Home Blog Page 71

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 71 | Juvenile Justice Act Section 71

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-71) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 71 के अनुसार प्राधिकरण, केंद्रीय सरकार को एक वार्षिक रिपोर्ट ऐसी रीति में प्रस्तुत करेगा जो विहित की जाए, जिसे JJ Act Section-71 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 71 (Juvenile Justice Act Section-71) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 71 JJ Act Section-71 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) केंद्रीय सरकार, प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगी।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 71 (JJ Act Section-71 in Hindi)

प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट

( 1 ) प्राधिकरण, केंद्रीय सरकार को एक वार्षिक रिपोर्ट ऐसी रीति में प्रस्तुत करेगा जो विहित की जाए।
(2) केंद्रीय सरकार, प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगी।

Juvenile Justice Act Section-71 (JJ Act Section-71 in English)

Annual Report of Authority

(1) The Authority shall submit an annual report to the Central Government in such manner as may be prescribed.
(2) The Central Government shall cause the annual report of Authority to be laid before each House of Parliament.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 71 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 69 | Juvenile Justice Act Section 69

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-69) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 69 के अनुसार प्राधिकरण की एक संचालन समिति होगी, जिसमे सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, प्राधिकरण से संबंधित संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से करेगी जो इसके कृत्यिक आवश्यकता के अनुसार स्थापित किए जाएं, जिसे JJ Act Section-69 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 69 (Juvenile Justice Act Section-69) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 69 JJ Act Section-69 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) प्राधिकरण की एक संचालन समिति होगी, जिसमे सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, प्राधिकरण से संबंधित संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के माध्यम से करेगी जो इसके कृत्यिक आवश्यकता के अनुसार स्थापित किए जाएं।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 69 (JJ Act Section-69 in Hindi)

प्राधिकरण की संचालन समिति

(1) प्राधिकरण की एक संचालन समिति होगी, जिसमे निम्नलिखित सदस्य होंगे–
(क) सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, जो अध्यक्ष होगा/होगी-पदेन; 
(ख) प्राधिकरण से संबंधित संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार – पदेन;
(ग) वित्त से संबंधित संयुक्त सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार-पदेन;
(घ) एक राज्य अभिकरण और दो विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण; 
(ङ) एक दत्तक माता या पिता और एक दत्तक;
(च) एक अधिवक्ता और एक आचार्य, जिनके पास कुटुंब विधि में कम से कम दस वर्ष का अनुभव हो;
(छ) सदस्य-सचिव, जो संगठन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी होगा ।
(2) उपरोक्त उपधारा (1) के खंड (घ) से (च) में वर्णित सदस्यों के चयन और नामनिर्देशन के लिए मानदंड, उनकी पदावधि के साथ ही उनकी नियुक्ति के निर्बन्धन और शर्तें ऐसी होंगी जो विहित की जाएं ।
(3) संचालन समिति के निम्नलिखित कृत्य होंगे, अर्थात्:-
(क) प्राधिकरण के कार्यकरण का निरीक्षण करना और समय-समय पर इसके कार्यों का पुनर्विलोकन करना, जिससे यह अत्यधिक प्रभावी रीति से क्रियाशील हो सके;
(ख) वार्षिक बजट, वार्षिक लेखाओं और संपरीक्षा रिपोर्टों के साथ-साथ प्राधिकरण की कार्ययोजना और वार्षिक रिपोर्ट का अनुमोदन करना;
(ग) केंद्रीय सरकार के पूर्वानुमोदन से संगठन के भीतर प्रशासनिक और कार्यक्रमीय शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकरण के भर्ती नियमों, सेवा नियमों, वित्त नियमों के साथ साथ अन्य विनियमों को अपनाना;
(घ) कोई अन्य कृत्य, जो केंद्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर उसमें निहित किए जाएं । 
(4) संचालन समिति मास में एक बार अधिवेशन ऐसी रीति में करेगी, जो विहित की जाए ।
(5) प्राधिकरण अपने कृत्य मुख्यालय से और अपने ऐसे क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से करेगी जो इसके कृत्यिक आवश्यकता के अनुसार स्थापित किए जाएं। 

Juvenile Justice Act Section-69 (JJ Act Section-69 in English)

Steering Committee of Authority

(1) The Authority shall have a Steering Committee with following members:
(a) Secretary, Ministry of Women and Child Development, Government of India, who shall be the Chairperson–ex officio;
(b) Joint Secretary, Ministry of Women and Child Development, Government of India, dealing with Authority–ex officio;
(c) Joint Secretary, Ministry of Women and Child Development, Government of India, dealing with Finance–ex officio;
(d) one State Adoption Resource Agency and two Specialised Adoption Agencies;
(e) one adoptive parent and one adoptee;
(f) one advocate or a professor having at least ten years of experience in family law;
(g) Member-Secretary, who shall also be Chief Executive Officer of the organisation.
(2) Criteria for the selection or nomination of the Members 1[mentioned at clauses (d) to (f) of subsection (1)], their tenure as well as the terms and conditions of their appointment shall be such as may be prescribed.
(3) The Steering Committee shall have the following functions, namely:
(a) to oversee the functioning of Authority and review its working from time to time so that it operates in most effective manner;
(b) to approve the annual budget, annual accounts and audit reports as well as the action plan and annual report of Authority;
(c) to adopt the recruitment rules, service rules, financial rules of Authority as well as the other regulations for the exercise of the administrative and programmatic powers within the organisation, with the prior approval of the Central Government;
(d) any other function that may be vested with it by the Central Government from time to time.
(4) The Steering Committee shall meet once in a month in the manner as may be prescribed.
(5) The Authority shall function from its headquarter and through its regional offices as may be set up as per its functional necessity.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 69 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 70 | Juvenile Justice Act Section 70

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-70) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 70 के अनुसार दत्तक ग्रहण अभिकरण या किसी बाल गृह या किसी अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक को रखने वाली किसी बाल देखरेख संस्था, किसी राज्य अभिकरण या किसी प्राधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण अभिकरण को अनुदेश जारी करना और ऐसे अभिकरणों द्वारा ऐसे निदेशों का पालन किया जाएगा, जिसे JJ Act Section-70 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 70 (Juvenile Justice Act Section-70) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 70 JJ Act Section-70 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) दत्तक ग्रहण अभिकरण या किसी बाल गृह या किसी अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक को रखने वाली किसी बाल देखरेख संस्था, किसी राज्य अभिकरण या किसी प्राधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण अभिकरण को अनुदेश जारी करना और ऐसे अभिकरणों द्वारा ऐसे निदेशों का पालन किया जाएगा।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 70 (JJ Act Section-70 in Hindi)

प्राधिकरण की शक्तियां

(1) प्राधिकरण के कृत्यों के दक्ष पालन के लिए इसकी निम्नलिखित शक्तियां होंगी, अर्थात् :-
(क) किसी विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण या किसी बाल गृह या किसी अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक को रखने वाली किसी बाल देखरेख संस्था, किसी राज्य अभिकरण या किसी प्राधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण अभिकरण को अनुदेश जारी करना और ऐसे अभिकरणों द्वारा ऐसे निदेशों का पालन किया जाएगा;
(ख) इसके द्वारा जारी किए गए अनुदेशों के निरंतर अननुपालन की दशा में, संबंधित सरकार या प्राधिकारी को उसके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन किसी पदधारी या कृत्यधारी या संस्था के विरुद्ध समुचित कार्रवाई करने की सिफारिश करना;
(ग) किसी पदधारी या कृत्यकारी या संस्था द्वारा इसके अनुदेशों का निरंतर अननुपालन का कोई मामला, उसके विचारण की अधिकारिता रखने वाले किसी मजिस्ट्रेट को अग्रेषित करना और वह मजिस्ट्रेट, जिसको ऐसा कोई मामला अग्रेषित किया गया है, उस मामले की सुनवाई के लिए इस प्रकार कार्यवाही करेगा मानो वह मामला उसे दंड प्रक्रिया संहिता,1973 (1974 का 2) की धारा 346 के अधीन अग्रेषित किया गया हो; 
(घ) कोई अन्य शक्ति, जो केंद्रीय सरकार द्वारा उसमें निहित की जाए ।
(2) दत्तक ग्रहण के किसी मामले में कोई मतभेद होने की दशा में, जिसके अंतर्गत भावी दत्तक माता-पिता या दत्तक ग्रहण किए जाने वाले बालक की पात्रता भी है, प्राधिकरण का विनिश्चय अभिभावी होगा ।

Juvenile Justice Act Section-70 (JJ Act Section-70 in English)

Powers of Authority

(1) For the efficient performance of its functions, Authority shall have the following powers, namely:—
(a) to issue instructions to any Specialised Adoption Agency or a Children Home or any child care institution housing any orphan, abandoned or surrendered child, any State Agency or any authorised foreign adoption agency and such directions shall be complied by such agencies;
(b) recommending to the concerned Government or Authority to take appropriate action against any official or functionary or institution under its administrative control, in case of persistent noncompliance of the instructions issued by it;
(c) forwarding any case of persistent non-compliance of its instructions by any official or functionary or institution to a Magistrate having jurisdiction to try the same and the Magistrate to whom any such case is forwarded shall proceed to hear the same as if the case has been forwarded to him under section 346 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (2 of 1974);
(d) any other power that may be vested with it by the Central Government.
(2) In case of any difference of opinion in an adoption case, including the eligibility of prospective adoptive parents or of a child to be adopted, the decision of Authority shall prevail.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 70 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 68 | Juvenile Justice Act Section 68

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-68) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 68 के अनुसार केंद्रीय दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण को, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के रूप में निम्नलिखित कृत्यों का पालन करने के लिए गठित किया गया समझा जाएगा, अर्थात् देश में दत्तक ग्रहण को प्रोन्नत करना और राज्य अभिकरण के समन्वय से अंतरराज्यिक दत्तक ग्रहण को सुनकर बनाना और अंतर-देशीय दत्तक ग्रहणों को विनियमित करना, जिसे JJ Act Section-68 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 68 (Juvenile Justice Act Section-68) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 68 JJ Act Section-68 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) केंद्रीय दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण को, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के रूप में निम्नलिखित कृत्यों का पालन करने के लिए गठित किया गया समझा जाएगा, अर्थात् देश में दत्तक ग्रहण को प्रोन्नत करना और राज्य अभिकरण के समन्वय से अंतरराज्यिक दत्तक ग्रहण को सुनकर बनाना और अंतर-देशीय दत्तक ग्रहणों को विनियमित करना।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 68 (JJ Act Section-68 in Hindi)

केंद्रीय दत्तक ग्रहण स्त्रोत प्राधिकरण

इस अधिनियम के प्रारंभ से पूर्व विद्यमान केंद्रीय दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण को, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के रूप में निम्नलिखित कृत्यों का पालन करने के लिए गठित किया गया समझा जाएगा, अर्थात् :-
(क) देश में दत्तक ग्रहण को प्रोन्नत करना और राज्य अभिकरण के समन्वय से अंतरराज्यिक दत्तक ग्रहण को सुनकर बनाना;
(ख) अंतर-देशीय दत्तक ग्रहणों को विनियमित करना;
(ग) समय-समय पर दत्तक ग्रहण और संबंधित विषयों पर ऐसे विनियमों की विरचना करना, जो आवश्यक हों;
(घ) अंतर-देशीय दत्तक ग्रहण की बाबत बालकों की संरक्षा और सहयोग पर हेग अभिसमय के अधीन केंद्रीय प्राधिकरण के कृत्यों को कार्यान्वित करना;
(ङ) कोई भी अन्य कृत्य, जो विहित किया जाए।

Juvenile Justice Act Section-68 (JJ Act Section-68 in English)

Central Adoption Resource Authority

The Central Adoption Resource Agency existing before the commencement of this Act, shall be deemed to have been constituted as the Central Adoption Resource Authority under this Act to perform the following functions, namely:—
(a) to promote in-country adoptions and to facilitate inter-State adoptions in co-ordination with State Agency;
(b) to regulate inter-country adoptions;
(c) to frame regulations on adoption and related matters from time to time as may be necessary;
(d) to carry out the functions of the Central Authority under the Hague Convention on Protection of Children and Cooperation in respect of Inter-country Adoption;
(e) any other function as may be prescribed.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 68 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 67 | Juvenile Justice Act Section 67

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-67) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 67 के अनुसार राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और संबंधित विषयों की बाबत प्राधिकरण के मार्गदर्शन के अधीन राज्य में एक राज्य दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण की स्थापना करेगी, जिसे JJ Act Section-67 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 67 (Juvenile Justice Act Section-67) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 67 JJ Act Section-67 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और संबंधित विषयों की बाबत प्राधिकरण के मार्गदर्शन के अधीन राज्य में एक राज्य दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण की स्थापना करेगी।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 67 (JJ Act Section-67 in Hindi)

राज्य दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण

(1) राज्य सरकार, दत्तक ग्रहण और संबंधित विषयों की बाबत प्राधिकरण के मार्गदर्शन के अधीन राज्य में एक राज्य दत्तक ग्रहण स्त्रोत अभिकरण की स्थापना करेगी।
(2) राज्य अभिकरण जहां कहीं पहले ही विद्यमान है, को इस अधिनियम के अधीन स्थापित किया गया समझा जाएगा।

Juvenile Justice Act Section-67 (JJ Act Section-67 in English)

State Adoption Resource Agency

(1) The State Government shall set up a State Adoption Resource Agency for dealing with adoptions and related matters in the State under the guidance of Authority.
(2) The State Agency, wherever already exists, shall be deemed to be set up under this Act.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 67 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 66 | Juvenile Justice Act Section 66

किशोर न्याय अधिनियम JJ Act (Juvenile Justice Act Section-66) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 66 के अनुसार दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्रदान न की गई हो, यह भी सुनिश्चित करेंगी कि उनके देखरेख में के सभी अनाथ या परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक, समिति द्वारा धारा 38 के उपबंधों के अनुसार रिपोर्ट किए गए, पेश किए गए और दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए गए हैं, जिसे JJ Act Section-66 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 66 (Juvenile Justice Act Section-66) का विवरण

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 66 JJ Act Section-66 के तहत किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्रदान न की गई हो, यह भी सुनिश्चित करेंगी कि उनके देखरेख में के सभी अनाथ या परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक, समिति द्वारा धारा 38 के उपबंधों के अनुसार रिपोर्ट किए गए, पेश किए गए और दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए गए हैं।

किशोर न्याय अधिनियम की धारा 66 (JJ Act Section-66 in Hindi)

दत्तक ग्रहण अभिकरणों के रूप में रजिस्ट्रीकृत न की गई संस्थाओं में निवास करने वाले बालकों का दत्तक ग्रहण

(1) इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत सभी संस्थाएं, जिन्हें विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्रदान न की गई हो, यह भी सुनिश्चित करेंगी कि उनके देखरेख में के सभी अनाथ या परित्यक्त या अभ्यर्पित बालक, समिति द्वारा धारा 38 के उपबंधों के अनुसार रिपोर्ट किए गए, पेश किए गए और दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए गए हैं।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट सभी संस्थाएं निकट के विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण से औपचारिक संबंध रखेंगी और ऐसे दत्तक ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए गए बालकों के सभी सुसंगत अभिलेखों सहित ब्यौरे, बालकों को दत्तक ग्रहण में रखने के लिए ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, उस विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण को देगी ।
(3) यदि ऐसी कोई संस्था उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों का उल्लंघन करती है तो वह प्रत्येक बार के लिए रजिस्ट्रीकृत प्राधिकारी द्वारा अधिरोपित पचास हजार रुपए के जुर्माने के दायित्वाधीन होगी और ऐसे उपबंधों की निरंतर अवज्ञा की दशा में उसकी मान्यता भी समाप्त हो सकेगी।

Juvenile Justice Act Section-66 (JJ Act Section-66 in English)

Adoption of children residing in institutions not registered as adoption agencies

(1) All the institutions registered under this Act, which may not have been recognised as Specialised Adoption Agencies, shall also ensure that all orphan or abandoned or surrendered children under their care are reported, produced and declared legally free for adoption, by the Committee as per the provisions of section 38.
(2) All institutions referred to in sub-section (1) shall develop formal linkages with nearby Specialised Adoption Agency and shall furnish details of the children declared legally free for adoption to that Specialised Adoption Agency along with all relevant records in the manner as may be prescribed, for the placement of such children in adoption.
(3) If any such institution contravenes the provisions of sub-section (1) or sub-section (2), it shall be liable to fine of fifty thousand rupees for each instance to be imposed by the registering authority and it may also attract de-recognition in the event of persistent flouting of such provisions.

हमारा प्रयास किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act Section) की धारा 66 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।