
FIR और NCR मे क्या अन्तर है और बताते है FIR और NCR किस अपराध मे लिखी जाती है । FIR FIR का तात्पर्य First Information Report (प्राथमिक सूचना विवरण) होता है, FIR पुलिस Cognizable Crime (संज्ञेय अपराधो) पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है ।
संज्ञेय अपराध जैसे- मर्डर, रेप अथवा दहेज हत्या मे दर्ज की जाती है । FIR अपराध होने के पश्चात् आप स्वयं जा कर लिखा सकते है अथवा पुलिस भी स्वंय संज्ञेय अपराध की पुष्टि होने पर FIR दर्ज कर सकती है ।
NCRNCR का तात्पर्य NON Cognizable Report (असंज्ञेय अपराध सूचना) होता है, NCR हमेशा NON Cognizable Crime (असंज्ञेय अपराधो) पर रिपोर्ट दर्ज की जाती है ।
असंज्ञेय अपराध जैसे- चोरी होना, मोबाइल फोन कही गिर जाना अथवा छल होना या किसी के साथ धोखा-धडी, मामूली झगडा होना असंज्ञेय अपराध है । असंज्ञेय अपराध होने के पश्चात् आपको स्वयं जा कर लिखाना पडता है, असंज्ञेय अपराध की सूचना दर्ज कर के उपरान्त उचित कार्यवाही करती है ।
उदाहरण स्वरूप- पुलिस व्दारा घटना/अपराध की सूचना के आधार पर एनसीआर दर्ज कर लेने के बाद, पुलिस मामले की जाँच करने में लग जाती है। जाँच के आधार पर पुलिस उस घटना से सम्बन्धित रिपोर्ट बनाती है और इस रिपोर्ट को सम्बंधित न्यायालय में पेश करती है। यदि जाँच के दौरान चोरी हुयी वस्तु या खोई हुई संपत्ति की रिकवरी हो जाती है, तो ऐसे में पुलिस उस संपत्ति को कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद शिकायत करता को सौंप देती है।
FIR और NCR मे क्या अन्तर है ?
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