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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 182 | अनुज्ञप्ति संबंधी अपराध | MV Act, Section- 182 in hindi | Offences relating to licences.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 182 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 182, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 182 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -182 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने के लिए इस अधिनियम के अधीन निरर्हित होते हुए सार्वजनिक स्थान या किसी अन्य स्थान में मोटर यान चलाएगा या चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा अथवा पृष्ठांकन रहित चालन-अनुज्ञप्ति दिए जाने का हकदार न होते हुए अपने द्वारा पहले धारित चालनअनुज्ञप्ति पर किए गए पृष्ठांकनों को प्रकट किए बिना चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या दस हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 182 के अनुसार

अनुज्ञप्ति संबंधी अपराध-

(1) जो कोई चालन-अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने के लिए इस अधिनियम के अधीन निरर्हित होते हुए सार्वजनिक स्थान या किसी अन्य स्थान में मोटर यान चलाएगा या चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा अथवा पृष्ठांकन रहित चालन-अनुज्ञप्ति दिए जाने का हकदार न होते हुए अपने द्वारा पहले धारित चालनअनुज्ञप्ति पर किए गए पृष्ठांकनों को प्रकट किए बिना चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या दस हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा, और उसके द्वारा ऐसे अभिप्राप्त की गई कोई चालन-अनुज्ञप्ति प्रभावहीन होगी।
(2) जो कोई कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण करने या अभिप्राप्त करने के लिए इस अधिनियम के अधीन निरर्हित होते हुए किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में सार्वजनिक स्थान में कार्य करेगा अथवा कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा अथवा पृष्ठांकन रहित कंडक्टर अनुज्ञप्ति दिए जाने का हकदार न होते हुए अपने द्वारा पहले धारित कंडक्टर अनुज्ञप्ति पर किए गए पृष्ठांकनों को प्रकट किए बिना कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन करेगा या उसे अभिप्राप्त करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से दण्डनीय होगा, तथा उसके द्वारा ऐसे अभिप्राप्त की गई कोई कंडक्टर अनुज्ञप्ति प्रभावहीन होगी।

Offences relating to licences-
(1) Whoever, being disqualified under this Act for holding or obtaining a driving licence drives a motor vehicle in a public place or in any other place, or applies for or obtains a driving licence or, not being entitled to have a driving licence issued to him free of endorsement, applies for or obtains a driving licence without disclosing the endorsement, made on a driving licence previously held by him shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months, or with fine [of ten thousand rupees] or with both and any driving licence so obtained by him shall be of no effect.
(2) Whoever, being disqualified under this Act for holding or obtaining a conductor’s licence, acts as a conductor of a stage carriage in a public place or applies for or obtains a conductor’s licence or, not being entitled to have a conductor’s licence issued to him free of endorsement, applies for or obtains a conductor’s licence without disclosing the endorsements made on a conductor’s licence previously held by him, shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to [ten thousand rupees] or with both, and any conductor’s licence so obtained by him shall be of no effect.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 182 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 | धारा 3 या धारा 4 के उल्लंघन में यानों को चलाना | MV Act, Section- 181 in hindi | Driving vehicles in contravention of section 3 or section 4.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 181, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 181 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -181 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई धारा 3 या धारा 4 के उल्लंघन में किसी मोटर यान को चलाएगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या पांच हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 181 के अनुसार

धारा 3 या धारा 4 के उल्लंघन में यानों को चलाना-

जो कोई धारा 3 या धारा 4 के उल्लंघन में किसी मोटर यान को चलाएगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या पांच हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।
Driving vehicles in contravention of section 3 or section 4-
Whoever drives a motor vehicle in contravention of section 3 or section 4 shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months or with fine of five thousand rupees, or with both.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 181 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 | अप्राधिकृत व्यक्तियों को यान चलाने की अनुज्ञा देना | MV Act, Section- 180 in hindi | Allowing unauthorised persons to drive vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 180 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 180, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 180 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -180 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जो कोई किसी मोटर यान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति होते हुए ऐसे अन्य किसी व्यक्ति से, जो धारा 3 या धारा 4 के उपबंधों की पूर्ति नहीं करता है, यान चलवाएगा या चलाने देगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या पांच हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 180 के अनुसार

अप्राधिकृत व्यक्तियों को यान चलाने की अनुज्ञा देना-

जो कोई किसी मोटर यान का स्वामी या भारसाधक व्यक्ति होते हुए ऐसे अन्य किसी व्यक्ति से, जो धारा 3 या धारा 4 के उपबंधों की पूर्ति नहीं करता है, यान चलवाएगा या चलाने देगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या पांच हजार रुपए के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

Allowing unauthorised persons to drive vehicles-
Whoever, being the owner or person in charge of a motor vehicle, causes, or permits, any other person who does not satisfy the provisions of section 3 or section 4 to drive the vehicle shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months or with fine of five thousand rupees, or with both.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 180 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 179 | आदेशों की अवज्ञा, बाधा डालना और जानकारी देने से इंकार करना | MV Act, Section- 179 in hindi | Disobedience of orders, obstruction and refusal of information.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 179 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 179, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 179 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -179 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। जो कोई जानबूझकर ऐसे किसी निदेश की अवज्ञा करेगा जो वैसा निदेश देने के लिए इस अधिनियम के अधीन सशक्त किसी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा विधिपूर्वक दिया गया है या ऐसे किन्हीं कृत्यों का निर्वहन करने में किसी व्यक्ति या प्राधिकारी को बाधा पहुंचाएगा जो व्यक्ति या प्राधिकारी उसका निर्वहन करने के लिए इस अधिनियम के अधीन अपेक्षित या सशक्त है, वह उस दशा में जब उस अपराध के लिए कोई अन्य शास्ति उपबंधित नहीं है, जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 179 के अनुसार

आदेशों की अवज्ञा, बाधा डालना और जानकारी देने से इंकार करना-

(1) जो कोई जानबूझकर ऐसे किसी निदेश की अवज्ञा करेगा जो वैसा निदेश देने के लिए इस अधिनियम के अधीन सशक्त किसी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा विधिपूर्वक दिया गया है या ऐसे किन्हीं कृत्यों का निर्वहन करने में किसी व्यक्ति या प्राधिकारी को बाधा पहुंचाएगा जो व्यक्ति या प्राधिकारी उसका निर्वहन करने के लिए इस अधिनियम के अधीन अपेक्षित या सशक्त है, वह उस दशा में जब उस अपराध के लिए कोई अन्य शास्ति उपबंधित नहीं है, जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
(2) जो कोई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन कोई जानकारी देने के लिए अपेक्षित होते हुए ऐसी जानकारी को जानबूझकर रोकेगा या ऐसी जानकारी देगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है या जिसके सही होने का उसे विश्वास नहीं है, वह उस दशा में जब उस अपराध के लिए कोई अन्य शास्ति उपबंधित नहीं है, कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।

Disobedience of orders, obstruction and refusal of information-
(1) Whoever wilfully disobeys any direction lawfully given by any person or authority empowered under this Act to give such direction, or obstructs any person or authority in the discharge of any functions which such person or authority is required or empowered under this Act to discharge, shall if no other penalty is provided for the offence be punishable with fine which may extend to two thousand rupees.
(2) Whoever, being required by or under this Act to supply any information, wilfully withholds such information or gives information which he knows to be false or which he does not believe to be true, shall, if no other penalty is provided for the offence, be punishable with imprisonment for a term which may extend to one month, or with fine which may extend to two thousand rupees, or with both.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 179 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 178 | पास या टिकट के बिना यात्रा करने और कंडक्टर द्वारा कर्तव्य की अवहेलना के लिए तथा ठेका गाड़ी आदि के चलाने से इंकार करने के लिए शास्ति आदि | MV Act, Section- 178 in hindi | Penalty for travelling without pass or ticket and for dereliction of duty on the part of conductor and refusal to ply contract carriage etc.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 178 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 178, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 178 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -178 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई मंजिली गाड़ी में समुचित पास या टिकट के बिना यात्रा करेगा या मंजिली गाड़ी में रहेगा या उससे उतरने पर जांच के लिए पास या टिकट देने में असफल रहेगा या देने से इंकार करेगा अथवा पास या टिकट की अध्यपेक्षा की जाने पर उसे तत्काल परिदत्त करने में असफल रहेगा या इंकार करेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 178 के अनुसार

पास या टिकट के बिना यात्रा करने और कंडक्टर द्वारा कर्तव्य की अवहेलना के लिए तथा ठेका गाड़ी आदि के चलाने से इंकार करने के लिए शास्ति आदि-

(1) जो कोई मंजिली गाड़ी में समुचित पास या टिकट के बिना यात्रा करेगा या मंजिली गाड़ी में रहेगा या उससे उतरने पर जांच के लिए पास या टिकट देने में असफल रहेगा या देने से इंकार करेगा अथवा पास या टिकट की अध्यपेक्षा की जाने पर उसे तत्काल परिदत्त करने में असफल रहेगा या इंकार करेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
स्पष्टीकरण- इस धारा में “पास” और “टिकट” के वही अर्थ हैं जो धारा 124 में इनके हैं ।
(2) यदि मंजिली गाड़ी का कंडक्टर या मंजिली गाड़ी का ड्राइवर जो ऐसी मंजिली गाड़ी के ऐसे कंडक्टर के कृत्यों का पालन कर रहा है, जिसका यह कर्तव्य है कि-
(क) वह मंजिली गाड़ी में यात्रा करने वाले व्यक्ति द्वारा भाड़ा दिए जाने पर उसे टिकट दें, जानबूझकर या उपेक्षापूर्वक-
(i) भाड़ा दिए जाने पर उसे स्वीकार करने में असफल रहेगा या इंकार करेगा; या
(ii) टिकट देने में असफल रहेगा या इन्कार करेगा; या
(iii) अवैध टिकट देगा; या
(iv) कम मूल्य का टिकट देगा; या
(ख) वह किसी पास या टिकट की जांच करे, जानबूझकर या उपेक्षापूर्वक ऐसा करने में असफल रहेगा या इंकार करेगा, तो वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा।
(3) यदि ठेका गाड़ी का परमिट धारक या ड्राइवर इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के उल्लंघन में ठेका गाड़ी के चलाने या यात्रियों को ले जाने से इंकार करेगा तो वह-
(क) दो पहिए या तीन पहिए वाले मोटर यानों की दशा में, जुर्माने से, जो पचास रुपए तक का हो सकेगा. दण्डनीय होगा; और
(ख) किसी अन्य दशा में, जुर्माने से, जो पाँच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा।

Penalty for travelling without pass or ticket and for dereliction of duty on the part of conductor and refusal to ply contract carriage etc-
(1) Whoever travels in a stage carriage without having a proper pass or ticket with him or being in or having alighted from a stage carriage fails or refuses to present for examination or to deliver up his pass or ticket immediately on a requisition being made therefor, shall be punishable with fine which may extend to five hundred rupees.
Explanation- In this section, “pass” and “ticket” have the meanings respectively assigned to them in section 124.
(2) If the conductor of a stage carriage, or the driver of a stage carriage performing the functions of a conductor in such stage carriage, whose duty is-
(a) to supply a ticket to a person travelling in a stage carriage on payment of fare by such person, either wilfully or negligently-
(i) fails or refuses to accept the fare when tendered; or
(ii) fails or refuses to supply a ticket; or
(iii) supplies an invalid ticket; or
(iv) supplies a ticket of a lesser value; or
(b) to check any pass or ticket, either wilfully or negligently fails or refuses to do so,
he shall be punishable with fine which may extend to five hundred rupees.
(3) If the holder of a permit or the driver of a contract carriage refuses, in contravention of the provisions of this Act or rules made thereunder, to ply the contract carriage or to carry the passengers, he shall-
(a) in the case of two-wheeled or three-wheeled motor vehicles, be punishable with fine which may extend to fifty rupees; and
(b) in any other case, be punishable with fine which may extend to five hundred rupees.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 178 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177A | अपराधों के दण्ड के लिए साधारण उपबंध | MV Act, Section- 177A in hindi | General provision for punishment of offences.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177A के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 177A, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 177A का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -177A के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई धारा 118 के अधीन बनाए गए विनियमों का उल्लंघन करता है, वह ऐसे जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए से कम का नहीं होगा किन्तु एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 177A के अनुसार

धारा 118 के अधीन विनियमों के उल्लंघन के लिए शास्ति-

जो कोई धारा 118 के अधीन बनाए गए विनियमों का उल्लंघन करता है, वह ऐसे जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए से कम का नहीं होगा किन्तु एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा।

Penalty for contravention of Regulations under section 118-
Whoever contravenes the regulations made under section 118, shall be punishable with fine which shall not be less than five hundred rupees, but may extend to one thousand rupees.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 177A की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।