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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 139 | केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति | MV Act, Section- 139 in hindi | Power of Central Government to make rules.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 139 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 139, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 139 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -139 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निम्नलिखित सभी प्रयोजनों या उनमें से किसी के लिए, नियम बनाने की शक्ति है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 139 के अनुसार

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति-

(1) केन्द्रीय सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निम्नलिखित सभी प्रयोजनों या उनमें से किसी के लिए, नियम बना सकेगी, अर्थात :-
(क) ऐसे व्यक्तियों को, जो भारत से अस्थाई रूप से भारत के बाहर किसी स्थान को मोटर यान ले जा रहे हैं, अथवा जो भारत से अस्थाई रूप से भारत के बाहर किसी स्थान को जा रहे हैं और जिनकी इच्छा भारत से अपनी अनुपस्थिति के दौरान मोटर यान चलाने की है, यात्रा पासों, प्रमाण-पत्रों या प्राधिकार-पत्रों का दिया जाना और उनका अधिप्रमाणीकरण;
(ख) वे शर्ते विहित करना, जिनके अधीन भारत के बाहर से भारत में ऐसे व्यक्तियों द्वारा, जिनका भारत में अस्थाई रूप से ठहरने का इरादा है, अस्थाई रूप से लाए गए मोटर यान भारत में कब्जे में रखे जा सकेंगे और उनका उपयोग किया जा सकेगा; और
(ग) वे शर्ते विहित करना जिनके अधीन भारत में अस्थाई रूप से ठहरने के लिए भारत के बाहर के किसी स्थान से भारत में प्रवेश करने वाले व्यक्ति भारत में मोटर यान चला सकेंगे ।
(2) उन मोटर यानों की सेवाओं को सुगम और विनियमित करने के प्रयोजन के लिए, जो भारत और किसी अन्य देश के बीच किसी पारस्परिक ठहराव के अधीन चल रही है, और जो यात्री या माल दोनों का भाड़े या पारिश्रमिक पर सड़क द्वारा वहन करते हैं, केन्द्रीय सरकार निम्नलिखित सभी बातों या उनमें से किसी के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियम बना सकेगी, अर्थात्:-
(क) वे शर्ते जिनके अधीन वे मोटर यान, जो ऐसी सेवाएं कर रहे हैं, भारत के बाहर से भारत में लाए जा सकेंगे और भारत में कब्जे में रखे जा सकेंगे और उनका उपयोग किया जा सकेगा;
(ख) वे शर्ते जिनके अधीन मोटर यान भारत के किसी स्थान से भारत के बाहर किसी स्थान को ले जाए जा सकेंगे।
(ग) वे शर्ते जिनके अधीन ऐसे मोटर यानों के ड्राइवरों और कंडक्टरों के रूप में नियोजित व्यक्ति या भारत में आ सकेंगे या भारत से जा सकेंगे;
(घ) ऐसे मोटर यानों के ड्राइवरों और कंडक्टरों के रूप में नियोजित व्यक्तियों को यात्रा पासों, प्रमाण-पत्रों या प्राधिकार-पत्रों का दिया जाना और उनका अधिप्रमाणीकरण;
(ङ) ऐसे मोटर यानों पर प्रदर्शित की जाने वाली (रजिस्ट्रीकरण चिह्नों से भिन्न) विशिष्टियां और वह रीति जिससे ऐसी विशिष्टियां प्रदर्शित की जानी है;
(च) ऐसे मोटर यानों के साथ ट्रेलरों का उपयोग;
(छ) ऐसे मोटर यानों तथा उनके ड्राइवरों और कंडक्टरों को [उपधारा (4) में निर्दिष्ट से भिन्न] इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के सब या किन्हीं उपबंधों से छूट;
(ज) ऐसे मोटर यानों के ड्राइवरों और कंडक्टरों की पहचान;
(झ) खोए या विरूपित यात्रा पासों, प्रमाण-पत्रों या प्राधिकार-पत्रों, परमिटों, अनुज्ञप्तियों या किन्हीं अन्य विहित दस्तावेजों का प्रतिस्थापन उतनी फीस देने पर किया जाना जितनी विहित की जाए;
(ञ) सीमाशुल्क, पुलिस या स्वास्थ्य से संबंधित सड़क परिवहन सेवाओं को सुगम करने की दृष्टि से उन्हें ऐसी विधियों के उपबंधों से छूट;
(ट) कोई अन्य बात जो विहित की जानी है या की जाए ।
(3) इस धारा के अधीन बनाया गया कोई नियम ऐसे प्रवर्तित न होगा कि उससे किसी व्यक्ति को किसी राज्य में कोई ऐसा कर देने से उन्मुक्ति मिल जाए जो उस राज्य में मोटर यानों या उनके उपभोक्ताओं से उद्गृहीत किया जाता है।
(4) इस अधिनियम की या इसके अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए किसी नियम की कोई बात जो :-
(क) मोटर यानों के रजिस्ट्रीकरण और उनकी पहचान से संबंधित है; या
(ख) मोटर यानों के निर्माण, अनुरक्षण और उपस्कर की आवश्यकताओं से संबंधित है, या
(ग) मोटर यानों के ड्राइवरों और कंडक्टरों के अनुज्ञापन तथा अर्हताओं से संबंधित है, निम्नलिखित को लागू नहीं होगी, अर्थात् :-
(i) ऐसा कोई मोटर यान जिसे या किसी मोटर यान का ऐसा ड्राइवर जिसे उपधारा (1) के खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन या उपधारा (2) के अधीन बनाए गए नियम लागू हैं; या
(ii) किसी मोटर यान का ऐसा कंडक्टर जिसे उपधारा (2) के अधीन बनाए गए नियम लागू।

Power of Central Government to make rules-
(1) The Central Government may, by notification in the Official Gazette, make rules for all or any of the following purposes, namely :–
(a) the grant and authentication of traveling passes, certificates, or authorizations to persons temporarily taking motor vehicles out of India to any place outside India or to persons temporarily proceeding out of India to any place outside India and desiring to drive a motor vehicle during their absence from India;
(b) prescribing the conditions subject to which motor vehicles brought temporarily into India from outside India by persons intending to make a temporary stay in India may be possessed and used in India; and
(c) prescribing the conditions subject to which persons entering India from any place outside India for a temporary stay in India may drive motor vehicles in India.
(2) For the purpose of facilitating and regulating the services of motor vehicles operating between India and any other country under any reciprocal arrangement and carrying passengers or goods or both by road for hire or reward, the Central Government may, by notification in the Official Gazette, make rules with respect to all or any of the following matters, namely :-
(a) the conditions subject to which motor vehicles carrying on such services may be brought into India from outside India and possessed and used in India;
(b) the conditions subject to which motor vehicles may be taken from any place in India to any place outside India;
(c) the conditions subject to which persons employed as drivers and conductors of such motor vehicles may enter or leave India;
(d) the grant and authentication of traveling passes, certificates or authorizations to persons employed as drivers and conductors of such motor vehicles;
(e) the particulars (other than registration marks) to be exhibited by such motor vehicles and the manner in which such particulars are to be exhibited;
(f) the use of trailers with such motor vehicles;
(g) the exemption of such motor vehicles and their drivers and conductors from all or any of the provisions of this Act [other than those referred to in sub-section (4)] or the rules made thereunder;
(h) the identification of the drivers and conductors of such motor vehicles;
(i) the replacement of the traveling passes, certificates or authorizations, permits, licenses or any other prescribed documents lost or defaced, on payment of such fee as may be prescribed;
(j) the exemption from the provisions of such laws as relating to customs, police, or health with a view to facilitating such road transport services;
(k) any other matter which is to be, or maybe, prescribed.
(3) No rule made under this section shall operate to confer on any person any immunity in any State from the payment of any tax levied in that State on motor vehicles or their users.
(4) Nothing in this Act or in any rule made thereunder by a State Government relating to :-
(a) the registration and identification of motor vehicles, or
(b) the requirements as to construction, maintenance, and equipment of motor vehicles, or
(c) the licensing and the qualifications of drivers and conductors of motor vehicles, shall apply–
(i) to any motor vehicle to which or to any driver of a motor vehicle to whom any rules made under clause (b) or clause (c) of sub-section (1) or under sub-section (2) apply; or
(ii) to any conductor of a motor vehicle to whom any rules made under subsection (2) apply.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 139 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 138 | राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति | MV Act, Section- 138 in hindi | Power of State Government to make rules.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 138 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 138, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 138 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -138 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन राज्य सरकार धारा 137 में विनिर्दिष्ट विषयों से भिन्न इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए नियम बनाने की शक्ति है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 138 के अनुसार

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति-

(1) राज्य सरकार धारा 137 में विनिर्दिष्ट विषयों से भिन्न इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए नियम बना सकेगी।
(1क) राज्य सरकार, सड़क सुरक्षा के हित में, गैर-यांत्रिक रूप से नोदित होने वाले यानों के क्रियाकलापों और उनकी तथा पैदल चलने वालों की, सार्वजनिक स्थानों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंच को विनियमित करने के प्रयोजनों के लिए नियम बना सकेगी:
परंतु राष्ट्रीय राजमार्गों की दशा में, ऐसे नियमों की विरचना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परामर्श से की जाएगी।
(2) पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित बातों के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात् :-
(क) जो यान सड़कों पर बिगड़ गए हैं या खड़े छोड़ दिए गए हैं या परित्यक्त कर दिए गए हैं, उनको भार सहित हटाना और उनकी निरापद अभिरक्षा;
(ख) तोलने के यंत्रों का लगाया जाना और उनका उपयोग;
(ग) मार्गस्थ सुख-सुविधा प्रक्षेत्रों का रख-रखाव और प्रबंध;
(घ) दमकल-दल यानों, रोगी वाहनों और अन्य विशेष वर्गों या वर्णन के यानों को इस अध्यायी के सभी या किन्हीं उपबंधों से ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए छूट जो विहित की जाएं;
(ङ) पार्किंग स्थल और अड्डों का रख-रखाव और प्रबंध तथा उनके उपयोग के लिए प्रभारित की जाने वाली फीसें, यदि कोई हों;
(च) मोटर यान को पहाड़ी की ढलान पर गियर लगाए बिना या तो साधारणतया या किसी विनिर्दिष्ट स्थान में चलाने का प्रतिषेध;
(छ) चलते मोटर यान को पकड़ने या उस पर चढ़ने का प्रतिषेध;
(ज) मोटर यानों द्वारा पैदल मार्ग या पटरी मार्ग के उपयोग का प्रतिषेध;
(झ) साधारणतया जनता या किसी व्यक्ति को खतरे, क्षति या क्षोभ का अथवा सम्पत्ति को खतरे या क्षति का अथवा यातायात में बाधा का निवारण; और
(ञ) कोई अन्य बात जो विहित की जानी है या की जाए।

Power of State Government to make rules-
(1) The State Government may make rules for the purpose of carrying into effect the provisions of this Chapter other than the matters specified in section 137.
(1A) The State Government may, in the interest of road safety, make rules for the purposes of regulating the activities and access of non-mechanically propelled vehicles and pedestrians to public places and national highways:
Provided that in the case of national highways, such rules shall be framed in consultation with the National Highways Authority of India.
(2) Without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for :-
(a) the removal and the safe custody of vehicles including their loads which have broken down or which have been left standing or have been abandoned on roads;
(b) the installation and use of weighing devices;
(c) the maintenance and management of wayside amenities complexes;
(d) the exemption from all or any of the provisions of this Chapter of Fire Brigade vehicles, ambulances, and other special classes or descriptions of the vehicle, subject to such conditions as may be prescribed;
(e) the maintenance and management of parking places and stands and the fees, if any, which may be charged for their use;
(f) prohibiting the driving downhill of a motor vehicle with the gear disengaged either generally or in a specified place;
(g) prohibiting the taking hold of or mounting of a motor vehicle in motion;
(h) prohibiting the use of foot-paths or pavements by motor vehicles;
(i) generally, the prevention of danger, injury, or annoyance to the public or any person, or of danger or injury to property or of obstruction to traffic; and
(j) any other matter which is to be, or maybe, prescribed.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 138 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 137 | केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति | MV Act, Section- 137 in hindi | Power of Central Government to make rules.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 137 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 137, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 137 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -137 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन केन्द्रीय सरकार, निम्नलिखित सभी बातों या उनमें से किसी का उपबंध करने के लिए नियम बनाने की शक्ति है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 137 के अनुसार

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति-

केन्द्रीय सरकार, निम्नलिखित सभी बातों या उनमें से किसी का उपबंध करने के लिए नियम बना सकेगी, अर्थात् :-
(क) ऐसे अवसर जिन पर मोटर यानों के ड्राइवरों द्वारा संकेत किए जाएंगे और धारा 121 के अधीन ऐसे संकेत;
(कक) धारा 129 के अधीन सुरक्षात्मक सिर के पहनावे के मानकों और सवारी करने वाले चार वर्ष से कम आयु के बालकों की सुरक्षा हेतु उपायों का उपबंध करने;
(ख) वह रीति जिससे धारा 130 के अधीन पुलिस अधिकारी को अनुज्ञप्तियां और प्रमाण-पत्र पेश किए जा सकेंगे;
(ग) राज्य सरकारों द्वारा धारा 136क की उपधारा (1) के अधीन नगरों की सीमाओं का उपबंध करना; और
(घ) धारा 136क की उपधारा (2) के अधीन इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन के लिए उपबंध करना।

Power of Central Government to make rules-
The Central Government may make rules to provide for all or any of the following matters, namely :-
(a) the occasions on which signals shall be made by drivers of motor vehicles and such signals under section 121;
(aa) providing for the standards of protective headgear and measures for the safety of children below the age of four years riding under section 129;
(b) the manner in which the licences and certificates may be produced to the police officer under section 130;
(c) providing for limits of urban city by the State Governments under sub section (1) of section 136A; and
(d) providing for electronic monitoring and enforcement under sub-section(2) of section 136A.

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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 136A | सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन | MV Act, Section- 136A in hindi | Electronic monitoring and enforcement of road safety.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 136A के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136A, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136A का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -136A के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन राज्य सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, राज्य के भीतर ऐसी सड़कों या ऐसे किसी शहरी नगर में, जिसकी जनसंख्या ऐसी सीमाओं तक है, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, सड़कों पर उपधारा (2) के अधीन उपबंधित रीति में सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन सुनिश्चित करेगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136A के अनुसार

सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन-

(1) राज्य सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, राज्य के भीतर ऐसी सड़कों या ऐसे किसी शहरी नगर में, जिसकी जनसंख्या ऐसी सीमाओं तक है, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, सड़कों पर उपधारा (2) के अधीन उपबंधित रीति में सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन सुनिश्चित करेगी।
(2) केन्द्रीय सरकार, सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक मानीटरी और प्रवर्तन के लिए नियम बनाएगी, जिसके अंतर्गत गति मापक कैमरा, क्लोज्ड सर्किट टेलीविजन कैमरा, गति मापक गन, शरीर पर पहने जाने वाले कैमरा और कोई अन्य प्रौद्योगिकी भी है।
स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजन के लिए, “शरीर पर पहने जाने वाले कैमरा” पद से राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति के शरीर या वर्दी पर पहनी जाने वाली मोबाइल श्रव्य और दृश्य रिकार्ड करने वाली युक्ति अभिप्रेत है।

Electronic monitoring and enforcement of road safety-
(1) The State Government shall ensure electronic monitoring and enforcement of road safety in the manner provided under sub-section (2) on national highways, state highways, roads, or in any urban city within a State which has a population up to such limits as may be prescribed by the Central Government.
(2) The Central Government shall make rules for the electronic monitoring and enforcement of road safety including speed cameras, closed-circuit television cameras, speed guns, body wearable cameras, and such other technology.
Explanation- For the purpose of this section the expression “body wearable camera” means a mobile audio and video capture device worn on the body or uniform of a person authorized by the State Government.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 136A की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 136 | दुर्घटनाग्रस्त यान का निरीक्षण | MV Act, Section- 136 in hindi | Inspection of vehicle, involved in an accident.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 136 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -136 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन जब कोई मोटर यान दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तब राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई व्यक्ति, उस दशा में अपना प्राधिकार पेश करके, जब उससे वैसी अपेक्षा की गई है, यान का निरीक्षण कर सकेगा और उस प्रयोजन के लिए किसी भी उचित समय पर ऐसे किसी परिसर में प्रवेश कर सकेगा जिसमें वह यान हो और यान को परीक्षा के लिए वहां से ले जा सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 136 के अनुसार

दुर्घटनाग्रस्त यान का निरीक्षण-

जब कोई मोटर यान दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तब राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई व्यक्ति, उस दशा में अपना प्राधिकार पेश करके, जब उससे वैसी अपेक्षा की गई है, यान का निरीक्षण कर सकेगा और उस प्रयोजन के लिए किसी भी उचित समय पर ऐसे किसी परिसर में प्रवेश कर सकेगा जिसमें वह यान हो और यान को परीक्षा के लिए वहां से ले जा सकेगा:
परन्तु वह स्थान जहां वह यान इस प्रकार ले जाया जाता है, यान के स्वामी को बता दिया जाएगा और यान, उसके स्वामी, ड्राइवर या भारसाधक व्यक्ति को, औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात् चौबीस घंटे के भीतर लौटा दिया जाएगा।

Inspection of vehicle, involved in an accident-
When any accident occurs in which a motor vehicle is involved, any person authorized in this behalf by the State Government may, on production if so required of his authority, inspect the vehicle and for that purpose may enter at any reasonable time any premises where the vehicle may be, and may remove the vehicle for examination:
Provided that the place to which the vehicle is so removed shall be intimated to the owner of the vehicle and the vehicle shall be returned after completion of the formalities to the owner, driver or the person in charge of the vehicle within twenty-four hours.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 136 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 135 | दुर्घटना के मामलों का अन्वेषण करने और मार्गस्थ सुख-सुविधाओं आदि के लिए स्कीमें बनाना | MV Act, Section- 135 in hindi | Schemes to be framed for the investigation of accident cases and wayside amenities, etc.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 135 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 135, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 135 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -135 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन जब किसी मोटर यान के कारण हुई दुर्घटना के मामलों का अन्वेषण करने और मार्गस्थ सुख-सुविधाओं आदि के लिए स्कीमें इस धारा मे बताये गये है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 135 के अनुसार

दुर्घटना के मामलों का अन्वेषण करने और मार्गस्थ सुख-सुविधाओं आदि के लिए स्कीमें बनाना-

(1) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, निम्नलिखित के लिए उपबंध करने के लिए एक या अधिक स्कीमें बना सकेगी, अर्थात् :-
(क) मोटर यान दुर्घटनाओं के कारणों की बाबत गहन अध्ययन और विश्लेषण;
(ख) राजमार्गों पर मार्गस्थ सुख-सुविधाएं;
(ग) राजमार्गों पर यातायात सहायता चौकियां; [***]
(घ) राजमार्गों पर ट्रकों के खड़ा करने के लिए प्रक्षेत्र; और
(ङ) जनता की सुरक्षा और सुविधा के हितों में कोई अन्य सुविधाएं ।
(2) किसी राज्य सरकार द्वारा इस धारा के अधीन बनाई गई प्रत्येक स्कीम बनाए जाने के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र राज्य विधान-मंडल के समक्ष रखी जाएगी।
(3) केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और विश्लेषण के संबंध में गहन अध्ययन करने के लिए एक या अधिक स्कीमें बना सकेगी।

Schemes to be framed for the investigation of accident cases and wayside amenities, etc-
(1) The State Government may, by notification in the Official Gazette, make one or more schemes to provide for-
(a) an in depth study on causes and analysis of motor vehicle accidents;
(b) wayside amenities on highways;
(c) traffic aid posts on highways; [***]
(d) truck parking complexes along highways; and
(e) any other amenities in the interests of the safety and the convenience of the public.
(2) Every scheme made under this section by any State Government shall be laid, as soon as may be after it is made, before the State Legislature.
(3) The Central Government may, by notification in the Official Gazette, make one or more schemes to conduct in-depth studies on the causes and analysis of road accidents.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 135 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।