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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 197 | प्राधिकार के बिना यान ले जाना | MV Act, Section- 197 in hindi | Taking vehicle without authority.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 197 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 197, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 197 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -197 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई किसी मोटर यान को या तो उसके स्वामी की सहमति प्राप्त किए बिना या अन्य विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना ले जाएगा और चलाएगा, वह कारावास से या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 197 के अनुसार

प्राधिकार के बिना यान ले जाना-

(1) जो कोई किसी मोटर यान को या तो उसके स्वामी की सहमति प्राप्त किए बिना या अन्य विधिपूर्ण प्राधिकार के बिना ले जाएगा और चलाएगा, वह कारावास से, जो तीन मास तक का हो सकेगा या [पांच हजार रुपए के] जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा:
परन्तु कोई भी व्यक्ति इस धारा के अधीन उस दशा में दोषसिद्ध न किया जाएगा जब न्यायालय का यह समाधान हो जाता है कि ऐसे व्यक्ति ने ऐसे समुचित विश्वास से कार्य किया है कि उसे विधिपूर्ण प्राधिकार प्राप्त है अथवा ऐसे समुचित विश्वास से कार्य किया है कि यदि उसने स्वामी की सहमति मांगी होती तो मामले की परिस्थितियों में स्वामी ने अपनी सहमति दे दी होती।
(2) जो कोई, विधिविरुद्ध रूप से, बलपूर्वक या बल की धमकी द्वारा या अन्य प्रकार के अभित्रास के द्वारा, किसी मोटर यान को छीन लेता है या उस पर नियंत्रण करता है, वह कारावास से, जो तीन मास तक का हो सकेगा; या [पांच हजार रुपए] के जुर्माने से, अथवा दोनों से, दण्डनीय होगा।
(3) जो कोई किसी मोटर यान के संबंध में उपधारा (1) या उपधारा (2) में निर्दिष्ट कोई कार्य करने का प्रयास करेगा या किसी ऐसे कार्य को करने का दुष्प्रेरण करेगा, उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने भी, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन अपराध किया है।

Taking vehicle without authority-
(1) Whoever takes and drives away any motor vehicle without having either the consent of the owner thereof or other lawful authority shall be punishable with imprisonment which may extend to three months, or with fine [of five thousand rupees], or with both :
Provided that no person shall be convicted under this section if the Court is satisfied that such person acted in the reasonable belief that he had lawful authority or in the reasonable belief that the owner would in the circumstances of the case have given his consent if he had been asked therefor.
(2) Whoever, unlawfully by force or threat of force or by any other form of intimidation, seizes or exercises control of a motor vehicle, shall be punishable with imprisonment which may extend to three months, or with fine [of five thousand rupees], or with both.
(3) Whoever attempts to commit any of the acts referred to in sub-section (1) or sub-section (2) in relation to any motor vehicle, or abets the commission of any such act, shall also be deemed to have committed an offence under sub-section (1) or, as the case may be, sub-section (2).

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 197 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 196 | बीमा न किए गए यान को चलाना | MV Act, Section- 196 in hindi | Driving uninsured vehicle.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 196 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 196, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 196 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -196 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई बिना बीमा कराये मोटर यान चालाता है या उल्लंघन करके कोई मोटर यान चलाएगा या चलवाएगा, या चलाने देगा वह [प्रथम अपराध के लिए] कारावास से, जो तीन मास तक का हो सकेगा, या [दो हजार रुपए के] जुर्माने से, अथवा दोनों से, [और पश्चातवर्ती अपराध के लिए ऐसे कारावास जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी या चार हजार रुपए के जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 196 के अनुसार

बीमा न किए गए यान को चलाना-

जो कोई धारा 146 के उपबंधों का उल्लंघन करके कोई मोटर यान चलाएगा या चलवाएगा, या चलाने देगा वह [प्रथम अपराध के लिए] कारावास से, जो तीन मास तक का हो सकेगा, या [दो हजार रुपए के] जुर्माने से, अथवा दोनों से, [और पश्चातवर्ती अपराध के लिए ऐसे कारावास जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी या चार हजार रुपए के जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

Driving uninsured vehicle-
Whoever drives a motor vehicle or causes or allows a motor vehicle to be driven in contravention of the provisions of section 146 shall be punishable [for the first offence] with imprisonment which may extend to three months, or with fine [of two thousand rupees], or with both [and for a subsequent offence shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months, or with fine of four thousand rupees, or with both.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 196 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 195 | कतिपय परिस्थितियों में न्यूनतम जुर्माने का अधिरोपण | MV Act, Section- 195 in hindi | Imposition of minimum fine under certain circumstances.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 195 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 195, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 195 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -195 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध किए जाने पर वैसा ही अपराध, पूर्ववर्ती अपराध के किए जाने के तीन वर्ष के भीतर दूसरी बार या उसके पश्चात्वर्ती बार करेगा तो कोई न्यायालय ऐसे अपराध के लिए अधिरोपणीय जुर्माने की अधिकतम रकम के एक चौथाई से कम जुर्माना केवल उन कारणों से, जो उसके द्वारा लेखबद्ध किए जाएंगे, अधिरोपित करेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 195 के अनुसार

कतिपय परिस्थितियों में न्यूनतम जुर्माने का अधिरोपण-

(1) जो कोई इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध किए जाने पर वैसा ही अपराध, पूर्ववर्ती अपराध के किए जाने के तीन वर्ष के भीतर दूसरी बार या उसके पश्चात्वर्ती बार करेगा तो कोई न्यायालय ऐसे अपराध के लिए अधिरोपणीय जुर्माने की अधिकतम रकम के एक चौथाई से कम जुर्माना केवल उन कारणों से, जो उसके द्वारा लेखबद्ध किए जाएंगे, अधिरोपित करेगा, अन्यथा नहीं।
(2) उपधारा (1) की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह ऐसा कारावास अधिनिर्णीत करने की न्यायालय की शक्ति को निर्बन्धित करती है जिसे वह मामले की परिस्थितियों में आवश्यक समझता है और जो उस अपराध की बाबत इस अधिनियम में विनिर्दिष्ट अधिकतम सीमा से अधिक नहीं है।

Imposition of minimum fine under certain circumstances-
(1) Whoever having been convicted of an offence under this Act or the rules made thereunder commits a similar offence on a second or subsequent occasion within three years of the commission of the previous offence, no court shall, except for reasons to be recorded by it in writing, impose on him a fine of less than one-fourth of the maximum amount of the fine imposable for such offence.
(2) Nothing in sub-section (1) shall be construed as restricting the power of the court from awarding such imprisonment as it considers necessary in the circumstances of the case not exceeding the maximum specified in this Act in respect of that offence.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 195 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194F | हार्न और ध्वनिमंद क्षेत्र | MV Act, Section- 194F in hindi | Use of horns and silence zones.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194F के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194F, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194F का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -194F के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई, किसी मोटर यान को चलाते समय सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अनावश्यक रूप से या निरंतर या सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता से अधिक हार्न बजाता है, तो वह जुर्माने से दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194F के अनुसार

हार्न और ध्वनिमंद क्षेत्र-

जो कोई-
(क) मोटर यान चलाते समय–
(i) सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अनावश्यक रूप से या निरंतर या सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता से अधिक हार्न बजाना, या
(ii) हार्न के प्रयोग का प्रतिषेध करने वाले यातायात चिन्ह वाले क्षेत्र में हार्न बजाना, या
(ख) ऐसा मोटर यान चलाना जो ऐसे कट आउट का प्रयोग करता है जिसके द्वारा नि:शेष गैसों को अवमंदक से भिन्न किसी माध्यम से छोड़ा जाता है,
एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडनीय होगा और दूसरे या पश्चातवर्ती अपराध के लिए दो हजार रुपए के जुर्माने से दंडनीय होगा।

Use of horns and silence zones-
Whoever-
(a) while driving a motor vehicle–
(i) sounds the horn needlessly or continuously or more than necessary to ensure safety, or
(ii) sounds the horn in an area with a traffic sign prohibiting the use of a horn, or
(b) drives a motor vehicle which makes use of a cut-out by which exhaust gases are released other than through the silencer,
shall be punishable with a fine of one thousand rupees and for a second or subsequent offence with a fine of two thousand rupees.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 194F की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194E | आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने देने में असफलता | MV Act, Section- 194E in hindi | Failure to allow free passage to emergency vehicles.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194E के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194E, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194E का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -194E के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई, किसी मोटर यान को चलाते समय अग्निशमन सेवा यान के या एम्बूलेंस या अन्य आपातकालीन यान, जो राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए, के आ जाने पर सडक की एक ओर ले जाने में असफल रहता है, तो वह जुर्माने एवंम् कारावास से दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194E के अनुसार

आपातकालीन यानों को अबाध रूप से गुजरने देने में असफलता-

जो कोई, किसी मोटर यान को चलाते समय अग्निशमन सेवा यान के या एम्बूलेंस या अन्य आपातकालीन यान, जो राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए, के आ जाने पर सडक की एक ओर ले जाने में असफल रहता है, ऐसे कारावास, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी या दस हजार रुपए के जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

Failure to allow free passage to emergency vehicles-
Whoever while driving a motor vehicle fails to draw to the side of the road, on the approach of a fire service vehicle or of an ambulance or other emergency vehicle as may be specified by the State Government, shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to six months, or with a fine of ten thousand rupees or with both.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 194E की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194D | सिर के सुरक्षा पहनावे को न पहनने के लिए शास्ति | MV Act, Section- 194D in hindi | Penalty for not wearing protective headgear.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194D के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194D, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194D का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -194D के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के अधीन जो कोई धारा 129 के या उसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के उल्लंघन में मोटर साइकिल चलाता है या मोटर साइकिल चलवाता है या चलवाना अनुज्ञात करता है, तो वह जुर्माने एवंम् लाइसेंस रद्द किये जाने तक का दण्डनीय होगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 194D के अनुसार

सिर के सुरक्षा पहनावे को न पहनने के लिए शास्ति-

जो कोई धारा 129 के या उसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के उल्लंघन में मोटर साइकिल चलाता है या मोटर साइकिल चलवाता है या चलवाना अनुज्ञात करता है तो वह एक हजार रुपए के जुर्माने से दंडनीय होगा और तीन मास की अवधि के लिए अनुज्ञप्ति धारण करने के लिए निरर्हित होगा।

Penalty for not wearing protective headgear-
Whoever drives a motor cycle or causes or allows a motor cycle to be driven in contravention of the provisions of section 129 or the rules or regulations made thereunder shall be punishable with a fine of one thousand rupees and he shall be disqualified for holding licence for a period of three months.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 194D की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।