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भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 71 | मौखिक साक्ष्य द्वारा तथ्यों का साबित किया जाना | Indian Evidence Act Section- 71 in hindi | Proof of facts by oral evidence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 71 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 71, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 71 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 71 के अन्तर्गत यदि अनुप्रमाणक साक्षी दस्तावेज के निष्पादन का प्रत्याख्यान करे या उसे उसके निष्पादन का स्मरण न हो, तो उसका निष्पादन अन्य साक्ष्य द्वारा साबित किया जा सकेगा।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 71 के अनुसार

जबकि अनुप्रमाणक साक्षी निष्पादन का प्रत्याख्यान करता है, तब सबूत-

यदि अनुप्रमाणक साक्षी दस्तावेज के निष्पादन का प्रत्याख्यान करे या उसे उसके निष्पादन का स्मरण न हो, तो उसका निष्पादन अन्य साक्ष्य द्वारा साबित किया जा सकेगा।

Proof when attesting witness denies the execution-
If the attesting witness denies or does not recollect the execution of the document, its execution may be proved by other evidence.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 71 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 70 | अनुप्रमाणित दस्तावेज के पक्षकार द्वारा निष्पादन की स्वीकृति | Indian Evidence Act Section- 70 in hindi | Admission of execution by party to attested document.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 70 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 70, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 70 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 70 के अन्तर्गत अनुप्रमाणित दस्तावेज के किसी पक्षकार की अपने द्वारा उसका निष्पादन करने की स्वीकृति उस दस्तावेज के निष्पादन का उसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत होगा, यद्यपि वह ऐसी दस्तावेज हो जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 70 के अनुसार

अनुप्रमाणित दस्तावेज के पक्षकार द्वारा निष्पादन की स्वीकृति-

अनुप्रमाणित दस्तावेज के किसी पक्षकार की अपने द्वारा उसका निष्पादन करने की स्वीकृति उस दस्तावेज के निष्पादन का उसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत होगा, यद्यपि वह ऐसी दस्तावेज हो जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है।

Admission of execution by party to attested document-
The admission of a party to an attested document of its execution by himself shall be sufficient proof of its execution as against him, though it be a document required by law to be attested.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 70 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 69 | जब किसी भी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चले, तब सबूत | Indian Evidence Act Section- 69 in hindi| Proof where no attesting witness found.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 69 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 69, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 69 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 69 के अन्तर्गत यदि ऐसे किसी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चल सके अथवा यदि दस्तावेज का यूनाइटेड किंगडम में निष्पादित होना तात्पर्यित हो तो यह साबित करना होगा कि कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी का अनुप्रमाण उसी के हस्तलेख में है तथा यह कि दस्तावेज का निष्पादन करने वाले व्यक्ति का हस्ताक्षर उसी व्यक्ति के हस्तलेख में है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 69 के अनुसार

जब किसी भी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चले, तब सबूत-

यदि ऐसे किसी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चल सके अथवा यदि दस्तावेज का यूनाइटेड किंगडम में निष्पादित होना तात्पर्यित हो तो यह साबित करना होगा कि कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी का अनुप्रमाण उसी के हस्तलेख में है तथा यह कि दस्तावेज का निष्पादन करने वाले व्यक्ति का हस्ताक्षर उसी व्यक्ति के हस्तलेख में है।

Proof where no attesting witness found-
If no such attesting witness can be found, or if the document purports to have been executed in the United Kingdom, it must be proved that the attestation of one attesting witness at least is in his handwriting, and that the signature of the person executing the document is in the handwriting of that person.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 69 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 | ऐसी दस्तावेज के निष्पादन का साबित किया जाना जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है | Indian Evidence Act Section- 68 in hindi| Proof of execution of document required by law to be attested.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 68, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 68 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 68 के अन्तर्गत यदि किसी दस्तावेज का अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है, तो उसे साक्ष्य के रूप में उपयोग में न लाया जाएगा, जब तक कि कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी, यदि कोई अनुप्रमाणक साक्षी जीवित और न्यायालय की आदेशिका के अध्यधीन हो तथा साक्ष्य देने के योग्य हो, उसका निष्पादन साबित करने के प्रयोजन से न बुलाया गया हो, परन्तु ऐसी किसी दस्तावेज के निष्पादन को साबित करने के लिए, जो विल नहीं है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 के अनुसार

ऐसी दस्तावेज के निष्पादन का साबित किया जाना जिसका अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है-

यदि किसी दस्तावेज का अनुप्रमाणित होना विधि द्वारा अपेक्षित है, तो उसे साक्ष्य के रूप में उपयोग में न लाया जाएगा, जब तक कि कम से कम एक अनुप्रमाणक साक्षी, यदि कोई अनुप्रमाणक साक्षी जीवित और न्यायालय की आदेशिका के अध्यधीन हो तथा साक्ष्य देने के योग्य हो, उसका निष्पादन साबित करने के प्रयोजन से न बुलाया गया हो :
परन्तु ऐसी किसी दस्तावेज के निष्पादन को साबित करने के लिए, जो विल नहीं है और जो भारतीय रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) के उपबन्धों के अनुसार रजिस्ट्रीकृत हैं, किसी अनुप्रमाणक साक्षी को बुलाना आवश्यक न होगा, जब तक कि उसके निष्पादन का प्रत्याख्यान उस व्यक्ति द्वारा जिसके द्वारा उसका निष्पादित होना तात्पर्यित है, विनिर्दिष्टतः न किया गया हो।

Proof of execution of document required by law to be attested-
If a document is required by law to be attested, it shall not be used as evidence until one attesting witness at least has been called for the purpose of proving its execution, if there be an attesting witness alive, and subject to the process of the Court and capable of giving evidence :
Provided that it shall not be necessary to call an attesting witness in proof of the execution of any document, not being a will, which has been registered in accordance with the provisions of the Indian Registration Act, 1908 (16 of 1908), unless its execution by the person by whom it purports to have been executed is specifically denied.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 68 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67A | इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर के बारे में सबूत | Indian Evidence Act Section- 67A in hindi| Proof as to Electronic signature.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67A के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67A, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 67A का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 67A के अन्तर्गत सुरक्षित इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर के मामले में के सिवाय, यदि किसी हस्ताक्षरकर्ता का इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर इलेक्ट्रानिक अभिलेख पर नियत किया गया अभिकथित किया जाता है, तो इस तथ्य को साबित किया जाना चाहिए कि ऐसा इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर हस्ताक्षरकर्ता का इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67A के अनुसार

इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर के बारे में सबूत—

सुरक्षित इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर के मामले में के सिवाय, यदि किसी हस्ताक्षरकर्ता का इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर इलेक्ट्रानिक अभिलेख पर नियत किया गया अभिकथित किया जाता है, तो इस तथ्य को साबित किया जाना चाहिए कि ऐसा इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर हस्ताक्षरकर्ता का इलेक्ट्रानिक हस्ताक्षर है।

Proof as to Electronic signature-
Except in the case of a secure Electronic signature, if the Electronic signature of any subscriber is alleged to have been affixed to an electronic record the fact that such Electronic signature is the Electronic signature of the subscriber must be proved.

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भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67 | जिस व्यक्ति के बारे में अभिकथित है कि उसने पेश की गई दस्तावेज को हस्ताक्षरित किया था या लिखा था उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या हस्तलेख का साबित किया जाना | Indian Evidence Act Section- 67 in hindi| Proof of signature and handwriting of person alleged to have signed or written document produced.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 67 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 67 के अन्तर्गत यदि कोई दस्तावेज किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या पूर्णत: या भागतः लिखी गई अभिकथित है, तो यह साबित करना होगा कि वह हस्ताक्षर या उस दस्तावेज के उतने का हस्तलेख, जितने के बारे में यह अभिकथित है कि वह उस व्यक्ति के हस्तलेख में है, उसके हस्तलेख में है।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67 के अनुसार

जिस व्यक्ति के बारे में अभिकथित है कि उसने पेश की गई दस्तावेज को हस्ताक्षरित किया था या लिखा था उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या हस्तलेख का साबित किया जाना—

यदि कोई दस्तावेज किसी व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित या पूर्णत: या भागतः लिखी गई अभिकथित है, तो यह साबित करना होगा कि वह हस्ताक्षर या उस दस्तावेज के उतने का हस्तलेख, जितने के बारे में यह अभिकथित है कि वह उस व्यक्ति के हस्तलेख में है, उसके हस्तलेख में है।

Proof of signature and handwriting of person alleged to have signed or written document produced-
If a document is alleged to be signed or to have been written wholly or in part by any person, the signature or the handwriting of so much of the document as is alleged to be in that person’s handwriting must be proved to be in his handwriting.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 67 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।