नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 84 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 84? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 84 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 84 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए कि कोई महिला किसी और पुरुष की पत्नी है, उसे गलत नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता है, या कहीं छिपा देता है, या उसकी मर्जी के बिना उसे रोककर रखता है, ताकि वह किसी व्यक्ति के साथ गलत संबंध बनाए, तो वह 2 वर्ष के लिये कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकेगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-498) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 84 का विवरण (Section 84 BNS)
BNS की धारा 84 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए कि कोई महिला किसी और पुरुष की पत्नी है, उसे गलत नीयत से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता है, या कहीं छिपा देता है, या उसकी मर्जी के बिना उसे रोककर रखता है, ताकि वह किसी व्यक्ति के साथ गलत संबंध बनाए, तो वह धारा 84 के अन्तर्गत 2 वर्ष का कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकता है।
बीएनएस की धारा 84 के अनुसार (BNS Section 84 in Hindi)
84. विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना, या निरुद्ध रखना - जो कोई, किसी महिला को, जो किसी अन्य पुरुष की पत्नी है, और जिसका अन्य पुरुष की पत्नी होना वह जानता है, या विश्वास करने का कारण रखता है, इस आशय से ले जाता है, या फुसलाकर ले जाता है कि वह किसी व्यक्ति के साथ अनुचित सम्भोग करे या इस आशय से ऐसी किसी महिला को छिपाता है या निरुद्ध करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
BNS की धारा 84 के अनुसार (BNS Section 84 in English)
84. Enticing or taking away or detaining with criminal intent a married woman. Whoever takes or entices away any woman who is and whom he knows or has reason to believe to be the wife of any other man, with intent that she may have illicit intercourse with any person, or conceals or detains with that intent any such woman, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
बीएनएस की धारा 84 एवंम् आईपीसी की धारा 498 मे अंतर
- आईपीसी की धारा 498 पुराना कानून था,
- जिसे अब बीएनएस की धारा 84 ने प्रतिस्थापित कर दिया है।
- सजा लगभग समान है, लेकिन बीएनएस की भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित है।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 498 | BNS Section 84 | भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- 2 वर्ष के लिये कारावास और जुर्माना
- या दोनो
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| विवाहित महिला को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना या निरूद्ध रखना। | 2 वर्ष के लिये कारावास या जुर्माना या दोनो | गैर-संज्ञेय | जमानतीय | कोई मजिस्ट्रेट |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 84 (BNS 84) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. धारा 84 किस बारे में है?
यह धारा उस अपराध से संबंधित है, जिसमें कोई व्यक्ति किसी विवाहित महिला को गलत नीयत से बहकाकर ले जाए, छिपाए या रोककर रखे।
Q2. क्या महिला की सहमति होने पर भी अपराध बनता है?
हाँ, यदि पुरुष का आपराधिक या गलत उद्देश्य है, तो महिला की सहमति होने पर भी अपराध माना जा सकता है।
Q3. इस धारा में किसे सजा होती है?
सिर्फ उस व्यक्ति को जो महिला को बहकाता है, ले जाता है या छिपाता है।
Q4. क्या पति पर यह धारा लग सकती है?
नहीं, यह धारा पति पर लागू नहीं होती, बल्कि किसी तीसरे व्यक्ति पर लागू होती है।
Q5. क्या यह समझौता योग्य (Compoundable) अपराध है?
हाँ, परिस्थितियों के अनुसार यह समझौता योग्य हो सकता है, लेकिन अदालत की अनुमति आवश्यक होती है।