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पॉक्सो एक्ट की धारा 21 | मामले की रिपोर्ट करने या अभिलिखित करने में विफल रहने के लिए दंड | Pocso Act Section- 21 by in hindi | Punishment for failure to report or record a case.

POCSO Section 21

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 21? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 21 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 21 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत कोई व्यक्ति जो धारा 19 की उपधारा (1) या धारा 20 के अधीन किसी अपराध के किए जाने की रिपोर्ट करने में विफल रहेगा या जो धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन ऐसे अपराध को अभिलिखित करने में विफल रहेगा, तो वह दंड से दंडित किया जाएगा। यह पॉक्सो एक्ट की धारा 21 ऐसे मामलो को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 21 के अनुसार

मामले की रिपोर्ट करने या अभिलिखित करने में विफल रहने के लिए दंड-

(1) कोई व्यक्ति जो धारा 19 की उपधारा (1) या धारा 20 के अधीन किसी अपराध के किए जाने की रिपोर्ट करने में विफल रहेगा या जो धारा 19 की उपधारा (2) के अधीन ऐसे अपराध को अभिलिखित करने में विफल रहेगा, वह किसी भी भांति के कारावास से, जो छह मास तक का हो सकेगा या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
(2) किसी कंपनी या किसी संस्था (चाहे जिस नाम से ज्ञात हो) का भारसाधक कोई व्यक्ति जो अपने नियंत्रणाधीन किसी अधीनस्थ के संबंध में धारा 19 की उपधारा (1) के अधीन किसी अपराध के किए जाने की रिपोर्ट करने में विफल रहेगा, वह ऐसी अवधि के कारावास से जो एक वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
(3) उपधारा (1) के उपबंध इस अधिनियम के अधीन किसी बालक को लागू नहीं होंगे।

Punishment for failure to report or record a case-
(1) Any person, who fails to report the commission of an offence under sub-section (1) of Section 19 or Section 20 or who fails to record such offence under sub-section (2) of Section 19 shall be punished with imprisonment of either description which may extend to six months or with fine or with both.
(2) Any person, being in-charge of any company or an institution (by whatever name called) who fails to report the commission of an offence under sub-section (1) of Section 19 in respect of a subordinate under his control, shall be punished with imprisonment for a term which may extend to one year and with fine.
(3) The provisions of sub-section (1) shall not apply to a child under this Act.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 21 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 20 | मामले को रिपोर्ट करने के लिए मीडिया, स्टूडियो और फोटो चित्रण सुविधाओं की बाध्यता | Pocso Act Section- 20 by in hindi | Obligation of media, studio and photographic facilities to report cases.

pocso section 20

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 20 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 20? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 20 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 20 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 20 के अंतर्गत जो कोई मीडिया या होटल या लॉज या अस्पताल या क्लब या स्टूडियो या फोटो चित्रण संबंधी सुविधाओं का कोई कार्मिक, चाहे जिस नाम से ज्ञात हो, उनमें नियोजित व्यक्तियों की संख्या को दृष्टि में लाए बिना किसी सामग्री या वस्तु की किसी माध्यम के उपयोग से, जो किसी बालक के लैंगिक शोषण संबंधी है, उसकी सूचना उपलब्ध कराने के लिए बाध्य होंगे। यह पॉक्सो एक्ट की धारा 20 ऐसे मामलो को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 20 के अनुसार

मामले को रिपोर्ट करने के लिए मीडिया, स्टूडियो और फोटो चित्रण सुविधाओं की बाध्यता-

मीडिया या होटल या लॉज या अस्पताल या क्लब या स्टूडियो या फोटो चित्रण संबंधी सुविधाओं का कोई कार्मिक, चाहे जिस नाम से ज्ञात हो, उनमें नियोजित व्यक्तियों की संख्या को दृष्टि में लाए बिना किसी सामग्री या वस्तु की किसी माध्यम के उपयोग से, जो किसी बालक के लैंगिक शोषण संबंधी है (जिसके अंतर्गत अश्लील साहित्य, लिंग संबंधी या बालक या बालकों का अश्लील प्रदर्शन करना भी है) यथास्थिति, विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराएगा।

Obligation of media, studio and photographic facilities to report cases-
Any personnel of the media or hotel or lodge or hospital or club or studio or photographic facilities, by whatever name called, irrespective of the number of persons employed therein, shall, on coming across any material or object which is sexually exploitative of the child (including pornographic, sexually-related or making obscene representation of a child or children) through the use of any medium, shall provide such information to the Special Juvenile Police Unit, or to the local police, as the case may be.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 20 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 19 | अपराधों की रिपोर्ट करना | Pocso Act Section- 19 by in hindi | Reporting of offences.

pocso section- 19

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 19? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 19 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 19 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के अंतर्गत जो कोई किसी बात के होते हुए भी कोई व्यक्ति (जिसके अंतर्गत बालक भी है) जिसको यह आशंका है कि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किए जाने की संभावना है या यह जानकारी रखता है कि ऐसा कोई अपराध किया गया है, अपराधो की रिपोर्ट करता है। यह पॉक्सो एक्ट की धारा 19 ऐसे मामलो को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 19 के अनुसार

अपराधों की रिपोर्ट करना-

(1) दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी कोई व्यक्ति (जिसके अंतर्गत बालक भी है) जिसको यह आशंका है कि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किए जाने की संभावना है या यह जानकारी रखता है कि ऐसा कोई अपराध किया गया है, वह निम्नलिखित को ऐसी जानकारी उपलब्ध कराएगा:
(क) विशेष किशोर पुलिस यूनिट; या
(ख) स्थानीय पुलिस।
(2) उपधारा (1) के अधीन दी गई प्रत्येक रिपोर्ट में-
(क) एक प्रविष्टि संख्या अंकित होगी और लेखबद्ध की जाएगी
(ख) सूचना देने वाले को पढ़कर सुनाई जाएगी;
(ग) पुलिस यूनिट द्वारा रखी जाने वाली पुस्तिका में प्रविष्ट की जाएगी।
(3) जहां उपधारा (1) के अधीन रिपोर्ट बालक द्वारा दी गई है, उसे उपधारा (2) के अधीन सरल भाषा में अभिलिखित किया जाएगा जिससे कि बालक अभिलिखित को जा रही अंतर्वस्तुओं को समझ सके।
(4) यदि बालक द्वारा नहीं समझी जाने वाली भाषा में अंतर्वस्तु अभिलिखित की जा रही है या बालक यदि वह उसको समझने में असफल रहता है कोई अनुवादक या कोई दुभाषिया जो ऐसी अर्हताएं, अनुभव रखता हो और ऐसी फीस के संदाय पर जो विहित की जाए, जब कभी आवश्यक समझा जाए उपलब्ध कराया जाएगा।
(5) जहां विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस का यह समाधान हो जाता है कि उस बालक को, जिसके विरुद्ध कोई अपराध किया गया है, उसकी देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता है तब रिपोर्ट के चौबीस घंटे के भीतर कारणों को लेखबद्ध करने के पश्चात् उसको यथाविहित ऐसी देखरेख और संरक्षण में (जिसके अंतर्गत बालक को संरक्षण गृह या निकटतम अस्पताल में भर्ती किया जाना भी है) रखने की तुरन्त व्यवस्था करेगी।
(6) विशेष किशोर पुलिस यूनिट या स्थानीय पुलिस अनावश्यक विलंब के बिना किन्तु चौबीस घंटे की अवधि के भीतर मामले को बालक कल्याण समिति और विशेष न्यायालय या जहां कोई विशेष न्यायालय पदाभिहित नहीं किया गया है वहां सेशन न्यायालय को रिपोर्ट करेगी, जिसके अंतर्गत बालक की देखभाल और संरक्षण के लिए आवश्यकता और भी हैं। संबंध में किए गए उपाय
(7) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए सद्भावनापूर्वक दी गई जानकारी देने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा सिविल या दांडिक कोई दायित्व उपगत नहीं होगा।

Reporting of offences-
(1) Notwithstanding anything contained in the Code of Criminal Procedure, 1973 (2 of 1974), any person (including the child). who has apprehension that an offence under this Act is likely to be committed or has knowledge that such an offence has been committed, he shall provide such information to,-
(a) The Special Juvenile Police Unit; or
(b) The local police.
(2) Every report given under sub-section (1) shall be-
(a) ascribed an entry number and recorded in writing;
(b) be read over to the informant,
(c) shall be entered in a book to be kept by the Police Unit.
(3) Where the report under sub-section (1) is given by a child, the same shall be recorded under sub-section (2) in a simple language so that the child understands contents being recorded.
(4) In case contents are being recorded in the language not understood by the child or wherever it is deemed necessary, a translator or an interpreter, having such qualifications, experience and on payment of such fees as may be prescribed, shall be provided to the child if he fails to understand the same.
(5) Where the Special Juvenile Police Unit or local police is satisfied that the child against whom an offence has been committed is in need of care and protection, then, it shall, after recording the reasons in writing, make immediate arrangement to give him such care and protection (including admitting the child into shelter home or to the nearest hospital) within twenty-four hours of the report, as may be prescribed.
(6) The Special Juvenile Police Unit or local police shall, without unnecessary delay but within a period of twenty-four hours, report the matter to the Child Welfare Committee and the Special Court or where no Special Court has been designated, to the Court of Session, including need of the child for care and protection and steps taken in this regard.
(7) No person shall incur any liability, whether civil or criminal, for giving the information in good faith for the purpose of sub-section (1).

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 19 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 18 | किसी अपराध को कारित करने के प्रयत्न के लिए दंड | Pocso Act Section- 18 in hindi | Punishment for attempt to commit an offence.

pocso -18

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 18 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 18? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 18 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 18 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 18 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति किसी अपराध को करने का प्रयत्न करेगा या किसी अपराध को करवाएगा और ऐसे प्रयत्न में अपराध करने हेतु कोई कार्य करेगा, तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 18 के अंतर्गत दंड को परिभाषित करती है यह पॉक्सो की धारा 12 किसी अपराध को कारित करने के प्रयत्न के लिए दंड का प्रावधान को बतलाती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 18 के अनुसार

किसी अपराध को कारित करने के प्रयत्न के लिए दंड-

जो कोई इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध को करने का प्रयत्न करेगा या किसी अपराध को करवाएगा और ऐसे प्रयत्न में अपराध करने हेतु कोई कार्य करेगा वह अपराध के लिए उपबंधित किसी भांति के ऐसे कारावास से, यथास्थिति, जिसकी अवधि आजीवन कारावास के आधे तक की या उस अपराध के लिए उपबंधित कारावास से जिसकी अवधि दीर्घतम अवधि के आधे तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

Punishment for attempt to commit an offence-
Whoever attempts to commit any offence punishable under this Act or to cause such an offence to be committed, and in such attempt, does any act towards the commission of the offence, shall be punished with imprisonment of any description provided for the offence, for a term which may extend to one-half of the imprisonment for life or, as the case may be, one-half of the longest term of imprisonment provided for that offence or with fine or with both.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 18 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 17 | दुष्प्रेरण के लिए दंड | Pocso Act Section- 17 in hindi | Punishment for abetment.

POCSO section-17

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 17? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 17 के अंतर्गत क्या सजा का प्रावधान है यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 17 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के अंतर्गत दंड का भागीदार होगा। यह पॉक्सो की धारा 17 दुष्प्रेरण के लिए दंड के प्रावधान को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 17 के अनुसार

दुष्प्रेरण के लिए दंड-

जो कोई इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का दुष्प्रेरण करता है, यदि दुष्प्रेरित कार्य दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता है, तो वह उस दंड से दंडित किया जाएगा जो उस अपराध के लिए उपबंधित है।
स्पष्टीकरण– कोई कार्य या अपराध दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप तब किया गया कहा जाता है, जब वह उस उकसाहट के परिणामस्वरूप या उस षड़यंत्र के अनुसरण में या उस सहायता से किया जाता है, जिससे दुष्प्रेरण गठित होता है।

Punishment for abetment-
Whoever abets any offence under this Act, if the act abetted is committed in consequence of the abetment, shall be punished with punishment provided for that offence.
Explanation- An act or offence is said to be committed in consequence of abetment, when it is committed in consequence of the instigation, or in pursuance of the conspiracy or with the aid, which constitutes the abetment.

सजा (Punishment)

जो कोई व्यक्ति किसी अपराध को किए जाने के लिए किसी को दुष्प्रेरित करता है तो उस दुष्प्रेरित कार्य के दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया जाता है, तो वह उस दंड से दंडित किया जाएगा जो उस अपराध के लिए उपबंधित है।

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 17 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आप के मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 16 | किसी अपराध का दुष्प्रेरण | Pocso Act Section- 16 in hindi | Abetment of an offence.

Pocso Section-16

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 16 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 16? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 16 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 16 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 16 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है अर्थात् किसी अपराध को कारित करने के लिए उकसाता है या षड्यंत्र् बनाता है तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 16 के ऐसे मामलो को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 16 के अनुसार

किसी अपराध का दुष्प्रेरण-

कोई व्यक्ति किसी अपराध के किए जाने का दुष्प्रेरण
करता है, जो-
पहला- उस अपराध को करने के लिए किसी व्यक्ति को उकसाता है; अथवा
दूसरा- उस अपराध को करने के लिए किसी षड़यंत्र में एक या अधिक अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों के साथ सम्मिलित होता है, यदि उस षड़यंत्र के अनुसरण में, और उस अपराध को करने के उद्देश्य से, कोई कार्य या अवैध लोप घटित हो जाए; अथवा
तीसरा-उस अपराध के लिए किए जाने में किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा साशय सहायता करता है।
स्पष्टीकरण 1- कोई व्यक्ति जो जानबूझकर दुर्व्यपदेशन द्वारा या तात्विक तथ्य, जिसे प्रकट करने के लिए वह आबद्ध है, जानबूझकर छिपाने द्वारा स्वेच्छया किसी अपराध का किया जाना कारित या उपाप्त करता है अथवा कारित या उपाप्त करने का प्रयत्न करता है, वह उस अपराध का किया जाना उकसाता है, यह कहा जाता है।
स्पष्टीकरण 2- जो कोई या तो किसी कार्य के किए जाने से पूर्व या किए जाने के समय उस कार्य के किए जाने को सुकर बनाने के लिए कोई कार्य करता है और तद्वारा उसके किए जाने को सुकर बनाता है, वह उस कार्य के करने में सहायता करता है, यह कहा जाता है।
स्पष्टीकरण 3- जो कोई किसी बालक को इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के प्रयोजन के लिए धमकी या बल प्रयोग या प्रपीड़न के अन्य रूप, अपहरण, कपट, प्रवंचना, शक्ति या स्थिति के दुरुपयोग, भेद्यता या संदायों को देने या प्राप्त करने या अन्य व्यक्ति पर नियंत्रण रखने वाली किसी व्यक्ति की सहमति प्राप्त करने के फायदों के माध्यम से नियोजित करता है, आश्रय देता है या उसे प्राप्त या परिवाहित करता है, उस कार्य के करने में सहायता करता है, यह कहा जाता है।

Abetment of an offence-
A person abets an offence, who-
First- Instigates any person to do that offence; or
Secondly- Engages with one or more other person or persons in any conspiracy for the doing of that offence, if an act or illegal omission takes place in pursuance of that conspiracy, and in order to the doing of that offence; or
Thirdly- Intentionally aids, by any act or illegal omission, the doing of that offence.
Explanation I- A person who, by wilful misrepresentation, or by wilful concealment of a material fact, which he is bound to disclose, voluntarily causes or procures, or attempts to cause or procure a thing to be done, is said to instigate the doing of that offence.
Explanation II- Whoever, either prior to or at the time of commission of an act, does anything in order to facilitate the commission of that act, and thereby facilitates the commission thereof, is said to aid the doing of that act.
Explanation III- Whoever employ, harbours, receives or transports a child, by means of threat or use of force or other forms of coercion, abduction, fraud, deception, abuse of power or of a position, vulnerability or the giving or receiving of payments or benefits to achieve the consent of a person having control over another person, for the purpose of any offence under this Act, is said to aid the doing of that act.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 16 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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