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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 | सुरक्षात्मक सिर के पहनावे का पहना जाना | MV Act, Section- 129 in hindi | Wearing of protective headgear.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 129, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 129 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -129 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जिसकी आयु चार वर्ष से अधिक है और जो किसी वर्ग या विवरण की मोटर साइकिल का चालन या उसकी सवारी कर रहा है या उस पर ले जाया जा रहा है और जब वह सार्वजनिक स्थान पर हो, ऐसे मानकों के अनुरूप सुरक्षात्मक सिर के पहनावे अर्थात् हेलमेट का उपयोग करना जरूरी है, इस अधिनयिम मे बताया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 129 के अनुसार

सुरक्षात्मक सिर के पहनावे का पहना जाना-

ऐसा प्रत्येक व्यक्ति, जिसकी आयु चार वर्ष से अधिक है और जो किसी वर्ग या विवरण की मोटर साइकिल का चालन या उसकी सवारी कर रहा है या उस पर ले जाया जा रहा है और जब वह सार्वजनिक स्थान पर हो, ऐसे मानकों के अनुरूप सुरक्षात्मक सिर के पहनावे को पहनेगा, जैसा केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए :
परंतु इस धारा के उपबंध ऐसे किसी व्यक्ति को लागू नहीं होंगे, जो कि सिख है और जब वह सार्वजनिक स्थान पर मोटर साइकिल का चालन या उस पर सवारी कर रहा हो, तो पगड़ी धारण कर रहा है :
परंतु यह और कि केन्द्रीय सरकार नियमों द्वारा मोटर साइकिल का चालन या उस पर सवारी करने वाले चार वर्ष से कम आयु की बालकों की सुरक्षा के लिए उपायों का उपबंध कर सकेगी ।
स्पष्टीकरण- “सुरक्षात्मक सिर के पहनावे” से ऐसा कोई हेलमेट अभिप्रेत है-
(क) जिससे उसके आकार, सामग्री और संरचना के कारण युक्तियुक्त रूप से यह आशा की जा सकती है कि वह किसी दुर्घटना की दशा में किसी मोटर साइकिल का चालन या उस पर सवारी करने वाले व्यक्ति को शारीरिक क्षति से किसी हद तक सुरक्षा प्रदान करेगा; और
(ख) जिसे उसको पहनने वाले व्यक्ति के सिर पर सुरक्षित रूप से, सिर के पहनावे में लगे हुए स्ट्रैप या अन्य बंधकों के द्वारा कस कर बांधा जाता है।

Wearing of protective headgear-
Every person, above four years of age, driving or riding or being carried on a motorcycle of any class or description shall, while in a public place, wear protective headgear conforming to such standards as may be prescribed by the Central Government:
Provided that the provisions of this section shall not apply to a person who is a Sikh, if, while driving or riding on the motorcycle, in a public place, he is wearing a turban :
Provided further that the Central Government may by rules provide for measures for the safety of children below four years of age riding or being carried on a motorcycle.
Explanation- “Protective headgear” means a helmet which,-
(a) by virtue of its shape, material and construction, could reasonably be expected to afford to the person driving or riding on a motorcycle a degree of protection from injury in the event of an accident; and
(b) is securely fastened to the head of the wearer by means of straps or other fastenings provided on the headgear.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 129 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 | ड्राइवरों और पिछली सवारियों के लिए सुरक्षा उपाय | MV Act, Section- 128 in hindi | Safety measures for drivers and pillion riders.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 128, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 128 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -128 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन दो पहिए वाले मोटर साइकिल का डाइवर मोटर साइकिल पर अपने अतिरिक्त एक से अधिक व्यक्ति नहीं ले जाएगा और ऐसा कोई व्यक्ति ड्राइवर की सीट के पीछे उपयुक्त सुरक्षा उपायों से दृढ़ता से लगी हुई समुचित सीट पर बैठा कर ही ले जाया जाएगा, दो पहिया मोटर साइकिलों और उनकी पिछली सवारियों के लिए अन्य सुरक्षा उपाय विहित कर सकेगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 128 के अनुसार

ड्राइवरों और पिछली सवारियों के लिए सुरक्षा उपाय-

(1) दो पहिए वाले मोटर साइकिल का डाइवर मोटर साइकिल पर अपने अतिरिक्त एक से अधिक व्यक्ति नहीं ले जाएगा और ऐसा कोई व्यक्ति ड्राइवर की सीट के पीछे उपयुक्त सुरक्षा उपायों से दृढ़ता से लगी हुई समुचित सीट पर बैठा कर ही ले जाया जाएगा, अन्यथा नहीं ।
(2) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (1) में उल्लिखित सुरक्षा उपायों के अतिरिक्त, दो पहिया मोटर साइकिलों और उनकी पिछली सवारियों के लिए अन्य सुरक्षा उपाय विहित कर सकेगी।

Safety measures for drivers and pillion riders-
(1) No driver of a two-wheeled motorcycle shall carry more than one person in addition to himself on the motorcycle and no such person shall be carried otherwise than sitting on a proper seat securely fixed to the motorcycle behind the driver’s seat with appropriate safety measures.
(2) In addition to the safety measures mentioned in sub-section (1), the Central Government may, prescribe other safety measures for the drivers of two-wheeled motorcycles and pillion riders thereon.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 128 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 127 | सार्वजनिक स्थान पर परित्यक्त या अकेला छोड़े गए मोटर यानों का हटाया जाना | MV Act, Section- 126 in hindi | Removal of motor vehicles abandoned or left unattended on a public place.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 127 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 127, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 127 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -127 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन जहां कोई मोटर यान किसी सार्वजनिक स्थान पर दस घंटे या उससे अधिक तक परित्यक्त या अकेला छोड़ दिया जाता है अथवा किसी ऐसे स्थान पर खड़ा किया जाता है जहां ऐसा खड़ा किया जाना विधिक रूप से प्रतिषिद्ध है वहां अधिकारिता प्राप्त वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी, यान अनुकर्षण सेवा द्वारा उसके हटाने को अथवा किसी अन्य साधन द्वारा, जिसके अंतर्गत पहिया क्लैम्पन है, उसकी निश्चलता को प्राधिकृत कर सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 127 के अनुसार

सार्वजनिक स्थान पर परित्यक्त या अकेला छोड़े गए मोटर यानों का हटाया जाना-

(1) जहां कोई मोटर यान किसी सार्वजनिक स्थान पर दस घंटे या उससे अधिक तक परित्यक्त या अकेला छोड़ दिया जाता है अथवा किसी ऐसे स्थान पर खड़ा किया जाता है जहां ऐसा खड़ा किया जाना विधिक रूप से प्रतिषिद्ध है वहां अधिकारिता प्राप्त वर्दी पहने हुए पुलिस अधिकारी, यान अनुकर्षण सेवा द्वारा उसके हटाने को अथवा किसी अन्य साधन द्वारा, जिसके अंतर्गत पहिया क्लैम्पन है, उसकी निश्चलता को प्राधिकृत कर सकेगा।
(2) जहां कोई परित्यक्त, अकेला छोड़ा गया, टूटा हुआ, जला हुआ या आंशिक रूप से खुला हुआ यान, सार्वजनिक स्थान के संबंध में, उसकी स्थिति के कारण, यातायात संकट उत्पन्न कर रहा है अथवा उसकी विद्यमानता यातायात में बाधा उत्पन्न कर रही है वहां अधिकारिता प्राप्त पुलिस अधिकारी द्वारा उसको यान अनुकर्षण सेवा द्वारा सार्वजनिक स्थान से तुरंत हटाने के लिए प्राधिकृत किया जा सकता है।
(3) जहां कोई यान उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी पुलिस अधिकारी द्वारा हटाए जाने के लिए प्राधिकृत किया जाता है, वहां यान का स्वामी सभी अनुकर्षण खर्चों तथा उसके अतिरिक्त किसी अन्य शास्ति के लिए भी उत्तरदायी होगा।

Removal of motor vehicles abandoned or left unattended on a public place-
(1) Where any motor vehicle is abandoned or left unattended on a public place for ten hours or more or is parked in a place where parking is legally prohibited, its removal by a towing service or its immobilisations by any means including wheel clamping may be authorised by a police officer in uniform having jurisdiction.
(2) Where an abandoned, unattended, wrecked, burnt or partially dismantled vehicle is creating a traffic hazard because of its position in relation to the [public place] or its physical appearance is causing the impediment to the traffic, its immediate removal from the [public place] by a towing service may be authorised by a police officer having jurisdiction.
(3) Where a vehicle is authorised to be removed under sub-section (1) or sub-section (2) by a police officer, the owner of the vehicle shall be responsible for all towing costs, besides any other penalty.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 127 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 126 | खड़े यान | MV Act, Section- 126 in hindi | Stationary vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 126 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 126, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 126 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -126 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन कोई भी व्यक्ति, जो मोटर यान चला रहा है या उसका भारसाधक है, उस यान को किसी सार्वजनिक स्थान में उस दशा के सिवाय खड़ा न रखेगा या खड़ा रखने की अनुज्ञा न देगा, जब ड्राइवर की सीट पर ऐसा व्यक्ति है जो उस यान को चलाने के लिए सम्यक् रूप से अनुज्ञप्त है अथवा जब उसकी यांत्रिक क्रिया बंद कर दी गई है और ब्रेक लगा दिया गया है या लगा दिए गए हैं या ऐसे अन्य उपाय कर लिए गए हैं जिनसे यह सुनिश्चित हो गया है कि ड्राइवर की अनुपस्थिति में वह यान घटनावश चल नहीं सकता।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 126 के अनुसार

खड़े यान-

कोई भी व्यक्ति, जो मोटर यान चला रहा है या उसका भारसाधक है, उस यान को किसी सार्वजनिक स्थान में उस दशा के सिवाय खड़ा न रखेगा या खड़ा रखने की अनुज्ञा न देगा, जब ड्राइवर की सीट पर ऐसा व्यक्ति है जो उस यान को चलाने के लिए सम्यक् रूप से अनुज्ञप्त है अथवा जब उसकी यांत्रिक क्रिया बंद कर दी गई है और ब्रेक लगा दिया गया है या लगा दिए गए हैं या ऐसे अन्य उपाय कर लिए गए हैं जिनसे यह सुनिश्चित हो गया है कि ड्राइवर की अनुपस्थिति में वह यान घटनावश चल नहीं सकता ।

Stationary vehicles-
No person driving or in charge of a motor vehicle shall cause or allow the vehicle to remain stationary in any public place, unless there is in the driver’s seat a person duly licensed to drive the vehicle or unless the mechanism has been stopped and a brake or brakes applied or such other measures taken as to ensure that the vehicle cannot accidentally be put in motion in the absence of the driver.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 126 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 125 | ड्राइवर को बाधा | MV Act, Section- 125 in hindi | Obstruction of driver.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 125 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 125, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 125 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -125 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन मोटर यान चलाने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी रीति से या ऐसी जगह पर किसी व्यक्ति को खड़ा रहने या बैठने अथवा किसी वस्तु को रखने की अनुज्ञा न देगा जिससे यान पर अपना नियंत्रण रखने में ड्राइवर को रुकावट हो।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 125 के अनुसार

ड्राइवर को बाधा-

मोटर यान चलाने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी रीति से या ऐसी जगह पर किसी व्यक्ति को खड़ा रहने या बैठने अथवा किसी वस्तु को रखने की अनुज्ञा न देगा जिससे यान पर अपना नियंत्रण रखने में ड्राइवर को रुकावट हो।

Obstruction of driver-
No person driving a motor vehicle shall allow any person to stand or sit or to place anything in such a manner or position as to hamper the driver in his control of the vehicle.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 125 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 124 | पास या टिकट के बिना यात्रा करने का प्रतिषेध | MV Act, Section- 124 in hindi | Prohibition against traveling without a pass or ticket.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 124 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 124, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 124 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -124 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन कोई व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी में यात्रा करने के प्रयोजन के लिए तभी प्रवेश करेगा या उसमें रहेगा. जब उसके पास समुचित पास या टिकट हो, अन्यथा नहीं, परन्तु जहां मंजिली गाड़ी में ऐसे टिकट देने का प्रबंध है, जिसे लेकर किसी व्यक्ति को यात्रा करनी होती है, वहां कोई व्यक्ति ऐसी मंजिली गाड़ी में प्रवेश कर सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 124 के अनुसार

पास या टिकट के बिना यात्रा करने का प्रतिषेध-

कोई व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी में यात्रा करने के प्रयोजन के लिए तभी प्रवेश करेगा या उसमें रहेगा. जब उसके पास समुचित पास या टिकट हो, अन्यथा नहीं :
परन्तु जहां मंजिली गाड़ी में ऐसे टिकट देने का प्रबंध है, जिसे लेकर किसी व्यक्ति को यात्रा करनी होती है, वहां कोई व्यक्ति ऐसी मंजिली गाड़ी में प्रवेश कर सकेगा, किन्तु उसमें प्रवेश करन के पश्चात् यथाशक्य शीघ्र वह अपना किराया कंडक्टर या ड्राइवर को, जो कंडक्टर के कृत्यों का पालन करता हो, देगा और, यथास्थिति ऐसे कंडक्टर या ड्राइवर से अपनी यात्रा के लिए टिकट लेगा ।
स्पष्टीकरण- इस धारा में–
(क) “पास” से अभिप्रेत है कर्त्तव्य, विशेषाधिकार या सौजन्य पास जिससे वह व्यक्ति, जिसे यह पास दिया जाता है, मंजिली गाड़ी में निःशुल्क यात्रा करने का हकदार होता है और इसके अंतर्गत वह पास भी है जो उसमें विनिर्दिष्ट अवधि के लिए मंजिली गाड़ी में यात्रा के लिए संदाय किए जाने पर जारी किया गया है;
(ख) “टिकट” के अंतर्गत एकल टिकट, वापसी टिकट या सीजन टिकट भी है।

Prohibition against traveling without a pass or ticket-
No person shall enter or remain in any stage carriage for the purposes of travelling therein unless he has with him a proper pass or ticket :
Provided that where arrangements for the supply of tickets are made in the stage carriage by which a person has to travel, a person may enter such stage carriage but as soon as may be after his entry therein, he shall make the payment of his fare to the conductor or the driver who performs the functions of a conductor and obtain from such conductor or driver, as the case may be, a ticket for his journey.
Explanation- In this section-
(a) “pass” means a duty, privilege or courtesy pass entitling the person to whom it is given to travel in a stage carriage gratuitously and includes a pass issued on payment for travel in a stage carriage for the period specified therein;
(b) “ticket” includes a single ticket, a return ticket or a season ticket.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 124 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।