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मोटर वाहन अधिनियम की धारा 31 | कंडक्टर अनुज्ञप्ति के दिए जाने के लिए निरर्हताएं | MV Act, Section- 31 in hindi | Disqualifications for the grant of conductor’s licence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 31 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 31, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 31 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -31 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन कंडक्टर अनुज्ञप्ति के दिए जाने के लिए निरर्हताओं को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 31 के अनुसार

कंडक्टर अनुज्ञप्ति के दिए जाने के लिए निरर्हताएं-

(1) कोई भी व्यक्ति, जो अठारह वर्ष से कम आयु का है, न तो कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण करेगा और न वह उसे दी जाएगी।
(2) अनुज्ञापन प्राधिकारी कंडक्टर अनुज्ञप्ति देने से इंकार कर सकेगा–
(क) यदि आवेदक के पास न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता नहीं है;
(ख) यदि आवेदक द्वारा पेश किए गए चिकित्सा प्रमाण-पत्र से यह प्रकट होता है कि वह कडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए शारीरिक दृष्टि से ठीक हालात में नहीं है; तथा
(ग) यदि आवेदक द्वारा धारित पहले की कोई कंडक्टर अनुज्ञप्ति प्रतिसंहृत की गई थी।

Disqualifications for the grant of conductor’s licence-
(1) No person under the age of eighteen years shall hold, or be granted, a conductor’s licence.
(2) The licensing authority may refuse to issue a conductor’s licence–
(a) if the applicant does not possess the minimum educational qualification;
(b) if the medical certificate produced by the applicant discloses that he is physically unfit to act as a conductor; and
(c) if any previous conductor’s licence held by the applicant was revoked.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 31 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 30 | कंडक्टर अनुज्ञप्ति का दिया जाना | MV Act, Section- 30 in hindi | Grant of conductor’s licence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 30 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 30, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 30 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -30 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन कोई व्यक्ति, जिसके पास ऐसी न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं हैं जो राज्य सरकार द्वारा विहित की जाएं और जो धारा 31 की उपधारा (1) के अधीन निरहित नहीं हैं और जो उस समय कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण या अभिप्राप्त करने के लिए निरहित नहीं है. कंडक्टर अनुज्ञप्ति उसे दिए जाने के लिए उस अनुज्ञापन प्राधिकारी को आवेदन कर सकेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 30 के अनुसार

कंडक्टर अनुज्ञप्ति का दिया जाना-

(1) कोई व्यक्ति, जिसके पास ऐसी न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं हैं जो राज्य सरकार द्वारा विहित की जाएं और जो धारा 31 की उपधारा (1) के अधीन निरहित नहीं हैं और जो उस समय कंडक्टर अनुज्ञप्ति धारण या अभिप्राप्त करने के लिए निरहित नहीं है. कंडक्टर अनुज्ञप्ति उसे दिए जाने के लिए उस अनुज्ञापन प्राधिकारी को आवेदन कर सकेगा जिसकी अधिकारिता ऐसे क्षेत्र पर है जिसमें वह मामूली तौर पर निवास करता है या कारबार चलाता है।
(2) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक आवेदन ऐसे प्ररूप में होगा और उसमें ऐसी जानकारी दी जाएगी जो विहित की जाए।
(3) कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए प्रत्येक आवेदन के साथ ऐसे प्ररूप में, जैसा विहित किया जाए, चिकित्सा प्रमाण-पत्र होगा जो रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा हस्ताक्षरित होगा और उसके साथसाथ आवेदक की नई फोटो की दो साफ प्रतियाँ भी होंगी।
(4) इस अध्याय के अधीन दी गई कंडक्टर अनुज्ञप्ति ऐसे प्ररूप में होगी और उसमें ऐसी विशिष्टियां होंगी जो विहित की जाएं और वह उस पूरे राज्य में प्रभावी होगी जिसमें वह दी गई है।
(5) कंडक्टर अनुज्ञप्ति के लिए और उसके प्रत्येक नवीकरण के लिए फीस, चालन-अनुज्ञप्ति की फीस की आधी होगी।

Grant of conductor’s licence-
(1) Any person who possesses such minimum educational qualification as may be prescribed by the State Government and is not disqualified under sub-section (1) of section 31 and who is not for the time being disqualified for holding or obtaining a conductor’s licence may apply to the licensing authority having jurisdiction in the area in which he ordinarily resides or carries on business for the issue to him of a conductor’s licence.
(2) Every application under sub-section (1) shall be in such form and shall contain such information as may be prescribed.
(3) Every application for a conductor’s licence shall be accompanied by a medical certificate in such form as may be prescribed, signed by a registered medical practitioner and shall also be accompanied by two clear copies of a recent photograph of the applicant.
(4) A conductor’s licence issued under this Chapter shall be in such form and contain such particulars as may be prescribed and shall be effective throughout the State in which it is issued.
(5) The fee for a conductor’s licence and for each renewal thereof shall be one-half of that for a driving licence.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 30 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 29 | कंडक्टर अनुज्ञप्ति की आवश्यकता | MV Act, Section- 29 in hindi | Necessity for conductor’s licence.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 29 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 29, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 29 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -29 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन कोई व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में तभी कार्य करेगा जब उसके पास ऐसी प्रभावी कंडक्टर अनुज्ञप्ति है जो ऐसे कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए उसे प्राधिकृत करने के लिए उसके नाम दी गई है; और कोई भी व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को नियोजित या अनुज्ञात नहीं करेगा।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 29 के अनुसार

कंडक्टर अनुज्ञप्ति की आवश्यकता-

(1) कोई व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में तभी कार्य करेगा जब उसके पास ऐसी प्रभावी कंडक्टर अनुज्ञप्ति है जो ऐसे कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए उसे प्राधिकृत करने के लिए उसके नाम दी गई है; और कोई भी व्यक्ति किसी मंजिली गाड़ी के कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को नियोजित या अनुज्ञात नहीं करेगा जो इस प्रकार अनुज्ञप्त नहीं है।
(2) राज्य सरकार ऐसी शर्ते विहित कर सकेगी जिन पर उपधारा (1), किसी मंजिली गाड़ी के ऐसे ड्राइवर को, जो कंडक्टर के कृत्यों का पालन कर रहा है या ऐसे व्यक्ति को, जो अधिक से अधिक एक मास की अवधि के लिए कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए नियोजित किया गया है, लागू नहीं होगी।

Necessity for conductor’s licence-
(1) No person shall act as a conductor of a stage carriage unless he holds an effective conductor’s licence issued to him authorising him to act as such conductor; and no persons shall employ or permit any person who is not so licensed to act as a conductor of a stage carriage.
(2) A State Government may prescribe the conditions subject to which subsection (1) shall not apply to a driver of a stage carriage performing the functions of a conductor or to a person employed to act as, a conductor for a period not exceeding one month.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 29 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 25A | चालन अनुज्ञप्तियों का राष्ट्रीय रजिस्टर | MV Act, Section- 25A in hindi | National Register of Driving Licences.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 25A के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 25A, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 25A का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -25A के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन किसी चालन-अनुज्ञप्ति पर किए गए पृष्ठांकन को उसके धारक द्वारा अभिप्राप्त चालन-अनुज्ञप्ति की किसी नई या दूसरी प्रति पर तब तक उतारा जाएगा जब तक कि धारक इस धारा के उपबंधों के अधीन पृष्ठांकन रहित चालन-अनुज्ञप्ति दिए जाने के लिए हकदार नहीं हो जाता है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 25A के अनुसार

चालन अनुज्ञप्तियों का राष्ट्रीय रजिस्टर-

(1) केन्द्रीय सरकार चालन अनुज्ञप्तियों का एक राष्ट्रीय रजिस्टर ऐसे प्ररूप और रीति में रखेगी जैसा विहित किया जाए।
(2) चालन अनुज्ञप्तियों के सभी राज्य रजिस्टरों को चालन अनुज्ञप्तियों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तारीख तक सम्मिलित कर लिया जाएगा।
(3) इस अधिनियम के अधीन जारी या नवीकृत कोई चालन अनुज्ञप्ति तब तक विधिमान्य नहीं होगी जब तक उसे चालन अनुज्ञप्तियों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अधीन एक विशिष्ट चालन अनुज्ञप्ति संख्या जारी नहीं कर दी गई हो।
(4) इस अधिनियम के अधीन सभी राज्य सरकारें और अनुज्ञप्ति प्राधिकारी सभी सूचना, जिसके अंतर्गत चालन अनुज्ञप्तियों के राज्य रजिस्टर में अंतर्विष्ट डाटा भी है, ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में पारेषित करेंगे जैसा केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया जाए।
(5) राज्य सरकार राष्ट्रीय रजिस्टर तक पहुंच करने के लिए हकदार होगी और अपने अभिलेखों को ऐसी रीति में अद्यतन करेगी जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए।

National Register of Driving Licences-
(1) The Central Government shall maintain a National Register of Driving Licences in such form and manner as may be prescribed.
(2) All State Registers of Driving Licences shall be subsumed under the National Register of Driving Licences by a date to be notified by the Central Government.
(3) No driving licence issued, or renewed, under this Act shall be valid unless it has been issued a unique driving licence number under the National Register of Driving Licences.
(4) All State Governments and licensing authorities under this Act shall transmit all information including contained data in the State Register of Driving Licences in such form and manner as may be prescribed by the Central Government.
(5) The State Governments shall be entitled to access the National Register and update their records in such manner as may be prescribed by the Central Government.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 25A की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 28 | राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति | MV Act, Section- 28 in hindi | Power of State Government to make rules.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 28 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 28, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 28 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -28 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन राज्य सरकार के मोटर वाहन अधिनियम की धारा 28 के अन्तर्गत अपने नियम बनाने की शक्ति को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 28 के अनुसार

राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति-

(1) राज्य सरकार धारा 27 में विनिर्दिष्ट विषयों से भिन्न इस अध्याय के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए नियम बना सकेगी।
(2) पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित के लिए उपबंध हो सकेगा-
(क) अनुज्ञापन प्राधिकारियों और अन्य विहित प्राधिकारियों की नियुक्ति, अधिकारिता, नियंत्रण और कृत्य;
(ख) इस अध्याय के अधीन की जाने वाली अपीलों का संचालन और उनकी सुनवाई, ऐसी अपीलों की बाबत देय फीसें और ऐसी फीसों का वापस दिया जाना:
परन्तु इस प्रकार नियत की जाने वाली कोई फीस पच्चीस रुपए से अधिक नहीं होगी;
(ग) किन्हीं खोई, नष्ट या कटी-फटी अनुज्ञप्तियों के बदले में दूसरी अनुज्ञप्तियों का दिया जाना, ऐसी फोटो के बदले में, जो पुरानी पड़ गई है, नई फोटो रखना और उनके लिए प्रभारित की जाने वाली फीसें;
(घ) परिवहन यानों के ड्राइवरों द्वारा लगाए जाने वाले बैज और पहनी जाने वाली वर्दी और बैजों के लिए दी जाने वाली फीसें;
(ङ) धारा 8 की उपधारा (3) के अधीन कोई चिकित्सा प्रमाण-पत्र देने के लिए संदेय जाए ।
(च) इस अध्याय के अधीन देय सब फीसों को या उनके किसी भाग को देने से विहित व्यक्तियों या विहित वर्गों के व्यक्तियों को छूट;
(छ) एक अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा दी गई अनुज्ञप्तियों की विशिष्टियों की अन्य अनुज्ञापन प्राधिकारियों को संसूचना;
(ज) ऐसे व्यक्तियों के कर्त्तव्य, कृत्य और आचरण जिनको परिवहन यान चलाने के लिए अनुज्ञप्तियाँ दी जाती हैं;
(झ) रोड-रोलरों के डाइवरों को इस अध्याय के या इसके अधीन बनाए गए नियमों के सब या किन्हीं उपबधो से छूट;
(ट) कोई अन्य विषय जो विहित किया जाना है या किया जाए ।

Power of State Government to make rules-
(1) A State Government may make rules for the purpose of carrying into effect the provisions of this Chapter other than the matters specified in section 27.
(2) Without prejudice to the generality of the foregoing power, such rules may provide for-
(a) the appointment, jurisdiction, control and functions of licensing authorities and other prescribed authorities;
(b) the conduct and hearing of appeals that may be preferred under the Chapter, the fees to be paid in respect of such appeals and the refund of such fees :
Provided that no fee so fixed shall exceed twenty-five rupees;
(c) the issue of duplicate licences to replace licences lost, destroyed or mutilated, the replacement of photographs which have become obsolete and the fees to be charged therefor,
(d) the badges and uniform to be worn by drivers of transport vehicles and the fees to be paid in respect of badges;
(e) the fee payable for the issue of a medical certificate under sub section (3) of section 8;
(f) the exemption of prescribed persons, or prescribed classes of A persons, from payment of all or any portion of the fees payable under this Chapter;
(g) the communication of particulars of licences granted by one licensing authority to other licensing authorities;
(h) the duties, functions and conduct of such persons to whom licences to drive transport vehicles are issued;
(i) the exemption of drivers of road-rollers from all or any of the provisions of this Chapter, or of the rules made thereunder;
(k) any other matter which is to be, or may be, prescribed.

हमारा प्रयास मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 28 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 27 | केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति | MV Act, Section- 27 in hindi | Power of Central Government to make rules.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 27 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 27, साथ ही इस धारा के अंतर्गत क्या परिभाषित किया गया है, यह सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 27 का विवरण

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा -27 के विषय में पूर्ण जानकारी देंगे। इस अधिनियम के आधीन केन्द्र सरकार के मोटर वाहन अधिनियम की धारा 27 के अन्तर्गत अपने नियम बनाने की शक्ति को परिभाषित किया गया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा- 27 के अनुसार

केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति-

केन्द्रीय सरकार, निम्नलिखित की बाबत नियम बना सकेगी–
(क) धारा 2क की उपधारा (2) के अधीन ई-गाड़ी और ई-रिक्शा से संबंधित विनिर्देश;
(कक) धारा 3 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट शर्ते;
(ख) उस प्ररूप की, जिसमें शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किया जा सकेगा, वह जानकारी जो उसमें अंतर्विष्ट होगी और उन दस्तावेजों का जो धारा 8 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे, उपबंध करना;
(ग) धारा 8 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट चिकित्सा प्रमाण-पत्र के प्ररूप का उपबंध करना;
(घ) धारा 8 की उपधारा (5) में निर्दिष्ट परीक्षण के लिए विशिष्टियों का उपबंध करना;
(घक) वह प्ररूप और रीति, जिसमें अनुज्ञापन प्राधिकारी धारा 8 की उपधारा (6) के अधीन शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति जारी कर सकेगा;
(घख) वह रीति, जिसमें कोई अनुज्ञापन प्राधिकारी धारा 8 की उपधारा (6) के तीसरे परंतुक के अधीन आवेदक की पहचान का सत्यापन कर सकेगा;
(ङ) उस प्ररूप का, जिसमें चालन-अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन किया जा सकेगा, वह जानकारी जो उसमें अंतर्विष्ट होगी और उन दस्तावेजों का जो धारा 9 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जाएंगे, उपबंध करना;
(च) धारा 9 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट चालन सक्षमता परीक्षण की बाबत विशिष्टियों का उपबंध करना;
(चच) ऐसी रीति और शर्ते जिनके अधीन रहते हुए चालन अनुज्ञप्ति, धारा 9 की उपधारा (10) के अधीन जारी की जा सकेगी;
(छ) उन व्यक्तियों की, जिनको परिवहन यान चलाने के लिए इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्तियाँ दी जा सकेंगी, न्यूनतम शैक्षिक अर्हताएं और वह समय जिसके भीतर ऐसी अर्हताएं, ऐसे व्यक्तियों द्वारा अर्जित की जानी है, विनिर्दिष्ट करना;
(ज) धारा 10 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट अनुज्ञप्तियों के प्ररूप और अंतर्वस्तु का उपबंध करना;
(झ) धारा 11 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट आवेदन के प्ररूप और अंतर्वस्तु का तथा आवेदन के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों और प्रभारित की जाने वाली फीस का उपबंध करना;
(ञ) ऐसी शर्तों का उपबंध करना जिनके अधीन रहते हुए धारा 11 के अधीन किए गए आवेदन को धारा 9 लागू होगी;
(ञक) प्रशिक्षण माड्यूलों की पाठ्यचर्या और धारा 12 की उपधारा (6) के अधीन स्कूलों और स्थापनों का विनियमन;
(ञख) खतरनाक या परिसंकटमय प्रकृति के मालों के वहन के लिए परिवहन यानों और धारा 14 की उपधारा (2) के खंड (क) और खंड (ख) के अधीन अन्य मोटर यानों को चलाने की अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए शर्ते;
(ञग) वह रीति, जिसमें कोई अनुज्ञापन प्राधिकारी धारा 11 की उपधारा (2) के तीसरे परंतुक के अधीन आवेदक की पहचान का सत्यापन कर सकेगा;
(ट) धारा 15 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट आवेदन के प्ररूप और अंतर्वस्तु का तथा धारा 15 की उपधारा (2) के अधीन ऐसे आवेदन के साथ लगाए जाने वाले दस्तावेजों का उपबंध करना;
(ठ) धारा 18 की उपधारा (1) के अधीन, अनुज्ञप्ति देने के लिए प्राधिकारी का उपबंध करना;
(ड) धारा 8 की उपधारा (2), धारा 9 की उपधारा (2) और धारा 15 की उपधारा (3) 5 और उपधारा (4) के अधीन शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के दिए जाने के लिए और चालन अनुज्ञप्तियों के दिए जाने और नवीकरण के लिए और मोटर यान चलाने में शिक्षा देने वाले विद्यालयों या स्थापनों को विनियमित करने के प्रयोजन के लिए अनुज्ञप्तियों के दिए जाने और उनके नवीकरण के लिए संदेय फीस विनिर्दिष्ट करना;
(ढ) धारा 19 की उपधारा (1) के खंड (च) के प्रयोजनों के लिए कार्य विनिर्दिष्ट करना;
(ढक) धारा 19 की उपधारा (1क) में निर्दिष्ट अनुज्ञप्तिधारक के नाम को पब्लिक डोमेन में रखने की रीति;
(ढख) धारा 19 की उपधारा (2ख) में निर्दिष्ट चालक पुनश्चर्या प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की प्रकृति, पाठ्य विवरण और अवधि के लिए उपबंध करना;
(ण) धारा 24 की उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए इस अधिनियम के अधीन अपराधों को विनिर्दिष्ट करना;
(णक) धारा 25क में निर्दिष्ट सभी या कोई विषय;
(त) धारा 26 में निर्दिष्ट सभी या किन्हीं विषयों का उपबंध करना;
(थ) कोई अन्य विषय जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किया गया है या विहित किया गया हो।

Power of Central Government to make rules-
The Central Government may make rules-
(a) specifications relating to e-cart and e-rickshaw under sub-section (2) of section 2A;
(aa) regarding conditions referred to in sub-section (2) of section 3;
(b) providing for the form in which the application for learner’s licence may be made, the information it shall contain and the documents to be submitted with the application referred to in sub-section (2) of section 8;
(c) providing for the form of medical certificate referred to in sub section (3) of section 8;
(d) providing for the particulars for the test referred to in sub-section (5) of section 8;
(da) the form and manner in which a licensing authority may issue a learner’s licence under sub-section (6) of section 8;
(db) the manner in which a licensing authority may verify the identity of the applicant under the third proviso to sub-section (6) of section 8;
(e) providing for the form in which the application for driving licence may be made, the information it shall contain and the documents to be submitted with the application referred to in sub-section (2) of section 9;
(f) providing for the particulars regarding test of competence to drive, referred to in sub-section (3) of section 9;
(ff) the manner and the conditions subject to which the driving licence may be issued under sub-section (10) of section 9;
(g) specifying the minimum educational qualifications of persons to whom licences to drive transport vehicles may be issued under this Act and the time within which such qualifications are to be acquired by such persons;
(h) providing for the form and contents of the licences referred to in sub-section (1) of section 10;
(i) providing for the form and contents of the application referred to in sub-section (1) of section 11 and documents to be submitted with the application and the fee to be charged;
(j) providing for the conditions subject to which section 9 shall apply to an application made under section 11;
(ja) the curriculum of training modules and the regulation of schools and establishments under sub-section (6) of section 12;
(jb) the conditions for the renewal of licence to drive transport vehicles carrying goods of dangerous or hazardous nature and other motor vehicles under clause (a) and clause (b) of sub-section (2) of section 14;
(jc) the manner in which a licensing authority may verify the identity of the applicant under the third proviso to sub-section (2) of section 11;
(k) providing for the form and contents of the application referred to in sub-section (1) of section 15 and the documents to accompany such application under sub-section (2) of section 15;
(l) providing for the authority to grant licences under sub-section (1) of section 18;
(m) specifying the fees payable under sub-section (2) of section 8, sub section (2) of section 9 and sub-sections (3) and (4) of section 15 for the grant of learner’s licences, and for the grant and renewal of driving licences and licences for the purpose of regulating the schools or establishment for imparting instructions in driving motor vehicles;
(n) specifying the acts for purposes of clause (f) of sub-section (1) of section 19;
(na) the manner of placing in the public domain of the name of the licence holder as referred to in sub-section (1A) of section 19;
(nb) providing for the nature, syllabus and duration of the driver refresher training course as referred to in sub-section (2B) of section 19;
(o) specifying the offences under this Act for the purposes of sub-section (2) of section 24;
(oa) all or any of the matters referred to in section 25A;
(p) to provide for all or any of the matters referred to in section 26;
(q) any other matter which is or has to be, prescribed by the Central Government.

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