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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 61 | अध्याय का ट्रेलरों को लागू होना | MV Act, Section- 61 in hindi | Application of Chapter to trailers.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 61 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 61, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 61 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -61 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन इस अध्याय के उपबंध ट्रेलरों के रजिस्ट्रीकरण को वैसे ही लागू होंगे जैसे वे किसी अन्य मोटर यान के रजिस्ट्रीकरण को लागू होते हैं । ट्रेलर को दिया गया रजिस्ट्रीकरण चिह्न चलाने वाले यान के एक तरफ ऐसी रीति से प्रदर्शित किया जाएगा जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 61 के अनुसार

अध्याय का ट्रेलरों को लागू होना-

(1) इस अध्याय के उपबंध ट्रेलरों के रजिस्ट्रीकरण को वैसे ही लागू होंगे जैसे वे किसी अन्य मोटर यान के रजिस्ट्रीकरण को लागू होते हैं ।
(2) ट्रेलर को दिया गया रजिस्ट्रीकरण चिह्न चलाने वाले यान के एक तरफ ऐसी रीति से प्रदर्शित किया जाएगा जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए।
(3) कोई व्यक्ति उस मोटर यान को, जिसके साथ ट्रेलर संलग्न किया गया है या किए गए हैं, तब तक नहीं चलाएगा जब तक इस प्रकार चलाए जाने वाले मोटर यान का रजिस्ट्रीकरण चिह्न यथास्थिति, ट्रेलर पर या श्रृंखला के अंतिम ट्रेलर पर ऐसी रीति से, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, प्रदर्शित न हो।

Application of Chapter to trailers-
(1) The provisions of this Chapter shall apply to the registration of trailers as they apply to the registration of any other motor vehicle.
(2) The registration mark assigned to a trailer shall be displayed in such manner on the side of the drawing vehicle as may be prescribed by the Central Government.
(3) No person shall drive a motor vehicle to which a trailer is or trailers are attached unless the registration mark of the motor vehicle so driven is displayed on the trailer or on the last trailer in the train, as the case may be, in such manner as may be prescribed by the Central Government.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 61 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 60 | केन्द्रीय सरकार के यानों का रजिस्ट्रीकरण | MV Act, Section- 60 in hindi | Registration of vehicles belonging to the Central Government.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 60 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 60, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 60 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -60 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे, ऐसे किसी मोटर यान को रजिस्टर कर सकेगा, जो केन्द्रीय सरकार की संपत्ति है या उस समय अनन्य रूप से उस सरकार के नियंत्रण में है और उसका उपयोग देश की रक्षा से संबंधित सरकारी प्रयोजनों के लिए किया जाता है और जो किसी वाणिज्यिक उद्यम से संबद्ध नहीं है और इस प्रकार रजिस्ट्रीकृत यान की बाबत जब तक वह केन्द्रीय सरकार की संपत्ति रहती है, तब तक यह केन्द्र सरकार के नियम के आधीन रहती है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 60 के अनुसार

केन्द्रीय सरकार के यानों का रजिस्ट्रीकरण-

(1) ऐसा प्राधिकारी, जिसे केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे, ऐसे किसी मोटर यान को रजिस्टर कर सकेगा, जो केन्द्रीय सरकार की संपत्ति है या उस समय अनन्य रूप से उस सरकार के नियंत्रण में है और उसका उपयोग देश की रक्षा से संबंधित सरकारी प्रयोजनों के लिए किया जाता है और जो किसी वाणिज्यिक उद्यम से संबद्ध नहीं है और इस प्रकार रजिस्ट्रीकृत यान की बाबत जब तक वह केन्द्रीय सरकार की संपत्ति बना रहता है, या उसके अनन्य नियंत्रण के अधीन रहता है, यह अपेक्षित न होगा कि उसे इस अधिनियम के अधीन अन्यथा रजिस्टर कराया जाए।
(2) उपधारा (1) के अधीन यान का रजिस्ट्रीकरण करने वाला प्राधिकारी केन्द्रीय सरकार द्वारा, इस निमित्त बनाए गए नियमों में अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार, रजिस्ट्रीकरण चिह्न देगा और उस यान की बाबत इस आशय का एक प्रमाण-पत्र जारी करेगा कि ऐसा यान उस समय इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों की सभी अपेक्षाओं की पूर्ति करता है और यह कि यान इस धारा के अधीन रजिस्ट्रीकृत है।
(3) इस धारा के अधीन रजिस्ट्रीकृत यान के पास उपधारा (2) के अधीन दिया गया प्रमाणपत्र होगा।
(4) यदि इस धारा के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई यान केन्द्रीय सरकार की संपत्ति या उसके अनन्य · नियंत्रण के अधीन नहीं रह जाता है तो धारा 39 और धारा 40 के उपबंध लागू होंगे ।
(5) किसी यान को उपधारा (1) के अधीन रजिस्टर करने वाला प्राधिकारी, किसी राज्य सरकार को यान के साधारण स्वरूप, संपूर्ण आकार और धुरी भार के बारे में ऐसी सभी जानकारी देगा जैसी वह राज्य सरकार किसी समय मांगे।

Registration of vehicles belonging to the Central Government-
(1) Such authority as the Central Government may, by notification in the Official Gazette, specify, may register any motor vehicle which is the property or for the time being under the exclusive control of the Central Government and is used for Government purposes relating to the defence of the country and unconnected with any commercial enterprise and any vehicle so registered shall not, so long as it remains the property or under the exclusive control of the Central Government, require to be registered otherwise under this Act.
(2) The authority registering a vehicle under sub-section (1) shall assign a registration mark in accordance with the provisions contained in the rules made in this behalf by the Central Government and shall issue a certificate in respect of that vehicle to the effect that such vehicle complies for the time being with all the requirements of this Act and the rules made thereunder and that the vehicle has been registered under this section.
(3) A vehicle registered under this section shall carry the certificate issued under sub-section (2).
(4) If a vehicle registered under this section ceases to be the property or under the exclusive control of the Central Government, the provisions of sections 39 and 40 shall thereupon apply.
(5) The authority registering a vehicle under sub-section (1) shall furnish to any State Government all such information regarding the general nature, overall dimensions and axle weights of the vehicle as the State Government may at any time require.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 60 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 59 | मोटर यान की आयु सीमा नियत करने की शक्ति | MV Act, Section- 59 in hindi | Power to fix the age limit of motor vehicle.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 59 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 59, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 59 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -59 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन केन्द्रीय सरकार, लोक सुरक्षा, सुविधा और इस अधिनियम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी मोटर यान का जीवन काल विनिर्दिष्ट कर सकेगी जिसकी गिनती उसके विनिर्माण की तारीख से की जाएगी, जिसके अवसान के पश्चात् उस मोटर यान के बारे में यह समझा जाएगा कि वह इस अधिनियम और उसके अधीन मोटर यान की आयु सीमा नियत की जायेगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 59 के अनुसार

मोटर यान की आयु सीमा नियत करने की शक्ति-

(1) केन्द्रीय सरकार, लोक सुरक्षा, सुविधा और इस अधिनियम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी मोटर यान का जीवन काल विनिर्दिष्ट कर सकेगी जिसकी गिनती उसके विनिर्माण की तारीख से की जाएगी, जिसके अवसान के पश्चात् उस मोटर यान के बारे में यह समझा जाएगा कि वह इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों की अपेक्षाओं की पूर्ति नहीं करता है:
परन्तु केन्द्रीय सरकार, विभिन्न वर्गों या विभिन्न प्रकार के मोटर यानों के लिए भिन्न-भिन्न आयु सीमाएं विनिर्दिष्ट कर सकेगी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, केन्द्रीय सरकार, किसी मोटर यान के प्रयोजन जैसे, किसी प्रदर्शनी के प्रयोजनों के लिए प्रदर्शन या उपयोग, तकनीकी अनुसंधान या किसी विंटेज कार रेली में भाग लेने के प्रयोजनों के लिए उपयोग को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी साधारण या विशेष आदेश द्वारा ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो ऐसी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाएं, किसी वर्ग या प्रकार के मोटरयान को, उस अधिसूचना में कथित प्रयोजन के लिए उपधारा (1) के प्रवर्तन से छूट दे सकेगी।
(3) धारा 56 में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी विहित प्राधिकारी या प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र, उपधारा (1) के अधीन जारी की गई किसी अधिसूचना के उपबंधों के उल्लंघन में किसी मोटर यान को ठीक हालत में होने का प्रमाण-पत्र नहीं देगा ।
(4) केन्द्रीय सरकार लोक सुरक्षा, सुविधा, पर्यावरण के संरक्षण और इस अधिनियम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए मोटर यानों और उनके भागों, जिनका जीवन पूरा हो चुका है, के पुन:चक्रण के लिए रीति विहित करने के लिए नियम बना सकेगी।

Power to fix the age limit of motor vehicle-
(1) The Central Government may, having regard to the public safety, convenience and objects of this Act, by notification in the Official Gazette, specify the life of a motor vehicle reckoned from the date of its manufacture, after the expiry of which the motor vehicle shall not be deemed to comply with the requirements of this Act and the rules made thereunder:
Provided that the Central Government may specify different ages for different classes or, different types of motor vehicles.
(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1), the Central Government may, having regard to the purpose of a motor vehicle, such as, display or use for the purposes of a demonstration in any exhibition, use for the purposes of technical research or taking part in a vintage car rally, by notification in the Official Gazette, exempt, by a general or special order, subject to such conditions as may be specified in such notification, any class or type of motor vehicle from the operation of sub-section (1) for the purpose to be stated in the notification.
(3) Notwithstanding anything contained in section 56, no prescribed authority or authorized testing station shall grant a certificate of fitness to a motor vehicle in contravention of the provisions of any notification issued under sub-section (1).
(4) The Central Government may, having regard to the public safety, convenience, protection of the environment and the objects of this Act, make rules prescribing the manner of recycling of motor vehicles and parts thereof which have exceeded their life.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 59 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 58 | परिवहन यानों के बारे में विशेष उपबंध | MV Act, Section- 58 in hindi | Special provisions in regard to transport vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 58 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 58, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 58 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -58 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन किसी परिवहन यान के पहियों में लगे टायरों की संख्या, प्रकार और आकार और उनकी बनावट और मॉडल और अन्य सुसंगत बातों को ध्यान में रखते हुए, हर बनावट और मॉडल के परिवहन यान के संबंध में ऐसे यान का अधिकतम सकल यान भार और ऐसे यान की हर धुरी का निरापद अधिकतम धुरी भार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट कर सकेगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 58 के अनुसार

परिवहन यानों के बारे में विशेष उपबंध-

(1) केन्द्रीय सरकार (मोटर टैक्सी से भिन्न) किसी परिवहन यान के पहियों में लगे टायरों की संख्या, प्रकार और आकार और उनकी बनावट और मॉडल और अन्य सुसंगत बातों को ध्यान में रखते हुए, हर बनावट और मॉडल के परिवहन यान के संबंध में ऐसे यान का अधिकतम सकल यान भार और ऐसे यान की हर धुरी का निरापद अधिकतम धुरी भार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट कर सकेगी।
(2) रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी मोटर टैक्सी से भिन्न किसी परिवहन यान को रजिस्टर करते समय, रजिस्ट्रीकरण में और अभिलेख में और यान के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र में भी निम्नलिखित विशिष्टियां प्रविष्ट करेगा, अर्थात् :-
(क) यान का लदान रहित भार;
(ख) हर पहिए में लगे टायरों की संख्या, प्रकार और आकार:
(ग) यान का सकल यान भार और उसकी विभिन्न धुरियों से संबंधित रजिस्ट्रीकृत धुरी भार; और
(घ) यदि केवल यात्रियों का या माल के साथ-साथ यात्रियों का वहन करने के लिए यान का उपयोग किया जाता है या वह उपयोग करने के लिए अनुकूलित किया जाता है तो उन यात्रियों की संख्या जिनके लिए उसमें बैठने की व्यवस्था है, तथा यान का स्वामी उन विशिष्टियों को विहित रीति से यान पर प्रदर्शित कराएगा।
(3) ऐसे किसी यान के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र में कोई सकल यान भार या उसकी धुरियों में से किसी का ऐसा रजिस्ट्रीकृत धुरी भार प्रविष्ट नहीं किया जाएगा जो ऐसे यान की बनावट और मॉडल के तथा उसके पहियों पर लगे टायरों की संख्या, प्रकार और आकार के संबंध में उपधारा (1) के अधीन अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भार से भिन्न हो:
परन्तु जहां केन्द्रीय सरकार को यह प्रतीत होता है कि उपधारा (1) के अधीन अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भार से अधिक भारी भार किसी विशिष्ट प्रकार के यानों के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में अनुज्ञात किए जा सकते हैं, वहां केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में आदेश द्वारा निदेश दे सकेगी कि इस उपधारा के उपबंध ऐसे उपांतरणों के साथ लागू होंगे जो आदेश में विनिर्दिष्ट किए जाएं।
[***]
(5) किसी यान के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र में दर्ज सकल यान भार का उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसार, पुनरीक्षण करने की दृष्टि से रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी परिवहन यान के स्वामी से ऐसी प्रक्रिया के अनुसार, जैसी विहित की जाए, यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह इतने समय के भीतर, जितना रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए, रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करे।

Special provisions in regard to transport vehicles-
(1) The Central Government may, having regard to the number, nature and size of the tyres attached to the wheels of a transport vehicle, (other than a motor cab), and its make and model and other relevant considerations, by notification in the Official Gazette, specify, in relation to each make and model of a transport vehicle, the [maximum gross vehicle weight] of such vehicle and the maximum safe axle weight of each axle of such vehicle.
(2) A registering authority, when registering a transport vehicle, other than a motor cab shall enter in the record of registration and shall also enter in the certificate of registration of the vehicle the following particulars, namely :-
(a) the unladen weight of the vehicle;
(b) the number, nature and size of the tyres attached to each wheel;
(c) the gross vehicle weight of the vehicle and the registered axle weights pertaining to the several axles thereof; and
(d) if the vehicle is used or adapted to be used for the carriage of passengers solely or in addition to goods, the number of passengers for whom accommodation is provided,
and the owner of the vehicle shall have the same particulars exhibited in the prescribed manner on the vehicle.
(3) There shall not be entered in the certificate of registration of any such vehicle any gross vehicle weight or a registered axle weight of any of the axles different from that specified in the notification under sub-section (1) in relation to the make and model of such vehicle and to the number, nature and size of the tyres attached to its wheels:
Provided that where it appears to the Central Government that heavier weights than those specified in the notification under sub-section (1) may be permitted in a particular locality for vehicles of a particular type, the Central Government may, by order in the Official Gazette direct that the provisions of this sub-section shall apply with such modifications as may be specified in the order.
[***]
(5) In order that the gross vehicle weight entered in the certificate of registration of a vehicle may be revised in accordance with the provisions of subsection (3), the registering authority may require the owner of transport vehicle in accordance with such procedure as may be prescribed to produce the certificate of registration within such time as may be specified by the registering authority.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 58 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 57 | अपील | MV Act, Section- 57 in hindi | Appeals.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 57 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 57, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 57 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -57 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन धारा 41, 42, 43, 45, 47, 48, 49, 50, 52, 53, 55 या 56 के अधीन रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के किसी आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, उस तारीख से तीस दिन के भीतर, जिसको उसे ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त हुई है, विहित प्राधिकारी को उस आदेश के विरुद्ध अपील कर सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 57 के अनुसार

अपील-

(1) धारा 41, 42, 43, 45, 47, 48, 49, 50, 52, 53, 55 या 56 के अधीन रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के किसी आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, उस तारीख से तीस दिन के भीतर, जिसको उसे ऐसे आदेश की सूचना प्राप्त हुई है, विहित प्राधिकारी को उस आदेश के विरुद्ध अपील कर सकेगा।
(2) अपील प्राधिकारी अपील की सूचना मूल प्राधिकारी को देगा और अपील में मूल प्राधिकारी तथा अपीलार्थी को सुने जाने का अवसर देने के पश्चात् ऐसे आदेश देगा जो वह ठीक समझता है।

Appeals-
(1) Any person aggrieved by an order of the registering authority under section 41, 42, 43, 45, 47, 48, 49, 50, 52, 53, 55 or 56 may, within thirty days of the date on which he has received notice of such order, appeal against the order to the prescribed authority.
(2) The appellate authority shall give notice of the appeal to the original authority and after giving an opportunity to the original authority and the appellant to be heard in the appeal pass such orders as it thinks fit.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 57 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 56 | परिवहन यानों के ठीक हालत में होने का प्रमाण-पत्र | MV Act, Section- 56 in hindi | Certificate of fitness of transport vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 56 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 56, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 56 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -56 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन यदि कोई परिवहन मोटर यान की हालत ठीक नही है, तो इस अधिनियम के तहत ठीक होने का प्रमाण पत्र नही मिल सकेगा और न ही परिवहन यातायात किया जा सकेगा। इस अधिनियम के अन्तर्गत परिवहन यान की हालत ठीक होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा, परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 56 के अनुसार

परिवहन यानों के ठीक हालत में होने का प्रमाण-पत्र-

(1) धारा 59 और धारा 60 के उपबंधों के अधीन रहते हुए परिवहन यान को धारा 39 के प्रयोजनों के लिए तभी विधिमान्यतः रजिस्ट्रीकृत समझा जाएगा जब उसके पास ऐसे प्ररूप में जिसमें ऐसी विशिष्टियां और जानकारी दी गई हैं, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए ठीक हालत में होने का विहित प्राधिकारी द्वारा या उपधारा (2) में वर्णित किसी प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र द्वारा दिया गया इस आशय का प्रमाण-पत्र हो कि वह यान इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों की उस समय की सभी अपेक्षाओं की पूर्ति करता है:
परन्तु जहां विहित प्राधिकारी या प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र ऐसा प्रमाण-पत्र देने से इन्कार करता है वहां वह यान के स्वामी को ऐसे इंकार के लिए अपने कारण लिखित रूप में देगा :
[परंतु यह और कि ऐसी तारीख, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, के पश्चात् किसी यान को तब तक उपयुक्तता प्रमाणपत्र अनुदत्त नहीं किया जाएगा जब तक ऐसे यान का स्वचालित परीक्षण केन्द्र पर परीक्षण न कर लिया गया हो ।]
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्राधिकृत परीक्षण केन्द्र से कोई प्रसुविधा अभिप्रेत है, जिसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत स्वचालित परीक्षण प्रसुविधा है, जहां ऐसे केन्द्रों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार उपयुक्तता परीक्षण संचालित किया जा सकेगा।
(3) उपधारा (4) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, ठीक हालत में होने का प्रमाण-पत्र उतनी अवधि के लिए प्रभावशील बना रहेगा जितनी केन्द्रीय सरकार द्वारा इस अधिनियम के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए विहित की जाए।
(4) विहित प्राधिकारी ठीक हालत में होने के प्रमाण-पत्र को ऐसे कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएंगे, किसी भी समय रद्द कर सकेगा यदि उसका समाधान हो जाता है कि जिस यान के संबंध में वह प्रमाण-पत्र है वह अब इस अधिनियम की और उसके अधीन बनाए गए नियमों की सभी अपेक्षाओं की पूर्ति नहीं करता है, और ऐसे रद्द किए जाने पर यान के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र को और यान के बारे में अध्याय 5 के अधीन दिए गए परमिट की बाबत यह समझा जाएगा कि वह तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया है जब तक ठीक हालत में होने का नया प्रमाणपत्र अभिप्राप्त नहीं कर लिया जाता:
[परंतु विहित प्राधिकारी द्वारा ऐसा रद्दकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक,-
(क) ऐसा विहित प्राधिकारी ऐसी तकनीकी अर्हता न रखता हो, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए और जहां विहित प्राधिकारी तकनीकी अर्हता नहीं रखता है, ऐसा रद्दकरण ऐसी अर्हता रखने वाले किसी अधिकारी की रिपोर्ट पर किया जाएगा, और
(ख) किसी उपयुक्तता प्रमाणपत्र को रद्द करने के लेखबद्ध कारणों की यान के स्वामी, जिसके उपयुक्तता प्रमाणपत्र को रद्द करने की वांछा की जा रही है, द्वारा चुने गए प्राधिकृत परीक्षण केंद्र में पुष्टि की जाएगी:
परंतु यह और कि यदि रद्दकरण की प्राधिकृत परीक्षण केंद्र द्वारा पुष्टि कर दी जाती है तो परीक्षण करने की लागत को परीक्षण किए जा रहे यान के स्वामी द्वारा और अन्यथा विहित प्राधिकारी द्वारा वहन किया जाएगा।
(5) इस अधिनियम के अधीन दिया गया ठीक हालत में होने का प्रमाण-पत्र जब तक प्रभावशील बना रहता है तब तक वह संपूर्ण भारत में विधिमान्य होगा।
(6) इस धारा के अधीन विधिमान्य उपयुक्तता प्रमाणपत्र रखने वाले सभी परिवहन यान उनकी बाडी पर स्पष्ट और सहज दृश्य रीति में ऐसा सुभिन्न चिह्न लगाएंगे, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए।
(7) ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाएं, इस धारा के उपबंधों का गैर-परिवहन यानों पर विस्तार हो सकेगा।

Certificate of fitness of transport vehicles-
(1) Subject to the provisions of sections 59 and 60, a transport vehicle shall not be deemed to be validly registered for the purposes of section 39, unless it carries a certificate of fitness in such form containing such particulars and information as may be prescribed by the Central Government, issued by the prescribed authority, or by an authorized testing station mentioned in sub-section (2), to the effect that the vehicle complies for the time being with all the requirements of this Act and the rules made thereunder :
Provided that where the prescribed authority or the authorized testing station refuses to issue such certificate, it shall supply the owner of the vehicle with its reasons in writing for such refusal :
[Provided further that no certificate of fitness shall be granted to a vehicle, after such date as may be notified by the Central Government, unless such vehicle has been tested at an automated testing station.]
(2) The “authorised testing station” referred to in sub-section (1) means any facility, including automated testing facilities, authorised by the State Government, where fitness testing may be conducted in accordance with the rules made by the Central Government for recognition, regulation and control of such stations.
(3) Subject to the provisions of sub-section (4), a certificate of fitness shall remain effective for such period as may be prescribed by the Central Government having regard to the objects of this Act.
(4) The prescribed authority may for reasons to be recorded in writing cancel a certificate of fitness at any time, if satisfied that the vehicle to which it relates no longer complies with all the requirements of this Act and the rules made thereunder; and on such cancellation the certificate of registration of the vehicle and any permit granted in respect of the vehicle under Chapter V shall be deemed to be suspended until a new certificate of fitness has been obtained :
[Provided that no such cancellation shall be made by the prescribed authority unless,-
(a) such prescribed authority holds such technical qualification as may be prescribed by the Central Government and where the prescribed authority does not hold the technical qualification, such cancellation is made on the basis of the report of an officer having such qualification; and
(b) the reasons recorded in writing cancelling a certificate of fitness are confirmed by an authorised testing station chosen by the owner of the vehicle whose certificate of fitness is sought to be cancelled :
Provided further that if the cancellation is confirmed by the authorised testing station, the cost of undertaking the test shall be borne by the owner of the vehicle being tested and in the alternative by the prescribed authority.]
(5) A certificate of fitness issued under this Act shall, while it remains effective, be valid throughout India.
(6) All transport vehicles with a valid certificate of fitness issued under this section shall carry, on their bodies, in a clear and visible manner such distinguishing mark as may be prescribed by the Central Government.
(7) Subject to such conditions as the Central Government may prescribe, the provisions of this section may be extended to non-transport vehicles.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 56 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।