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पॉक्सो एक्ट की धारा 11 | लैंगिक उत्पीड़न | Pocso Act Section- 11 in hindi | Sexual harassment.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 11 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 11? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 11 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 11 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 11 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति लैंगिक आशय से किसी बालक को लैंगिक उत्पीड़न (Sexual harassment) करता है तो यह पॉक्सो की धारा 11 लैंगिक लैंगिक उत्पीड़न को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 11 के अनुसार-

लैंगिक उत्पीड़न-

कोई व्यक्ति, किसी बालक पर लैंगिक उत्पीड़न करता है, यह कहा जाता है जब ऐसा व्यक्ति लैंगिक आशय से-
(i) कोई शब्द कहता है या ध्वनि या कोई अंगविक्षेप करता है या कोई वस्तु या शरीर का भाग इस आशय के साथ प्रदर्शित करता है कि बालक द्वारा ऐसा शब्द या ध्वनि सुनी जाएगी या ऐसा अंग विक्षेप या वस्तु या शरीर का भाग देखा जाएगा; या
(ii) किसी बालक को उसके शरीर या उसके शरीर का कोई भाग प्रदर्शित करवाता है जिससे उसको ऐसे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा देखा जा सके;
(iii) अश्लील प्रयोजनों के लिए किसी प्ररूप या मीडिया में किसी बालक को कोई वस्तु दिखाता है; या
(iv) बालक को या तो सीधे या इलेक्ट्रानिक, अंकीय या किसी अन्य साधनों के माध्यम से बार-बार या निरंतर पीछा करता है या देखता है या संपर्क करता है; या
(v) बालक के शरीर के किसी भाग या बालक को लैंगिक कृत्य में बालक के अंतर्यस्त होने का, इलेक्ट्रानिक, फिल्म या अंकीय या किसी अन्य पद्धति के माध्यम से वास्तविक या गढ़े गये चित्रण को मीडिया के किसी रूप में उपयोग करने की धमकी देता है; या
(vi) अश्लील प्रयोजनों के लिए किसी बालक को प्रलोभन देता है या उसके लिए परितोषण देता है।
स्पष्टीकरण- कोई प्रश्न, “लैंगिक आशय” जिसमें अंतर्वलित है, तथ्य का प्रश्न होगा।

Sexual harassment
A person is said to commit sexual harassment upon a child when such person with sexual intent-
(i) utters any word or makes any sound, or makes any gesture or exhibits any object or part of body with the intention that such word or sound shall be heard, or such gesture or object or part of body shall be seen by the child; or
(ii) makes a child exhibit his body or any part of his body so as it is seen by such person or any other person; or
(iii) shows any object to a child in any form or media for pornographic purposes; or
(iv) repeatedly or constantly follows or watches or contacts a child either directly or through electronic, digital or any other means; or
(v) threatens to use, in any form of media, a real or fabricated depiction through electronic, film or digital or any other mode, of any part of the body of the child or the involvement of the child in a sexual act; or
(vi) entices a child for pornographic purposes or gives gratification therefor.
Explanation- Any question which involves “sexual intent” shall be a question of fact.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 11 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
धन्यवाद

पॉक्सो एक्ट की धारा 9 | गुरुतर लैंगिक हमला | Pocso Act Section- 9 in hindi | Aggravated Sexual Assault.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 9 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 9? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 9 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 9 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 9 के अंतर्गत जो कोई जो कोई लोक सेवक अधिकारी होते हुए, किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है तो यह पॉक्सो एक्ट की धारा 9 के अंतर्गत गुरुतर लैंगिक हमले को परिभाषित करती है

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 9 के अनुसार-

गुरुतर लैंगिक हमला-

(क) जो कोई पुलिस अधिकारी होते हुए, किसी बालक पर-
(i) पुलिस थाने या ऐसे परिसरों की सीमाओं के भीतर जहाँ उसको नियुक्ति की गई है; या
(ii) किसी थाने के परिसरों में चाहे उस पुलिस थाने में अवस्थित है या नहीं जिसमें उसकी नियुक्ति की गई है; या
(iii) अपने कर्तव्यों के अनुक्रम में या अन्यथा; या
(iv) जहां वह पुलिस अधिकारी के रूप में ज्ञात हो या उसकी पहचान की गई हो,
प्रवेशन लैंगिक हमला करता है; या
(ख) जो कोई, सशस्त्र बल या सुरक्षा बल का सदस्य होते हुए बालक पर-
(i) ऐसे क्षेत्र की सीमाओं के भीतर जिसमें वह व्यक्ति तैनात है; या
(ii) सुरक्षा या सशस्त्र बलों की कमान के अधीन किन्हीं क्षेत्रों में, या
(iii) अपने कर्तव्यों के अनुक्रम में या अन्यथा; या
(iv) जहां वह, सुरक्षा या सशस्त्र बलों के सदस्य के रूप में ज्ञात हो या उसकी पहचान की गई हो,
लैंगिक हमला करता है; या
(ग) जो कोई लोक सेवक होते हुए किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(घ) जो कोई, किसी जेल, प्रतिप्रेषण गृह या संरक्षण गृह संप्रेक्षण गृह या तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित अभिरक्षा या देखरेख और संरक्षण के किसी अन्य स्थान का प्रबंध या कर्मचारिवृंद होते हुए ऐसे जेल या प्रतिप्रेषण गृह या संरक्षण गृह या संप्रेक्षण गृह या अभिरक्षा या देखरेख और संरक्षण के अन्य स्थान पर रह रहे किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(ङ) जो कोई, किसी अस्पताल, चाहे सरकारी या प्राइवेट हो, का प्रबंध या कर्मचारिवृंद होते हुए उस अस्पताल में किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(च) जो कोई, किसी शैक्षणिक संस्था या धार्मिक संस्था का प्रबंध तंत्र या कर्मचारि होते हुए उस संस्था में के किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(छ) जो कोई, बालक पर सामूहिक लैंगिक हमला करता है।
स्पष्टीकरण – जहां किसी बालक पर, किसी समूह के एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा उनके सामान्य आशय को अग्रसर करने में लगा किया गया है। वहां ऐसे प्रत्येक व्यक्ति द्वारा इस खंड के अर्थातर्गत सामूहिक लैंगिक हमला किया जाना समझा जाएगा और ऐसा प्रत्येक व्यक्ति उस कृत्य के लिए वैसी ही रीति में दायी होगा मानो वह उसके द्वारा अकेले किया गया था; या
(ज) जो कोई, बालक पर घातक आयुध, अग्न्यायुध, गर्म पदार्थ या संक्षारक पदार्थ का प्रयोग करते हुए लैंगिक हमला करता है; या
(झ) जो कोई, किसी बालक को घोर उपहति कारित करते हुए या शारीरिक रूप से नुकसान और क्षति करते हुए या उसके उसकी जननेंद्रियों की क्षति करते हुए लैंगिक हमला करता है; या
(ञ) जो कोई किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है जिससे-
(i) बालक शारीरिक रूप से अशक्त हो जाता है या बालक मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 (1987 का 14) की धारा 2 के खंड (उ) के अध यथापरिभाषित मानसिक रूप से रोगी हो जाता है या किसी प्रकार का ऐसा हास कारित करता है जिससे बालक अस्थायी या स्थायी रूप से त कार्य करने में अयोग्य हो जाता है;
(ii) बालक को मानव प्रतिरक्षाहास विषाणु या किसी ऐसे अन्य प्राणघातक रोग या संक्रमण से ग्रस्त हो जाता है जो बालक को शारीरिक रूप से अयोग्य या नियमित कार्य करने में मानसिक रूप से अयोग्य करके अस्थाई या स्थाई रूप से ह्रास कर सकेगा; या
(ट) जो कोई, बालक की मानसिक और शारीरिक अशक्तता का लाभ उठाते हुए बालक पर लैंगिक हमला करता है;
(ठ) जो कोई, बालक पर एक से अधिक बार या बार-बार लैंगिक हमला करता है; या
(ड) जो कोई, बारह वर्ष से कम आयु के किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(ढ) जो कोई बालक का रक्त या दत्तक या विवाह या संरक्षकता द्वारा या पोषण देखभाल करने वाला नातेदार या बालक के माता-पिता के साथ घरेलू संबंध रखते हुए या जो बालक के साथ साझी गृहस्थी में रहता है, ऐसे बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(ण) जो कोई, बालक को सेवा प्रदान करने वाली किसी संस्था का स्वामी या प्रबंध कर्मचारिवृंद होते हुए बालक पर लैंगिक हमला करता है या (त) जो कोई किसी बालक के न्यासी या प्राधिकारी के पद पर होते हुए बालक किसी संस्था या गृह या कहीं और बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(थ) जो कोई, यह जानते हुए कि बालक गर्भ से है बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(द) जो कोई, बालक पर लैंगिक हमला करता है और बालक को हत्या करने का प्रयास करता है; या
(ध) हिंसा के दौरान या प्राकृतिक विपत्ति की स्थिति या उस प्रकार की किन्हों स्थितियों के दौरान बालक पर लैंगिक हमला करता है; या
(न) जो कोई, बालक पर लैंगिक हमला करता है और जो पूर्व में इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करने के लिए या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन दंडनीय कोई लैंगिक अपराध किए जाने के लिए दोषसिद्ध किया है; (प) जो कोई, बालक पर लैंगिक हमला करता है और बालक को सार्वजनिक रूप से विवस्त्र करता है या नग्न करके प्रदर्शन करता है; या
(फ) जो कोई इस आशय से कि कोई बालक प्रवेशन लैंगिक हमले के प्रयोजन के लिए शीघ्र लैंगिक परिपक्वता प्राप्त करे, किसी बालक को कोई मादक द्रव्य, हार्मोन या कोई रासायनिक पदार्थ लिए जाने के लिए प्रेरित करता है, उत्प्रेरित करता है, फुसलाता है या प्रपीड़ित करता है या देता है या देने के लिए किसी को निर्देश देता है या लिए जाने में सहायता करता है,
वह गुरुतर लैंगिक हमला करता है, यह कहा जाता है।

Aggravated Sexual Assault-
(a) Whoever, being a police officer, commits sexual assault on a child-
(i) within the limits of the police station or premises where he is appointed; or
(ii) in the premises of any station house whether or not situated in the police station to which he is appointed; or
(iii) in the course of his duties or otherwise; or
(iv) where he is known as, or identified as a police officer, or
(b) Whoever, being a member of the armed forces or security forces, commits sexual assault on a child-
(1) within the limits of the area to which the person is deployed; or
(ii) in any areas under the command of the security or armed forces; or
(iii) in the course of his duties or otherwise; or
(iv) where he is known or identified as a member of the security or armed forces; or
(c) Whoever being a public servant commits sexual assault on a child; or
(d) Whoever being on the management or on the staff of a jail, or remand home or protection home or observation home, or other place of custody or care and protection established by or under any law for the time being in force commits sexual assault on a child being inmate of such jail or remand home or protection home or observation home or other place of custody or care and protection; or
(e) Whoever being on the management or staff of a hospital, whether Government or private, commits sexual assault on a child in that hospital; or
(f) Whoever being on the management or staff of an educational institution or religious institution, commits sexual assault on a child in that institution; or
(g) Whoever commits gang sexual assault on a child.
Explanation- When a child is subjected to sexual assault by one or more persons of a group in furtherance of their common intention, each of such persons shall be deemed to have committed gang sexual assault within the meaning of this clause and each of such person shall be liable for that act in the same manner as if it were done by him alone; or
(h) Whoever commits sexual assault on a child using deadly weapons, fire, heated substance or corrosive substance; or
(i) Whoever commits sexual assault causing grievous hurt or causing bodily harm and injury or injury to the sexual organs of the child; or
(j) Whoever commits sexual assault on a child, which-
(i) physically incapacitates the child or causes the child to become mentally ill as defined under clause (1) of Section 2 of the Mental Health Act, 1987 (14 of 1987) or causes impairment of any kind so as to render the child unable to perform regular tasks, temporarily or permanently; or
(ii) inflicts the child with Human Immunodeficiency Virus or any other life threatening disease or infection which may either temporarily or permanently impair the child by rendering him physically incapacitated, or mentally ill to perform regular tasks; or
(k) Whoever, taking advantage of a child’s mental or physical disability, commits sexual assault on the child; or
(l) Whoever commits sexual assault on the child more than once or repeatedly; or
(m) Whoever commits sexual assault on a child below twelve years; or
(n) Whoever, being a relative of the child through blood or adoption or marriage or guardianship or in foster care, or having domestic relationship with a parent of the child, or who is living in the same or shared household with the child, commits sexual assault on such child; or
(o) Whoever, being in the ownership or management or staff, of any institution providing services to the child, commits sexual assault on the child in such institution; or
(p) Whoever, being in a position of trust or authority of a child. commits sexual assault on the child in an institution or home of the child or anywhere else; or
(q) Whoever commits sexual assault on a child knowing the child is pregnant; or
(r) Whoever commits sexual assault on a child and attempts to murder the child; or
(s) Whoever commits sexual assault on a child in the course of violence or during any natural calamity or in any similar situations; or
(t) Whoever commits sexual assault on a child and who has been previously convicted of having committed any offence under this Act or any sexual offence punishable under any other law for the time being in force;
(u) Whoever commits sexual assault on a child and makes the child to strip or parade naked in public; or
(v) whoever persuades, induces, entices or coerces a child to get administered or administers or direct anyone to administer, help in getting administered any drug or hormone or any chemical substance, to a child with the intent that such child attains early sexual maturity;
is said to commit aggravated sexual assault.

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 9 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आप के मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 10 | गुरुतर लैंगिक हमले के लिए दंड | Pocso Act Section- 10 in hindi | Punishment for aggravated sexual assault.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 10? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 10 के अंतर्गत दंड के लिए परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 10 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के अंतर्गत जो कोई लोक सेवक अधिकारी होते हुए, किसी बालक पर लैंगिक हमला करता है, तो वह दंड का भागीदार होगा। यह पॉक्सो की धारा 10 गुरुतर लैंगिक हमले के लिए दंड का प्रावधान को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 10 के अनुसार-

गुरुतर लैंगिक हमले के लिए दंड-

जो कोई, गुरुतर लैंगिक हमला करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

Punishment for aggravated sexual assault-
Whoever, commits aggravated sexual assault shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than five years but which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

सजा (Punishment)

जो कोई गुरुतर लैंगिक हमला करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 10 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आप के मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 8 | लैंगिक हमले के लिए दंड | Pocso Act Section- 8 in hindi | Punishment for sexual assault.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 8? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 8 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 8 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति लैंगिक आशय से बालक की योनि, लिंग, गुदा या स्तनों को स्पर्श करता है या बालक से ऐसे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति की योनि, लिंग, गुदा या स्तन का स्पर्श करता है या लैंगिक आशय से ऐसा कोई अन्य कार्य करता है तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के अंतर्गत दंड को परिभाषित करता है यह पॉक्सो की धारा 8 लैंगिक हमले के लिए दंड का प्रावधान को परिभाषित करता है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 8 के अनुसार-

लैंगिक हमले के लिए दंड-

जो कोई, लैंगिक हमला करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

Punishment for sexual assault-
Whoever, commits sexual assault, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than three years but which may extend to five years, and shall also be liable to fine.

सजा (Punishment)

जो कोई लैंगिक हमला करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु जो पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 8 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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पॉक्सो एक्ट की धारा 7 | लैंगिक हमला | Pocso Act Section- 7 in hindi | Sexual Assault.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 7 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 7? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 7 के अंतर्गत क्या परिभाषित करती है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 7 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 7 के अंतर्गत जो कोई व्यक्ति लैंगिक आशय से बालक की योनि, लिंग, गुदा या स्तनों को स्पर्श करता है या बालक से ऐसे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति की योनि, लिंग, गुदा या स्तन का स्पर्श करता है या लैंगिक आशय से ऐसा कोई अन्य कार्य करता है तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 7 के अंतर्गत दंड का भागीदार होगा। यह पॉक्सो की धारा 7 प्रवेशन लैंगिक हमले के लिए दंड का प्रावधान को परिभाषित करता है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 7 के अनुसार-

लैंगिक हमला-

जो कोई, लैंगिक आशय से बालक की योनि, लिंग, गुदा या स्तनों को स्पर्श करता है या बालक से ऐसे व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति की योनि, लिंग, गुदा या स्तन का स्पर्श करता है या लैंगिक आशय से ऐसा कोई अन्य कार्य करता है जिसमें प्रवेशन किए बिना शारीरिक संपर्क अंतर्ग्रस्त होता है, लैंगिक हमला करता है, यह कहा जाता है।

Sexual Assault-
Whoever, with sexual intent touches the vagina, penis, anus or breast of the child or makes the child touch the vagina, penis, anus or breast of such person or any other person, or does any other act with sexual intent which involves physical contact without penetration is said to commit sexual assault.

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पॉक्सो एक्ट की धारा 6 | गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमले के लिए दण्ड | Pocso Act Section- 6 in hindi | Punishment for aggravated penetrative sexual assault.

नमस्कार दोस्तों, आज हम पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 6? साथ ही हम आपको POCSO ACT की धारा 6 के अंतर्गत क्या दंड का प्रावधान है, इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 6 का विवरण

पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत कोई लोक सेवक होते हुए अथवा किसी अस्पताल, या किसी शैक्षणिक संस्था या धार्मिक संस्था का प्रबंध या कर्मचारी  “प्रवेशन लैंगिक हमला” करता है, तो वह इस कृत्य के लिए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत दंड का भागीदार होगा। यह पॉक्सो की धारा 6 प्रवेशन लैंगिक हमले के लिए दंड का प्रावधान को परिभाषित करती है।

पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 6 के अनुसार-

गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमले के लिए दण्ड –

(1) जो कोई गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास, जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा, तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा या मृत्यु से दण्डित किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन अधिरोपित जुर्माना न्यायोचित और युक्तियुक्त होगा और उसका संदाय, पीड़ित के चिकित्सा व्ययों और पुनर्वास की पूर्ति के लिए ऐसे पीड़ित को किया जाएगा।

Punishment for aggravated penetrative sexual assault-
(1) Whoever commits aggravated penetrative sexual assault shall be punished with rigorous imprisonment for a term which shall not be less than twenty years, but which may extend to imprisonment for life, which shall mean imprisonment for the remainder of natural life of that person, and shall also be liable to fine, or with death.(2) The fine imposed under sub-section (1) shall be just and reasonable and paid to the victim to meet the medical expenses and rehabilitation of such victim.

सजा (Punishment)

जो कोई गुरुतर प्रवेशन लैंगिक हमला करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास अथवा जीवनकाल के लिए कारावास होगा, तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा या मृत्यु से दण्डित किया जाएगा।

साथ ही जो उसका संदाय, पीड़ित के चिकित्सा व्ययों और पुनर्वास की पूर्ति के लिए ऐसे पीड़ित को किया जाएगा।

हमारा प्रयास पॉक्सो एक्ट की धारा 6 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आप के मन में कोई सवाल हो, तो आप बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
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