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BNS की धारा 89 क्या है? | Bhartiya Nyay Sanhita Section 89 in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 89 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 89? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 89 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 89 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराता है—चाहे वह महिला स्पन्दनगर्भा हो या न हो, तो वह धारा 89 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक के लिये कारावास या आजीवन कारावास, साथ ही जुर्माना से दंडित होगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-313) के स्थान पर लागू किया गया है।

बीएनएस की धारा 89 का विवरण (Section 89 BNS)

BNS की धारा 89 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी महिला की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराता है—चाहे वह महिला स्पन्दनगर्भा हो या न हो, तो वह धारा 89 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक का कारावास या आजीवन कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकता है।

बीएनएस की धारा 89 के अनुसार (BNS Section 89 in Hindi)

89. महिला की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना- जो कोई, महिला की सम्मति के बिना, चाहे वह महिला स्पन्दनगर्भा हो या नहीं, धारा 88 के अधीन अपराध करता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, जो जुर्माने का भी दायी होगा।

BNS की धारा 89 के अनुसार (BNS Section 89 in English)

89. Causing miscarriage without woman's consent.- Whoever commits the offence under Section 88 without the consent of the woman, whether the woman with imprisonment of either description for a term which may extend to ten is quick with child or not, shall be punished with imprisonment for life, or years, and shall also be liable to fine.

बीएनएस की धारा 89 एवंम् आईपीसी की धारा 313 मे अंतर

  • अपराध की प्रकृति और सजा लगभग समान हैं।
  • बीएनएस में भाषा अधिक स्पष्ट, समकालीन और पीड़िता-केंद्रित है।
IPC के तहत धाराBNS के तहत धाराप्रमुख बदलाव (Major Changement)
IPC 312BNS Section 88भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित

जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान

  • 10 वर्ष के लिये कारावास या
  • आजीवन कारावास या दोनों
  • और जुर्माना भी

जमानत (Bail) का प्रावधान

अपराधसजाअपराध श्रेणीजमानतविचारणीय
महिला की सम्मति के बिना गर्भपात कारित करना।आजीवन कारावास या 10 वर्ष के लिये कारावास और जुर्मानासंज्ञेयगैर-जमानतीयसेशन न्यायालय

हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 89 (BNS 89) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. बीएनएस की धारा 89 क्या है?

यह धारा उस अपराध से संबंधित है जिसमें किसी महिला की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराया जाता है, चाहे वह महिला स्पन्दनगर्भा हो या नहीं।

Q2. महिला की सहमति का क्या महत्व है?

महिला की स्वतंत्र और स्पष्ट सहमति अनिवार्य है, सहमति के बिना गर्भपात कराना गंभीर अपराध माना गया है।

Q3. इस धारा के तहत सजा क्या है?

दोष सिद्ध होने पर: आजीवन कारावास, या 10 वर्ष तक की जेल, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।

Q4. क्या महिला स्पन्दनगर्भा न हो, तब भी यह अपराध है?

हाँ। गर्भ की अवस्था चाहे जो भी हो, सहमति के बिना गर्भपात कराना अपराध है

Q5. क्या डॉक्टर भी इस धारा के तहत दोषी हो सकता है?

हाँ। यदि कोई डॉक्टर या व्यक्ति महिला की सहमति के बिना गर्भपात करता है, तो वह इस धारा के अंतर्गत दोषी होगा।

Rahul Pal (Prasenjit)
Rahul Pal (Prasenjit)https://mylegallaw.com
मै पिछसे 8 वर्षो से टैक्स सलाहकार के रूप मे कार्यरत् हूं, इसके अलावा मेरा शौक टैक्स सम्बन्धी आर्टिकल एवंम् कानून से सम्बन्धित जानकारियां आपके साथ साझा करने का है। पेशे से मै एक वकील एवंम् कर सलाहकार हूं।
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