नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए BNS की धारा 90 के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 90? साथ ही हम आपको भारतीय न्याय संहिता की धारा 90 के अंतर्गत कैसे क्या सजा मिलती है और जमानत कैसे मिलती है, और यह अपराध किस श्रेणी में आता है, पूर्ण जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 90 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी गर्भवती महिला का गर्भपात कराने के इरादे से कोई ऐसा काम करता है और उस काम के कारण महिला की मृत्यु हो जाती है, तो वह धारा 90 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक के लिये कारावास या आजीवन कारावास, साथ ही जुर्माना से दंडित होगा। इसके अलावा यह भारतीय दंड संहिता (IPC-314) के स्थान पर लागू किया गया है।
Important Highlights
बीएनएस की धारा 90 का विवरण (Section 90 BNS)
BNS की धारा 90 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति गर्भपात कराने के इरादे से किया गया कोई भी काम जिससे महिला की मौत का कारण बनता है, तो चाहे सहमति हो या न हो, तो वह धारा 90 के अन्तर्गत 10 वर्ष तक का कारावास या आजीवन कारावास, साथ ही जुर्माना हो सकता है।
बीएनएस की धारा 90 के अनुसार (BNS Section 90 in Hindi)
90. गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्य द्वारा कारित मृत्यु- (1) जो कोई, गर्ववती महिला का गर्भपात कारित करने के आशय से कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे उस महिला की मृत्यु सारित हो जाती है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
(2) वहाँ उपधारा (1) में निर्दिष्ट कार्य उस महिला की सम्मति के बिना किया जाता है, तो वह बायीवन कारावास से, या उक्त उपधारा में विनिर्दिष्ट दण्ड से, दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण- इस अपराध के लिए यह आवश्यक नहीं है कि अपराधी जानता हो कि उस कार्य से मृत्यु सारित करना सम्भाव्य है।
BNS की धारा 90 के अनुसार (BNS Section 90 in English)
90. Death Caused by act done with intent to cause miscarriage.- (1) Whoever, with intent to cause the miscarriage of a woman with child, does any act which causes the death of such woman, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.
(2) Where the act referred to in sub-section (1) is done without the consent of the woman, shall be punishable either with imprisonment for life, or with the punishment specified in said sub-section.
Explanation- It is not essential to this offence that the offender should know that the act is likely to cause death.
बीएनएस की धारा 90 एवंम् आईपीसी की धारा 314 मे अंतर
- अपराध की प्रकृति और सजा लगभग समान हैं।
- अंतर मुख्यतः भाषा, संरचना और प्रस्तुति का है।
| IPC के तहत धारा | BNS के तहत धारा | प्रमुख बदलाव (Major Changement) |
|---|---|---|
| IPC 314 | BNS Section 90 | भाषा अधिक स्पष्ट, आधुनिक और न्याय-केंद्रित |
जुर्माना/सजा (Fine/Punishment) का प्रावधान
(1) जब महिला की सहमति हो अगर गर्भपात कराने के उद्देश्य से किया गया कार्य महिला की सहमति से किया गया हो, लेकिन फिर भी उससे महिला की मौत हो जाती है, तो दोषी व्यक्ति को:
- 10 वर्ष तक की जेल, और
- जुर्माना हो सकता है।
(2) जब महिला की सहमति न हो अगर वही कार्य महिला की सहमति के बिना किया गया हो और उससे महिला की मृत्यु हो जाती है, तो दोषी व्यक्ति को:
- आजीवन कारावास, या
- 10 वर्ष तक की जेल, और
- जुर्माना दिया जा सकता है
जमानत (Bail) का प्रावधान
| अपराध | सजा | अपराध श्रेणी | जमानत | विचारणीय |
|---|---|---|---|---|
| गर्भपात कारित करने के आशय से किये गये कार्य व्दारा कारित मृत्यु | 10 वर्ष के लिये कारावास और जुर्माना | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | सेशन न्यायालय |
| यदि वह कार्य महिला की सम्मति के बिना किया जाता है। | आजीवन कारावास या यथा उपरोक्त | संज्ञेय | गैर-जमानतीय | सेशन न्यायालय |
हमारा प्रयास बीएनएस की धारा 90 (BNS 90) की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. बीएनएस की धारा 90 क्या है?
यह धारा उस स्थिति से संबंधित है जब गर्भपात कराने के इरादे से किया गया कोई कार्य गर्भवती महिला की मृत्यु का कारण बन जाता है।
Q2. क्या इसमें गर्भपात सफल होना जरूरी है?
नहीं। सिर्फ इतना पर्याप्त है कि गर्भपात कराने के उद्देश्य से किया गया कार्य महिला की मृत्यु का कारण बना हो।
Q3. महिला की सहमति होने पर क्या सजा है?
यदि कार्य महिला की सहमति से किया गया था और उससे मृत्यु हो गई, तो: 10 वर्ष तक की जेल, और जुर्माना लगाया जा सकता है।
Q4. महिला की सहमति न होने पर क्या सजा है?
यदि कार्य महिला की सहमति के बिना किया गया था और उससे मृत्यु हो गई, तो: आजीवन कारावास, या 10 वर्ष तक की जेल, और जुर्माना हो सकता है।
Q5. क्या डॉक्टर भी इस धारा के अंतर्गत दोषी हो सकता है?
हाँ। यदि डॉक्टर या कोई भी व्यक्ति कानून का पालन किए बिना गर्भपात कराने का प्रयास करता है और उससे महिला की मृत्यु हो जाती है, तो वह दोषी होगा।