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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 119 | यातायात चिन्हों का अनुसरण करने का कर्त्तव्य | MV Act, Section- 119 in hindi | Duty to obey traffic signs.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 119 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 119, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 119 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -119 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीनमोटर यान का प्रत्येक ड्राइवर यान को किसी आज्ञापक यातायात चिह्न द्वारा किए गए संकेत के अनुरूप और केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए चालन विनियमों के अनुरूप चलाएगा और उन सभी निदेशों का अनुपालन करेगा जो ऐसे किसी पुलिस अधिकारी द्वारा दिए जाएं जो उस समय किसी सार्वजनिक स्थान में यातायात का विनियमन करने में लगा हुआ है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 119 के अनुसार

यातायात चिन्हों का अनुसरण करने का कर्त्तव्य-

(1) मोटर यान का प्रत्येक ड्राइवर यान को किसी आज्ञापक यातायात चिह्न द्वारा किए गए संकेत के अनुरूप और केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए चालन विनियमों के अनुरूप चलाएगा और उन सभी निदेशों का अनुपालन करेगा जो ऐसे किसी पुलिस अधिकारी द्वारा दिए जाएं जो उस समय किसी सार्वजनिक स्थान में यातायात का विनियमन करने में लगा हुआ है।
(2) इस धारा में “आज्ञापक यातायात चिह्न” से [पहली अनुसूची] के भाग क में दिया गया कोई यातायात चिह्न या उसी प्रकार का ऐसा कोई यातायात चिह्न (अर्थात् कोई युक्ति, शब्द या अंक प्रदर्शित करने वाली और लाल जमीन या किनारे वाली गोल डिस्क का या वैसी डिस्क वाला यातायात चिह्न) अभिप्रेत है जो धारा 116 की उपधारा (1) के अधीन मोटर यान यातायात को विनियमित करने के प्रयोजन के लिए रखा या लगाया गया है।

Duty to obey traffic signs-
(1) Every driver of a motor vehicle shall drive the vehicle in conformity with any indication given by mandatory traffic sign and in conformity with the driving regulations made by the Central Government, and shall comply with all directions given to him by my police officer for the time being engaged in the regulation of traffic in any public place.
(2) In this section “mandatory traffic sign” means a traffic sign included in Part A of [the First Schedule], or any traffic sign of similar form (that is to say, consisting of or including a circular disc displaying a device, word or figure and having a red ground or border) placed or erected for the purpose of regulating motor vehicle traffic under sub-section (1) of section 116.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 119 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 118 | चालान विनियम | MV Act, Section- 118 in hindi | Driving regulations.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 118 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 118, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 118 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -118 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, मोटर यानों के चलाने के लिए विनियम बना सकेगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 118 के अनुसार

चालान विनियम-

केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, मोटर यानों के चलाने के लिए विनियम बना सकेगी।

Driving regulations-
The Central Government may, by notification in the Official Gazette, make regulations for the driving of motor vehicles.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 118 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 117 | पार्किंग-स्थल और विराम-स्थल | MV Act, Section- 117 in hindi | Parking places and halting stations.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 117 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 117, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 117 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -117 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी संबंधित क्षेत्र में अधिकारिता रखने वाले स्थानीय प्राधिकारी से परामर्श करके ऐसे स्थान अवधारित कर सकेगा जहां मोटर यान या तो अनिश्चित या विनिर्दिष्ट समय तक ठहर सकेंगे, तथा वे स्थान अवधारित कर सकेगा जिनमें सार्वजनिक सेवा यान उतने समय से अधिक समय तक ठहर सकेंगे जितना यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए आवश्यक है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 117 के अनुसार

पार्किंग-स्थल और विराम-स्थल-

राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई अधिकारी संबंधित क्षेत्र में अधिकारिता रखने वाले स्थानीय प्राधिकारी से परामर्श करके ऐसे स्थान अवधारित कर सकेगा जहां मोटर यान या तो अनिश्चित या विनिर्दिष्ट समय तक ठहर सकेंगे, तथा वे स्थान अवधारित कर सकेगा जिनमें सार्वजनिक सेवा यान उतने समय से अधिक समय तक ठहर सकेंगे जितना यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए आवश्यक है :
परंतु राज्य सरकार या प्राधिकृत प्राधिकरण ऐसे स्थलों का अवधारण करते समय सड़क मार्ग का उपयोग करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा और यातायात के निर्बाध संचलन को पूर्विकता प्रदान करेगा :
परंतु यह और कि इस धारा के प्रयोजनों के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 (1988 का 68) के अधीन गठित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अभिकरण भी ऐसे स्थानों को अवधारित कर सकेगा।

Parking places and halting stations-
The State Government or any authority authorised in this behalf by the State Government may, in consultation with the local authority having jurisdiction in the area concerned, determine places at which motor vehicles may stand either indefinitely or for a specified period of time, and may determine the places at which public service vehicles may stop for a longer time than is necessary for the taking up and setting down of passengers :
Provided that the State Government or the authorised authority shall, give primacy to the safety of road users and the free flow of traffic in determining such places :
Provided further that for the purpose of this section the National Highways Authority of India, constituted under the National Highways Authority of India Act, 1988 (68 of 1988) or any other agency authorised by the Central Government, may also determine such places.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 117 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 116 | यातायात चिह्न लगवाने की शक्ति | MV Act, Section- 116 in hindi | Power to erect traffic signs.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 116 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 116, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 116 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -116 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी धारा 112 की उपधारा (2) के अधीन नियत किन्हीं गति सीमाओं को या धारा 115 के अधीन अधिरोपित किन्हीं प्रतिषेधों या निर्बन्धनों को या साधारणतया मोटर यान यातायात के विनियमन के प्रयोजन के लिए यातायात चिह्न को सार्वजनिक जानकारी के प्रयोजन के लिए किसी सार्वजनिक स्थान में रखवा या लगवा सकेगा अथवा रखने या लगाने देगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 116 के अनुसार

यातायात चिह्न लगवाने की शक्ति-

(1) (क) राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी धारा 112 की उपधारा (2) के अधीन नियत किन्हीं गति सीमाओं को या धारा 115 के अधीन अधिरोपित किन्हीं प्रतिषेधों या निर्बन्धनों को या साधारणतया मोटर यान यातायात के विनियमन के प्रयोजन के लिए यातायात चिह्न को सार्वजनिक जानकारी के प्रयोजन के लिए किसी सार्वजनिक स्थान में रखवा या लगवा सकेगा अथवा रखने या लगाने देगा।
(ख) राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत कोई प्राधिकारी, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा या अनुसूची के भाग क में निर्दिष्ट समुचित यातायात चिह्न को उपयुक्त स्थानों में लगवा कर, केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए चालन विनियमों के प्रयोजनों के लिए कुछ सड़कों को मुख्य सड़कों के रूप में अभिहित कर सकेगा।
(1क) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिनियम, 1988 (1988 का 68) के अधीन गठित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अभिकरण, पहली अनुसूची में उपबंधित किए गए अनुसार मोटर यान यातायात विनियमन के प्रयोजन के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात चिह्नों को लगवा या स्थापित या हटवा सकेगा या ऐसा करने की अनुमति दे सकेगा और ऐसे किसी चिह्न या विज्ञापन को हटाए जाने का आदेश दे सकेगी, जो उसकी राय में इस प्रकार लगाया गया है, जो किसी यातायात चिह्न को दिखाई देने से रोकता है या किसी यातायात चिह्न के समान दिखाई देता है, जिससे कि चालक के भ्रमित होने या उसकी सावधानी हटने या ध्यान भंग होने की संभावना है :
परंतु इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अभिकरण राज्य सरकार के प्राधिकरणों से सहायता मांग सकेगा और उक्त राज्य सरकार ऐसी सहायता उपलब्ध कराएगी।
(2) ऐसे किसी प्रयोजन के लिए, जिसके लिए अनुसूची में उपबंध किया गया है, उपधारा (1) के अधीन रखे या लगाए गए यातायात चिन्हों का आकार, रंग और प्रकार वही होगा और उनके वही अर्थ होंगे, जो अनुसूची में दिए गए हैं, किन्तु राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त सशक्त कोई प्राधिकारी उक्त अनुसूची में दिए गए किसी चिह्न में उस पर शब्दों, अक्षरों या अंकों का ऐसी लिपि में प्रतिलेखन जोड़ना प्राधिकृत कर सकेगा जो वह राज्य सरकार ठीक समझे, परन्तु ऐसे प्रतिलेखनों का आकार और रंग वैसा ही होगा जैसा अनुसूची में दिए गए शब्दों, अक्षरों या अंकों का है ।
(3) उपधारा (1) या उपधारा (1क) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, इस अधिनियम के प्रारंभ के पश्चात् कोई भी यातायात चिन्ह किसी सड़क पर या उसके निकट न तो रखा जाएगा और न लगाया जाएगा; किन्तु उन सभी यातायात चिन्हों की बाबत जो इस अधिनियम के प्रारंभ से पूर्व किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा रखवाए या लगवाए गए थे, इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए यह समझा जाएगा कि वे उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन रखे या लगाए गए यातायात चिह्न हैं।
(4) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, पुलिस अधीक्षक से अनिम्न पंक्ति के किसी पुलिस अधिकारी को इस बात के लिए प्राधिकृत कर सकेगी कि वह किसी ऐसे चिह्न या विज्ञापन को, जो उसकी राय में इस प्रकार रखा गया है कि उसके कारण कोई यातायात चिह्न दिखाई नहीं पड़ता है अथवा किसी ऐसे चिह्न या विज्ञापन को, जो उसकी राय में किसी यातायात चिह्न के इतना समरूप है कि भ्रम पैदा हो सकता है, या जो उसकी राय में ड्राइवर की एकाग्रता या ध्यान को बटा सकता है, हटा दे या हटवा दे।
(5) कोई भी व्यक्ति इस धारा के अधीन रखे गए या लगाए गए किन्हीं यातायात चिह्नों को न तो जानबूझकर हटाएगा, न परिवर्तित करेगा, न विरूपित करेगा और न किसी भी प्रकार से बिगाड़ेगा ।
(6) यदि कोई व्यक्ति किसी यातायात चिह्न को घटनावश ऐसा नुकसान पहुंचाता है कि वह उस प्रयोजन के लिए बेकार हो जाता है जिसके लिए उसे धारा के अधीन रखा या लगाया गया है तो वह उन परिस्थितियों की, जिनमें यह घटना हुई है, रिपोर्ट यथाशीघ्र और किसी भी दशा में घटना के चौबीस घंटे के भीतर पुलिस अधिकारी को देगा या पुलिस थाने में करेगा।
(7) पहली अनुसूची में दिए गए चिह्नों को मोटर यातायात से संबंधित ऐसे अन्तरराष्ट्रीय कन्वेंशन के अनुरूप कर देने के प्रयोजन के लिए, जिसकी केन्द्रीय सरकार तत्समय एक पक्षकार है, केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी ऐसे चिह्न में कोई परिवर्धन या परिवर्तन कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के निकाले जाने पर पहली अनुसूची को तदनुसार संशोधित समझा जाएगा।

Power to erect traffic signs-
(1) (a) The State Government or any authority authorised in this behalf by the State Government may cause or permit traffic signs to be placed or erected in any public place for the purpose of bringing to public notice any speed limits fixed under sub-section (2) of section 112 or any prohibitions or restrictions imposed under section 115 or generally for the purpose of regulating motor vehicle traffic.
(b) A State Government or any authority authorised in this behalf by the State Government may, by notification in the Official Gazette or by the erection at suitable places of the appropriate traffic sign referred to in Part A of the Schedule, designate certain roads as main roads for the purposes of the driving regulations made by the Central Government.
(1A). Notwithstanding anything contained in sub-section (1), the National Highways Authority of India constituted under the National Highways Authority of India Act, 1988 (68 of 1988) or any other agency authorised by the Central Government, may cause or permit traffic signs, as provided in the First Schedule, to be placed or erected or removed on national highways for the purpose of regulating motor vehicle traffic and may order the removal of any sign or advertisement which in its opinion is so placed as to obscure any traffic sign from view or is so similar in appearance to a traffic sign as to mislead or is likely to distract the attention or concentration of the driver :
Provided that for the purposes of this sub-section, the National Highway Authority of India or any other agency authorised by the Central Government may seek assistance from the authorities of the State Government and the said State Government shall provide such assistance.
(2) Traffic signs placed or erected under sub-section (1) for any purpose for which provision is made in the Schedule shall be of the size, colour and type and shall have the meanings set forth in the Schedule, but the State Government or any authority empowered in this behalf by the State Government may make or authorise the addition to any sign set forth in the said Schedule, of transcriptions of the words, letters or figures thereon in such script as the State Government may think fit, provided that the transcriptions shall be of similar size and colour to the words, letters or figures set forth in the Schedule.
(3) Except as provided by sub-section (1) or sub-section (1A), no traffic sign shall, after the commencement of this Act, be placed or erected on or near any road; but all traffic signs placed or erected prior to the commencement of this Act by any competent authority shall for the purpose of this Act be deemed to be traffic signs placed or erected under the provisions of sub-section (1).
(4) A State Government may, by notification in the Official Gazette, empower any police officer not below the rank of a Superintendent of Police to remove or cause to be removed any sign or advertisement which is so placed in his opinion as to obscure any traffic sign from view or any sign or advertisement which is in his opinion so similar in appearance to a traffic sign as to be misleading or which in his opinion is likely to distract the attention or concentration of the driver.
(5) No person shall willfully remove, alter, deface, or in any way tamper with, any traffic signs placed or erected under this section.
(6) If any person accidentally causes such damage to a traffic sign as renders it useless for the purpose for which it is placed or erected under this section, he shall report the circumstances of the occurrence to a police officer or at a police station as soon as possible, and in any case within twenty-four hours of the occurrence.
(7) For the purpose of bringing the signs set forth in 1(the First Schedule) in conformity with any International Convention relating to motor traffic to which the Central Government is for the time being a party, the Central Government may, by notification in the Official Gazette, make any addition or alteration to any such sign and on the issue of any such notification, [the First Schedule] shall be deemed to be amended accordingly.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 116 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 | यानों का उपयोग निर्बंधित करने की शक्ति | MV Act, Section- 115 in hindi | Power to restrict the use of vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 115, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 115 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -115 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन यदि राज्य सरकार का या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी प्राधिकारी का समाधान हो जाता है कि सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा की दृष्टि से या किसी सड़क या पुल के स्वरूप के कारण साधारणतया किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र में या किसी विनिर्दिष्ट सड़क पर मोटर यानों या किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटर यानों के चलाए जाने या ट्रेलरों के उपयोग को प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित करना आवश्यक है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 115 के अनुसार

यानों का उपयोग निर्बंधित करने की शक्ति-

यदि राज्य सरकार का या राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी प्राधिकारी का समाधान हो जाता है कि सार्वजनिक सुरक्षा या सुविधा की दृष्टि से या किसी सड़क या पुल के स्वरूप के कारण साधारणतया किसी विनिर्दिष्ट क्षेत्र में या किसी विनिर्दिष्ट सड़क पर मोटर यानों या किसी विनिर्दिष्ट वर्ग या वर्णन के मोटर यानों के चलाए जाने या ट्रेलरों के उपयोग को प्रतिषिद्ध या निर्बन्धित करना आवश्यक है तो वह, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे अपवादों सहित और ऐसी शर्तों पर, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाएं, ऐसा कर सकेगा और जब ऐसा कोई प्रतिषेध या निर्बन्धन अधिरोपित किया जाता है तब वह सरकार या प्राधिकारी धारा 116 के अधीन उचित स्थानों पर समुचित यातायात चिह्न रखवाएगा या लगवाएगा :
परन्तु जहां इस धारा के अधीन कोई प्रतिषेध या निर्बन्धन एक मास से अधिक प्रवृत्त नहीं रहना है, वहां राजपत्र में उसकी अधिसूचना आवश्यक नहीं होगी, किन्तु ऐसे प्रतिषेध या निर्बन्धन का ऐसा स्थानीय प्रचार किया जाएगा जैसा परिस्थितियों में संभव हो ।

Power to restrict the use of vehicles-
The State Government or any authority authorised in this behalf by the State Government, if satisfied that it is necessary in the interest of public safety or convenience, or because of the nature of any road or bridge, may by notification in the Official Gazette, prohibit or restrict, subject to such exceptions and conditions as may be specified in the notification, the driving of motor vehicles or of any specified class or description of motor vehicles or the use of trailers either generally in a specified area or on a specified road and when any such prohibition or restriction is imposed, shall cause appropriate traffic signs to be placed ar erected under section 116 at suitable places :
Provided that where any prohibition or restriction under this section is to remain in force for not more than one month, notification thereof in the Official Gazette shall not be necessary, but such local publicity as the circumstances may permit, shall be given of such prohibition or restriction.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 115 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 114 | यान तुलवाने की शक्ति | MV Act, Section- 114 in hindi | Power to have vehicle weighed.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 114 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 114, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 114 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -114 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन यदि राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत मोटर यान विभाग का कोई अधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति यह विश्वास का कारण रखता है कि भार वाहन या ट्रेलर धारा 113 के प्रावधानों के विपरीत उपयोग किया जा रहा है तो वह ड्राइवर से यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह यान को तुलवाने के वास्ते ऐसे किसी तोलनयंत्र पर, यदि कोई हो, ले जाए जो किसी स्थान से आगे के मार्ग पर दस किलोमीटर की दूरी के अन्दर या यान के गंतव्य स्थान से बीस किलोमीटर की दूरी के अन्दर हो, और यदि ऐसे तुलवाने पर यह पाया जाता है कि उस यान ने भार से संबंधित धारा 113 के उपबंधों का किसी प्रकार उल्लंघन किया है तो वह ड्राइवर को लिखित आदेश द्वारा निदेश दे सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 114 के अनुसार

यान तुलवाने की शक्ति-

(1) यदि राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत मोटर यान विभाग का कोई अधिकारी या कोई अन्य व्यक्ति यह विश्वास का कारण रखता है कि भार वाहन या ट्रेलर धारा 113 के प्रावधानों के विपरीत उपयोग किया जा रहा है तो वह ड्राइवर से यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह यान को तुलवाने के वास्ते ऐसे किसी तोलनयंत्र पर, यदि कोई हो, ले जाए जो किसी स्थान से आगे के मार्ग पर दस किलोमीटर की दूरी के अन्दर या यान के गंतव्य स्थान से बीस किलोमीटर की दूरी के अन्दर हो, और यदि ऐसे तुलवाने पर यह पाया जाता है कि उस यान ने भार से संबंधित धारा 113 के उपबंधों का किसी प्रकार उल्लंघन किया है तो वह ड्राइवर को लिखित आदेश द्वारा निदेश दे सकेगा कि वह अधिक वजन को अपनी जोखिम पर उतार दे और यान या ट्रेलर को उस स्थान से तब तक न हटाए जब तक लदान सहित भार कम नहीं कर दिया जाता या यान अथवा ट्रेलर की बाबत अन्यथा ऐसी कार्रवाई नहीं कर दी जाती जिससे वह धारा 113 का अनुपालन में और ऐसी सूचना प्राप्त होने पर ड्राइवर ऐसे निदेशों का पालन करेगा।
(2) जहां उपधारा (1) के अधीन प्राधिकृत व्यक्ति उक्त आदेश लिखित रूप में करता है वहां माल वाहन परमिट पर अधिक लदान से सुसंगत ब्यौरे भी पृष्ठांकित करेगा और ऐसे पृष्ठांकन का तथ्य उस प्राधिकारी को भी संसूचित करेगा जिसने वह परमिट दिया था।

Power to have vehicle weighed-
(1) Any officer of the Motor Vehicles Department [or any other person authorised in this behalf by the State Government] shall, if he has reason to believe that a goods vehicle or trailer is being used in contravention of section 113 require the driver to convey the vehicle to a weighing device, if any, within a distance of ten kilometers from any point on the forward route or within a distance of twenty kilometers from the destination of the vehicle for weighment; and if on such weighment the vehicle is found to contravene in any respect the provisions of section 113 regarding weight, he may, by order in writing, direct the driver to off-load the excess weight at his own risk and not to remove the vehicle or trailer from that place until the laden weight has been reduced or the vehicle or trailer has otherwise been dealt with so that it complies with section 113 and on receipt of such notice, the driver shall comply with such directions.
(2) Where the person authorised under sub-section (1) makes the said order in writing, he shall also endorse the relevant details of the overloading on the goods carriage permit and also intimate the fact of such endorsement to the authority which issued that permit.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 114 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।