नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 93 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 93? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 93 के अनुसार यदि किसी बच्चे के माता-पिता या वह व्यक्ति जो उस बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी रखता है, 12 साल से कम उम्र के बच्चे को जानबूझकर अकेला, असुरक्षित हालत में किसी भी जगह छोड़ देता है, तो वह धारा 93 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक के लिये कारावास और जुर्माना से दंडित होगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-317) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 93 का विवरण (Section 93 BNS)
BNS की धारा 93 के अनुसार, यदि यदि किसी बच्चे के माता-पिता या वह व्यक्ति जो उस बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी रखता है, 12 साल से कम उम्र के बच्चे को जानबूझकर अकेला, असुरक्षित हालत में किसी भी जगह छोड़ देता है, तो वह धारा 93 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
बीएनएस की धारा 93 के अनुसार (BNS Section 93 in Hindi)
93. शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु को अरक्षित डाल देना और परित्याग करना - जो कोई, बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का पिता या माता होते हुए, या ऐसे शिशु की देखरेख का भार रखते हुए, ऐसे शिशु का पूर्णतः परित्याग करने के आशय से उस शिशु को किसी स्थान में अरक्षित डाल देगा या छोड़ देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण- यदि शिशु अरक्षित डाल दिए जाने के परिणामस्वरूप मर जाए, तो, यथास्थिति, हत्या या आपराधिक मानव वध के लिए अपराधी का विचारण निवारित करना इस धारा से आशयित नहीं है।
BNS की धारा 93 के अनुसार (BNS Section 93 in English)
93. Exposure and abandonment of child under twelve years of age, by parent or person having care of it. - Whoever being the father or mother of a child under the age of twelve years, or having the care of such child, shall expose or leave such child in any place with the intention of wholly abandoning such child, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, or with fine, or with both.
Explanation- This section is not intended to prevent the trial of the offender for murder or culpable homicide, as the case may be, if the child die in consequence of the exposure.
बीएनएस की धारा 93 एवंम् आईपीसी की धारा 317 मे अंतर
- अपराध की प्रकृति और सजा दोनों लगभग समान हैं।
- बीएनएस में भाषा अधिक स्पष्ट
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 317 | BNS Section 93 | भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- 7 वर्ष के लिये कारावास या जुर्माना
- या दोनों
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति व्दारा बारह वर्ष से कम आयु के बालक का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग। | 7 वर्ष के लिये कारावास या जुर्माना या दोनों। | संज्ञेय | जमानतीय | प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 93 (BNS 93) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बीएनएस की धारा 93 क्या है?
12 वर्ष से कम आयु के बच्चे को उसके माता-पिता या देखभाल करने वाला व्यक्ति जानबूझकर असुरक्षित स्थान पर छोड़ देता है।
Q2. आईपीसी की धारा 317 किससे संबंधित है?
आईपीसी की धारा 317 भी छोटे बच्चे को परित्याग करने के अपराध से जुड़ी हुई है और इसका उद्देश्य बच्चे की सुरक्षा करना है।
Q3. इन धाराओं के अंतर्गत अपराध कौन कर सकता है?
बच्चे के पिता, माता या वह व्यक्ति जो उसकी देखभाल की जिम्मेदारी रखता है।
Q4. बच्चे की उम्र कितनी होनी चाहिए?
बच्चा 12 वर्ष से कम आयु का होना चाहिए।
Q5. इस अपराध में सजा क्या है?
दोषी को 7 वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
Q6. क्या केवल बच्चे को छोड़ना ही अपराध है?
हाँ, यदि बच्चे को पूरी तरह छोड़ने के इरादे से असुरक्षित हालत में छोड़ा गया हो, तो यह अपराध है।