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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 87 | अस्थाई परमिट | MV Act, Section- 87 in hindi | Temporary permits.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 87 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 87, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 87 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -87 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण और राज्य परिवहन प्राधिकरण के अन्तर्गत कुछ परिवहन को अवश्यकतानुसार अस्थाई परमिट देने के आधिकार दिया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 87 के अनुसार

अस्थाई परमिट-

(1) प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण और राज्य परिवहन प्राधिकरण धारा 80 में अधिकथित प्रक्रिया का अनुसरण किए बिना, ऐसे परमिट दे सकेंगे जो हर मामले में अधिक से अधिक चार मास की सीमित अवधि के लिए प्रभावी होंगे और जो अस्थाई रूप से परिवहन यान का उपयोग निम्नलिखित के लिए प्राधिकृत करेंगे, अर्थात् :-
(क) यात्रियों को विशेष अवसरों पर, जैसे मेलों और धार्मिक सम्मेलनों में, ले जाने और वहां से लाने के लिए; या
(ख) मौसमी कारबार के प्रयोजनों के लिए; या
(ग) किसी विशिष्ट अस्थाई आवश्यकता की पूर्ति के लिए; या
(घ) परमिट के नवीकरण के आवेदन पर विनिश्चय लंबित रहने तक के लिए, और ऐसे किसी परमिट पर ऐसी शर्ते लगा सकेंगे जो वे ठीक समझते हैं:
परन्तु यथास्थिति, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण या राज्य परिवहन प्राधिकरण, माल वाहकों की दशा में, असाधारण प्रकृति की परिस्थितियों के अधीन और उनके लिए जो कारण हैं उन्हें लेखबद्ध करके, चार मास से अधिक किन्तु एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए परमिट दे सकेंगे।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, उस उपधारा के अधीन किसी मार्ग या क्षेत्र की बाबत अस्थाई परमिट-
(i) उस दशा में जिसमें उस मार्ग या क्षेत्र के लिए कोई परमिट किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी के ऐसे आदेश के कारण जिससे उसका दिया जाना रोक दिया गया है, धारा 72 या धारा 74 या धारा 76 या धारा 79 के अधीन नहीं दिया जा सकता, इतनी अवधि के लिए दिया जा सकेगा जितनी उससे अधिक न हो, जिसके लिए परमिट का दिया जाना ऐसे रोक दिया गया है, या
(ii) उस दशा में जिसमें उस मार्ग या क्षेत्र की बाबत किसी यान के परमिट को किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा निलंबित किए जाने के परिणामस्वरूप उसी वर्ग के किसी परिवहन यान के पास उसी मार्ग या क्षेत्र की बाबत विधिमान्य परमिट नहीं है, अथवा उस मार्ग या क्षेत्र के लिए ऐसे यानों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इतनी अवधि के लिए दिया जा सकेगा जितनी ऐसे निलंबन की अवधि से अधिक न हो:
परन्तु उन परिवहन यानों की संख्या, जिनकी बाबत अस्थाई परमिट इस प्रकार दिए गए हैं, उन यानों की संख्या से अधिक न होगी जिनकी बाबत, यथास्थिति, परमिटों का दिया जाना रोक दिया गया है या परमिट निलंबित कर दिया गया है।

Temporary permits-
(1) A Regional Transport Authority and the State Transport Authority may without following the procedure laid down in section 80, grant permits, to be effective for a limited period which shall, not in any case exceed four months, to authorise the use of a transport vehicle temporarily-
(a) for the conveyance of passengers on special occasions such as to and from fairs and religious gatherings, or
(b) for the purposes of a seasonal business, or
(c) to meet a particular temporary need, or
(d) pending decision on an application for the renewal of a permit, and may attach to any such permit such condition as it may think fit :
Provided that a Regional Transport Authority or, as the case may be, State Transport Authority may, in the case of goods carriages, under the circumstances of an exceptional nature, and for reasons to be recorded in writing, grant a permit for a period exceeding four months, but not exceeding one year.
(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1), a temporary permit may be granted thereunder in respect of any route or area where —
(i) no permit could be issued under section 72 or section 74 or section 76 or section 79 in respect of that route or area by reason of an order of a court or other competent authority restraining the issue of the same, for a period not exceeding the period for which the issue of the permit has been so restrained; or
(ii) as a result of the suspension by a court or other competent authority of the permit of any vehicle in respect of that route or area, there is no transport vehicle of the same class with a valid permit in respect of that route or area, or there is no adequate number of such vehicles in respect of that route or area, for a period not exceeding the period of such suspension :
Provided that the number of transport vehicles in respect of which temporary permits are so granted shall not exceed the number of vehicles in respect of which the issue of the permits have been restrained or, as the case may be, the permit has been suspended.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 87 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86 | परमिटों का रद्द किया जाना और उनका निलंबन | MV Act, Section- 86 in hindi | Cancellation and suspension of permits.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 86, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 86 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -86 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन जिन परिवहन प्राधिकरण ने परमिट दिया है वह निम्नलिखित दशाओं में परमिट रद्द कर सकेगा या इतनी अवधि के लिए निलंबित कर सकेगा, धारा 86 के अन्तर्गत उन दशाओ का वर्णन किया गया है, जिनके कारण किसी परिवहन का परमिट रद्द या निलंबन किया जा सकता है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 86 के अनुसार

परमिटों का रद्द किया जाना और उनका निलंबन-

(1) जिस परिवहन प्राधिकरण ने परमिट दिया है वह निम्नलिखित दशाओं में परमिट रद्द कर सकेगा या इतनी अवधि के लिए निलंबित कर सकेगा जितनी वह ठीक समझे, अर्थात् :-
(क) धारा 84 में विनिर्दिष्ट किसी शर्त के या परमिट की किसी शर्त के भंग होने पर; या
(ख) यदि परमिट का धारक किसी यान का उपयोग किसी ऐसी रीति से करता है या कराता है या करने देता है, जो परमिट द्वारा प्राधिकृत नहीं है; या
(ग) यदि परमिट का धारक उस यान का स्वामी नहीं रह जाता है, जो परमिट के अंतर्गत है; या
(घ) यदि परमिट के धारक ने परमिट को कपट या दुर्व्यपदेशन द्वारा अभिप्राप्त किया है; या
(ङ) यदि माल वाहक परमिट का धारक, उचित कारण के बिना उस यान का उपयोग उन प्रयोजनों के लिए करने में असफल रहता है जिनके लिए परमिट दिया गया था: या
(च) यदि परमिट का धारक किसी विदेश की नागरिकता अर्जित कर लेता है :
परन्तु कोई भी परमिट तब तक निलंबित या रद्द नहीं किया जाएगा जब तक परमिट के धारक को अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर न दे दिया गया हो ।
(2) परिवहन प्राधिकरण किसी ऐसे परमिट के संबंध में, जो ऐसे किसी प्राधिकरण या व्यक्ति द्वारा दिया गया है जिसे धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन इस निमित्त शक्ति प्रत्यायोजित की गई है, उपधारा (1) के अधीन अपने को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग इस प्रकार कर सकेगा मानो उक्त परमिट, परिवहन प्राधिकरण द्वारा दिया गया परमिट हो ।
(3) जहां परिवहन प्राधिकरण किसी परमिट को रद्द या निलंबित करता है वहां वह की गई कार्रवाई के बारे में अपने कारण उसके धारक को लिखित रूप में देगा ।
(4) जिस परिवहन प्राधिकरण ने परमिट दिया था वह (परमिट रद्द करने की शक्ति से भिन्न) जिन शक्तियों का प्रयोग उपधारा (1) के अधीन कर सकता है उनका प्रयोग ऐसा कोई प्राधिकरण या व्यक्ति कर सकेगा जिसे ऐसी शक्तियां धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन प्रत्यायोजित की गई हैं।
(5) जहां कोई परमिट उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ङ) के अधीन रद्द या निलंबित किए जाने योग्य है और परिवहन प्राधिकरण की यह राय है कि मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परमिट को इस प्रकार रद्द या निलंबित करना उस दशा में आवश्यक या समीचीन न होगा जब परमिट का धारक एक निश्चित धनराशि देने के लिए सहमत हो जाता है वहां उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी परिवहन प्राधिकरण, यथास्थिति, परमिट को रद्द या निलंबित करने के बजाय परमिट के धारक से वह धनराशि वसूल कर सकेगा जिसके बारे में सहमति हुई है ।
(6) जहां धारा 89 के अधीन अपील की गई है वहां परिवहन प्राधिकरण उपधारा (5) के अधीन जिन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है उनका अपील प्राधिकारी भी प्रयोग कर सकेगा ।
(7) धारा 88 की उपधारा (9) में निर्दिष्ट परमिट के संबंध में, परमिट देने वाले परिवहन प्राधिकरण द्वारा उपधारा (1) के अधीन प्रयोक्तव्य (परमिट रद्द करने की शक्ति से भिन्न) शक्तियां, किसी भी परिवहन प्राधिकरण और किसी प्राधिकारी या व्यक्तियों द्वारा, जिनको इस निमित्त शक्ति धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन प्रत्यायोजित की गई है, प्रयोग की जा सकेगी मानो उक्त परमिट किसी ऐसे प्राधिकारी या व्यक्तियों द्वारा दिया गया परमिट था।

Cancellation and suspension of permits-
(1) The transport authority which granted a permit may cancel the permit or may suspend it for such period as it thinks fit-
(a) on the breach of any condition specified in section 84 or of any condition contained in the permit; or
(b) if the holder of the permit uses or causes or allows a vehicle to be used in any manner not authorised by the permit; or
(c) if the holder of the permit ceases to own the vehicle covered by the permit; or if the holder of the permit has obtained the permit by fraud or misrepresentation; or
(e) if the holder of the goods carriage permit, fails without reasonable cause, to use the vehicle for the purposes for which the permit was granted; or
(f) if the holder of the permit acquires the citizenship of any foreign country:
Provided that no permit shall be suspended or cancelled unless an opportunity has been given to the holder of the permit to furnish his explanation.
(2) The transport authority may exercise the powers conferred on it under sub-section (1) in relation to a permit granted by any authority or person to whom power in this behalf has been delegated under sub-section (5) of section 68 as if the said permit was a permit granted by the transport authority.
(3) Where a transport authority cancels or suspends a permit, it shall give to the holder in writing its reasons for the action taken.
(4) The powers exercisable under sub-section (1) (other than the power to cancel a permit) by the transport authority which granted the permit may be exercised by any authority or person to whom such powers have been delegated under subsection (5) of section 68.
(5) Where a permit is liable to be cancelled or suspended under clause (a) or clause (b) or clause (e) of sub-section (1) and the transport authority is of opinion that having regard to the circumstances of the case, it would not be necessary or expedient so to cancel or suspend the permit if the holder of the permit agrees to pay a certain sum of money, then, notwithstanding anything contained in sub-section (1), the transport authority may, instead of cancelling or suspending the permit, as the case may be, recover from the holder of the permit the sum of money agreed upon.
(6) The powers exercisable by the transport authority under sub-section (5) may, where an appeal has been preferred under section 89, be exercised also by the appellate authority.
(7) In relation to a permit referred to in sub-section (9) of section 88, the powers exercisable under sub-section (1) (other than the power to cancel a permit) by the transport authority which granted the permit, may be exercised by any transport authority and any authority or persons to whom power in this behalf has been delegated under sub-section (5) of section 68, as if the said permit was a permit granted by any such authority or persons.

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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 85 | परमिटों का साधारण प्ररूप | MV Act, Section- 85 in hindi | General form of permits.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 85 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 85, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 85 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -85 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन दिया गया प्रत्येक परमिट अपने आप में पूर्ण होगा और उसमें परमिट की सब आवश्यक विशिष्टियां होंगी और उस पर लगाई गई शर्ते दी हुई होंगी।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 85 के अनुसार

परमिटों का साधारण प्ररूप-

इस अधिनियम के अधीन दिया गया प्रत्येक परमिट अपने आप में पूर्ण होगा और उसमें परमिट की सब आवश्यक विशिष्टियां होंगी और उस पर लगाई गई शर्ते दी हुई होंगी।

General form of permits-
Every permit issued under this Act shall be complete in itself and shall contain all the necessary particulars of the permit and the conditions attached thereto.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 85 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 84 | सभी परमिटों से संलग्न साधारण शर्ते | MV Act, Section- 84 in hindi | General conditions attaching to all permits.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 84 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 84, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 84 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -84 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन परमिट से संबंधित यान के पास धारा 56 के अधीन दिया गया ठीक हालत में होने का विधिमान्य प्रमाण-पत्र है और उन्हें सर्वदा ऐसी हालत में बनाए रखा जाता है जिससे इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों की अपेक्षाओं की पूर्ति होती है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 84 के अनुसार

सभी परमिटों से संलग्न साधारण शर्ते-

प्रत्येक परमिट की निम्नलिखित शर्ते होंगी-
(क) परमिट से संबंधित यान के पास धारा 56 के अधीन दिया गया ठीक हालत में होने का विधिमान्य प्रमाण-पत्र है और उन्हें सर्वदा ऐसी हालत में बनाए रखा जाता है जिससे इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों की अपेक्षाओं की पूर्ति होती है।
(ख) परमिट से संबंधित यान को इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञात गति से अधिक गति पर नहीं चलाया जाता;
(ग) धारा 67 के अधीन की गई अधिसूचना द्वारा लगाए गए किसी प्रतिषेध या निर्बन्धन का तथा नियत किए गए किसी किराए या माल-भाड़े का ऐसे यान के संबंध में अनुपालन किया जाता है जिनसे परमिट संबंधित है;
(घ) परमिट से संबंधित यान को धारा 5 या धारा 113 के उपबंधों का उल्लंघन करके नहीं चलाया जाता;
(ङ) इस अधिनियम के जो उपबंध डाइवरों के काम के समय को परिसीमित करने के बारे में हैं, उनका ऐसे यान या यानों के संबंध में अनुपालन किया जाता है जिनसे परमिट संबंधित है:
(च) अध्याय 10, अध्याय 11 और अध्याय 12 के उपबंधों का, जहां तक वे परमिट के धारक को लागू होते हैं, अनुपालन किया जाता है; और
(छ) ऑपरेटर का नाम और पता परमिट से संबंधित प्रत्येक यान की बाह्य बॉडी पर उसके त दोनों ओर यान के रंग से विषम चटकीले किसी रंग या किन्हीं रंगों में खिड़की सीमा के नीचे जितना ऊपर हो सके उतना ऊपर बीच में मोटे अक्षरों में लिखा जाएगा या उस यान पर अन्यथा दृढ़ता से चिपकाया जाएगा।

General conditions attaching to all permits-
The following shall be conditions of every permit-
(a) that the vehicle to which the permit relates carries valid certificate of fitness issued under section 56 and is at all times so maintained as to comply with the requirements of this Act and the rules made thereunder;
(b) that the vehicle to which the permit relates is not driven at a speed exceeding the speed permitted under this Act;
(c) that any prohibition of restriction imposed and any fares or freight fixed by notification made under section 67 are observed in connection with the vehicle to which the permit relates;
(d) that the vehicle to which the permit relates is not driven in contravention of the provisions of section 5 or section 113;
(e) that the provisions of this Act limiting the hours of work of drivers are observed in connection with any vehicle or vehicles to which the permit relates;
(f) that the provisions of Chapter X, XI and XII so far as they apply to the holder of the permit are observed; and
(g) that the name and address of the operator shall be painted or otherwise firmly affixed to every vehicle to which the permit relates on the exterior of the body of that vehicle on both sides thereof in a colour or colours vividly contrasting to the colour of the vehicle centered as high as practicable below the window line in bold letters.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 84 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 83 | यानों का बदला जाना | MV Act, Section- 83 in hindi | Replacement of vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 83 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 83, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 83 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -83 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन परमिट का धारक उस प्राधिकरण की अनुज्ञा से, जिसने परमिट दिया था, परमिट के अंतर्गत किसी यान को उसी किस्म के किसी अन्य यान से बदल सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 83 के अनुसार

यानों का बदला जाना-

परमिट का धारक उस प्राधिकरण की अनुज्ञा से, जिसने परमिट दिया था, परमिट के अंतर्गत किसी यान को उसी किस्म के किसी अन्य यान से बदल सकेगा।

Replacement of vehicles-
The holder of a permit may, with the permission of the authority by which the permit was granted, replace any vehicle covered by the permit by any other vehicle of the same nature.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 83 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 82 | परमिट का अंतरण | MV Act, Section- 82 in hindi | Transfer of permit.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 82 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 82, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 82 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -82 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन धारा 87 के अधीन दिए गए अस्थायी परमिट या धारा 88 की उपधारा (8) के अधीन उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, कोई भी परमिट उस परिवहन प्राधिकरण की, जिसने वह परमिट दिया था, अनुज्ञा के बिना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को अंतरणीय न होगा, तथा ऐसी अनुज्ञा के बिना ऐसे किसी व्यक्ति को, जिसे उस परमिट के अंतर्गत यान अंतरित किया गया है, उस यान का उपयोग उस परमिट द्वारा प्राधिकृत रीति से करने के लिए कोई अधिकार प्रदान न करेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 82 के अनुसार

परमिट का अंतरण-

(1) उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, कोई भी परमिट उस परिवहन प्राधिकरण की, जिसने वह परमिट दिया था, अनुज्ञा के बिना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को अंतरणीय न होगा, तथा ऐसी अनुज्ञा के बिना ऐसे किसी व्यक्ति को, जिसे उस परमिट के अंतर्गत यान अंतरित किया गया है, उस यान का उपयोग उस परमिट द्वारा प्राधिकृत रीति से करने के लिए कोई अधिकार प्रदान न करेगा।
(2) जब परमिट के धारक की मृत्यु हो जाती है, तब परमिट के अंतर्गत यान का उत्तराधिकार से कब्जा पाने वाला व्यक्ति परमिट का उपयोग तीन मास की अवधि के लिए ऐसे कर सकेगा मानो वह उसे ही दिया गया हो:
परन्तु यह तब जबकि ऐसे व्यक्ति ने धारक की मृत्यु के तीस दिन के अंदर उस परिवहन प्राधिकरण को, जिसने परमिट दिया था, धारक की मृत्यु की और परमिट का उपयोग करने के अपने आशय की सूचना दी हो:
परन्तु यह और कि किसी भी परमिट का इस प्रकार उपयोग उस तारीख के पश्चात् नहीं किया जाएगा जिसको वह मृत धारक के पास होने पर नवीकरण के बिना प्रभावी नहीं रह जाता।
(3) परिवहन प्राधिकरण, परमिट के धारक की मृत्यु के तीन मास के अंदर उसे आवेदन किए जाने पर परमिट उस व्यक्ति को अंतरित कर सकेगा जिसने परमिट के अंतर्गत यानों पर उत्तराधिकार से कब्जा प्राप्त किया है:
परन्तु परिवहन प्राधिकरण तीन मास की उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् किए गए आवेदन को उस दशा में ग्रहण कर सकेगा जब उसका यह समाधान हो जाता है कि आवेदक विनिर्दिष्ट समय के भीतर आवेदन करने से उचित और पर्याप्त हेतुक से निवारित हो गया था।

Transfer of permit-
(1) Save as provided in sub-section (2), a permit shall not be transferable from one person to another except with the permission of the transport authority which granted the permit and shall not, without such permission, operate to confer on any person to whom a vehicle covered by the permit is transferred any right to use that vehicle in the manner authorised by the permit.
(2) Where the holder of a permit dies, the person succeeding to the possession of the vehicle covered by the permit may, for a period of three months, use the permit as if it had been granted to himself:
Provided that such person has, within thirty days of the death of the holder, informed the transport authority which granted the permit of the death of the holder and of his own intention to use the permit:
Provided further that no permit shall be so used after the date on which it would have ceased to be effective without renewal in the hands of the deceased holder.
(3) The transport authority may, on application made to it within three months of the death of the holder of a permit, transfer the permit to the person succeeding to the possession of the vehicles covered by the permit:
Provided that the transport authority may entertain an application made after the expiry of the said period of three months if it is satisfied that the applicant was prevented by good and sufficient cause from making an application within the time specified.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 82 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।