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भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 156 | Indian Contract Act Section 156

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-156) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 156 के अनुसार यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित करे दे और माल पृथक् या विभाजित किए जा सकते हों तो माल में सम्पत्ति पक्षकारों की अपनी-अपनी रहती है किंतु उपनिहिती या पृथक्करण विभाजन के व्यय को और मिश्रण से हुए किसी भी नुकसान को सहन करने के लिए आबद्ध है, जिसे IC Act Section-156 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 156 (Indian Contract Act Section-156) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 156 IC Act Section-156 के अनुसार यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित करे दे और माल पृथक् या विभाजित किए जा सकते हों तो माल में सम्पत्ति पक्षकारों की अपनी-अपनी रहती है किंतु उपनिहिती या पृथक्करण विभाजन के व्यय को और मिश्रण से हुए किसी भी नुकसान को सहन करने के लिए आबद्ध है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 156 (IC Act Section-156 in Hindi)

जबकि माल पृथक् किए जा सकते हों तब उपनिधाता की सम्मति के बिना किए गए मिश्रण का प्रभाव-

यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित करे दे और माल पृथक् या विभाजित किए जा सकते हों तो माल में सम्पत्ति पक्षकारों की अपनी-अपनी रहती है किंतु उपनिहिती या पृथक्करण विभाजन के व्यय को और मिश्रण से हुए किसी भी नुकसान को सहन करने के लिए आबद्ध है।
दृष्टांत
क एक विशिष्ट चिह्न से चिह्नित रुई की 100 गाँठेख के पास उपनिहित करता है। क की सम्मति के बिना ख उन 100 गांठों को एक अलग चिह्न धारण करने वाली अपनी अन्य गांठों में मिश्रित करता है । क को हक है कि वह अपनी 100 गांठों को वापस करा ले, और गांठों के पृथक् करने में हुआ सारा व्यय और अन्य आनुषंगिक नुकसान सहन करने के लिए ख आबद्ध है।

Indian Contract Act Section-156 (IC Act Section-156 in English)

Effect of mixture, without bailor’s consent, when the goods can be separated-

If the bailee, without the consent of the bailor, mixes the goods of the bailor with his own goods, and the goods can be separated or divided, the property in the goods remains in the parties respectively; but the bailee is bound to bear the expense of separation or division, and any damage arising from the mixture.
Illustration
A bails 100 bales of cotton marked with a particular mark to B. B, without A‟s consent, mixes the 100 bales with other bales of his own, bearing a different mark: A is entitled to have his 100 bales returned, and B is bound to bear all the expense incurred in the separation of the bales, and any other incidental damage.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 156 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 155 | Indian Contract Act Section 155

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-155) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 155 के अनुसा यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति से उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित कर दे तो उपनिधाता और उपनिहिती इस प्रकार उत्पादित मिश्रण में अपने-अपने अंश के अनुपात से हित रखेंगे, जिसे IC Act Section-155 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 155 (Indian Contract Act Section-155) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 155 IC Act Section-155 के अनुसार यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति से उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित कर दे तो उपनिधाता और उपनिहिती इस प्रकार उत्पादित मिश्रण में अपने-अपने अंश के अनुपात से हित रखेंगे।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 155 (IC Act Section-155 in Hindi)

उपनिहिती के माल के साथ उपनिधाता की सम्मति से उसके माल के मिश्रण का प्रभाव-

यदि उपनिहिती उपनिधाता की सम्मति से उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ मिश्रित कर दे तो उपनिधाता और उपनिहिती इस प्रकार उत्पादित मिश्रण में अपने-अपने अंश के अनुपात से हित रखेंगे।

Indian Contract Act Section-155 (IC Act Section-155 in English)

Effect of mixture, with bailor’s consent, of his goods with bailee’s-

If the bailee, with the consent of the bailor, mixes the goods of the bailor with his own goods, the bailor and the bailee shall have an interest, in proportion to their respective shares, in the mixture thus produced.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 155 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 154 | Indian Contract Act Section 154

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-154) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 154 के अनुसा यदि उपनिहिती उपनिहित माल का ऐसा कोई उपयोग करे जो उपनिधान की शर्तों के अनुसार न हो तो वह उसके ऐसे उपयोग से या ऐसे उपयोग के दौरान में माल को हुए नुकसान के लिए उपनिधाता को प्रतिकर देने का दायी है, जिसे IC Act Section-154 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 154 (Indian Contract Act Section-154) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 154 IC Act Section-154 के अनुसार यदि उपनिहिती उपनिहित माल का ऐसा कोई उपयोग करे जो उपनिधान की शर्तों के अनुसार न हो तो वह उसके ऐसे उपयोग से या ऐसे उपयोग के दौरान में माल को हुए नुकसान के लिए उपनिधाता को प्रतिकर देने का दायी है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 154 (IC Act Section-154 in Hindi)

उपनिहित माल का अप्राधिकृत उपयोग करने वाले उपनिहिती का दायित्व-

यदि उपनिहिती उपनिहित माल का ऐसा कोई उपयोग करे जो उपनिधान की शर्तों के अनुसार न हो तो वह उसके ऐसे उपयोग से या ऐसे उपयोग के दौरान में माल को हुए नुकसान के लिए उपनिधाता को प्रतिकर देने का दायी है।
दृष्टांत
(क) ख को एक घोड़ा केवल उसकी अपनी सवारी के लिए क उधार देता है। ख उपने कुटुम्ब के एक सदस्य ग को उस घोड़े पर सवारी करने देता है। ग सावधानी से सवारी करता है। किन्तु अकस्मात् घोड़ा गिर पड़ता है और क्षत हो जाता है। ख घोड़े को हुई क्षति के लिए क को प्रतिकर देने का दायी है।
(ख) क कलकत्ते में ख में एक घोड़ा यह कह कर भाड़े पर लेता है कि वह वाराणसी जाएगा। क सम्यक् सावधानी से सवारी करता है, किन्तु वाराणसी न जाकर कटक जाता है । अकस्मात् घोड़ा गिर पड़ता है और क्षत हो जाता है । क घोड़े को हुई क्षति के लिए ख को प्रतिकर देने का दायी है।

Indian Contract Act Section-154 (IC Act Section-154 in English)

Liability of bailee making unauthorized use of goods bailed-

If the bailee makes any use of the goods bailed which is not according to the conditions of the bailment, he is liable to make compensation to the bailor for any damage arising to the goods from or during such use of them.
Illustrations
(a) A lends a horse to B for his own riding only. B allows C, a member of his family, to ride the horse. C rides with care, but the horse accidentally falls and is injured. B is liable to make compensation to A for the injury done to the horse.
(b) A hires a horse in Calcutta from B expressly to march to Benares. A rides with clue care, but marches to Cuttack instead.The horse accidentally falls and is injured. A is liable to make compensation to B for the injury to the horse.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 154 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 153 | Indian Contract Act Section 153

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-153) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 153 के अनुसा उपनिधान की संविदा उपनिधाता के विकल्प पर शून्यकरणीय है यदि उपनिहिती उपनिहित माल के सम्बन्ध में कोई ऐसा कार्य करे जो उपनिधान की शर्तों से असंगत हो, जिसे IC Act Section-153 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 153 (Indian Contract Act Section-153) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 153 IC Act Section-153 के अनुसार उपनिधान की संविदा उपनिधाता के विकल्प पर शून्यकरणीय है यदि उपनिहिती उपनिहित माल के सम्बन्ध में कोई ऐसा कार्य करे जो उपनिधान की शर्तों से असंगत हो।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 153 (IC Act Section-153 in Hindi)

उपनिहिती के ऐसे कार्य द्वारा, जो शर्तों से असंगत हो, उपनिधान का पर्यवसान-

उपनिधान की संविदा उपनिधाता के विकल्प पर शून्यकरणीय है यदि उपनिहिती उपनिहित माल के सम्बन्ध में कोई ऐसा कार्य करे जो उपनिधान की शर्तों से असंगत हो।
दृष्टांत
ख को एक घोड़ा उसकी अपनी सवारी के लिए क भाड़े पर देता है। ख उस घोड़े को अपनी गाड़ी में चलाता है। यह क के विकल्प पर उपनिधान का पर्यवसान है।

Indian Contract Act Section-153 (IC Act Section-153 in English)

Termination of bailment by bailee’s act inconsistent with conditions-

A contract of bailment is avoidable at the option of the bailor, if the bailee does any act with regard to the goods bailed, inconsistent with the conditions of the bailment.
Illustration
A lets to B, for hire, a horse for his own riding. B drives the horse in his carriage. This is, at the „option of A, a termination of the bailment.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 153 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 152 | Indian Contract Act Section 152

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-152) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 152 के अनुसा उपनिहिती विशेष संविदा के अभाव में उपनिहित चीज की हानि, नाश या क्षय के लिए उत्तरदायी नहीं है, यदि उसने धारा 151 में वर्णित परिणाम में उसकी देख-रेख की हो, जिसे IC Act Section-152 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 152 (Indian Contract Act Section-152) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 152 IC Act Section-152 के अनुसार उपनिहिती विशेष संविदा के अभाव में उपनिहित चीज की हानि, नाश या क्षय के लिए उत्तरदायी नहीं है, यदि उसने धारा 151 में वर्णित परिणाम में उसकी देख-रेख की हो।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 152 (IC Act Section-152 in Hindi)

उपनिहित चीज की हानि, आदि के लिए उपनिहिती कब दायी नहीं है-

उपनिहिती विशेष संविदा के अभाव में उपनिहित चीज की हानि, नाश या क्षय के लिए उत्तरदायी नहीं है, यदि उसने धारा 151 में वर्णित परिणाम में उसकी देख-रेख की हो।

Indian Contract Act Section-152 (IC Act Section-152 in English)

Bailee when not liable for loss, etc., of thing bailed-

The bailee, in the absence of any special contract, is not responsible for the loss, destruction or deterioration of the thing bailed, if he has taken the amount of care of it described in section 151.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 152 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 151 | Indian Contract Act Section 151

भारतीय संविदा अधिनियम Indian Contract Act (ICA Section-151) in Hindi के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 151 के अनुसार उपनिधान की सभी दशाओं में उपनिहिती आबद्ध है कि वह अपने को उपनिहित माल के प्रति वैसी ही सतर्कता बरते जैसी मामूली प्रज्ञा वाला मनुष्य वैसी ही परिस्थितियों में अपने ऐसे माल के प्रति बरतता जो उसी परिणाम, क्वालिटी और मूल्य का हो जैसा उपनिहित माल है, जिसे IC Act Section-151 के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 151 (Indian Contract Act Section-151) का विवरण

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 151 IC Act Section-151 के अनुसार उपनिधान की सभी दशाओं में उपनिहिती आबद्ध है कि वह अपने को उपनिहित माल के प्रति वैसी ही सतर्कता बरते जैसी मामूली प्रज्ञा वाला मनुष्य वैसी ही परिस्थितियों में अपने ऐसे माल के प्रति बरतता जो उसी परिणाम, क्वालिटी और मूल्य का हो जैसा उपनिहित माल है।

भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 151 (IC Act Section-151 in Hindi)

उपनिहिती द्वारा बरती जाने वाली सतर्कता-

उपनिधान की सभी दशाओं में उपनिहिती आबद्ध है कि वह अपने को उपनिहित माल के प्रति वैसी ही सतर्कता बरते जैसी मामूली प्रज्ञा वाला मनुष्य वैसी ही परिस्थितियों में अपने ऐसे माल के प्रति बरतता जो उसी परिणाम, क्वालिटी और मूल्य का हो जैसा उपनिहित माल है।

Indian Contract Act Section-151 (IC Act Section-151 in English)

Care to be taken by bailee-

In all cases of bailment the bailee is bound to take as much care of the goods bailed to him as a man of ordinary prudence would, under similar circumstances, take of his own goods of the same bulk, quality and value as the goods bailed.

हमारा प्रयास भारतीय संविदा अधिनियम (Indian Contract Act Section) की धारा 151 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।