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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 103 | राज्य परिवहन उपक्रमों को परमिट दिया जाना | MV Act, Section- 103 in hindi | Issue of permits to State transport undertakings.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 103 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 103, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 103 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -103 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन जहां किसी अनुमोदित स्कीम के अनुसरण में कोई राज्य परिवहन उपक्रम अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग की बाबत मंजिली गाड़ी परमिट या माल वाहक परमिट या ठेका गाड़ी परमिट के लिए ऐसी रीति से, जो राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विहित की जाए, आवेदन करता है वहां जब उक्त क्षेत्र या मार्ग एक से अधिक प्रदेशों में पड़ता है तब राज्य परिवहन प्राधिकरण और किसी अन्य दशा में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, अध्याय 5 में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, राज्य परिवहन उपक्रम को ऐसे परमिट देगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 103 के अनुसार

राज्य परिवहन उपक्रमों को परमिट दिया जाना-

(1) जहां किसी अनुमोदित स्कीम के अनुसरण में कोई राज्य परिवहन उपक्रम अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग की बाबत मंजिली गाड़ी परमिट या माल वाहक परमिट या ठेका गाड़ी परमिट के लिए ऐसी रीति से, जो राज्य सरकार द्वारा इस निमित्त विहित की जाए, आवेदन करता है वहां जब उक्त क्षेत्र या मार्ग एक से अधिक प्रदेशों में पड़ता है तब राज्य परिवहन प्राधिकरण और किसी अन्य दशा में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण, अध्याय 5 में किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, राज्य परिवहन उपक्रम को ऐसे परमिट देगा।
(2) इस प्रयोजन से कि अनुमोदित स्कीम अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग के बारे में कार्यान्वित की जाए, यथास्थिति, राज्य परिवहन प्राधिकरण या संबंधित प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण आदेश द्वारा-
(क) कोई अन्य परमिट देने या उसका नवीकरण करने के किसी आवेदन को ग्रहण करने से इन्कार कर सकेगा अथवा किसी ऐसे आवेदन को नामंजूर कर सकेगा, जो लम्बित हो;
(ख) किसी विद्यमान परमिट को रद्द कर सकेगा;
(ग) किसी विद्यमान परमिट के निबन्धनों में ऐसे उपांतरण कर सकेगा कि-
(i) वह परमिट किसी विनिर्दिष्ट तारीख से आगे के लिए प्रभावहीन हो जाए;
(ii) उस परमिट के अधीन प्रयुक्त किए जाने के लिए प्राधिकृत यानों की संख्या घट जाए;
(iii) उस परमिट के अन्तर्गत क्षेत्र या मार्ग वहां तक कम हो जाए जहां तक कि वह परमिट अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग से संबंधित है ।
(3) शंकाओं को दूर करने के लिए घोषित किया जाता है कि उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन राज्य परिवहन प्राधिकरण या किसी प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण द्वारा की गई किसी कार्रवाई या दिए गए आदेश के विरुद्ध कोई अपील न होगी।

Issue of permits to State transport undertakings-
(1) Where, in pursuance of an approved scheme, any State transport undertaking applies in such manner as may be prescribed by the State Government in this behalf for a stage carriage permit or a goods carriage permit or a contract carriage permit in respect of a notified area or notified route, the State Transport Authority in any case where the said area or route lies in more than one region and the Regional Transport Authority in any other case shall issue such permit to the State transport undertaking notwithstanding anything to the contrary contained in Chapter V.
(2) For the purpose of giving effect to the approved scheme in respect of a notified area or notified route, the State Transport Authority or, as the case may be, the Regional Transport Authority concerned may, by order-
(a) refused to entertain any application for the grant or renewal of any other permit or reject any such application as may be pending;
(b) cancel any existing permit;
(c) modify the terms of any existing permit so as to
(i) render the permit ineffective beyond a specified date;
(ii) reduce the number of vehicles authorised to be used under the permit;
(iii) curtail the area or route covered by the permit in so far as such permit relates to the notified area or notified route.
(3) For the removal of doubts, it is hereby declared that no appeal shall lie against any action taken, or order passed, by the State Transport Authority or any Regional Transport Authority under sub-section (1) or sub-section (2).

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 103 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 102 | स्कीम का रद्द या उपांतरित किया जाना | MV Act, Section- 102 in hindi | Cancellation or modification of scheme.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 102 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 102, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 102 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -102 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन यदि राज्य सरकार किसी भी समय लोकहित में ऐसा करना आवश्यक समझती है तो वह प्रस्तावित उपान्तरण की बाबत किसी अन्य व्यक्ति को जिसका राज्य सरकार की राय में प्रस्तावित उपान्तरण से प्रभावित होना संभाव्य है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 102 के अनुसार

स्कीम का रद्द या उपांतरित किया जाना-

(1) यदि राज्य सरकार किसी भी समय लोकहित में ऐसा करना आवश्यक समझती है तो वह प्रस्तावित उपान्तरण की बाबत-
(i) राज्य परिवहन उपक्रम को; और
(ii) किसी अन्य व्यक्ति को जिसका राज्य सरकार की राय में प्रस्तावित उपान्तरण से प्रभावित होना संभाव्य है,
सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् किसी अनुमोदित स्कीम को उपान्तरित कर सकेगी।
(2) राज्य सरकार उपधारा (1) के अधीन प्रस्तावित किसी उपान्तरण को राजपत्र में और उस क्षेत्र में, जिसको ऐसे उपान्तरण के अन्तर्गत लाने का प्रस्ताव है, परिचालित प्रादेशिक भाषाओं के एक समाचार-पत्र में प्रकाशित करेगी और उसमें यह तारीख होगी, जो राजपत्र में ऐसे प्रकाशन से तीस दिन से कम नहीं होगी और वह समय और स्थान भी होगा जहां इस निमित्त प्राप्त किसी अभ्यावेदन की राज्य सरकार द्वारा सुनवाई की जाएगी।

Cancellation or modification of scheme-
(1) The State Government may, at any time, if it considers necessary, in the public interest so to do, modify any approved scheme after giving-
(i) the State transport undertaking; and
(ii) any other person who, in the opinion of the State Government, is likely to be affected by the proposal modification,
an opportunity of being heard in respect of the proposed modification.
(2) The State Government shall publish any modification proposed under sub-section in the Official Gazette and in one of the newspapers in the regional languages circulating in the area in which it is proposed to be covered by such modification, together with the date, not being less than thirty days from such publication in the Official Gazette, and the time and place at which any representation received in this behalf will be heard by the State Government.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 102 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 101 | राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा कतिपय परिस्थितियों में अतिरिक्त सेवाओं का चलाया जाना | MV Act, Section- 101 in hindi | Operation of additional services by a State transport undertaking in certain circumstances.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 101 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 101, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 101 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -101 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन कोई राज्य परिवहन उपक्रम, लोकहित में, विशेष अवसरों पर, जैसे मेलों और धार्मिक सम्मेलनों की ओर से यात्रियों के प्रवहण के लिए अतिरिक्त सेवाएं चला सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 101 के अनुसार

राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा कतिपय परिस्थितियों में अतिरिक्त सेवाओं का चलाया जाना-

धारा 87 में किसी बात के होते हुए भी, कोई राज्य परिवहन उपक्रम, लोकहित में, विशेष अवसरों पर, जैसे मेलों और धार्मिक सम्मेलनों की ओर से यात्रियों के प्रवहण के लिए अतिरिक्त सेवाएं चला सकेगा :
परन्तु राज्य परिवहन उपक्रम, संबंधित परिवहन प्राधिकरण को ऐसी अतिरिक्त सेवाओं के चलाए जाने के बारे में अविलम्ब सूचित करेगा।

Operation of additional services by a State transport undertaking in certain circumstances-
Notwithstanding anything contained in section 87, a State transport undertaking may, in the public interest operate additional services for the conveyance of the passengers on special occasions such as to and from fairs and religious gatherings :
Provided that the State transport undertaking shall inform about the operation of such additional services to the concerned Transport Authority without delay.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 101 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 100 | प्रस्थापना पर आपत्ति | MV Act, Section- 100 in hindi | Objection to the proposal.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 100 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 100, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 100 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -100 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय के अधीन राजपत्र में किसी स्कीम के संबंध में प्रस्थापना के प्रकाशन पर तथा उस क्षेत्र या मार्ग में, जिसमें ऐसी स्कीम चलाने की प्रस्थापना है, परिचालित प्रादेशिक भाषा से कम से कम एक समाचार-पत्र में प्रकाशन पर कोई भी व्यक्ति राजपत्र में उसके प्रकाशन की तारीख से तीस दिन के अन्दर उसके बारे में आपत्तियां राज्य सरकार के समक्ष फाइल कर सकेगा ।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 100 के अनुसार

प्रस्थापना पर आपत्ति-

(1) राजपत्र में किसी स्कीम के संबंध में प्रस्थापना के प्रकाशन पर तथा उस क्षेत्र या मार्ग में, जिसमें ऐसी स्कीम चलाने की प्रस्थापना है, परिचालित प्रादेशिक भाषा से कम से कम एक समाचार-पत्र में प्रकाशन पर कोई भी व्यक्ति राजपत्र में उसके प्रकाशन की तारीख से तीस दिन के अन्दर उसके बारे में आपत्तियां राज्य सरकार के समक्ष फाइल कर सकेगा ।
(2) राज्य सरकार ऐसी आपत्तियों पर विचार करने के पश्चात् तथा आपत्तिकर्ता या उसके प्रतिनिधियों, और राज्य परिवहन उपक्रम के प्रतिनिधियों को, यदि वे ऐसा चाहें, इस विषय में सुनव का अवसर देने के पश्चात्, ऐसी प्रस्थापना का अनुमोदन या उसमें परिवर्तन कर सकेगी।
(3) उपधारा (2) के अधीन अनुमोदित या उपांतरित रूप में प्रस्थापना से संबंधित स्कीम तब ऐसी स्कीम बनाने वाली राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में और उस स्कीम के अन्तर्गत आने वाले क्षेत्र या मार्ग में परिचालित प्रादेशिक भाषा के कम से कम एक समाचार-पत्र में प्रकाशित की जाएगी और वैसा हो जाने पर वह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को अन्तिम होगा तथा अनुमोदित स्कीम कही जाएगी और जिस क्षेत्र या मार्ग से वह संबंधित है वह अधिसूचित क्षेत्र या अधिसूचित मार्ग कहलाएगा :
परन्तु ऐसी कोई स्कीम, जो किसी अंतरराज्यिक मार्ग से संबंधित है, तभी अनुमोदित स्कीम समझी जाएगी जब उस पर केन्द्रीय सरकार का पूर्व अनुमोदन हो, अन्यथा नहीं ।
(4) इस धारा में किसी बात के होते हए भी. जहां कोई स्कीम उपधारा (1) के अधीन स्कीम से संबंधित प्रस्थापना के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक वर्ष की अवधि के अन्दर राजपत्र में उपधारा (3) के अधीन अनुमोदित स्कीम के रूप में प्रकाशित नहीं की जाती है जहां वह प्रस्थापना व्यपगत हो गई समझी जाएगी।

Objection to the proposal-
(1) On the publication of any proposal regarding a scheme in the Official Gazette and in not less than one newspaper in the regional language circulating in the area or route which is to be covered by such proposal any person may, within thirty days from the date of its publication in the Official Gazette, file objections to it before the State Government.
(2) The State Government may, after considering the objections and after giving an opportunity to the objector or his representatives and the representatives of the State transport undertaking to be heard in the matter, if they so desire, approve or modify such proposal.
(3) The scheme relating to the proposal as approved or modified under subsection (2) shall then be published in the Official Gazette by the State Government making such scheme and in not less than one newspaper in the regional language circulating in the area or route covered by such scheme and the same shall thereupon become final on the date of its publication in the Official Gazette and shall be called the approved scheme and the area or route to which it relates shall be called the notified area or notified route :
Provided that no such scheme which relates to any inter-State route shall be deemed to be an approved scheme unless it has the previous approval of the Central Government
(4) Notwithstanding anything contained in this section, where a scheme is not published as an approved scheme under sub-section (3) in the Official Gazette within a period of one year from the date of publication of the proposal regarding the scheme in the Official Gazette under sub-section (1), the proposal shall be deemed to have lapsed.

स्पष्टीकरण- इस उपधारा में निर्दिष्ट एक वर्ष की अवधि की संगणना करने में ऐसी कालावधि या कालावधियां जिनके दौरानं उपधारा (3) के अधीन अनुमोदित स्कीम का प्रकाशन किसी न्यायालय के रोक आदेश या आदेश के कारण रुक गया था, अपवर्जित कर दी जाएंगी।

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 100 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 99 | राज्य परिवहन उपक्रम की सड़क परिवहन सेवा के संबंध में प्रस्थापना का तैयार किया जाना और प्रकाशन | MV Act, Section- 99 in hindi | Preparation and publication of proposal regarding road transport service of a State transport undertaking.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 99 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 99, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 99 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -99 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय और इसके अधीन राज्य परिवहन उपक्रम की सड़क परिवहन सेवा के संबंध में प्रस्थापना का तैयार किया जाना और प्रकाशन सड़क परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के प्रयोजन से लोक हित में आवश्यक है, परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 99 के अनुसार

राज्य परिवहन उपक्रम की सड़क परिवहन सेवा के संबंध में प्रस्थापना का तैयार किया जाना और प्रकाशन-

(1) जहां किसी राज्य सरकार की यह राय है कि एक दक्ष, यथोचित, मितव्ययी और समुचित रूप से समन्वित सड़क परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के प्रयोजन से लोक हित में आवश्यक है कि साधारणतः सड़क परिवहन सेवाएं अथवा उसके किसी क्षेत्र या मार्ग या भाग के संबंध में किसी विशिष्ट प्रकार की ऐसी सेवा राज्य परिवहन उपक्रम द्वारा, चाहे अन्य व्यक्तियों का पूर्णतया या आंशिक रूप से अपवर्जन करके या अन्यथा, चलाई जाए और चालू रखी जाए, वहा राज्य सरकार उन सेवाओं के स्वरूप की, जिनके उपलब्ध कराए जाने की प्रस्थापना है, और उस क्षेत्र या मार्ग की, जिस पर उसे चलाने की प्रस्थापना है, विशिष्टियां और उससे संबंधित अन्य सुसंगत विशिष्टियां देते हुए एक स्कीम के संबंध में प्रस्थापना बना सकेगी और ऐसी बनाई गई प्रस्थापना को राज्य के राजपत्र में और उस क्षेत्र या मार्ग में, जिसमें ऐसी स्कीम चलाने की प्रस्थापना है, परिचालित प्रादेशिक भाषा के कम से कम एक समाचार-पत्र में, तथा ऐसी अन्य रीति से भी, जो ऐसी प्रस्थापना बनाने वाली राज्य सरकार ठीक समझे, प्रकाशित कराएगी।
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, जब कोई प्रस्थापना उस उपधारा के अधीन प्रकाशित की जाती है, तब, ऐसी प्रस्थापना के प्रकाशन की तारीख से किसी भी व्यक्ति को प्रस्थापना के लंबित रहने के दौरान अस्थाई परमिट के सिवाय कोई परमिट, नहीं दिया जाएगा अतः ऐसा अस्थाई परमिट दिए जाने की तारीख से केवल एक वर्ष की अवधि तक या धारा 100 के अधीन स्कीम के अंतिम रूप से प्रकाशन की तारीख तक इनमें से जो भी पूर्वतर हो, विधिमान्य होगा।

Preparation and publication of proposal regarding road transport service of a State transport undertaking-
(1) Where any State Government is of opinion that for the purpose of providing an efficient, adequate, economical and properly co-ordinated road transport service, it is necessary in the public interest that road transport services in general or any particular class of such service in relation to any area or route or portion thereof should be run and operated by the State transport undertaking, whether to the exclusion, complete or partial, of other persons or otherwise, the State Government may formulate a proposal regarding a scheme giving particulars of the nature of the services proposed to be rendered, the area or route proposed to be covered and other relevant particulars respecting thereto and shall publish such proposal in the Official Gazette of the State formulating such proposal and in not less than one newspaper in the regional language circulating in the area or route proposed to be covered by such scheme and also in such other manner as the State Government formulating such proposal deem fit.
(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1), when a proposal is published under that sub-section, then from the date of publication of such proposal, no permit shall be granted to any person, except a temporary permit during the pendency of the proposal and such temporary permit shall be valid only for a period of one year from the date of its issue or till the date of final publication of the scheme under section 100, whichever is earlier.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 99 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 98 | इस अध्याय का अध्याय 5 और अन्य विधियों पर अध्यारोही होना | MV Act, Section- 98 in hindi | Chapter to override Chapter V and other laws.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 98 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 98, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 98 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -98 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अध्याय और इसके अधीन बनाए गए नियम या किए गए आदेश के उपबंध अध्याय 5 में या इस समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अथवा किसी ऐसी विधि के आधार पर प्रभावी किसी लिखत में उससे असंगत किसी बात के होते हए भी, प्रभावी होंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 98 के अनुसार

इस अध्याय का अध्याय 5 और अन्य विधियों पर अध्यारोही होना-

इस अध्याय और इसके अधीन बनाए गए नियम या किए गए आदेश के उपबंध अध्याय 5 में या इस समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अथवा किसी ऐसी विधि के आधार पर प्रभावी किसी लिखत में उससे असंगत किसी बात के होते हए भी, प्रभावी होंगे।

Chapter to override Chapter V and other laws-
The provisions of this Chapter and the rules and orders made thereunder shall have effect notwithstanding anything inconsistent therewith contained in Chapter V or in any other law for the time being in force or in any instrument having effect by virtue of any such law.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 98 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।