नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 63 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 63? साथ ही हम आपको BNS की धारा 63 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 63 में दुष्कर्म (Rape) की स्पष्ट एवंम् विस्तृत परिभाषा दी गई है। यह धारा बताती है कि किन परिस्थितियों में किसी पुरुष द्वारा किसी स्त्री के साथ किया गया यौन कृत्य दुष्कर्म (Rape) की श्रेणी मे माना जाएगा, इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-375) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 63 का विवरण (Section 63 BNS)
BNS की धारा 63 के अनुसार, यदि कोई पुरूष किसी स्त्री के साथ बलात्संग (Rape) जैसे घृणित अपराध को अंजाम देते हैं, तो यह धारा 63 ऐसे अपराधो को परिभाषित करती है। यह धारा बलात्संग (Rape) जैसे घृणित अपराध को विस्तृत व्याख्या बताती है।
बीएनएस की धारा 63 के अनुसार (BNS Section 63 in Hindi)
63. बलात्संग - यदि कोई पुरुष, -
(क) किसी महिला की योनि, उसके मुंह, मूत्रमार्ग या गुदा में अपने लिंग का किसी भी सीमा तक प्रवेशन करता है या उससे अपने साथ या किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसा कराता है; या
(ख) किसी महिला की योनि, मूत्रमार्ग या गुदा में ऐसी कोई वस्तु या शरीर का कोई भाग, जो लिंग न हो, किसी भी सीमा तक अनुप्रविष्ट करता है या उससे अपने साथ या किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसा कराता है; या
(ग) किसी महिला के शरीर के किसी भाग का इस प्रकार हस्तसाधन करता है जिससे कि उस महिला की योनि, मूत्रमार्ग, गुदा या शरीर के किसी भाग में प्रवेशन कारित किया जा सके या उससे अपने साथ या किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसा कराता है; या
(घ) किसी महिला की योनि, गुदा, मूत्रमार्ग पर अपना मुंह लगाता है या उससे ऐसा अपने साथ या किसी अन्य व्यक्ति के साथ कराता है,
तो उसके बारे में यह कहा जाएगा कि उसने बलात्संग किया है, जहां ऐसा निम्नलिखित सात भांति की परिस्थितियों में से किसी के अधीन किया जाता है-
(i) उस महिला की इच्छा के विरुद्ध;
(ii) उस महिला की सम्मति के बिना;
(iii) उस महिला की सम्मति से, जबकि उसकी सम्मति उसे या ऐसे किसी व्यक्ति को, जिससे वह हितबद्ध है, मृत्यु या उपहति के भय में डालकर अभिप्राप्त की गयी है;
(iv) उस महिला की सम्मति से, जब कि वह पुरुष यह जानता है कि वह उस महिला का पति नहीं है और उस महिला ने सम्मति इस कारण दी है कि वह यह विश्वास करती है कि वह ऐसा अन्य पुरुष है जिससे वह विधिपूर्वक विवाहित है या विवाहित होने का विश्वास करती है;
(v) उस महिला की सम्मति से, जब ऐसी सम्मति देने के समय, वह चित्त-विकृति या मत्तता के कारण या उस पुरुष द्वारा व्यक्तिगत रूप से या किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से कोई संवेदनशून्य करने वाला या अस्वास्थ्यकर पदार्थ दिए जाने के कारण, उस बात की प्रकृति और परिणामों को समझने में असमर्थ है, जिसके बारे में वह सम्मति देती है;
(vi) उस महिला की सम्मति से या उसके बिना, जब वह अट्ठारह वर्ष से कम आयु की है;
(vii) जब वह महिला सम्मति देने में असमर्थ है।
स्पष्टीकरण 1- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "योनि" के अन्तर्गत वृहत्त भगोष्ठ भी है।
स्पष्टीकरण 2 'सम्मति' से कोई स्पष्ट स्वैच्छिक सहमति अभिप्रेत है, जब महिला शब्दों, संकेतों या मौखिक या अमौखिक किसी प्रकार की संसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट लैंगिक कृत्य में भाग लेने की इच्छा व्यक्त करती है:
परन्तु ऐसी महिला के बारे में, जो प्रवेशन के कृत्य का भौतिक रूप से विरोध नहीं करती है, मात्र इस तथ् के कारण यह नहीं समझा जाएगा कि उसने लैंगिक क्रियाकलाप के प्रति सम्मति प्रदान की है।
अपवाद 1- किसी चिकित्सीय प्रक्रिया या अंतः प्रवेशन से बलात्संग गठित नहीं होगा।
अपवाद 2- किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ मैथुन या लैंगिक कृत्य बलात्संग नहीं है, यदि पत्नी अठारह वर्ष से कम आयु की नहीं है(BNS) बीएनएस की धारा 63 के अनुसार (BNS Section 63 in English)
63. Rape.- A man is said to commit "rape" if he-
(a) penetrates his penis, to any extent, into the vagina, mouth, urethra of anus of a woman or makes her to do so with him or any other person; or
(b) inserts, to any extent, any object or a part of the body, not being the penis, into the vagina, the urethra or anus of a woman or makes her to do so with him or any other person; or
(c) manipulates any part of the body of a woman so as to cause penetration into the vagina, urethra, anus or any part of body of such woman or makes her to do so with him or any other person; or
(d) applies his mouth to the vagina, anus, urethra of a woman or makes her to do so with him or any other person,
under the circumstances falling under any of the following seven descriptions:-
(i) against her will
ii) without her consent;
(iii) with her consent, when her consent has been obtained by putting her or any person in whom she is interested, in fear of death or of hurt:
(iv) with her consent, when the man knows that he is not her husband and that her consent is given because she believes that he is another man to whom she is or believes herself to be lawfully married;
(v) with her consent when, at the time of giving such consent, by reason of unsoundness of mind or intoxication or the administration by him through another of any stupefying or unwholesome substance, she is unable to understand the nature and consequences of personally or that to which she gives consent.
(vi) with or without her consent, when she is under eighteen years of age;
(vii) when she is unable to communicate consent.
Explanation 1. For the purposes of this section, "vagina" shall also include labia majora.
Explanation 2. Consent means an unequivocal voluntary agreement when the woman by words, gestures or any form of verbal or non-verbal communication, communicates willingness to participate in the specific sexual act:
Provided that a woman who does not physically resist to the act of penetration shall not by the reason only of that fact, be regarded as consenting to the sexual activity.
Exception 1. A medical procedure or intervention shall not constitute rape.
Exception 2. Sexual intercourse or sexual acts by a man with his own wife, the wife not being under eighteen years of age, is not rape.बीएनएस की धारा 63 एवंम् आईपीसी की धारा 375 मे अंतर
बीएनएस की धारा 63 के अनुसार ब्लात्संग (Rape) को परिभाषित किया गया है। आईपीसी की धारा 375 के स्थान पर BNS Act Section 63 को लागू किया गया है, इसमे मुख्य अंतर पहले आईपीसी की धारा 375 मे यदि कोई पुरूष अपनी पत्नी के साथ मैथुन या लैंगिक कृत्य ब्लात्संग नही है यदि पत्नी पन्द्रह वर्ष से कम आयु की नही है। जबकि नये बीएनएस की धारा 63 मे किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ मैथुन या लैंगिक कृत्य बलात्संग नहीं है, यदि पत्नी अठारह वर्ष से कम आयु की नहीं है।
| आईपीसी की धारा (IPC Section) | बीएनएस की धारा (BNS Section) | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| भारतीय दंड संहिता की धारा 375 (Old) | भारतीय न्याय संहिता की धारा 63 (New) | किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ मैथुन या लैंगिक कृत्य बलात्संग नहीं है, यदि पत्नी अठारह वर्ष से कम आयु की नहीं है। |
दुष्कर्म (Rape) कब माना जाएगा?
यदि कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ निम्न में से कोई भी कृत्य करता है, तो वह दुष्कर्म का दोषी होगा:
- स्त्री की इच्छा के विरुद्ध
- स्त्री की सहमति के बिना
- डर, भय या चोट पहुंचाने की धमकी देकर सहमति लेना
- यह झूठ बोलकर कि वह उसका पति है, जबकि वास्तव में नहीं है
- नशे, बेहोशी या मानसिक असंतुलन की अवस्था में सहमति लेना
- जब स्त्री सहमति देने में सक्षम न हो
- 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ, चाहे सहमति हो या न हो
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. क्या हर जबरन संबंध दुष्कर्म है?
हाँ, यदि सहमति वैध नहीं है।
Q2. क्या सहमति होने पर भी अपराध बन सकता है?
हाँ, यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है।
Q3. क्या झूठे विवाह का वादा दुष्कर्म है?
हाँ, यदि सहमति धोखे से ली गई हो।
Q4. क्या पुरुष भी पीड़ित हो सकता है?
धारा 63 विशेष रूप से स्त्री को पीड़िता मानती है।
Q5. धारा 63 के बाद सजा किस धारा में है?
दुष्कर्म की सजा BNS की धारा 64 और आगे दी गई है।