Home Blog Page 72

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 65 | Juvenile Justice Act Section 65

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-65) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 65 के अनुसार राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और गैर-संस्थागत देखरेख के माध्यम से अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों के पुनर्वास के लिए प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्रत्येक जिले में एक या अधिक संस्थाओं या संगठनों को किसी विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता देगी, जिसे JJ Act Section-65 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 65 (Juvenile Justice Act Section-65) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 65 JJ Act Section-65 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और गैर-संस्थागत देखरेख के माध्यम से अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों के पुनर्वास के लिए प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्रत्येक जिले में एक या अधिक संस्थाओं या संगठनों को किसी विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता देगी।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 65 (JJ Act Section-65 in Hindi)

विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण

(1) राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और गैर-संस्थागत देखरेख के माध्यम से अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों के पुनर्वास के लिए प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्रत्येक जिले में एक या अधिक संस्थाओं या संगठनों को किसी विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता देगी ।
(2) राज्य अभिकरण, विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों को मान्यता प्रदान करते ही या उनका नवीकरण करते ही उसका नाम, पता और संपर्क ब्यौरे, मान्यता या नवीकरण के प्रमाणपत्र या पत्र की प्रतियों सहित प्राधिकरण को देगा।
(3) राज्य सरकार, वर्ष में कम से कम एक बार विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरणों का निरीक्षण कराएगी और यदि अपेक्षित हो तो आवश्यक उपचारिक उपाय करेगी ।
(4) उस दशा में, जब कोई विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण, समिति से दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र किसी अनाथ या परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक को प्राप्त करने के लिए या भावीदत्तक माता-पिता की गृह अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने में या नियत समय के भीतर जिला मजिस्ट्रेट से दत्तक ग्रहण आदेश प्राप्त करने में अपनी ओर से इस अधिनियम में या प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित आवश्यक कदम उठाने में व्यतिक्रम करता है तो ऐसा विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण ऐसे जुर्माने से, जो पचास हजार रुपए तक हो सकेगा, दंडनीय होगा और व्यतिक्रम की पुनरावृत्ति की दशा में राज्य सरकार विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण की मान्यता वापस ले लेगी ।

Juvenile Justice Act Section-65 (JJ Act Section-65 in English)

Specialised Adoption Agencies

(1) The State Government shall recognise one or more institutions or organisations in each district as a Specialised Adoption Agency, in such manner as may be provided in the adoption regulations framed by the Authority, for the rehabilitation of orphan, abandoned or surrendered children, through adoption and non-institutional care.
(2) The State Agency shall furnish the name, address and contact details of the Specialised Adoption Agencies along with copies of certificate or letter of recognition or renewal to Authority, as soon as the recognition or renewal is granted to such agencies.
(3) The State Government shall get every Specialised Adoption Agency inspected at least once in a year and take necessary remedial measures, if required.
(4) In case any Specialised Adoption Agency is in default in taking necessary steps on its part as provided in this Act or in the adoption regulations framed by the Authority, for getting an orphan or abandoned or surrendered child legally free for adoption from the Committee or in completing the home study report of the prospective adoptive parents or in obtaining adoption order from the 1[District Magistrate] within the stipulated time, such Specialised Adoption Agency shall be punishable with a fine which may extend up to fifty thousand rupees and in case of repeated default, the recognition of the Specialised Adoption Agency shall be withdrawn by the State Government.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 65 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 64 | Juvenile Justice Act Section 64

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-64) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 64 के अनुसार किसी बात के होते हुए भी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए सभी दत्तक ग्रहण आदेशों की बाबत सूचना दत्तक ग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में मासिक आधार पर प्राधिकरण को अग्रेषित की जाएगी, जिससे प्राधिकरण दत्तक ग्रहण के आंकड़े रखने के लिए समर्थ हो सके, जिसे JJ Act Section-64 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 64 (Juvenile Justice Act Section-64) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 64 JJ Act Section-64 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) किसी बात के होते हुए भी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए सभी दत्तक ग्रहण आदेशों की बाबत सूचना दत्तक ग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में मासिक आधार पर प्राधिकरण को अग्रेषित की जाएगी, जिससे प्राधिकरण दत्तक ग्रहण के आंकड़े रखने के लिए समर्थ हो सके।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 64 (JJ Act Section-64 in Hindi)

दत्तक ग्रहण की रिपोर्ट

तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए सभी दत्तक ग्रहण आदेशों की बाबत सूचना दत्तक ग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में मासिक आधार पर प्राधिकरण को अग्रेषित की जाएगी, जिससे प्राधिकरण दत्तक ग्रहण के आंकड़े रखने के लिए समर्थ हो सके ।

Juvenile Justice Act Section-64 (JJ Act Section-64 in English)

Reporting of adoption

Notwithstanding anything contained in any other law for the time being in force, information regarding all adoption orders issued by the [District Magistrate], shall be forwarded to Authority on monthly basis in the manner as provided in the adoption regulations framed by the Authority, so as to enable Authority to maintain the data on adoption.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 64 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 | Juvenile Justice Act Section 63

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-63) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 के अनुसार दत्तक ग्रहण आदेश प्रभावी होता है, निर्वसीयतता सहित सभी प्रयोजनों के लिए ऐसा बालक, जिसके संबंध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया गया है, दत्तक माता-पिता का बालक हो जाएगा और दत्तक माता पिता बालक के इस प्रकार माता-पिता हो जाएंगे मानो दत्तक माता-पिता ने बालक को पैदा किया है और उस तारीख से ही बालक या बालिका के जन्म के कुटुंब से बालक या बालिका के सभी संबंध समाप्त हो जाएंगे, जिसे JJ Act Section-63 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 (Juvenile Justice Act Section-63) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 JJ Act Section-63 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) दत्तक ग्रहण आदेश प्रभावी होता है, निर्वसीयतता सहित सभी प्रयोजनों के लिए ऐसा बालक, जिसके संबंध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया गया है, दत्तक माता-पिता का बालक हो जाएगा और दत्तक माता पिता बालक के इस प्रकार माता-पिता हो जाएंगे मानो दत्तक माता-पिता ने बालक को पैदा किया है और उस तारीख से ही बालक या बालिका के जन्म के कुटुंब से बालक या बालिका के सभी संबंध समाप्त हो जाएंगे।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 63 (JJ Act Section-63 in Hindi)

दत्तक ग्रहण का प्रभाव

उस तारीख से, जिसको दत्तक ग्रहण आदेश प्रभावी होता है, निर्वसीयतता सहित सभी प्रयोजनों के लिए ऐसा बालक, जिसके संबंध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी किया गया है, दत्तक माता-पिता का बालक हो जाएगा और दत्तक माता पिता बालक के इस प्रकार माता-पिता हो जाएंगे मानो दत्तक माता-पिता ने बालक को पैदा किया है और उस तारीख से ही बालक या बालिका के जन्म के कुटुंब से बालक या बालिका के सभी संबंध समाप्त हो जाएंगे और उसके स्थान पर दत्तक ग्रहण आदेश द्वारा सृजित दत्तक कुटुंब में प्रतिस्थापित हो जाएंगे :

परंतु ऐसी कोई संपत्ति, जो उस तारीख से ठीक पूर्व, जिसको दत्तक ग्रहण आदेश प्रभावी होता है, दत्तक बालक में निहित हो गई उस संपत्ति के स्वामित्व से, संलग्न बाध्यताओं सहित, जिसके अंतर्गत जैव कुटुंब में नातेदारों का भरण-पोषण, यदि कोई हो, भी हैं, ऐसी बाध्यताओं के अध्यधीन बालक में निहित रहेगी

Juvenile Justice Act Section-63 (JJ Act Section-63 in English)

Effect of adoption

A child in respect of whom an adoption order is issued by the 1[District Magistrate], shall become the child of the adoptive parents, and the adoptive parents shall become the parents of the child as if the child had been born to the adoptive parents, for all purposes, including intestacy, with effect from the date on which the adoption order takes effect, and on and from such date all the ties of the child in the family of his or her birth shall stand severed and replaced by those created by the adoption order in the adoptive family:
Provided that any property which has vested in the adopted child immediately before the date on which the adoption order takes effect shall continue to vest in the adopted child subject to the obligations, if any, attached to the ownership of such property including the obligations, if any, to maintain the relatives in the biological family.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 63 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 62 | Juvenile Justice Act Section 62

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-62) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 62 के अनुसार भारत में रहने वाले भावी भारतीय दत्तक माता-पिता या अनिवासी भारतीय या भारत के विदेशी नागरिक या भारतीय मूल के व्यक्ति या भावी विदेशी दत्तक माता-पिता द्वारा किसी अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालक के दत्तक ग्रहण की बाबत ऐसा प्रलेखीकरण और अन्य प्रक्रियात्मक अपेक्षाएं, जो इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से उपबंधित नहीं हैं, प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों के अनुसार होंगी, जिसे JJ Act Section-62 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 62 (Juvenile Justice Act Section-62) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 62 JJ Act Section-62 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) भारत में रहने वाले भावी भारतीय दत्तक माता-पिता या अनिवासी भारतीय या भारत के विदेशी नागरिक या भारतीय मूल के व्यक्ति या भावी विदेशी दत्तक माता-पिता द्वारा किसी अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालक के दत्तक ग्रहण की बाबत ऐसा प्रलेखीकरण और अन्य प्रक्रियात्मक अपेक्षाएं, जो इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से उपबंधित नहीं हैं, प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों के अनुसार होंगी।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 62 (JJ Act Section-62 in Hindi)

अतिरिक्त प्रक्रियात्मक अपेक्षाएं और प्रलेखीकरण

( 1 ) भारत में रहने वाले भावी भारतीय दत्तक माता-पिता या अनिवासी भारतीय या भारत के विदेशी नागरिक या भारतीय मूल के व्यक्ति या भावी विदेशी दत्तक माता-पिता द्वारा किसी अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालक के दत्तक ग्रहण की बाबत ऐसा प्रलेखीकरण और अन्य प्रक्रियात्मक अपेक्षाएं, जो इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से उपबंधित नहीं हैं, प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों के अनुसार होंगी।
(2) विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण या सुनिश्चित करेगा कि भावी दत्तक  माता-पिता का दत्तक ग्रहण मामला आवेदन की प्राप्ति की तारीख से चार मास के भीतर निपटा दिया गया है और प्राधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण अभिकरण, प्राधिकरण और राज्य अभिकरण दत्तक ग्रहण मामले की प्रगति पर निगरानी रखेगा और जहां कहीं आवश्यक हो, उसमें हस्तक्षेप करेगा, जिससे समय-सीमा का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

Juvenile Justice Act Section-62 (JJ Act Section-62 in English)

Additional procedural requirements and documentation

(1) The documentation and other procedural requirements, not expressly provided in this Act with regard to the adoption of an orphan, abandoned and surrendered child by Indian prospective adoptive parents living in India, or by non-resident Indian or overseas citizen of India or person of Indian origin or foreigner prospective adoptive parents, shall be as per the adoption regulations framed by the Authority.
(2) The specialised adoption agency shall ensure that the adoption case of prospective adoptive parents is disposed of within four months from the date of receipt of application and the authorised foreign adoption agency, Authority and State Agency shall track the progress of the adoption case and intervene wherever necessary, so as to ensure that the time line is adhered to.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 62 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 | Juvenile Justice Act Section 61

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-61) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 के अनुसार कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट अपना यह समाधान करेगा कि दत्तक ग्रहण बालक के कल्याण के लिए है, बालक की आयु और समझ को ध्यान में रखते हुए बालक की इच्छाओं पर सम्यक् विचार किया गया है, जिसे JJ Act Section-61 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 (Juvenile Justice Act Section-61) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 JJ Act Section-61 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट अपना यह समाधान करेगा कि दत्तक ग्रहण बालक के कल्याण के लिए है, बालक की आयु और समझ को ध्यान में रखते हुए बालक की इच्छाओं पर सम्यक् विचार किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 61 (JJ Act Section-61 in Hindi)

दत्तक ग्रहण कार्यवाहियों के निपटान के लिए प्रक्रिया

(1) कोई दत्तक ग्रहण आदेश जारी करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट अपना यह समाधान करेगा कि-
(क) दत्तक ग्रहण बालक के कल्याण के लिए है;
(ख) बालक की आयु और समझ को ध्यान में रखते हुए बालक की इच्छाओं पर सम्यक् विचार किया गया है; और
(ग) दत्तक ग्रहण फीस या सेवा प्रभार या बालक की समग्र देखरेख के मद्दे प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा अनुज्ञात के सिवाए, दत्तक ग्रहण के प्रतिफलस्वरूप कोई भी संदाय या पारिश्रमिक न तो भावी दत्तक माता-पिता ने दिया है या देने के लिए सहमत हुए हैं न ही विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण या नातेदार दत्तक ग्रहण की दशा में बालक के माता-पिता या संरक्षक ने प्राप्त किया है या प्राप्त करने के लिए सहमत हुए
(2) दत्तक ग्रहण कार्यवाहियां बंद कमरे में की जाएंगी और मामले को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उसके फाइल किए जाने की तारीख से दो मास की अवधि के भीतर निपटाया जाएगा।

Juvenile Justice Act Section-61 (JJ Act Section-61 in English)

Procedure for disposal of adoption proceedings

(1) Before issuing an adoption order, the [District Magistrate] shall satisfy itself that–
(a) the adoption is for the welfare of the child; 
(b) due consideration is given to the wishes of the child having regard to the age and understanding of the child; and 
(c) that neither the prospective adoptive parents has given or agreed to give nor the specialised adoption agency or the parent or guardian of the child in case of relative adoption has received or agreed to receive any payment or reward in consideration of the adoption, except as permitted under the adoption regulations framed by the Authority towards the adoption fees or service charge or child care corpus.
(2) The adoption proceedings shall be held in camera and the case shall be disposed of by the 3[District Magistrate] within a period of two months from the date of filing.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 61 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 60 | Juvenile Justice Act Section 60

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-60) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 60 के अनुसार विदेश में रहने वाला कोई नातेदार,जो भारत में उसके नातेदार से किसी बालक के दत्तक ग्रहण का आशय रखता है, जिला मजिस्ट्रेट से आदेश अभिप्राप्त करेगा और प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्राधिकरण से निराक्षेप प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करेगा, जिसे JJ Act Section-60 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 60 (Juvenile Justice Act Section-60) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 60 JJ Act Section-60 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) विदेश में रहने वाला कोई नातेदार,जो भारत में उसके नातेदार से किसी बालक के दत्तक ग्रहण का आशय रखता है, जिला मजिस्ट्रेट से आदेश अभिप्राप्त करेगा और प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्राधिकरण से निराक्षेप प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करेगा।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 60 (JJ Act Section-60 in Hindi)

अंतर – देशीय नातेदार दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया

(1) विदेश में रहने वाला कोई नातेदार,जो भारत में उसके नातेदार से किसी बालक के दत्तक ग्रहण का आशय रखता है, जिला मजिस्ट्रेट से आदेश अभिप्राप्त करेगा और प्राधिकरण द्वारा विरचित दत्तकग्रहण के विनियमों में यथा उपबंधित रीति में प्राधिकरण से निराक्षेप प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करेगा ।
(2) प्राधिकरण, उपधारा (1) के अधीन आदेश की प्राप्ति और या तो जैव माता-पिता या दत्तक माता-पिता से आवेदन की प्राप्ति पर निराक्षेप प्रमाणपत्र जारी करेगा और भारतीय आप्रवास प्राधिकारी और बालक के प्राप्तकर्ता देश को उसकी सूचना देगा ।
(3) दत्तक माता-पिता, उपधारा (2) के अधीन निराक्षेप प्रमाणपत्र की प्राप्ति के पश्चात् जैव माता-पिता से बालक को प्राप्त करेंगे और दत्तक बालक के सहोदर और जैव माता-पिता से समय समय पर संपर्क को सुकर बनाएंगे।

Juvenile Justice Act Section-60 (JJ Act Section-60 in English)

Procedure for inter-country relative adoption

(1) A relative living abroad, who intends to adopt a child from his relative in India shall obtain an order from the 1[District Magistrate] and apply for no objection certificate from Authority, in the manner as provided in the adoption regulations framed by the Authority.
(2) The Authority shall on receipt of the order under sub-section (1) and the application from either the biological parents or from the adoptive parents, issue no objection certificate under intimation to the immigration authority of India and of the receiving country of the child.
(3) The adoptive parents shall, after receiving no objection certificate under sub-section (2), receive the child from the biological parents and shall facilitate the contact of the adopted child with his siblings and biological parents from time to time.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 60 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।