Home Indian Evidence Act भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 | जूरी या असेसरों की प्रश्न करने की शक्ति | Indian Evidence Act Section- 166 in hindi| Power of jury or assessors to put questions.

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 | जूरी या असेसरों की प्रश्न करने की शक्ति | Indian Evidence Act Section- 166 in hindi| Power of jury or assessors to put questions.

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भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 | जूरी या असेसरों की प्रश्न करने की शक्ति | Indian Evidence Act Section- 166 in hindi| Power of jury or assessors to put questions.

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपके लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे। क्या कहती है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166, साथ ही क्या बतलाती है, यह भी इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

धारा 166 का विवरण

भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 166 के अन्तर्गत जूरी द्वारा या असेसरों की सहायता से विचारित मामलों में जूरी या असेसर साक्षियों से कोई भी ऐसे प्रश्न न्यायाधीश के माध्यम से या इजाजत से कर सकेंगे, जिन्हें न्यायाधीश स्वयं कर सकता हो और जिन्हें वह उचित समझे।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 के अनुसार

जूरी या असेसरों की प्रश्न करने की शक्ति–

जूरी द्वारा या असेसरों की सहायता से विचारित मामलों में जूरी या असेसर साक्षियों से कोई भी ऐसे प्रश्न न्यायाधीश के माध्यम से या इजाजत से कर सकेंगे, जिन्हें न्यायाधीश स्वयं कर सकता हो और जिन्हें वह उचित समझे।

Power of jury or assessors to put questions-
In cases tried by jury or with assessors, the jury or assessors may put any questions to the witnesses, through or by leave of the judge, which the judge himself might put and which he considers proper.

हमारा प्रयास भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 166 की पूर्ण जानकारी, आप तक प्रदान करने का है, उम्मीद है कि उपरोक्त लेख से आपको संतुष्ट जानकारी प्राप्त हुई होगी, फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल हो, तो आप कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते है।

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