नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 76 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 76? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 76 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 76 के अनुसार यदि कोई पुरुष किसी महिला को कपड़े उतारने के इरादे से या उसे जबरदस्ती निर्वस्त्र करने के लिए उस पर हमला करता है, जोर-जबरदस्ती (आपराधिक बल) करता है, या किसी और से ऐसा करवाता है, तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा, तो वह धारा 76 के अन्तर्गत कम से कम से 3 वर्ष तक का कारावास, जो 7 वर्ष तक की हो सकती है, साथ ही जुर्माना (Fine) से भी से दंडित किया जायेगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-354B) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 76 का विवरण (Section 76 BNS)
BNS की धारा 76 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति किसी महिला की इज्जत और मर्यादा को ठेस पहुँचाने के लिए उसे कपड़े उतारने पर मजबूर करना या ऐसा करने की कोशिश करता है, तो वह धारा 76 के अन्तर्गत 3 वर्ष तक का कारावास, जो 7 वर्ष तक का हो सकता है, साथ ही जुर्माना (Fine) से भी दंडित किया जायेगा।
बीएनएस की धारा 76 के अनुसार (BNS Section 76 in Hindi)
76. विवस्त्र करने के आशय से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग - जो कोई किसी महिला को विवस्त्र करने या निर्वस्त्र होने के लिए बाध्य करने के आशय से उस पर हमला करता है या उसके प्रति आपराधिक बल का प्रयोग करता है या ऐसे कृत्य का दुष्प्रेरण करता है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो सात वर्ष तक हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
BNS की धारा 76 के अनुसार (BNS Section 76 in English)
76. Assault or use of criminal force to woman with intent to disrobe.. Whoever assaults or uses criminal force to any woman or abets such act with the intention of disrobing or compelling her to be naked, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than three years but which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
बीएनएस की धारा 76 एवंम् आईपीसी की धारा 354B मे अंतर
बीएनएस की धारा 76 मूल रूप से आईपीसी की धारा 354B का आधुनिक और संशोधित रूप है। दोनों में अपराध की प्रकृति और दंड लगभग समान हैं।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 354B | BNS Section 76 | मंशा पर ज़ोर |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- 3 वर्ष तक का कारावास
- जो 7 वर्ष तक की हो सकती है
- साथ ही जुर्माना
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| विवस्त्र करने के आशय से महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग | कम से कम 3 वर्ष के लिये कारावास, किन्तु जो 7 वर्ष का हो सकेगा और जुर्माना | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | सेशन न्यायालय |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 76 (BNS 76) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बीएनएस की धारा 76 क्या है?
बीएनएस की धारा 76 महिला को विवस्त्र करने या निर्वस्त्र होने के लिए मजबूर करने के इरादे से किए गए हमले या आपराधिक बल से संबंधित अपराध को परिभाषित करती है।
Q2. क्या बीएनएस धारा 76 और आईपीसी धारा 354B में अपराध अलग है?
नहीं, दोनों धाराओं में अपराध की प्रकृति लगभग समान है। अंतर मुख्य रूप से कानून के नाम और भाषा का है।
Q3. इस अपराध में सजा क्या है?
दोषी पाए जाने पर आरोपी को न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर अधिकतम 7 वर्ष तक का कारावास और साथ में जुर्माना हो सकता है।
Q4. क्या इस धारा में महिला की सहमति का महत्व है?
यदि कृत्य महिला की इच्छा के विरुद्ध और विवस्त्र करने के आशय से किया गया है, तो यह अपराध माना जाएगा।
Q5. इस धारा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिलाओं की गरिमा, सम्मान और निजता की रक्षा करना तथा ऐसे गंभीर अपराधों पर सख्त दंड सुनिश्चित करना।