करने की अनुज्ञा नहीं देगा।
(3) इस धारा की कोई बात, धारा 9 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिकारिता वाले अनुज्ञापन प्राधिकारी को उस वर्ग के यानों में, जिनको चलाने के लिए चालन-अनुज्ञप्ति उसके धारक को प्राधिकृत करती है, अन्य वर्ग के यान जोड़ने से निवारित नहीं करेगी।

Restrictions on the holding of driving licences-
(1) No person shall, while he holds any driving licence for the time being in force, hold any other driving licence except a learner’s licence or a driving licence issued in accordance with the provisions of section 18 or a document authorising, in accordance with the rules made under section 139, the person specified therein to drive a motor vehicle.
(2) No holder of a driving licence or a learner’s licence shall permit it to be used by any other person.
(3) Nothing in this section shall prevent a licensing authority having the jurisdiction referred to in sub-section (1) of section 9 from adding to the classes of vehicles which the driving licence authorises the holder to drive.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 6 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 5 | धारा 3 और धारा 4 के उल्लंघन के लिए मोटर यानों के स्वामियों का उत्तरदायित्व | MV Act, Section- 5 in hindi | Responsibility of owners of motor vehicles for contravention of sections 3 and 4.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 5 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 5, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 5 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -5 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन धारा 3 और धारा 4 के उल्लंघन के लिए मोटर यानों के स्वामियों का उत्तरदायित्व को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 5 के अनुसार

धारा 3 और धारा 4 के उल्लंघन के लिए मोटर यानों के स्वामियों का उत्तरदायित्व-

मोटर यान का कोई भी स्वामी या भारसाधक व्यक्ति ऐसे किसी व्यक्ति से, जो धारा 3 या धारा 4 के उपबंधों की पूर्ति नहीं करता है, न तो यान चलवाएगा न उसे चलाने की अनुज्ञा देगा।

Responsibility of owners of motor vehicles for contravention of sections 3 and 4-
No owner or person in charge of a motor vehicle shall cause or permit any person who does not satisfy the provisions of section 3 or section 4 to drive the vehicle.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 5 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 4 | मोटर यान चलाने के संबंध में आयु सीमा | MV Act, Section- 4 in hindi | Age limit in connection with driving of motor vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 4 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 4, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 4 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -4 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन मोटर यान चलाने के सम्बन्ध मे आयु सीमा को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 4 के अनुसार

मोटर यान चलाने के संबंध में आयु सीमा-

(1) कोई भी व्यक्ति, जो अठारह वर्ष से कम आयु का है, किसी सार्वजनिक स्थान में मोटर यान नहीं चलाएगा :
परन्तु कोई व्यक्ति सोलह वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने के पश्चात् किसी सार्वजनिक स्थान में 50 सी.सी. से अनधिक इंजन क्षमता वाली मोटर साइकिल चला सकेगा।
(2) धारा 18 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, कोई भी व्यक्ति, जो बीस वर्ष से कम आयु का है, किसी सार्वजनिक स्थान में परिवहन यान नहीं चलाएगा ।
(3) कोई शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति या चालन-अनुज्ञप्ति उस वर्ग के, जिसके लिए उसने आवेदन किया है, किसी यान को चलाने के लिए किसी व्यक्ति को तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि वह इस धारा के अधीन उस वर्ग के यान को चलाने के लिए पात्र नहीं है।

Age limit in connection with driving of motor vehicles-
(1) No person under the age of eighteen years shall drive a motor vehicle in any public place:
Provided that a motorcycle with engine capacity not, exceeding 50cc may be driven in a public place by a person after attaining the age of sixteen years.
(2) Subject to the provisions of section 18, no person under the age of twenty years shall drive a transport vehicle in any public place.
(3) No learner’s licence or driving licence shall be issued to any person to drive a vehicle of the class to which he has made an application unless he is eligible to drive that class of vehicle under this section.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 4 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3 | चालन-अनुज्ञप्ति की आवश्यकता | MV Act, Section- 3 in hindi | Necessity for driving licence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 3, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 3 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -3 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में मोटर यान तभी चलाएगा जब उसके पास यान चलाने के लिए उसे प्राधिकृत करते हुए उसके नाम में दी गई प्रभावी चालन-अनुज्ञप्ति है; और कोई भी व्यक्ति ऐसी मोटर टैक्सी या मोटर साईकिल से भिन्न जिसे उसने अपने उपयोग के लिए भाड़े पर लिया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 3 के अनुसार

चालन-अनुज्ञप्ति की आवश्यकता-

(1) कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान में मोटर यान तभी चलाएगा जब उसके पास यान चलाने के लिए उसे प्राधिकृत करते हुए उसके नाम में दी गई प्रभावी चालन-अनुज्ञप्ति है; और कोई भी व्यक्ति ऐसी मोटर टैक्सी या मोटर साईकिल से भिन्न जिसे उसने अपने उपयोग के लिए भाड़े पर लिया है या धारा 75 की उप-धारा (2) के अधीन बनाई गई किसी स्कीम के अधीन किराए पर लिया है परिवहन यान को इस प्रकार तभी चलाएगा जब उसकी चालन-अनुज्ञप्ति उसे विनिर्दिष्ट रूप से ऐसा करने का हकदार बनाती है।
(2) वे शर्ते जिनके अधीन उप-धारा (1) ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होगी जो मोटर चलाना सीख रहा है, ऐसी होंगी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाएं।

Necessity for driving licence-
(1) No person shall drive a motor vehicle in any public place unless he holds an effective driving licence issued to him authorising him to drive the vehicle; and no person shall so drive a transport vehicle other than [a motor cab or motor cycle hired for his own use or rented under any scheme made under sub-section (2) of section 75 unless his driving licence specifically entitles him so to do.
(2) The conditions subject to which sub-section (1) shall not apply to a person receiving instructions in driving a motor vehicle shall be such as may be prescribed by the Central Government.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 3 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।