नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 75 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 75? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 75 के अनुसार यदि अगर कोई पुरुष किसी महिला के साथ बिना इच्छा शारीरिक छूना या ऐसे हाव-भाव करना जिनसे साफ़ लगे कि वह यौन संबंध बनाना चाहता है या महिला से यौन संबंध की मांग या दबाव डालना या महिला की मर्ज़ी के बिना उसे अश्लील फोटो, वीडियो या सामग्री दिखाना या महिला पर यौन टिप्पणी करना, अश्लील बातें कहना या ऑनलाइन अश्लील कमेंट करता है, तो वह धारा 75 के अन्तर्गत 1 वर्ष से 3 वर्ष तक का कारावास साथ ही जुर्माना (Fine) से भी से दंडित किया जायेगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-354A) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 75 का विवरण (Section 75 BNS)
BNS की धारा 75 के अनुसार, यदि यदि अगर कोई पुरुष किसी महिला के साथ बिना इच्छा शारीरिक छूना या ऐसे हाव-भाव करना जिनसे साफ़ लगे कि वह यौन संबंध बनाना चाहता है या महिला से यौन संबंध की मांग या दबाव डालना या महिला की मर्ज़ी के बिना उसे अश्लील फोटो, वीडियो या सामग्री दिखाना या महिला पर यौन टिप्पणी करना, अश्लील बातें कहना या ऑनलाइन अश्लील कमेंट करता है, तो यह अपराध है, तो वह धारा 75 के अन्तर्गत 1 वर्ष से 3 वर्ष तक का कारावास साथ ही जुर्माना (Fine) से भी दंडित किया जायेगा।
बीएनएस की धारा 75 के अनुसार (BNS Section 75 in Hindi)
75. लैंगिक उत्पीडन- (1) कोई पुरुष, निम्नलिखित कृत्यों में से कोई कृत्य, अर्थात
(i) शारीरिक स्पर्श और अग्रक्रियाएं करता है, जिनमें अवांछनीय और स्पष्ट लैंगिक सम्बन्ध बनाने का प्रस्ताव अन्तर्वलित है; या
(ii) लैंगिक स्वीकृति के लिए कोई मांग या अनुरोध करता है; या
(iii) किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील साहित्य दिखाता है; या
(iv) लैंगिक आभासी टिप्पणियां करता है,
तो लैंगिक उत्पीडन के अपराध का दोषी होगा।
2) कोई पुरुष, जो उपधारा (1) के खण्ड (ⅰ) या खण्ड (ii) या खण्ड (iii) में विनिर्दिष्ट अपराध करता है तो वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुमनि से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
(3) कोई पुरुष, जो उपधारा (1) के खण्ड (iv) में विनिर्दिष्ट अपराध करता है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनो से, दंडित किया जायेगा।
BNS की धारा 75 के अनुसार (BNS Section 75 in English)
75. Sexual harassment.-(1) A man committing any of the following acts
(i) physical contact and advances involving unwelcome and explicit sexual overtures; or
(ii) a demand or request for sexual favours; or
(iii) showing pornography against the will of a woman; or
(iv) making sexually coloured remarks,
shall be guilty of the offence of sexual harassment.
(2) Any man who commits the offence specified in clause (i) or clause (ii) or clause (iii) of sub-section (1) shall be punished with rigorous imprisonment for a term which may extend to three years, or with fine, or with both.
(3) Any man who commits the offence specified in clause (iv) of sub-section (1) shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year, or with fine, or with both.
लैंगिक उत्पीड़न के रूप क्या हैं?
- बिना इच्छा शारीरिक छूना या ऐसे हाव-भाव करना जिनसे साफ़ लगे कि वह यौन संबंध बनाना चाहता है।
- महिला से यौन संबंध की मांग या दबाव डालना।
- महिला की मर्ज़ी के बिना उसे अश्लील फोटो, वीडियो या सामग्री दिखाना।
- महिला पर यौन टिप्पणी करना, अश्लील बातें कहना या ऑनलाइन अश्लील कमेंट करना।
सजा क्या है?
पहले तीन मामलों (1, 2 और 3) में:
- 3 साल तक की सख्त जेल,
- या जुर्माना,
- या दोनों।
चौथे मामले (अश्लील/यौन टिप्पणी) में:
- 1 साल तक की जेल,
- या जुर्माना,
- या दोनों।
बीएनएस की धारा 75 एवंम् आईपीसी की धारा 354A मे अंतर
IPC धारा 354A और BNS धारा 75 का मूल उद्देश्य समान है, लेकिन बीएनएस में भाषा ज्यादा स्पष्ट है और “लैंगिक आभासी टिप्पणियाँ” जैसे आधुनिक पहलुओं को साफ़ तौर पर शामिल किया गया है।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 354A | BNS Section 75 | इरादा या यह ज्ञान कि लज्जा भंग होगी |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- 3 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना
- 1 वर्ष के लिये कारावास और जुर्माना
- साथ ही जुर्माना
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| उपधारा (1) के खण्ड (i) या खण्ड (ii) या खण्ड (iii) मे विनिर्दिष्ट लैगिंक उत्पीड़न और लैगिंग उत्पीड़न के लिये दण्ड | 3 वर्ष का कठोर कारावास या जुर्माना या दोनों | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| उपधारा (1) के खण्ड (iv) मे विनिर्दिष्ट लैगिंक उत्पीड़न और लैगिंग उत्पीड़न के लिये दण्ड | 1 वर्ष के लिये कारावास या जुर्माना या दोनों | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | सेशन न्यायालय |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 75 (BNS 75) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बीएनएस की धारा 75 क्या है?
यह धारा लैंगिक उत्पीड़न से जुड़ी है, जिसमें महिला की इच्छा के विरुद्ध किया गया कोई भी यौन व्यवहार, मांग या टिप्पणी अपराध माना जाता है।
Q2. आईपीसी की धारा 354A किस बारे में थी?
आईपीसी 354A भी लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित थी और वही चार प्रकार के कृत्य अपराध मानती थी।
Q3. लैंगिक उत्पीड़न के कौन-कौन से कृत्य शामिल हैं?
बिना सहमति शारीरिक स्पर्श
यौन संबंध की मांग
अश्लील सामग्री दिखाना
अश्लील या यौन टिप्पणियाँ (ऑनलाइन भी)
Q4. क्या हर टिप्पणी लैंगिक उत्पीड़न मानी जाएगी?
नहीं। केवल यौन प्रकृति की, अपमानजनक या अश्लील टिप्पणी ही अपराध मानी जाएगी।
Q5. क्या यह अपराध जमानती है?
आमतौर पर यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाता है, पर अंतिम निर्णय अदालत का होता है।