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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 | Indian Contract Act Section 72

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-72) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 के अनुसार जिस व्यक्ति को भूल से या प्रपीड़न के अधीन धन संदत्त किया गया है या कोई चीज परिदत्त की गई है, उसे उसका प्रतिसंदाय या वापसी करनी होगी, जिसे IC Act Section-72 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 (Indian Contract Act Section-72) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 IC Act Section-72 के अनुसार जिस व्यक्ति को भूल से या प्रपीड़न के अधीन धन संदत्त किया गया है या कोई चीज परिदत्त की गई है, उसे उसका प्रतिसंदाय या वापसी करनी होगी।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 (IC Act Section-72 in Hindi)

उस व्यक्ति का दायित्व जिसको भूल से या प्रपीड़न के अधीन धन का संदाय या चीज का परिदान किया जाता है-

जिस व्यक्ति को भूल से या प्रपीड़न के अधीन धन संदत्त किया गया है या कोई चीज परिदत्त की गई है, उसे उसका प्रतिसंदाय या वापसी करनी होगी।
दृष्टान्त
(क) ‘क’ और ‘ख’ संयुक्तत: ‘ग’ के 100 रुपये के देनदार हैं। अकेला ‘क’ ही ‘ग’ को वह रकम संदत्त कर देता है और इस तथ्य को न जानते हुए, ‘ग’ को ‘ख’ 100 रुपये फिर संदत्त कर देता है। इस रकम का ‘ख’ को प्रतिसंदाय करने के लिए ‘ग’ आबद्ध है।
(ख) एक रेल-कम्पनी परेषिती को अमुक माल, जब तक कि वह उसके वहन के लिए अवैध प्रभार न दे, परिदत्त करने से इन्कार करती है। परेषिती माल को अभिप्राप्त करने के लिए प्रभार की वह राशि संदत्त कर देता है। वह उस प्रभार में से उतना वसूल करने का हकदार है जितना अविधित: अधिक था।

Indian Contract Act Section-72 (IC Act Section-72 in English)

Liability of person to whom money is paid, or thing delivered, by mistake or under coercion-

A person to whom money has been paid, or anything delivered, by mistake or under coercion, must repay or return it.
Illustrations
(a) A and B jointly owe 100 rupees to C, A alone pays the amount to C, and B, not knowing this fact, pays 100 rupees over again to C. C is bound to repay the amount to B.
(b) A railway company refuses to deliver up certain goods to the consignee except upon the payment of an illegal charge for carriage. The consignee pays the sum charged in order to obtain the goods. He is entitled to recover so much of the charge as was illegal and excessive.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 72 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 71 | Indian Contract Act Section 71

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-71) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 71 के अनुसार वह व्यक्ति, जो किसी अन्य का माल पड़ा पाता है और उसे अपनी अभिरक्षा में लेता है, उसी उत्तरदायित्व के अध्यधीन है जिसके अध्यधीन उपनिहिती होता है, जिसे IC Act Section-71 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 71 (Indian Contract Act Section-71) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 71 IC Act Section-71 के अनुसार वह व्यक्ति, जो किसी अन्य का माल पड़ा पाता है और उसे अपनी अभिरक्षा में लेता है, उसी उत्तरदायित्व के अध्यधीन है जिसके अध्यधीन उपनिहिती होता है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 71 (IC Act Section-71 in Hindi)

माल पड़ा पाने वाले का उत्तरदायित्व-

वह व्यक्ति, जो किसी अन्य का माल पड़ा पाता है और उसे अपनी अभिरक्षा में लेता है, उसी उत्तरदायित्व के अध्यधीन है जिसके अध्यधीन उपनिहिती होता है।

Indian Contract Act Section-71 (IC Act Section-71 in English)

Responsibility of finder of goods-

A person who finds goods belonging to another, and takes them into his custody, is subject to the same responsibility as a bailee.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 71 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 | Indian Contract Act Section 70

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-70) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 के अनुसार जहां कि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई बात या उसे किसी चीज का परिदान आनुग्रहिकतः करने का आशय न रखते हुए विधिपूर्वक करता है और ऐसा अन्य व्यक्ति उसका फायदा उठाता है वहां वह पश्चात्कथित व्यक्ति, उस पूर्वकथित व्यक्ति को ऐसे की गई बात या परिदत्त चीज के बारे में प्रतिकर देने या उसे प्रत्यावर्तित करने के लिए आबद्ध है, जिसे IC Act Section-70 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 (Indian Contract Act Section-70) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 IC Act Section-70 के अनुसार जहां कि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई बात या उसे किसी चीज का परिदान आनुग्रहिकतः करने का आशय न रखते हुए विधिपूर्वक करता है और ऐसा अन्य व्यक्ति उसका फायदा उठाता है वहां वह पश्चात्कथित व्यक्ति, उस पूर्वकथित व्यक्ति को ऐसे की गई बात या परिदत्त चीज के बारे में प्रतिकर देने या उसे प्रत्यावर्तित करने के लिए आबद्ध है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 (IC Act Section-70 in Hindi)

अननुग्रहिक कार्य का फायदा उठाने वाले व्यक्ति की बाध्यता-

जहां कि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई बात या उसे किसी चीज का परिदान आनुग्रहिकतः करने का आशय न रखते हुए विधिपूर्वक करता है और ऐसा अन्य व्यक्ति उसका फायदा उठाता है वहां वह पश्चात्कथित व्यक्ति, उस पूर्वकथित व्यक्ति को ऐसे की गई बात या परिदत्त चीज के बारे में प्रतिकर देने या उसे प्रत्यावर्तित करने के लिए आबद्ध है।
दृष्टांत
(क) एक व्यापारी क कुछ माल ख के गृह पर भूल से छोड़ जाता है । ख उस माल को अपने माल के रूप में बरतता है। उसके लिए क को संदाय करने के लिए वह आबद्ध है।
(ख) ख की सम्पत्ति को क आग से बचाता है । यदि परिस्थितियां दर्शित करती हों कि क का आशय आनुग्रहिकतः कार्य करने का था, तो वह ख से प्रतिकर पाने का हकदार नहीं है।

Indian Contract Act Section-70 (IC Act Section-70 in English)

Obligation of person enjoying benefit of non-gratuitous act-

Where a person lawfully does anything for another person, or delivers anything to him, not intending to do so gratuitously, and such other person enjoys the benefit thereof, the latter is bound to make compensation to the former in respect of, or to restore, the thing so done or delivered.
Illustrations
(a) A, a tradesman, leaves goods at B‟s house by mistake. B treats the goods as his own. He is bound to pay A for them.
(b) A saves B‟s property from fire. A is not entitled to compensation from B, if the circumstances show that he intended to act gratuitously.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 70 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 | Indian Contract Act Section 69

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-69) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 के अनुसार वह व्यक्ति जो उस धन के, जिसके संदाय के लिए कोई अन्य व्यक्ति विधि द्वारा आबद्ध है, संदाय में हितबद्ध है और इसलिए उसका संदाय करता है, उस अन्य व्यक्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है, जिसे IC Act Section-69 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 (Indian Contract Act Section-69) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 IC Act Section-69 के अनुसार वह व्यक्ति जो उस धन के, जिसके संदाय के लिए कोई अन्य व्यक्ति विधि द्वारा आबद्ध है, संदाय में हितबद्ध है और इसलिए उसका संदाय करता है, उस अन्य व्यक्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 (IC Act Section-69 in Hindi)

उस व्यक्ति की प्रतिपूर्ति, जो किसी अन्य द्वारा शोध्य ऐसा धन देता है, जिसके संदाय में वह व्यक्ति हितबद्ध है-

वह व्यक्ति जो उस धन के, जिसके संदाय के लिए कोई अन्य व्यक्ति विधि द्वारा आबद्ध है, संदाय में हितबद्ध है और इसलिए उसका संदाय करता है, उस अन्य व्यक्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।
दृष्टान्त
जमींदार ‘क’ के द्वारा अनुदत्त पट्टे पर ‘क’ बंगाल में भूमि धारण करता है। ‘क’ द्वारा सरकार को देय राजस्व के बकाया में होने के कारण उसकी भूमि सरकार द्वारा विक्रय के लिए विज्ञापित की जाती है। ऐसे विक्रय का राजस्व-विधि के अधीन परिमाण ‘ख’ के पट्टे का बातिल किया जाना होगा। ‘ख’ विक्रय और उसके परिणामस्वरूप अपने पट्टे के बातिल किए जाने को निवारित करने के लिए ‘क’ द्वारा शोध्य राशि सरकार को संदत्त करता है। ‘क’ इस प्रकार संदत्त रकम की ‘ख’ को प्रतिपूर्ति करने के लिए आबद्ध है।

Indian Contract Act Section-69 (IC Act Section-69 in English)

Reimbursement of person paying money due by another, in payment of which he is interested-

A person who is interested in the payment of money which another is bound by law to pay, and who therefore pays it, is entitled to be reimbursed by the other.
Illustration
B holds land in Bengal, on a lease granted by A, the zamindar. The revenue payable by A to the Government being in arrear, his land is advertised for sale by the Government. Under the revenue law, the consequence of such sale will be the annulment of B’s lease. B to prevent the sale and the consequent annulment of his own lease, pays the Government the sum due from A. A is bound to make good to B the amount so paid.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 69 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 | Indian Contract Act Section 68

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-68) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 के अनुसार यदि किसी ऐसे व्यक्ति को, जो संविदा करने में असमर्थ है या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसके पालन-पोषण के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो, जीवन में उसकी स्थिति के योग्य आवश्यक वस्तुएँ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रदाय की जाती हैं तो वह व्यक्ति जिसने, ऐसे प्रदाय किये हैं, ऐसे असमर्थ व्यक्ति की सम्पत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है, जिसे IC Act Section-68 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 (Indian Contract Act Section-68) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 IC Act Section-68 के अनुसार यदि किसी ऐसे व्यक्ति को, जो संविदा करने में असमर्थ है या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसके पालन-पोषण के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो, जीवन में उसकी स्थिति के योग्य आवश्यक वस्तुएँ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रदाय की जाती हैं तो वह व्यक्ति जिसने, ऐसे प्रदाय किये हैं, ऐसे असमर्थ व्यक्ति की सम्पत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 (IC Act Section-68 in Hindi)

संविदा करने में असमर्थ व्यक्ति को या उसके लेखे प्रदाय की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए दावा-

यदि किसी ऐसे व्यक्ति को, जो संविदा करने में असमर्थ है या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसके पालन-पोषण के लिए वह वैध रूप से आबद्ध हो, जीवन में उसकी स्थिति के योग्य आवश्यक वस्तुएँ किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रदाय की जाती हैं तो वह व्यक्ति जिसने, ऐसे प्रदाय किये हैं, ऐसे असमर्थ व्यक्ति की सम्पत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।
दृष्टान्त
(क) ‘ख’ को, जो पागल है, जीवन में उसकी स्थिति के योग्य आवश्यक वस्तुओं का प्रदाय ‘क’ करता है। ‘ख’ की सम्पत्ति से ‘क’ प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।
(ख) ‘ख’ की, जो पागल है, पत्नी और बच्चों को जीवन उनकी स्थिति के योग्य आवश्यक वस्तुओं का प्रदाय ‘क’  करता है। ‘ख’ की सम्पत्ति से ‘क’ प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है।

Indian Contract Act Section-68 (IC Act Section-68 in English)

Claim for necessaries supplied to person incapable of contracting, or on his account-

If a person, incapable of entering into a contract, or any one whom he is legally bound to support, is supplied by another person with necessaries suited to his condition in life, the person who has furnished such supplies is entitled to be reimbursed from the property of such incapable person.
Illustrations
(a) A supplies B, a lunatic, with necessaries suitable to his condition in life. A is entitled to be reimbursed from B’s property.
(b) A supplies the wife and children of B, a lunatic, with necessaries suitable to their condition in life. A is entitled to be reimbursed from B’s property.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 68 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 67 | Indian Contract Act Section 67

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-67) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 67 के अनुसार यदि कोई वचनग्रहिता किसी वचनदाता को उसके वचन के पालन के लिए युक्तियुक्त सौकर्य देने में उपेक्षा या देने से इन्कार करे तो एतद्द्वारा कारित किसी भी अपालन के बारे में ऐसी उपेक्षा या इन्कार के कारण वचनदाता की माफी हो जाती है, जिसे IC Act Section-67 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 67 (Indian Contract Act Section-67) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 67 IC Act Section-67 के अनुसार यदि कोई वचनग्रहिता किसी वचनदाता को उसके वचन के पालन के लिए युक्तियुक्त सौकर्य देने में उपेक्षा या देने से इन्कार करे तो एतद्द्वारा कारित किसी भी अपालन के बारे में ऐसी उपेक्षा या इन्कार के कारण वचनदाता की माफी हो जाती है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 67 (IC Act Section-67 in Hindi)

पालन के लिए युक्तियुक्त सौकर्य वचनदाता को देने में वचनग्रहीता की उपेक्षा का प्रभाव-

यदि कोई वचनग्रहिता किसी वचनदाता को उसके वचन के पालन के लिए युक्तियुक्त सौकर्य देने में उपेक्षा या देने से इन्कार करे तो एतद्द्वारा कारित किसी भी अपालन के बारे में ऐसी उपेक्षा या इन्कार के कारण वचनदाता की माफी हो जाती है।
दृष्टान्त
‘ख’ के गृह की मरम्मत करने की ‘ख’ से ‘क’ संविदा करता है।
जिन स्थानों में उसके गृह की मरम्मत अपेक्षित है, ‘ख’ उन्हें ‘क’ को बताने में उपेक्षा या बताने से इन्कार करता है।
संविदा के अपालन के लिए ‘क’ की माफी हो जाती है, यदि वह ऐसी उपेक्षा या इन्कार से कारित हुआ हो।

Indian Contract Act Section-67 (IC Act Section-67 in English)

Effect of neglect of promisee to afford promisor reasonable facilities for performance-

If any promisee neglects or refuses to afford the promisor reasonable facilities for the performance of his promise, the promisor is excused by such neglect or refusal as to any non-performance caused thereby.
Illustration
A contract with B to repair B’s house. B neglects or refuses to point out to A the places in which his house requires repair. A is ‘excused for the non-performance of the contract, if it is caused by such neglect or refusal.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 67 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।