नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 85 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 85? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 85 के अनुसार यदि किसी महिला का पति या पति का कोई रिश्तेदार उस महिला के साथ क्रूर व्यवहार करता है—जैसे उसे शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, दहेज के लिए परेशान करना, मारपीट करना, अपमानित करना या जानबूझकर उसे कष्ट देना, तो वह धारा 85 के अन्तर्गत 3 वर्ष के लिये कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकेगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-498A) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 85 का विवरण (Section 85 BNS)
BNS की धारा 85 के अनुसार, यदि किसी महिला का पति या पति का कोई रिश्तेदार उस महिला के साथ क्रूर व्यवहार करता है—जैसे उसे शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, दहेज के लिए परेशान करना, मारपीट करना, अपमानित करना या जानबूझकर उसे कष्ट देना, तो वह धारा 85 के अन्तर्गत 3 वर्ष का कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकता है।
बीएनएस की धारा 85 के अनुसार (BNS Section 85 in Hindi)
85. किसी महिला के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना- जो कोई, किसी महिला का पति या पति का नातेदार होते हुए, ऐसी महिला के प्रति क्रूरता करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
BNS की धारा 85 के अनुसार (BNS Section 85 in English)
85. Husband or relative of husband of a woman subjecting her to cruelty.-Whoever, being the husband or the relative of the husband of a woman, subjects such woman to cruelty shall be punished with imprisonment for a term which may extend to three years and shall also be liable to fine.
बीएनएस की धारा 85 एवंम् आईपीसी की धारा 498A मे अंतर
- बीएनएस की धारा 85, वस्तुतः आईपीसी की धारा 498A का आधुनिक रूप है।
- अपराध और सजा लगभग समान हैं, लेकिन बीएनएस में भाषा अधिक स्पष्ट और न्याय-केंद्रित है।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 498A | BNS Section 85 | भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
- 3 वर्ष के लिये कारावास
- और जुर्माना भी
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| किसी विवाहित महिला के प्रति क्रूरता करने के लिये दण्ड | 3 वर्ष के लिये कारावास और जुर्माना | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 85 (BNS 85) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बीएनएस की धारा 85 क्या है?
धारा 85 उस अपराध से संबंधित है, जिसमें किसी महिला का पति या पति का कोई रिश्तेदार उसके साथ क्रूरता करता है। ऐसा करना कानूनन अपराध है।
Q2. क्रूरता (Cruelty) से क्या तात्पर्य है?
क्रूरता में शामिल हैं:
शारीरिक मारपीट
मानसिक प्रताड़ना
दहेज के लिए दबाव या धमकी
अपमान, गाली-गलौज
जानबूझकर मानसिक तनाव देना
Q3. इस धारा के तहत आरोपी कौन हो सकता है?
महिला का पति, पति के माता-पिता, भाई-बहन, रिश्तेदार यदि उन्होंने प्रताड़ना की हो।
Q4. इस अपराध में सजा क्या है?
दोष सिद्ध होने पर: 3 वर्ष तक की जेल, और जुर्माना
Q5. क्या यह अपराध संज्ञेय (Cognizable) है?
हाँ, यह संज्ञेय अपराध है। पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है।