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पॉक्सो एक्ट की धारा 44 | अधिनियम के क्रियान्वयन की मानीटरी | Pocso Act Section- 44 by in hindi | Monitoring of implementation of Act.

POCSO Section- 44

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 44 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 44? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 44 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 44 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 44 के अंतर्गत इस अधिनियम के क्रियान्वयन की मानीटरी जैसे किसी ऐसे वाद में क्या क्या आगे की कार्यवाही पूर्ण हुई अथवा पूर्ण कार्यवाही की मानीटरी करना इस धारा का मुख्य उद्देश्य है। यह पॉक्सो एक्ट की धारा 44 अधिनियम के क्रियान्वयन की मानीटरी करने को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 44 के अनुसार

अधिनियम के क्रियान्वयन की मानीटरी-

(1) यथास्थिति, बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का 4) की धारा 3 के अधीन गठित बालक अधिकार संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग या धारा 17 के अधीन गठित बालक अधिकार संरक्षण के लिए राज्य आयोग, उस अधिनियम के अधीन उनको समनुदेशित कृत्यों के अतिरिक्त इस अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन की मानीटरी ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, करेंगे।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट, यथास्थिति, राष्ट्रीय आयोग या राज्य आयोग को इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध से संबंधित किसी मामले की जांच करते समय वही शक्तियां होंगी जो उन्हें बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का 4) के अधीन निहित की गई हैं।
(3) उपधारा (1) में निर्दिष्ट, यथास्थिति, राष्ट्रीय आयोग या राज्य आयोग इस धारा के अधीन अपने कार्यकलापों में, बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का 4) की धारा 16 में निर्दिष्ट रिपोर्ट में भी शामिल करेंगे।

Monitoring of implementation of Act-
(1) The National Commission for Protection of Child Rights constituted under Section 3, or as the case may be, the State Commission for Protection of Child Rights constituted under Section 17, of the Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005 (4 of 2006), shall, in addition to the functions assigned to them under that Act, also monitor the implementation of the provisions of this Act in such manner as may be prescribed.
(2) The National Commission or, as the case may be, the State Commission, referred to in sub-section (1), shall, while inquiring into any matter relating to any offence under this Act, have the same powers as are vested in it under the Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005 (4 of 2006).
(3) The National Commission or, as the case may be, the State Commission, referred to in sub-section (1), shall, also include, its activities under this section, in the annual report referred to in Section 16 of the Commissions for Protection of Child Rights Act, 2005 (4 of 2006).

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 44 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 43 | अधिनियम के बारे में लोक जागरूकता | Pocso Act Section- 43 by in hindi | Public awareness about Act.

POCSO Section- 43

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 43 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 43? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 43 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 43 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 43 के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को इस संबंध मे जागरूक करने व प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बनाया गया, साथ आम जनता, बालक और उनके माता-पिता और संरक्षकों को इस अधिनियम के उपबंधों के प्रति जागरुक बनाने के लिए इस अधिनियम के उपबंधों का मीडिया, जिसके अंतर्गत टेलीविजन, रेडियो और प्रिंट मीडिया भी जागरूक करने के लिए सम्मिलित है तो यह पॉक्सो एक्ट की धारा 43 अधिनियम के बारे में लोक जागरूकता को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 43 के अनुसार

अधिनियम के बारे में लोक जागरूकता-

केन्द्रीय सरकार और प्रत्येक राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करेंगी कि-
(क) साधारण जनता, बालकों के साथ ही उनके माता-पिता और संरक्षकों को इस अधिनियम के उपबंधों के प्रति जागरुक बनाने के लिए इस अधिनियम के उपबंधों का मीडिया, जिसके अंतर्गत टेलीविजन, रेडियो और प्रिंट मीडिया भी सम्मिलित है, के माध्यम से नियमित अंतरालों पर व्यापक प्रचार किया जाता है;
(ख) केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकारों के अधिकारियों और अन्य संबद्ध व्यक्तियों (जिसके अन्तर्गत पुलिस अधिकारी भी हैं) को अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन से संबंधित विषयों पर आवधिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

Public awareness about Act-
The Central Government and every State Government, shall take all measures to ensure that-
(a) the provisions of this Act are given wide publicity through media including the television, radio and the print media at regular intervals to make the general public, children as well as their parents and guardians aware of the provisions of this Act;
(b) the officers of the Central Government and the State Governments and other concerned persons (including the police officers) are imparted periodic training on the matters relating to the implementation of the provisions of the Act.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 43 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 42A | अधिनियम का किसी अन्य विधि के अल्पीकरण में न होना | Pocso Act Section- 42A by in hindi | Act not in derogation of any other law.

POCSO Section- 42A.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 42A के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42A? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 42A क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42A का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 42A के अंतर्गत इस अधिनियम के उपबंध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे न कि उनके अल्पीकरण में और किसी असंगति की दशा में इस अधिनियम के उपबंधों का उस असंगति की सीमा तक ऐसी किसी विधि के उपबंधों पर अध्यारोही प्रभाव होगा, तो यह पॉक्सो एक्ट की धारा 42A अधिनियम का किसी अन्य विधि के अल्पीकरण में न होना को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42A के अनुसार

अधिनियम का किसी अन्य विधि के अल्पीकरण में न होना-

इस अधिनियम के उपबंध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे न कि उनके अल्पीकरण में और किसी असंगति की दशा में इस अधिनियम के उपबंधों का उस असंगति की सीमा तक ऐसी किसी विधि के उपबंधों पर अध्यारोही प्रभाव होगा।

Act not in derogation of any other law
The provisions of this Act shall be in addition to and not in derogation of the provisions of any other law for the time being in force and, in case of any inconsistency, the provisions of this Act shall have overriding effect on the provisions of any such law to the extent of the inconsistency.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 42A की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 42 | आनुकल्पिक दण्ड | Pocso Act Section- 42 by in hindi | Alternate punishment.

POCSO Section-42

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 42 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 42 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 45 के अंतर्गत भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 166क, धारा 354क, धारा 354ख, धारा 354ग, धारा 354घ, धारा 370, धारा 370क, धारा 375, धारा 376, 2[ धारा 376क, धारा 376कख, धारा 376ख, धारा 376ग, धारा 376घ, धारा 376घक, धारा 376घख], [ धारा 376ङ, धारा 509 के अधीन या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 67ख के अधीन] के अधीन भी दण्डनीय कोई अपराध गठित होता है वहां, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसे अपराध का दोषी पाया गया अपराधी उस दण्ड का भागी होगा, जो इस अधिनियम के अधीन या भारतीय दण्ड संहिता के अधीन मात्रा में गुरुतर है, तो यह पॉक्सो एक्ट की धारा 42 आनुकल्पिक दण्ड को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 42 के अनुसार

आनुकल्पिक दण्ड-

जहां किसी कार्य या लोप से इस अधिनियम के अधीन और भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) की धारा 166क, धारा 354क, धारा 354ख, धारा 354ग, धारा 354घ, धारा 370, धारा 370क, धारा 375, धारा 376, 2[ धारा 376क, धारा 376कख, धारा 376ख, धारा 376ग, धारा 376घ, धारा 376घक, धारा 376घख], [ धारा 376ङ, धारा 509 के अधीन या सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 67ख के अधीन] के अधीन भी दण्डनीय कोई अपराध गठित होता है वहां, तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसे अपराध का दोषी पाया गया अपराधी उस दण्ड का भागी होगा, जो इस अधिनियम के अधीन या भारतीय दण्ड संहिता के अधीन मात्रा में गुरुतर है।

Alternate punishment-
Where an act or omission constitutes an offence punishable under this Act and also under sections 166A, 354A, 354B, 354C, 354D, 370, 370A, 375, 376, 2[376A, 376AB, 376B, 376C, 376D, 376DA, 376DB], ³[376E, section 509 of the Indian Penal Code or section 67B of the Information Technology Act, 2000 (21 of 2000)], then, notwithstanding anything contained in any law for the time being in force, the offender found guilty of such offence shall be liable to punishment under this Act or under the Indian Penal Code as provides for punishment which is greater in degree.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 42 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 41 | कतिपय मामलों में धारा 3 से धारा 13 तक के उपबंधों का लागू न होना | Pocso Act Section- 41 by in hindi | Provisions of Sections 3 to 13 not to apply in certain cases.

Pocso Section- 41

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 41 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 41? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 41 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 41 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 41 के अंतर्गत धारा 3 से धारा 13 (जिसमें दोनों सम्मिलित हैं) तक के उपबंध बालक की चिकित्सीय परीक्षा या चिकित्सीय उपचार की दशा में तब लागू नहीं होंगे जब ऐसी चिकित्सीय परीक्षा या चिकित्सीय उपचार उसके माता-पिता या संरक्षक की सहमति से किए जा रहे हों, तो यह पॉक्सो एक्ट की धारा 41 कतिपय मामलों में धारा 3 से धारा 13 तक के उपबंधों का लागू नहीं होगा यह परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 41 के अनुसार

कतिपय मामलों में धारा 3 से धारा 13 तक के उपबंधों का लागू न होना-

धारा 3 से धारा 13 (जिसमें दोनों सम्मिलित हैं) तक के उपबंध बालक की चिकित्सीय परीक्षा या चिकित्सीय उपचार की दशा में तब लागू नहीं होंगे जब ऐसी चिकित्सीय परीक्षा या चिकित्सीय उपचार उसके माता-पिता या संरक्षक की सहमति से किए जा रहे हों।

Provisions of Sections 3 to 13 not to apply in certain cases-
The provisions of Sections 3 to 13 (both inclusive) shall not apply in case of medical examination or medical treatment of a child when such medical examination or medical treatment is undertaken with the consent of his parents or guardian.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 41 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 40 | विधिक काउन्सेल की सहायता लेने के लिए बालक का अधिकार | Pocso Act Section- 40 by in hindi | Right of child to take assistance of legal practitioner.

POCSO Section-40

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 40 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 40? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 40 क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 40 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 40 के अंतर्गत विशेष न्यायालय मामलों का विचारण हेतु, यदि बालक के विधिक मामले में विधिक काउन्सेल की सहायता लेने के लिए बालक का अधिकार है यदि विधिक सलाहकार का व्यय उठाने में समर्थ में नही है, तो विधिक सहायता प्राधिकरण उसको वकील उपलब्ध कराएगा। यह पॉक्सो एक्ट की धारा 40 विधिक काउन्सेल की सहायता लेने के लिए बालक का अधिकार को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 40 के अनुसार

विधिक काउन्सेल की सहायता लेने के लिए बालक का अधिकार-

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 301 के परंतुक के अधीन रहते हुए बालक का कुटुंब या संरक्षक इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के लिए अपनी पसंद के विधिक काउंसेल को सहायता लेने के लिए हकदार होंगे:
परंतु यदि बालक का कुटुंब या संरक्षक विधिक काउंसेल का व्यय उठाने में असमर्थ है तो विधिक सहायता प्राधिकरण उसको वकील उपलब्ध कराएगा।

Right of child to take assistance of legal practitioner-
Subject to the proviso to Section 301 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (2 of 1974) the family or the guardian of the child shall be entitled to the assistance of a legal counsel of their choice for any offence under this Act:
Provided that if the family or the guardian of the child are unable to afford a legal counsel, the Legal Services Authority shall provide a lawyer to them.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 40 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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